Friday, June 12, 2026
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उम्मीद है प्रधानमंत्री के तहत नीट पेपर लीक नहीं होगा, हुआ तो इस्तीफा मांगेंगे: दिग्विजय सिंह

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नेशनल डेस्कः कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट-यूजी’ की 21 जून को फिर से होने वाली परीक्षा के सफलतापूर्वक आयोजन की जिम्मेदारी ली है और ऐसे में उम्मीद की जानी चाहिए कि पेपर लीक नहीं होगा, लेकिन यदि यह होता है तो फिर उनका इस्तीफा मांगा जाएगा।

संसद की शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी स्थायी समिति के प्रमुख सिंह ने यह दावा भी किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के ”निकम्मेपन” से परेशान होकर परीक्षा की सारी जिम्मेदारी खुद ले ली है। उन्होंने समिति की बैठक के बाद यह भी कहा कि वह बैठक में हुई किसी बात पर टिप्पणी नहीं करेंगे। सिंह ने एक समाचार पोर्टल उस खबर की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए जिसमें कहा गया है कि उन्होंने समिति की बैठक में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके ‘सिस्टम’ पर भरोसा है।

उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ”मैं एक बात जानता हूं कि धर्मेंद्र प्रधान के निकम्मेपन से प्रधानमंत्री इतने दुखी हैं कि उन्होंने अब सारी जिम्मेदारी खुद ले ली है। इसलिए पूरी जवाबदेही उनकी है। हमें पूरा भरोसा है कि यह (परीक्षा) ठीक तरह से होगी। अगर यहां भी लीक हो जाता है तो फिर हमें प्रधानमंत्री का इस्तीफा मांगना पड़ेगा।” सिंह ने समाचार पोर्टल की खबर के बारे में पूछे जाने पर कहा, ”उसका क्या स्रोत है? प्रधानमंत्री जी ने 21 जून को फिर से होने वाली नीट की परीक्षा के सफलतापूर्वक आयोजन की जिम्मेदारी ली है या नहीं ली है? उन्होंने यह जिम्मेदारी ली है।

हम उम्मीद कर रहे हैं कि कम से कम उनके तहत यह पेपर लीक तो न हो। अगर उनकी जिम्मेदारी में पेपर लीक होता है तो उनसे इस्तीफा मांगना पड़ेगा।” कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”शिक्षा संबंधी स्थायी समिति ने प्रधानमंत्री या उनके ‘सिस्टम’ को कोई क्लीन चिट नहीं दी है और दिग्विजय सिंह ने उन पर अपना विश्वास व्यक्त नहीं किया है। अंग्रेजी भाषा की एक मीडिया रिपोर्ट सूत्रों के आधार पर शरारतपूर्ण खबरें फैला रही है जिनका एजेंडा सिर्फ गुमराह करना है।”

नके मुताबिक, दिग्विजय सिंह ने कहा है कि हमें सॉलिसिटर जनरल द्वारा सूचित किया गया है कि प्रधानमंत्री व्यक्तिगत रूप से नीट की फिर से होने वाली परीक्षा की निगरानी कर रहे हैं तथा अपने छात्रों की खातिर, हमें विश्वास करना चाहिए कि परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की जाएगी। कांग्रेस महासचिव ने दावा किया, ”किसी भी समझदार व्यक्ति के लिए प्रधानमंत्री और उनके ‘सिस्टम’ पर विश्वास करना असंभव है।

इस ‘सिस्टम’ ने 2024 नीट-यूजी पेपर लीक की जांच को विफल कर दिया। यह ‘सिस्टम’ इस बात से इनकार करता रहा है कि नीट-यूजी 2026 का पेपर लीक हुआ था, जबकि सच्चाई सबके सामने है। इस ‘सिस्टम’ ने न केवल उच्च शिक्षा में परीक्षा प्रशासन को बर्बाद कर दिया है, बल्कि सीबीएसई में भी ऐसा किया है।” रमेश ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार और उसकी शिक्षा प्रणाली पूरी तरह से अक्षम, भ्रष्ट और अहंकारी के रूप में बदनाम और बेनकाब हो चुकी है तथा अब यह संदर्भ से परे उद्धरणों, अफवाहों और फर्जी खबरों पर भरोसा कर रही है।

