Saturday, February 21, 2026
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लंदन में ऐतिहासिक प्रतिष्ठित भारतीय रेस्तरां ‘वीरास्वामी’ बंद होने के कगार पर, ब्रिटिश शेफ्स ने कहा-‘विरासत मिटाना अनुचित’

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London: ब्रिटेन के कुछ प्रमुख खानसामा बृहस्पतिवार को लंदन के सबसे पुराने भारतीय रेस्तरां में से एक ‘वीरास्वामी’ को बचाने की मुहिम में शामिल हुए। इस रेस्तरां के पट्टे को लेकर गतिरोध पैदा हो गया है जिससे रीजेंट स्ट्रीट से इसे हटाए जाने का खतरा उत्पन्न हो गया है। ‘द टाइम्स’ में प्रकाशित एक खुले पत्र में, साइरस टोडीवाला, रेमंड ब्लैंक और मिशेल रूक्स जैसे जाने-माने शेफ और रेस्तरां मालिकों ने विक्ट्री हाउस के मालिक क्राउन एस्टेट से अपील की है कि वह ‘जिम्मेदारी से काम करें’। विक्ट्री हाउस में अप्रैल 1926 से लगभग 100 वर्षों से यह रेस्तरां स्थित है।

 

 

 

गत गर्मियों में, ‘वीरास्वामी’ के मालिक MW ईट को सूचित किया गया कि उनके पट्टे का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा, क्योंकि क्राउन एस्टेट भवन की ऊपरी मंजिलों पर स्थित कार्यालयों के लिए भूतल के स्वागत क्षेत्र का विस्तार करना चाहता है। खानसामों ने पत्र में लिखा, ‘‘ऐसे रेस्तरां को कार्यालय में परिवर्तित करना अनुचित होगा। इससे लंदन के रेस्तरां परिदृश्य और हमारी पर्यटन अर्थव्यवस्था, जो शहर के अद्वितीय और विविध स्थलों पर फलती-फूलती है, दोनों के लिए एक गंभीर क्षति होगी।” उन्होंने कहा, ‘‘जैसा कि क्राउन जानता है, विरासत को न तो स्थानांतरित किया जा सकता है और न ही इतिहास को बदला जा सकता है।

 

 

 

वीरास्वामी को जीवित रखना क्राउन की ज़िम्मेदारी का एक ऐसा काम है जो लंदन को दुनिया के सबसे बेहतरीन खान-पान और पर्यटन शहरों में से एक के रूप में प्रतिष्ठा दिलाता है।” क्राउन एस्टेट का स्वामित्व ब्रिटेन के महाराजा के पास ‘‘शाही अधिकार’ के तौर पर होता है, जिसका अर्थ है कि महाराजा अपने शासनकाल के दौरान इस संपत्ति के मालिक होते हैं। हालांकि यह उनकी निजी संपत्ति नहीं है। इसलिए, वह सीधे तौर पर इसकी संपत्तियों का प्रबंधन या निर्णय नहीं लेते हैं, और इस संपत्ति से होने वाली आय ब्रिटिश राजकोष में जमा कराई जाती है। रंजीत मथरानी ने कहा,‘‘हमने इसे पोषित किया है, संवारा है और समय के साथ तालमेल बिठाया है। यह शायद दुनिया का सबसे पुराना और इतना समृद्ध इतिहास वाला रेस्तरां है, और अगर यह अपना स्थान खो देता है तो यह एक त्रासदी होगी।”

 

 

 

मथरानी MW ईट ग्रुप के तहत अपनी बहनों नमिता और कैमेलिया पंजाबी के साथ मिलकर लंदन में चटनी मैरी और अमाया जैसे अन्य लोकप्रिय भारतीय रेस्तरां चलाते हैं। वीरास्वामी की स्थापना एडवर्ड पामर और मुगल राजकुमारी फैजान निसा बेगम ने की थी। पामर जनरल विलियम पामर के प्रपौत्र थे। जनरल विलियम पामर भारत के पहले गवर्नर जनरल वॉरेन हेस्टिंग्स के सैन्य और निजी सचिव थे। वीरास्वामी का पट्टा इस साल जून के अंत में समाप्त हो गया था। लेकिन एमडब्ल्यू ईट की कानूनी कार्यवाही की वजह से अगले साल अदालत में सुनवाई होने तक रेस्तरां चलता रहेगा।

Post office scheme: कमाल का ऑफर! ये स्कीम गारंटी से हर किसी को बनाएगी लखपति, जानें निवेश का धांसू तरीका

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नेशनल डेस्क: अगर आप ऐसी सरकारी योजना की तलाश में हैं, जहां पैसा सुरक्षित भी रहे और बढ़िया मुनाफा भी मिले, तो डाकघर की रिकरिंग डिपॉजिट (Post Office RD) स्कीम आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। यह योजना छोटी-छोटी मासिक बचत को पांच साल में एक बड़ी रकम में बदल देती है और इस पर सरकार की पूरी गारंटी होती है।

 

क्या है पोस्ट ऑफिस आरडी स्कीम?

