कांग्रेस छोड़ने के बाद पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी बहुजन समाज पार्टी में वापसी की जुगत में थे। सूत्रों की मानें तो उन्होंने बसपा में अपने पुराने साथियों के जरिए संपर्क साधा था। इसका कोई नतीजा सामने नहीं आने पर बसपा अध्यक्ष मायावती की प्रशंसा में बयान भी दिए थे। हालांकि बसपा नेतृत्व ने उनकी वापसी को हरी झंडी नहीं दी, जिसके बाद उन्होंने आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद से भी संपर्क साधा था।
कानपुर में हत्या और सुसाइड: रिटायर्ड फौजी ने खेला खूनी खेल, पत्नी-बेटे की हत्या कर ट्रेन के आगे कूदकर दी जान
कानपुर में सेन पश्चिम पारा थाना क्षेत्र के तुलसियापुर गांव नई बस्ती में सोमवार सुबह रिटायर्ड फौजी ने पत्नी और बेटे की दोनाली बंदूक से गोली मारकर हत्या करने के बाद रेलवे ट्रैक में कटकर जान दे दी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
पुलिस कर रही है कारणों की जांच
पुलिस ने दोनों को शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। थाना प्रभारी प्रदीप सिंह ने बताया कि पत्नी और बेटे की हत्या करने के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस पारिवारिक और जमीनी विवाद के साथ ही अन्य मामलों की जांच कर रही है।
UP: न्यायालय में लगा दिया है बम, दोपहर बाद होगा धमाका, अमरोहा जिला जज को ईमेल से मिली धमकी
पिछले दिनों यूपी की कई अदालतों को उडाने की धमकी के बाद सोमवार को अमरोहा जनपद न्यायालय को भी बम से उड़ाने की धमकी का ईमेल भेजा गया है। धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद जिला जज ने बार एसोसिएशन जनपद अमरोहा के अध्यक्ष को भी इसकी जानकारी दी है।धमकी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस पूरी तरह अलर्ट हो गई है। जनपद न्यायालय में चेकिंग शुरू कर दी गई है। डॉग स्क्वॉड के साथ बम निरोधक दस्ता सर्च ऑपरेशन चला रहा है। बार एसोसिएशन जनपद अमरोहा के अध्यक्ष सलीम खान एडवोकेट ने बताया कि अमरोहा जिला जज को एक ईमेल करीब 8:38 पर मिला है।
सोमवार की दोपहर 12:15 बजे न्यायालय में ब्लास्ट होने की बात कही गई। जिला जज ने बार एसोसिएशन जनपद अमरोहा से न्यायालय परिसर की सुरक्षा के लिए सुरक्षा कर्मियों का सहयोग करने की अपील की है। मालूम रहे कि इससे पहले उत्तर प्रदेश के लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या और मेरठ सहित कई जिलों में न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी।
अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश भदोरिया ने बताया कि पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। डॉग स्क्वायड और बम पहचान एवं निरोधक दस्ते के साथ कचहरी परिसर और न्यायालयों में चेकिंग की जा रही है।
Auraiya News: कार की टक्कर से बाइक सवार दो भाई गंभीर घायल
दिबियापुर । सहायल थाना क्षेत्र के बर्रू गांव के निकट बाइक सवार दो सगे भाइयों को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी, इससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।हादसे की सूचना पर पहुंची एंबुलेंस ने दोनों घायलों को दिबियापुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत गंभीर देखते हुए चिचौली अस्पताल रेफर कर दिया गया।
थाना क्षेत्र के वहलोलपुर गांव निवासी अंकित (19) और उसका भाई आशीष (22) बाइक से अपने घर लौट रहे थे। जैसे ही वह बर्रू गांव के सामने पहुंचे, तभी पीछे से आ रही कार ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। जानकारी मिलने पर उनके भाई आलोक कुमार भी अस्पताल पहुंच गए। डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें चिचौली अस्पताल रेफर कर दिया।
यूपी में एसआईआर: तेज होगी नोटिसों की सुनवाई, बढ़ाए गए 3700 एईआरओ; अभी सुने गए हैं महज 26 फीसदी केस
मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत दिए गए नोटिसों की सुनवाई में तेजी लाने के लिए करीब 3700 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) और लगाए गए हैं। इसके लिए यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने चुनाव आयोग से अनुमति लेकर आदेश जारी कर दिया है।
पहले यूपी में नोटिसों की सुनवाई के लिए 8990 एईआरओ और 403 ईआरओ लगाए गए थे। नोटिसों की सुनवाई में तेजी लाने के लिए 3700 एईआरओ और लगा दिए गए हैं, ताकि निर्धारित समयसीमा के भीतर यह काम पूरा हो सके। ये एईआरओ मेरठ, शाहजहांपुर, लखनऊ, रायबरेली, ललितपुर, हमीरपुर, बलरामपुर और देवरिया के अलावा शेष सभी जिलों में बढ़ाए गए हैं।
Phone में भूलकर भी न रखें ये चीजें, वरना पुलिस घर से टांगकर ले जाएगी
UP Desk : डिजिटल दौर में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। बैंकिंग से लेकर ऑफिस वर्क, सोशल मीडिया से निजी डाटा तक-हर जरूरी काम अब मोबाइल पर निर्भर है। लेकिन इसी सुविधा के बीच एक छोटी-सी लापरवाही भी किसी व्यक्ति को गंभीर कानूनी संकट में डाल सकती है।
फोन का डेटा बनेगा डिजिटल सबूत
साइबर विशेषज्ञों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अनुसार, मोबाइल फोन में मौजूद डेटा अब मजबूत डिजिटल सबूत माना जाता है। अगर किसी व्यक्ति के फोन में गैरकानूनी या आपत्तिजनक सामग्री पाई जाती है, तो कई मामलों में बिना औपचारिक शिकायत के भी पुलिस कार्रवाई संभव है। ऐसे में यह समझना बेहद जरूरी है कि फोन में किस तरह का कंटेंट रखना जोखिम भरा हो सकता है।
किन चीजों से बढ़ता है कानूनी खतरा?