Kasol फायरिंग केस में नया खुलासा, वायरल वीडियो के बाद Social Media पर मचा बवाल… खड़े हुए कई सवाल

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पंजाब डेस्क: हिमाचल प्रदेश के कसोल में शनिवार को पंजाब से गए युवकों द्वारा फायरिंग मामले में एक नया मोड़ सामन आया है। हिमाचल प्रदेश के कसोल में पंजाब के युवकों और स्थानीय लड़कों के बीच हुई फायरिंग की घटना अब सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बन गई है। घटना की वीडियो वायरल होने के बाद मामले को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। जहां पुलिस ने पंजाब के 4 युवकों को गिरफ्तार किया है, वहीं सोशल मीडिया पर कई लोग इसे एकतरफा कार्रवाई बता रहे हैं।

दरसल ये पूरी घटना 31 मई की है, जहां पर पंजाब के तरनतारन का रहने वाला 29 वर्षीय मनप्रीत सिंह अपने 4 दोस्तों के साथ घूमने के लिए कसोल हिमाचल प्रदेश पहुंचा था। इसी दौरान 6 बजे होटल की पार्किंग में किसी बात को लेकर स्थानीय युवकों के साथ उनकी बहसबाजी हो गई, जो देखते ही देखते झगड़े में बदल गई और इस दौरान एक फायरिंग जिसमें एक युवक की गोली लग गई।

लेकिन इस मामले का दूसरा एंगल सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोग सामने लाए है और सवाल खड़े कर रहे है, दरसल सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है की इस झगड़े के दौरान 5-6 स्थानीय युवकों ने मनप्रीत और उसके दोस्तों के साथ मारपीट की। आरोप है कि मनप्रीत को नीचे गिराकर पीटा गया और उसके दोस्त उसे बचाने की कोशिश करते रहे। इसी दौरान स्थिति बिगड़ती चली गई।

जिसके बाद खुद को बचाने के लिए मनप्रीत ने अपनी लाइसेंसी पिस्तौल निकाली, लेकिन धक्का-मुक्की के दौरान हथियार छीनने की कोशिश हुई और इसी बीच गोली चल गई। ये गोली राजस्थान निवासी युवराज नामक युवक के पैर में लगी। फायरिंग की आवाज सुनते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कई लोग वहां से भाग निकले। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पंजाब के 4 युवकों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक युवक अभी फरार बताया जा रहा है। फरार आरोपी की तलाश के लिए पुलिस ने SIT का गठन किया है। लेकिन अब यहां सबसे अहम बात ये है की जब गोली चली है तो पिस्तौल पर उस वक्त तीनो लड़कों के हाथ थे तो FIR पर सिर्फ पंजाबी युवक पर ही क्यों हुई।

वहीं इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि अगर झगड़ा दोनों पक्षों के बीच हुआ था तो स्थानीय युवकों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई। लोग इसे एकतरफा कार्रवाई बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार युवक ने फायरिंग अपने डिफेंस में की थी। अगर वह समय रहते अपने पिस्टल नहीं निकलाता तो कसौल निवासी कुछ युवकों ने उसे जान से मार देना था। फायरिंग के बाद से इन पंजाबी युवकों को हुल्लड़बाज कहा जा रहा था जिसका सच कुछ और ही निकला।

Milk Price Hike : 5 रुपए बढ़ गए दूध के दाम, इस राज्य सरकार ने लिया बड़ा फैसला

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नेशनल डेस्क : जम्मू-कश्मीर के उपभोक्ताओं को आज से दूध खरीदने के लिए अपनी जेबें और ढीली करनी होंगी। जम्मू-कश्मीर डेयरी फार्मर्स एसोसिएशन (JKDFA) ने राज्य में दूध की कीमतों में ₹5 प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने का बड़ा फैसला लिया है। दूध की यह नई दरें 1 जून से पूरे प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू हो गई हैं।

एसोसिएशन का कहना है कि डेयरी उद्योग से जुड़े किसानों और सप्लायरों पर लगातार बढ़ रहे आर्थिक दबाव और महंगाई के कारण यह कदम उठाना बेहद जरूरी हो गया था।