पोस्ट ऑफिस रिकरिंग डिपॉजिट (RD) एक मासिक निवेश योजना है। यह उन लोगों के लिए बनाई गई है जो हर महीने थोड़ा-थोड़ा बचाना चाहते हैं लेकिन एक साथ बड़ी रकम निवेश नहीं कर सकते। इस स्कीम में निवेशक को 60 महीने (यानी 5 साल) तक हर महीने तय रकम जमा करनी होती है। वर्तमान में इस योजना पर 6.7% वार्षिक ब्याज दर मिल रही है, जो मासिक चक्रवृद्धि ब्याज के आधार पर गणना की जाती है। इसका अर्थ है कि हर महीने ब्याज, मूलधन में जुड़ता जाता है और उस पर अगली बार फिर ब्याज मिलता यानी मुनाफा लगातार बढ़ता है।

 

5 साल में कैसे बनते हैं ₹17.84 लाख?

अगर कोई व्यक्ति हर महीने ₹25,000 इस स्कीम में निवेश करता है, तो 5 साल में उसका कुल निवेश होगा — ₹25,000 × 60 = ₹15,00,000 6.7% की ब्याज दर और मासिक कंपाउंडिंग के हिसाब से, उसे ₹2,84,148 रुपये का कुल ब्याज मिलेगा। इस तरह मैच्योरिटी के समय उसे लगभग ₹17,84,148 रुपये प्राप्त होंगे। यह पूरी तरह सरकारी गारंटी वाली योजना है, इसलिए इसमें बाजार जोखिम बिल्कुल नहीं है।

 

छोटे निवेश पर भी बड़ा फायदा

आप चाहे कम राशि से शुरुआत करें, योजना का लाभ उसी अनुपात में मिलेगा।

उदाहरण के लिए – मासिक निवेश 5 साल बाद अनुमानित रिटर्न

₹25,000 ₹17,84,148

₹10,000 ₹7,13,659

₹5,000 ₹3,56,830

इसका मतलब है कि छोटे निवेशक भी इस स्कीम से बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं।

 

कौन कर सकता है निवेश?

➤ यह योजना हर भारतीय नागरिक के लिए खुली है।

➤ कोई भी वयस्क व्यक्ति सिंगल या ज्वाइंट खाता खोल सकता है।

➤ अभिभावक अपने बच्चों (10 वर्ष से अधिक उम्र) के नाम पर भी खाता खुलवा सकते हैं।

 

न्यूनतम निवेश: ₹100 प्रति माह

अधिकतम सीमा: कोई तय सीमा नहीं आप अपनी क्षमता के अनुसार निवेश कर सकते हैं।

इस स्कीम की खास बातें

 

➤ लोन की सुविधा:

आरडी खाता शुरू होने के एक साल बाद (12 किस्तें जमा होने के बाद) निवेशक अपने जमा पैसे पर लोन ले सकता है।

 

➤ प्री-मैच्योर क्लोजर:

जरूरत पड़ने पर 3 साल पूरे होने के बाद खाता समय से पहले बंद कराया जा सकता है।

 

➤ विलंब शुल्क:

यदि किसी माह किस्त समय पर नहीं जमा होती, तो ₹100 पर ₹1 का मामूली जुर्माना देना पड़ता है।

 

➤ नॉमिनी सुविधा:

खाता खोलते समय नॉमिनी का नाम दर्ज करना बहुत जरूरी है। यदि निवेशक की मृत्यु हो जाती है, तो पूरी राशि नॉमिनी को मिल जाती है।

 

क्यों है यह योजना खास?