सबसे बड़ा जोखिम गैरकानूनी डिजिटल कंटेंट से जुड़ा है। इसमें शामिल हैं:
*आपत्तिजनक फोटो और वीडियो
*बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री
*अवैध हथियारों से जुड़ी जानकारी
*ड्रग्स की खरीद-फरोख्त से जुड़े मैसेज
*फर्जी दस्तावेज
*हैकिंग टूल्स या संदिग्ध सॉफ्टवेयर
कानून के तहत ऐसे कंटेंट को केवल बनाना ही नहीं, बल्कि डाउनलोड करना, सेव करना या फॉरवर्ड करना भी अपराध की श्रेणी में आता है।
जांच का दायरा हुआ व्यापक
साइबर सेल अब केवल फोन की गैलरी तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसियां क्लाउड बैकअप, चैट हिस्ट्री और डिलीट किए गए डेटा तक की फॉरेंसिक जांच करती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अनजान नंबर या संदिग्ध स्रोत से आई फाइलों को सेव करना या शेयर करना खतरे से खाली नहीं है।
फेक न्यूज और भड़काऊ पोस्ट भी अपराध
कानूनी जोखिम केवल फोटो-वीडियो तक सीमित नहीं है। अफवाह फैलाने वाले मैसेज, नफरत भड़काने वाली पोस्ट, फेक न्यूज या भड़काऊ कंटेंट शेयर करना भी गंभीर अपराध माना जा सकता है।
संदिग्ध ऐप्स से भी सावधान
फर्जी लोन ऐप, जासूसी या स्क्रीन रिकॉर्डिंग के नाम पर चलने वाले ऐप्स और ठगी से जुड़े सॉफ्टवेयर भी उपयोगकर्ताओं को मुश्किल में डाल सकते हैं। कई बार लोग आसान कमाई या लालच में ऐसे ऐप डाउनलोड कर लेते हैं, जो बाद में उनके खिलाफ डिजिटल सबूत बन जाते हैं।
विशेषज्ञों की सलाह
विशेषज्ञों के मुताबिक, अनजान ऐप्स को तुरंत हटाएं, संदिग्ध कंटेंट सेव या शेयर न करें, अनवेरिफाइड फाइल्स डाउनलोड करने से बचें, फोन की सिक्योरिटी सेटिंग्स अपडेट रखें। थोड़ी-सी सतर्कता आपको बड़ी कानूनी परेशानी से बचा सकती है।
सात फेरे पूरे के बाद दूल्हे का खुला राज, विदाई छोड़ बैरंग लौटी बारात…
बाराबंकी: उत्तर प्रदेश में कोठी थाना क्षेत्र के एक गांव में आयोजित शादी समारोह उस समय विवाद में घिर गया जब विवाह की रस्में पूरी होने के बाद दूल्हे की लैंगिक पहचान को लेकर सवाल उठ खड़े हुए। विदाई की तैयारी के बीच हुए इस घटनाक्रम से दोनों पक्षों में हड़कंप मच गया और अंततः बारात बिना दुल्हन के लौट गई।
‘नेग’ के दौरान उठा संदेह
परिजनों के अनुसार 13 फरवरी को रामसनेहीघाट क्षेत्र से बारात आई थी। शनिवार सुबह पारंपरिक नेग के दौरान कुछ किन्नर समुदाय के सदस्य पहुंचे। बताया जा रहा है कि उन्होंने दूल्हे को पहचानने का दावा किया और इस पर संदेह जताया। इसी दौरान दूल्हा पक्ष द्वारा अधिक धनराशि दिए जाने की बात भी सामने आई, जिससे लड़की पक्ष को शंका हुई। परिवार के सदस्यों का कहना है कि बाद में हुई पूछताछ में दूल्हे ने स्वयं को किन्नर होने की बात स्वीकार की। इस खुलासे के बाद शादी समारोह में अफरातफरी मच गई।
बारात लौटी, परिवार स्तब्ध
घटना के बाद दूल्हा पक्ष के अधिकांश लोग मौके से चले गए। लड़की पक्ष ने विवाद बढ़ाने के बजाय शांतिपूर्वक बातचीत का रास्ता अपनाया। परिजनों का कहना है कि छह महीने पहले रिश्ता तय हुआ था और इस संबंध में किसी प्रकार की जानकारी उन्हें नहीं दी गई थी। उन्होंने शादी में हुए खर्च की भरपाई की मांग की।
घर पर ताला, जांच की चर्चा
अगले दिन जब स्थानीय लोग रामसनेहीघाट स्थित दूल्हे के घर पहुंचे तो परिवार के सदस्य घर पर नहीं मिले। पड़ोसियों के मुताबिक, घटना के बाद से घर खाली पड़ा है। फिलहाल पूरे मामले की चर्चा इलाके में जोरों पर है। पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने को लेकर विचार किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यदि तहरीर मिलती है तो जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बरेली बवाल केस: गवाह को मारने की साजिश में आरोपी को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, FIR निरस्त करने की लगाई थी याचिका
बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली में 26 सितंबर 2025 को हुए बवाल के मामले में चश्मदीद गवाह को कथित तौर पर सुपारी देकर हत्या की साजिश रचने के आरोपियों को हाईकोर्ट से झटका लगा है। आरोपी मोहम्मद साजिद सकलैनी ने एफआईआर निरस्त कराने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी, लेकिन सुनवाई के दौरान उसके वकील ने ही याचिका वापस ले ली।
गवाही देने के बाद बढ़ी रंजिश
चक महमूद निवासी फिरदौस खां ने बवाल से जुड़े मामलों में पुलिस की मदद की थी और कई मुकदमों में गवाही भी दी थी। आरोप है कि इसी कारण बवाल के आरोपी पार्षद अनीस सकलैनी उनसे रंजिश रखने लगा। अनीस पहले से ही बवाल के आरोप में जेल में बंद है।
जेल से रची गई हत्या की साजिश का आरोप
एफआईआर के मुताबिक, 18 दिसंबर 2025 को अनीस का बेटा अदनान, साजिद सकलैनी, नदीम खां, बबलू खां, मोबीन कुरैशी, नईम कुरैशी, फैजान कुरैशी, यासमीन और फुरकान ने फिरदौस खां को रास्ते में रोककर धमकाया। आरोप है कि बाद में जेल में बंद अनीस ने अपनी पत्नी यासमीन के साथ मिलकर फिरदौस की हत्या की साजिश रची। मामले की जानकारी मिलने पर फिरदौस ने बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। विवेचना इंस्पेक्टर संजय धीर कर रहे हैं।
पुलिस की कार्रवाई तेज
पुलिस ने इस प्रकरण में पीलीभीत के एक कथित सुपारी किलर गैंगस्टर को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इसी बीच, साजिद सकलैनी उर्फ मोहम्मद साजिद ने एफआईआर रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुनवाई के दौरान पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के बाद बचाव पक्ष ने याचिका वापस ले ली। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब साजिद समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि गवाह की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है और मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ेगी।
महाशिवरात्रि पर दर्दनाक हादसा: अज्ञात वाहन की चपेट में आने से दो युवकों की मौत, मची चीखपुकार
सीतापुर: जिले के खैराबाद थाना क्षेत्र में एक अज्ञात वाहन की चपेट में आने से दो युवकों की मौत हो गई। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह घटना शनिवार देर रात हुई। खैराबाद थाने के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) अनिल सिंह ने बताया कि दो लोग सड़क किनारे गन्ने से लदी अपनी ट्रॉली की मरम्मत कर रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी।
सिंह ने बताया कि इससे दोनों व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए और पुलिस उन्हें अस्पताल ले गई, जहां दोनों को मृत घोषित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान सर्वेश कुमार (35) और चंदन सिंह (38) के रूप में हुई है। सिंह ने बताया कि परिवारों को रात में सूचित कर दिया गया था और शवों को आज पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। एसएचओ ने बताया कि वाहन लेकर चालक मौके से फरार हो गया, लेकिन सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की मदद से वाहन और चालक की पहचान जल्द ही कर ली जाएगी।