विश्व दुग्ध दिवस पर एसोसिएशन का बड़ा फैसला

इस मूल्य वृद्धि की आधिकारिक घोषणा जेकेडीएफए के अध्यक्ष संदीप सिंह चिब ने ‘विश्व दुग्ध दिवस’ के अवसर पर की। उन्होंने साफ किया कि यह फैसला किसी मुनाफे के लिए नहीं, बल्कि डेयरी क्षेत्र को घाटे से उबारने के लिए लिया गया है। इस फैसले के तहत किसी एक विशेष कैटेगरी नहीं, बल्कि सभी श्रेणियों (Full Cream, Toned आदि) के दूध पर ₹5 प्रति लीटर की समान बढ़ोतरी की गई है।

Cancer Risk: आपकी ये आदतें धीरे-धीरे बढ़ा सकती हैं कैंसर का खतरा, डॉक्टर ने दी चेतावनी

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नेशनल डेस्कः कैंसर शरीर की कोशिकाओं में होने वाले जीन म्यूटेशन के कारण होता है। कुछ म्यूटेशन आनुवांशिक होते हैं, जबकि कुछ खराब जीवनशैली और हानिकारक पदार्थों के लगातार संपर्क में रहने से हो सकते हैं। डॉक्टर के अनुसार तंबाकू, प्रोसेस्ड मीट और शराब को ग्रुप-1 कार्सिनोजेन माना जाता है, जो कैंसर के खतरे को बढ़ाने का प्रमुख कारणों में शामिल हैं। इसके साथ-साथ कुछ अन्य आदतें भी शरीर को नुकसान पहुंचाती है।

रिफाइंड शुगर का अधिक सेवन

रिफाइंड शुगर का अधिक सेवन करने ले शरीर में इंसुलिन बढ़ता है, जिससे शरीर मोटा होने लगता है। मोटापे कई प्रकार के कैंसर का कारण बनता है।

प्लास्टिक के कंटेनरों में खाना गर्म करना

प्लास्टिक के कंटेनरों में खाना गर्म करने खाना भी कैंसर का एक कारण है। प्लास्टिक कि बजाय कांच या अन्य सुरक्षित बर्तनों का उपयोग करना बेहतर विकल्प हो सकता है।

रात में अंधेरे में न सोना 

विशेषज्ञों के अनुसार, रात में पर्याप्त अंधेरे में न सोना से भी स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता।

देर रात भोजन करना

देर रात भोजन करने से शरीर की प्राकृतिक जैविक घड़ी प्रभावित हो सकती है, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता पर असर पड़ सकता है।

तेजी से खाना खाने की आदत

तेजी से खाना खाने से भी मोटापा और इंसुलिन को बढ़ावा मिलता है, जो कैंसर के खतरे का कारण बनता है।

डॉक्टरों का कहना है कि ये आदतें तुरंत कैंसर का कारण नहीं बनतीं, लेकिन लंबे समय बाद इनका प्रभाव शरीर पर पड़ सकता है। इसलिए हमें हमेशा स्वस्थ जीवनशैली अपनानी चाहिए और ऐसी आदतों से बचना जरूरी है।

अभिषेक बनर्जी को CID नोटिस पर बोले शुभेंदु अधिकारी- BJP बदले की राजनीति नहीं कर रही

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नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को कहा कि भाजपा सरकार तृणमूल कांग्रेस से बदला नहीं ले रही है और सीआईडी ​​ने सांसद अभिषेक बनर्जी को उनकी ही पार्टी के दो विधायकों की शिकायत के बाद नोटिस भेजा है। उन्होंने बताया कि तृणमूल कांग्रेस के दो विधायकों – रीताब्रता बनर्जी और संदीपन साहा – ने विधानसभा सचिवालय में शिकायत दर्ज कराई है कि शोभनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता नियुक्त करने के पार्टी के प्रस्ताव पर उनके हस्ताक्षर जाली थे।

टीएमसी पहले ही निष्क्रिय हो चुकी
मुख्यमंत्री के संवाददाता सम्मेलन के तुरंत बाद, तृणमूल कांग्रेस ने दोनों विधायकों को “दल विरोधी गतिविधियों” के आरोप में पार्टी से निष्कासित कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा, “कुछ लोगों को यह प्रतिशोध जैसा लग सकता है, लेकिन हम ऐसा कुछ भी नहीं करना चाहते क्योंकि पार्टी (टीएमसी) पहले ही निष्क्रिय हो चुकी है।” अभिषेक बनर्जी और कुछ अन्य टीएमसी नेताओं ने राज्य में भाजपा सरकार द्वारा की गई कार्रवाइयों को लेकर उस पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया है।

