वाराणसी-वाराणसी एयरपोर्ट पर विमान की इमरजेंसी लैंडिंग,एयरपोर्ट पर इंडिगो विमान 6E- 6961 की हुई लैंडिंग,कोलकाता से श्रीनगर जा रहा था इंडिगो का विमान,पायलट को फ्यूल लीकेज का मिला था इंडीकेशन,विमान के पायलट ने ATC को किया था संपर्क,इंडिगो विमान में कुल 166 यात्री सवार थे, सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, सभी यात्रियों को एराइवल हाल में बैठाया गया, बाबतपुर एयरपोर्ट पर फ्यूल लीक की जांच शुरू.
पूर्व प्रधान की ईंटों से कूच-कूच कर निर्मम हत्या
एटा- पूर्व प्रधान की ईंटों से कूच-कूच कर निर्मम हत्या,दोनों पक्षों के बीच जमकर चले ईंट पत्थर,लाठी डंडे,झगड़े के दौरान पूर्व प्रधान जय सिंह की हुई मौत,मृतक का शव लेकर कोतवाली अलीगंज पहुंचे परिजन,कोतवाली में शव रखकर परिजन,ग्रामीणों का हंगामा,SDM, कई थानों का पुलिस फोर्स मौके पर मौजूद,आक्रोशित परिजनों को समझाने में जुटी पुलिस,अलीगंज कोतवाली के विजयदेपुर गांव का मामला.
DGP ने भ्रष्टाचार के मामले में सख्त कार्रवाई
लखनऊ-DGP ने भ्रष्टाचार के मामले में सख्त कार्रवाई की,जिलों में पुलिस कर्मियों का रिश्वत लेते वीडियो था वायरल,इस प्रकरण में 11 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया,चित्रकूट के 3 थाना प्रभारी,1 दरोगा, 3 आरक्षी निलंबित,बांदा के 1 थाना प्रभारी और 1 आरक्षी निलंबित,कौशाम्बी के 1 दरोगा, एक आरक्षी निलंबित किया गया.
दुर्गा पूजा पंडाल को लेकर हुए विवाद में घायल युवक की मौत
गोरखपुर- दुर्गा पूजा पंडाल को लेकर हुए विवाद में घायल युवक की मौत के बाद बवाल, अस्पताल में हनुमान चौहान की मौत के बाद परिजनों ने शव सड़क पर रखकर जाम लगाया, पुलिस ने शव को गाड़ी में रखकर हटाया तो भीड़ भड़क गई, गुस्साए परिजनों ने पुलिस टीम और वाहन पर पथराव किया, पथराव में इंस्पेक्टर समेत छह पुलिसकर्मी घायल हुए
अखिलेश यादव का बचकाना बयान: सीएम योगी का पलटवार
अखिलेश यादव का बचकाना बयान: सीएम योगी का पलटवार
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अखिलेश यादव ने दीपोत्सव पर दीये जलाने के खिलाफ बयान देकर साबित कर दिया है कि उन्हें अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर, सनातन धर्म, देवी-देवताओं और दीपावली जैसे पर्व-त्योहारों से नफरत है। उनका यह बयान प्रजापति समाज (कुम्हार) का अपमान करने वाला है।
योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि अखिलेश यादव न केवल ‘राम द्रोही’ हैं, बल्कि ‘कृष्ण द्रोही’ भी हैं। उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश यादव प्रजापति समुदाय का दर्द समझते, तो वह ऐसा बचकाना बयान नहीं देते।
Lucknow Dalit incident: बुजुर्ग से चटवाई पेशाब, CM योगी तक भी पहुंच गई बात, मामले में अब…
Lucknow Dalit incident: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से इंसानियत को झकझोर कर देने वाली घटना सामने आई है,, जहां एक दलित बुजुर्ग को पेशाब चाटने पर मजबूर किया गया,,इस अमानवीय घटना ने एक बार फिर समाज के उस विकृत रुप को उजागर किया है,,जिसका सामना दलित लोग अक्सर करते आ रहे हैं।