सरकार द्वारा गारंटीड सुरक्षा

➤ निश्चित ब्याज दर

➤ आसान मासिक निवेश विकल्प

➤ लोन और नॉमिनी की सुविधा

➤ बाजार जोखिम से पूरी तरह मुक्त

➤ इसलिए पोस्ट ऑफिस आरडी स्कीम उन लोगों के लिए आदर्श है जो सुरक्षित और अनुशासित निवेश के जरिए धीरे-धीरे बड़ी पूंजी बनाना चाहते हैं।

जयपुर में तांत्रिक कपल का काला खेल! भूत-प्रेत के नाम पर 3 साल तक किया टॉर्चर, ठगे 1 करोड़

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नेशनल डेस्क: राजस्थान की राजधानी जयपुर से अंधविश्वास और धोखाधड़ी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक दंपति पर आरोप लगा है कि उन्होंने भूत-प्रेत और जादू-टोने के नाम पर एक पूरे परिवार को अपने जाल में फंसाकर लगभग तीन साल में 1 करोड़ रुपये से अधिक की रकम ऐंठ ली। पीड़ित परिवार ने इस मामले में विद्याधर नगर थाने में FIR दर्ज कराई है।

ऐसे जाल में फंसाया

थाने में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, आरोपित अंबिका प्रसाद और उनकी पत्नी विजया शर्मा ने ससुराल पक्ष के संपर्क के माध्यम से पीड़ित परिवार को मानसिक और आर्थिक रूप से वश में किया। शिकायतकर्ता ने बताया कि 2008 में शादी के बाद जीवन सामान्य चल रहा था, लेकिन 2022 में उनके कारोबार में अचानक तंगी आ गई। इसी दौरान तांत्रिक दंपति उनके घर आए और दावा किया कि परिवार पर भूत-प्रेत का साया है, जिसके कारण कारोबार ठप हो रहा है।

 

इलाज के नाम पर शुरू हुई ठगी

पीड़ित परिवार ने बताया कि तांत्रिकों ने निजी जानकारियों का प्रदर्शन कर उनका भरोसा जीता। अगस्त 2022 में, तांत्रिकों ने शिकायतकर्ता की पत्नी को बीमार बताकर डॉक्टर की दवा लेने से मना किया और अपनी ‘औषधि’ के नाम पर नकली इलाज शुरू कर दिया। इलाज का ‘रहस्य’ उजागर करने पर जान के खतरे की धमकी देकर शुरू में ही लगभग 2 लाख रुपये ऐंठ लिए गए। जब पीड़ित ने डॉक्टर से सलाह लेने की कोशिश की, तो तांत्रिक दंपति ने इसका कड़ा विरोध किया और परिवार को दूसरों से अलग-थलग करने की कोशिश की।

 

डराकर पत्नी को भी रखा अपने पास

नवंबर 2022 में स्थिति और भी गंभीर हो गई। अंधविश्वास के नाम पर तांत्रिकों ने पीड़ित की पत्नी को कुछ समय के लिए अपने साथ रखा और परिवार को एक वीडियो दिखाया, जिसमें पत्नी भूत-प्रेत का नाटक कर रही थी। जब परिवार ने उसे वापस लाने की कोशिश की, तो तांत्रिक दंपति ने उसे दहेज की तरह अपना हक बताकर रोकने की कोशिश की।

 

ब्लैकमेलिंग और धमकी के बाद FIR

पीड़ित परिवार का आरोप है कि तीन साल तक तांत्रिक दंपति नकली उपचारों और अनुष्ठानों के नाम पर बार-बार पैसे ऐंठते रहे। जब पीड़ित ने अपनी रकम वापस मांगी, तो तांत्रिकों ने उन्हें ब्लैकमेल किया और जान से मारने की धमकी दी। इस पूरे घटनाक्रम से तनाव में आए परिवार ने आखिरकार जयपुर के विद्याधर नगर थाने में धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग और FIR दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए FIR दर्ज कर ली है और कहा है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है।

इजराइलियों ने वेस्ट बैंक में फूंक दी फिलीस्तीनी मस्जिद, दीवारों पर लिखा-‘हम बदला लेंगे’…‘हमें डर नहीं’