नोटिस भेजने में सरकार का कोई हाथ नहीं 
अधिकारी ने कहा कि आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) द्वारा बनर्जी को सोमवार को उसके समक्ष पेश होने के लिए नोटिस भेजने में न तो भाजपा और न ही सरकार की कोई भूमिका है, यह नोटिस कथित हस्ताक्षर जालसाजी की जांच के सिलसिले में भेजा गया है। फालटा से उम्मीदवार बने जहांगीर खान के 21 मई को होने वाले पुनर्मतदान से दो दिन पहले चुनाव से हटने पर टीएमसी का मजाक उड़ाते हुए उन्होंने कहा, “इससे पता चलता है कि पार्टी असल में निष्क्रिय हो चुकी है।” हस्ताक्षरों को जाली बताते हुए अधिकारी ने कहा, “मैंने सीआईडी ​​को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत जालसाजी के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने के लिए कहा है।

CID ​​के समक्ष पेश होने के लिए मांगा समय 
अधिकारी ने बताया कि सीआईडी ​​ने टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव बनर्जी को सोमवार को संकल्प के साथ पेश होने का नोटिस दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने उन्हें बताया है कि बनर्जी ने सीआईडी ​​के समक्ष पेश होने के लिए और समय मांगा है। अधिकारी ने कहा कि बीमारी या अन्य मुद्दों के कारण किसी को भी समय सीमा में विस्तार देना है या नहीं, यह तय करना सीआईडी ​​पर निर्भर है, और उन्होंने कहा कि वह इसमें हस्तक्षेप नहीं करेंगे। बनर्जी ने अपने वकीलों के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हवाला देते हुए सीआईडी ​​के समक्ष पेश होने के लिए समय बढ़ाने की मांग की है।

विधानसभा अध्यक्ष को अधिकारी ने लिखे पत्र 
अधिकारी ने कहा कि नौ मई को विधानसभा अध्यक्ष को लिखे एक पत्र में, “क्षेत्रीय पार्टी तृणमूल कांग्रेस के अखिल भारतीय महासचिव” ने लिखा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता शोभनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता नियुक्त किया जाए। सीआईडी ​​जांच की ओर ले जाने वाली घटनाओं का क्रम बताते हुए, अधिकारी ने कहा कि 18 मई को, अध्यक्ष के आदेश पर, विधानसभा के प्रधान सचिव ने अभिषेक बनर्जी को चट्टोपाध्याय की नियुक्ति के प्रस्ताव का विवरण प्रस्तुत करने के लिए लिखा था। अधिकारी ने कहा कि 20 मई को टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव ने पार्टी के 70 विधायकों के हस्ताक्षरों वाला प्रस्ताव भेजा था, जिनमें से दस से अधिक नाम बड़े अक्षरों में लिखे गए हैं, और उनका कहना है कि हस्ताक्षर “बड़े अक्षरों में नहीं हो सकते”।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टीएमसी के दो विधायकों – रीताब्रता बनर्जी और संदीपन साहा – ने अध्यक्ष से शिकायत की और आरोप लगाया कि “छह मई को विपक्ष के नेता के चयन के संबंध में कोई प्रस्ताव पारित नहीं किया गया”। अधिकारी ने कहा कि शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि छह मई, 2026 का प्रस्ताव मनगढ़ंत और फर्जी था, जिसमें कहा गया है कि 14 हस्ताक्षर बड़े अक्षरों में थे। मुख्यमंत्री ने कहा, “अध्यक्ष के निर्देश पर प्रधान सचिव ने हरे स्ट्रीट पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई और गृह सचिव के निर्देश पर, राज्य गृह मंत्री के रूप में मेरी स्वीकृति से, जांच सीआईडी ​​को सौंप दी गई।