ये किसी से छिपा नहीं है कि भारत में दलितों पर अत्याचार अब भी जारी है, लेकिन, इस घटना में जिस तरीके से दबंग आरोपी ने सारी हदों को पार किया है, उसने मानवता पर कई सवाल खड़े दिए है।
जानकारी के लिए बता दें, 70 साल के बुजुर्ग के साथ पेशाब चटवाने की शर्मसार घटना काकोरी नगर पंचायत के शीतला देवी मंदिर परिसर में हुई है। बताया जा रहा है,,70 साल के रामपाल ने गलती से मंदिर परिसर में पेशाब कर दी,,इसी से गुस्साए दबंग ने दलित व्यक्ति को मूत्र चटवाई,,जमीन को धुलवाया और आइंदा से मंदिर के अंदर न जाने की धमकी तक दी,,दबंग इतने में नहीं रुका और उसने बुजुर्ग को जातिसूचक गालियां तक दी।
‘अस्मिता के साथ खिलवाड़ वाली घटना’
बता दें कि, पीड़ित रामपाल रावत की शिकायत पर अब पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट में मामला दर्ज कर लिया है इस मामले का सीएम योगी ने भी संज्ञान लिया है,,वहीं, दलित अस्मिता के साथ खिलवाड़ वाली इस घटना पर पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर की अगुवाई में एक प्रतिनिधि मंडल ने पीड़ित से उसके घर पहुंचकर मुलाकात की है,,इसके अलावा, सपा सांसद आरके चौधरी ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर दलित अस्मिता पर किसी भी प्रकार के समझौता न करने की बात कही।
दलित बुजुर्ग के साथ हुई इस घटना पर अब सियासत भी शुरु हो गई,,वहीं इस घटना ने समाज में व्याप्त जातिगत भेदभाव की पोल खोल दी है,,और समाज की उस विकृत मानसिकता को उजागर किया है,, जिसका सामना अक्सर समाज में दलितों को करना पड़ता है।
नशा छुड़ाने भेजा, वापस आई मौत… मेरठ के नशा मुक्ति केंद्र में कर्मचारी की बेरहमी से हत्या, सीसीटीवी ने खोली पोल
Meerut News, (आदिल रहमान): नशे की लत से जूझते लोगों को नया जीवन देने का दावा करने वाले नशा मुक्ति केंद्र अब सवालों के घेरे में हैं। मेरठ में एक ऐसा ही मामला सामने आया है जहाँ इलाज के लिए भेजे गए युवक की नशा मुक्ति केंद्र में बेरहमी से हत्या कर दी गई। हत्या की यह दिल दहला देने वाली घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
बता दें कि घटना गंगानगर थाना क्षेत्र स्थित “सेवा नशा मुक्ति केंद्र” की है, जहां भावपुर थाना क्षेत्र के जेई गांव निवासी फहमीद नामक युवक को परिजनों ने उसकी नशे की आदत छुड़ाने के इरादे से भर्ती कराया था। लेकिन इलाज के नाम पर मौत मिली। परिजनों को जब फहमीद की मौत की सूचना दी गई, तो उन्होंने तत्काल केंद्र पहुँचकर पुलिस की मौजूदगी में सीसीटीवी फुटेज खंगाले। वीडियो में जो सामने आया, उसने सबको झकझोर दिया। सीसीटीवी में दिख रहा है कि केंद्र में तैनात कर्मचारी सुनील और अरविंद ने फहमीद के हाथ-पाँव बांध दिए थे, मुंह दबाया हुआ था, और वे लगातार उसके साथ अमानवीय व्यवहार कर रहे थे। इसी के चलते फहमीद की मौत हो गई।
इस मामले में एसएसपी मेरठ डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और केंद्र की कार्यप्रणाली की जांच भी शुरू कर दी गई है। फहमीद के परिजनों का कहना है कि उन्होंने बेटे को बचाने के लिए नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था, लेकिन उसे ऐसे दरिंदों के हवाले कर दिया, जिनका मकसद इलाज नहीं बल्कि उत्पीड़न था।
यह घटना कई गंभीर सवाल उठाती है:-
- क्या नशा मुक्ति केंद्रों की कोई निगरानी नहीं है?