उन्होंने कहा कि जांच के सिलसिले में सीआईडी ​​ने वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ 13 टीएमसी विधायकों से पूछताछ की और हस्ताक्षर सत्यापन के लिए हस्तलेख विशेषज्ञों को भी साथ लिया। अधिकारी ने कहा कि टीएमसी विधायक कैनिंग पश्चिम के बहारुल इस्लाम, बोलपुर के चंद्रनाथ सिन्हा, हावड़ा मध्य के अरूप रॉय, डोमजूर के तापस मैती, चौरंगी की नयना बनर्जी, रायदिघी के तापस मंडल, महेस्ताला के सुभाशीष दास, कुमारगंज के तोराफ हुसैन मंडल, खड़गपुर के दीनेन रॉय, बेलेघाटा के कुणाल घोष, लालगोला के अब्दुल अजीज डॉक्टर, हरोआ के अब्दुल मतीन और बशीरहाट उत्तर के तौसेफुर रहमान से पूछताछ की गई।

उन्होंने कहा कि इन विधायकों में से तीन – अरूप रॉय, बहारुल इस्लाम और सुभाशीष दास – ने कहा कि हस्ताक्षर उनके नहीं थे। पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर टीएमसी विधायकों की बैठक को कथित तौर पर कम उपस्थिति के कारण रद्द किए जाने का हवाला देते हुए, उन्होंने जोर देकर कहा कि पश्चिम बंगाल में उन्होंने जो किया है, उसे देखते हुए पार्टी के पुनरुद्धार की कोई संभावना नहीं है। यह दावा करते हुए कि राज्य की जनता ने टीएमसी का बहिष्कार कर दिया है,

अधिकारी ने कहा कि उन्हें उनकी किसी भी बैठक और रैली में शामिल होने के लिए कोई नहीं मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा, “वे (टीएमसी) मौजूदा सरकार के एजेंडे में नहीं हैं; उनके विधायकों की शिकायतों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिसमें न तो विधानसभा सचिव और न ही अध्यक्ष की कोई भूमिका है।” उन्होंने कहा, “टीएमसी ने न केवल राज्य की जनता को धोखा दिया है, बल्कि विधानसभा में अपने प्रतिनिधियों के जाली हस्ताक्षर बनाकर अपने ही विधायकों को भी धोखा दिया है।

CBSE के खिलाफ सड़कों पर उतरे बच्चे और मां-बाप, जानिए बड़ी वजह

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नेशनल डेस्क : केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के लिए यह साल परीक्षाओं के सफल आयोजन का नहीं, बल्कि विवादों के एक ऐसे अंतहीन सिलसिले का गवाह बन गया है जहां एक समस्या सुलझते ही दूसरी सामने खड़ी हो जाती है। इस साल देश भर से कक्षा 10वीं और 12वीं के मिलाकर लगभग 44 लाख स्टूडेंट्स परीक्षा में शामिल हुए थे, लेकिन परिणाम आते ही छात्रों और अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा है।

दिलचस्प और चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरी नई व्यवस्था और गड़बड़ियों के शिकार सबसे ज्यादा इंटरमीडिएट (कक्षा 12वीं) के छात्र हुए हैं। परीक्षा, कॉपी स्कैनिंग, नंबर अपलोडिंग, रिजल्ट और फिर री-इवैल्यूएशन की प्रक्रियाओं का एक साथ चलना इस पूरे बवाल की मुख्य वजह माना जा रहा है।

आखिर क्या थी इस बार की व्यवस्था, जिसने बिगाड़ा खेल?

इस साल बोर्ड ने एक बड़ा बदलाव करते हुए कॉपियों का मूल्यांकन डिजिटल तरीके (On-Screen Marking – OSM) से करने का फैसला किया था. इसके तहत:

हर छात्र की लिखित उत्तर पुस्तिका (कॉपी) को पहले स्कैन किया गया।
स्कैन की गई कॉपियों को मुख्य सर्वर पर अपलोड किया गया।
सर्वर के माध्यम से ये डिजिटल कॉपियां जांच के लिए शिक्षकों के कंप्यूटर स्क्रीन तक पहुंचीं।

शिक्षकों का बड़ा खुलासा:  मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़े एक शिक्षक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जो शिक्षक कंप्यूटर चलाने में पूरी तरह निपुण नहीं थे, उन्होंने दबाव में ‘एवरेज मार्किंग’ कर दी। वहीं एक अन्य शिक्षक के मुताबिक, “सिस्टम पर कई पेज मिसिंग (गायब) दिख रहे थे. संभव है कि स्कैनिंग के समय हुई चूक के कारण छात्रों की ‘बी-कॉपी’ (सप्लीमेंट्री शीट) मुख्य कॉपी के साथ अटैच ही न हो पाई हो।”

विश्वास का संकट: छात्रों के गंभीर आरोप

डिजिटल सिस्टम ने पारदर्शिता बढ़ाने का दावा किया था, लेकिन इसने छात्रों के भरोसे को हिलाकर रख दिया है. इस समय छात्रों के बीच मुख्य रूप से तीन तरह की शिकायतें सबसे ज्यादा चर्चा में हैं:

‘यह कॉपी मेरी नहीं है’: कुछ छात्रों का दावा है कि उन्हें जो स्कैन कॉपी दिखाई गई, वह उनकी है ही नहीं. विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसा तब हो सकता है जब स्कैनिंग के वक्त बारकोड, रोल नंबर या सीरियल मैपिंग में मिसमैच हुआ हो।

सप्लीमेंट्री शीट का गायब होना: अतिरिक्त उत्तर पुस्तिका लेने वाले छात्रों का कहना है कि उनकी स्कैन कॉपी में वह हिस्सा शामिल ही नहीं है। क्वालिटी चेक की कमी के कारण ये शीट मुख्य बंडल से अलग रह गईं।

साइंस स्ट्रीम में कम मार्क्स का सस्पेंस: देश भर में यह चर्चा तेज है कि साइंस के छात्रों को अपेक्षा से बहुत कम अंक मिले हैं। कठिन प्रश्नपत्र, सख्त मार्किंग स्कीम या अलग-अलग एग्जामिनर के रवैये ने इस भ्रम को और हवा दी है।

जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर सफर से पहले पढ़ लें यह अपडेट, वरना घंटों फंस सकते हैं!

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जम्मू ( तनवीर )  : जम्मू कश्मीर में NH -44 पर नई अपडेट सामने आ रही है, जिसके चलते वाहनों चालकों के लिए कुछ नियम बताए गए हैं।  31-05-2026 को 1600 बजे से 01-06-2026 को 1600 बजे तक, NH-44 पर ट्रैफ़िक की गति धीमी देखी गई। इसका कारण मारोग और किश्तवारी पत्थर के बीच सिंगल-लेन की स्थिति, डिगडोल और नचलाना में 02 HMV (भारी मोटर वाहन) का खराब होना, और 04 खानाबदोश झुंडों (जो नचलाना-बनिहाल से गुज़र रहे थे) का आवागमन था।
02 खानाबदोश झुंडों के लगातार आवागमन के कारण, मारोग से किश्तवारी पत्थर तक के सिंगल-लेन वाले हिस्से पर ट्रैफ़िक धीमा होने की संभावना है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे लेन के नियमों का पालन करें और ओवरटेक करने से बचें।

यात्रियों/LMV (हल्के मोटर वाहन) चालकों को सलाह दी जाती है कि वे जम्मू-श्रीनगर NHW पर दिन के समय ही यात्रा करें। रात में यात्रा करने से बचना चाहिए, क्योंकि इस समय पत्थर गिरने/भूस्खलन का खतरा रहता है, खानाबदोश घाटी की ओर जाते हैं, और रामबन तथा बनिहाल के बीच निर्माण कार्य चल रहा है, जिससे यात्रियों को असुविधा हो सकती है।

NH-44 (NHW)
मौसम साफ होने और सड़क की स्थिति अच्छी होने पर, जम्मू-श्रीनगर NHW (NH-44) पर दोनों तरफ से LMVs (यात्री वाहन)/HPVs/निजी कारें/HMVs (मालवाहक वाहन) को जाने की अनुमति होगी, यानी जम्मू से श्रीनगर की ओर और इसके विपरीत भी। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे लेन के नियमों का पालन करें; ओवरटेक करने या गलत लेन में गाड़ी चलाने से ट्रैफ़िक जाम हो सकता है। TCU जम्मू/श्रीनगर, सड़क की स्थिति के बारे में TCU रामबन के साथ समन्वय स्थापित करेंगे।