- क्या ऐसे संस्थानों की आड़ में हो रही बर्बरता पर सरकार चुप रहेगी?
वीडियो बाइट्स:-
- आरिफ (मृतक के परिजन): “हमने उसे ठीक कराने भेजा था, मारने नहीं…”
- डॉ. विपिन ताडा (एसएसपी, मेरठ): “मामला गंभीर है, आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और जांच जारी है।”
फाइनल वॉयसओवर:-
“एक ओर जहां परिवार अपने बेटे को नई ज़िंदगी दिलाने के लिए नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करता है, वहीं दूसरी ओर कुछ केंद्र मौत के अड्डे बनते जा रहे हैं। अब सवाल यह है — क्या ऐसे केंद्रों पर कार्रवाई होगी या यह मौत सिर्फ एक आंकड़ा बनकर रह जाएगी?”
Auraiya News: बिधूना सीएचसी में आए 35 मरीजों को मिला उपचार
बिधूना। दीपावली के अवसर पर जहां सरकारी विभागों में छुट्टी का आलम रहा तो वहीं सीएचसी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए डॉक्टर से लेकर अन्य स्टाफ मुस्तैद रहा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिधूना में सोमवार को इमरजेंसी कक्ष में अधीक्षक डॉ. बीपी शाक्य ने स्वयं मरीजों का उपचार किया। छुट्टी के बावजूद डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती से मरीजों को राहत मिली।
कानपुर की HBTU यूनिवर्सिटी में अनुशासनहीनता पर छात्रों को मिली अनोखी सजा, अब करेंगे 15 दिन बागवानी; ‘नमस्कार’ को लेकर 2 ग्रुपों में हुई थी लड़ाई
Kanpur News: हारकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (HBTU), कानपुर ने छात्रों की अनुशासनहीनता पर ऐसी सजा सुनाई है जिसकी हर ओर चर्चा हो रही है। यूनिवर्सिटी ने मारपीट के दोषी 11 छात्रों को निलंबित करने या निष्कासित करने की बजाय उन्हें 15 दिन कैंपस में बागवानी करने का आदेश दिया है। यह फैसला छात्रों को सुधारने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दे रहा है।
‘नमस्कार’ को लेकर हुई लड़ाई, अब छात्र लगाएंगे पौधे
दरअसल, HBTU के थर्ड ईयर और फाइनल ईयर के छात्रों के बीच मामूली सी बात को लेकर विवाद हो गया था। बताया जा रहा है कि “नमस्कार न करने” की बात पर बहस शुरू हुई, जो मारपीट तक पहुंच गई। पहले गुरुदेव चौराहे पर झगड़ा हुआ, फिर छात्र हॉस्टल लौटे तो वहां भी तनातनी और झड़प हुई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच की और दोनों पक्षों को दोषी पाया। सख्त रुख अपनाते हुए स्टूडेंट वेलफेयर डीन प्रोफेसर आलोक कुमार ने सभी 11 छात्रों को मिड सेमेस्टर परीक्षा से निष्कासित कर दिया था। हालांकि, दीपावली की छुट्टियों के बाद इन छात्रों को यूनिवर्सिटी कैंपस में 15 दिन तक बागवानी करने की सजा दी गई है।
HBTU में बिना निष्कासन मिली अनोखी सजा
इस पहल की पूरे राज्य में सराहना हो रही है। शिक्षा विशेषज्ञों और आम लोगों का कहना है कि इस तरह की सुधारात्मक सजा से छात्रों का भविष्य खराब नहीं होगा और उनमें अनुशासन के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होगी। यूनिवर्सिटी का मानना है कि इस तरह की सकारात्मक सजा न केवल छात्रों को उनके व्यवहार के प्रति सचेत करेगी, बल्कि परिसर को हरा-भरा बनाने में भी मदद मिलेगी।