सुरक्षा बलों (SFs) के काफिले का आवागमन:-
मौसम साफ होने और सड़क की स्थिति अच्छी होने पर, जम्मू-श्रीनगर NHW (NH-44) पर सुरक्षा बलों के वाहनों को दोनों तरफ से जाने की अनुमति होगी, यानी जम्मू से श्रीनगर की ओर और इसके विपरीत भी। वे TCU रामबन से NHW की स्थिति की पुष्टि करने के बाद ही आगे बढ़ेंगे। किश्तवाड़-सिंथन-अनंतनाग NH-244:-
SDM चतरू द्वारा जारी आदेश संख्या SDM/C/2026-27/270-78 दिनांक 24-05-2026 और SDM कोकरनाग द्वारा जारी आदेश संख्या SDM/KNG/26-27/296 दिनांक 25-05-2026 के अनुसार, मौसम साफ होने और सड़क की स्थिति अच्छी होने पर, सड़क रखरखाव एजेंसियों (NHIDCL) से हरी झंडी मिलने के बाद, LMV यात्री/निजी कारों को किश्तवाड़-सिंथन-अनंतनाग सड़क पर दोनों तरफ से, यानी किश्तवाड़ से श्रीनगर की ओर और इसके विपरीत दिशा में चलने की अनुमति होगी। इन वाहनों को PP परना और डकसुम से 0800 बजे से 1600 बजे के बीच आगे बढ़ने की अनुमति होगी। हालाँकि, छह टायर तक वाले HMV और HPSV (केवल 30 यात्रियों तक की बैठने की क्षमता वाले) को एक दिन छोड़कर (alternate day basis) चलने की अनुमति होगी; कल किश्तवाड़ से श्रीनगर की ओर जाने वाले इन वाहनों को PP परना से 0800 बजे से 1600 बजे के बीच आगे बढ़ने की अनुमति होगी। कट-ऑफ समय के बाद किसी भी वाहन को अनुमति नहीं दी जाएगी। TCU जम्मू/रामबन/TCU श्रीनगर सभी संबंधितों को कट-ऑफ समय के बारे में सूचित करेंगे।

लखनऊ कमिश्नरेट में चली तबादला एक्सप्रेस, 3 ACP, 3 इंस्पेक्टर और एक SI का ट्रांसफर,

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लखनऊ- लखनऊ कमिश्नरेट में चली तबादला एक्सप्रेस, 3 ACP, 3 इंस्पेक्टर और एक SI का ट्रांसफर, सौम्या पांडेय ACP विभूतिखंड बनाई गईं, सौम्या को सोशल मीडिया सेल का भी जिम्मा, विनय द्विवेदी ACP ट्रैफिक बनाए गए, सुशील यादव ACP क्राइम के साथ साइबर क्राइम, विभूतिखंड थाना प्रभारी अमर सिंह हटाए गए, अमर सिंह को पुलिस लाइन भेजा गया, उपेंद्र सिंह प्रभारी निरीक्षक विभूतिखंड बने, सुधीर कुमार अवस्थी को पुलिस लाइन भेजा गया, गौरव बाजपेयी थानाध्यक्ष गोमतीनगर विस्तार बने

 

लखनऊ लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जयंती आज,

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लखनऊ- लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जयंती आज, बसपा अध्यक्ष मायावती ने दी श्रद्धांजलि, अहिल्याबाई होल्कर महान और प्रेरणादायी शासक- मायावती, उनका जीवन नारी शक्ति और सुशासन का प्रतीक, अनुयायियों को भी दी जयंती की शुभकामनाएं, श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए किया विनम्र नमन

 

 

लखनऊ चारबाग रेलवे स्टेशन पर ट्रैफिक और पावर ब्लॉक, आज 1 जून को 6-6 घंटे का ट्रैफिक और पावर ब्लॉक,

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लखनऊ- चारबाग रेलवे स्टेशन पर ट्रैफिक और पावर ब्लॉक, आज 1 जून को 6-6 घंटे का ट्रैफिक और पावर ब्लॉक, कॉनकोर्स निर्माण कार्य के चलते रेलवे का फैसला, सुबह 11 से शाम 5 बजे तक नहीं आएंगी ट्रेनें, कुल 74 ट्रेनें प्रभावित और यात्रियों की बढ़ी परेशानी, 19 ट्रेनों का रूट डायवर्ट, चारबाग नहीं पहुंचेंगी, 55 ट्रेनों के प्लेटफॉर्म में किया गया बदलाव, 29 मई को प्लेटफॉर्म-4 पर टिन शेड गिरा था, यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति जांचने की अपील