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International Desk: इजराइली बस्ती में रहने वाले लोगों ने वेस्ट बैंक के मध्य एक फिलीस्तीनी गांव में एक मस्जिद को देर रात आग लगा दी और उसे विरूपित कर दिया तथा विरोध स्वरूप मस्जिद की दीवारों पर नफरत भरे संदेश भी लिखे। कुछ इजराइली नेताओं ने बस्ती में रहने वाले लोगों द्वारा फलस्तीन के नागरिकों पर हाल ही में किए गए हमलों की निंदा की थी, जिसके एक दिन बाद यह घटना हुई। बृहस्पतिवार को जब ‘एपी’ का एक पत्रकार फलस्तीन के डेर इस्तिया शहर स्थित मस्जिद में पहुंचा तो वहां की एक दीवार और कुरान की कम से कम तीन प्रतियां व कुछ कालीन जला दिए गए थे।मस्जिद के एक तरफ ‘हमें डर नहीं है’, ‘हम फिर से बदला लेंगे’ और ‘निंदा करते रहो’ जैसे संदेश लिखे थे। हिब्रू में लिखी इस लिपि को समझना मुश्किल है और ऐसा लग रहा है कि यह सेना की मध्य कमान के प्रमुख मेजर जनरल एवी ब्लुथ के बारे में थी, जिन्होंने बुधवार को हिंसा की निंदा की थी। इस तरह के हमलों ने शीर्ष अधिकारियों, सैन्य नेताओं और ट्रंप प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हिंसा की बढ़ती घटनाओं पर कोई टिप्पणी नहीं की है। इजराइली सेना के सैनिक घटनास्थल पर मौजूद थे लेकिन उन्होंने टिप्पणी के अनुरोध का तुरंत जवाब नहीं दिया। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि वेस्ट बैंक में जो कुछ हो रहा है उसे लेकर चिंता है और इसके प्रभाव गाजा में हमारे प्रयासों को कमजोर कर सकते हैं।  इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हिंसा की बढ़ती घटनाओं पर कोई टिप्पणी नहीं की है। इजराइली सेना के सैनिक घटनास्थल पर मौजूद थे लेकिन उन्होंने टिप्पणी के अनुरोध का तुरंत जवाब नहीं दिया। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि वेस्ट बैंक में जो कुछ हो रहा है उसे लेकर चिंता है और इसके प्रभाव गाजा में हमारे प्रयासों को कमजोर कर सकते हैं।

 

 

 

 

 

 

बेटा दिनभर खेलता था पबजी गेम… परेशान हो कर मां ने कर लिया Suicide, बाद में लाश देख लिपट कर रोता रहा

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नेशनल डेस्क: एक मां की चिंता और बेटे की आदतें एक परिवार के लिए दुःस्वप्न बन गईं। रक्सा की आरएस रेजीडेंसी कॉलोनी में बुधवार आधी रात को 38 वर्षीय शीला देवी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पति रविंद्र सिंह ने उन्हें पंखे से उतारकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

 

बेटे का ध्यान पढ़ाई से हटकर गेम्स में

चित्रकूट के हरदौली गांव की रहने वाली शीला देवी और उनके पति रविंद्र का 13 साल का बेटा शहर के एक प्रतिष्ठित स्कूल में आठवीं कक्षा में पढ़ता है। उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद में परिवार ने झांसी में आवास खरीदा था।

 

लेकिन बीते कुछ सालों में बेटे को मोबाइल गेम्स की लत लग गई थी। रविंद्र के दफ्तर जाने के बाद बच्चा दिन-रात गेम खेलता, और पढ़ाई में बिल्कुल ध्यान नहीं देता। जब उसे गेम न खेलने दिया जाता, तो वह रोता या झगड़ता। इस लगातार तनाव ने शीला को मानसिक रूप से पूरी तरह प्रभावित कर दिया।

 

रात के 2 बजे का भयानक मंजर

रविंद्र ने बताया कि मंगलवार रात लगभग 11 बजे तक सब सामान्य था। शीला ने बेटे की आदत के बारे में चिंता जताई थी, लेकिन करीब दो बजे जब वे उठे, तो शीला घर में नहीं मिली। दूसरे कमरे में जाने पर देखा कि वह गमछे से पंखे पर लटकी हुई थी। उन्होंने तुरंत शीला को नीचे उतारकर झांसी मेडिकल कॉलेज ले गए। डॉक्टरों ने कुछ देर प्रयास करने के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

 

पुलिस जांच में क्या मिला

सीओ सदर रामवीर सिंह के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि शीला की आत्महत्या का मुख्य कारण बेटे की मोबाइल गेमिंग लत और उससे उत्पन्न पारिवारिक तनाव था। शव का पोस्टमार्टम कराया गया और परिजन चित्रकूट ले गए।

 

बेटे की टूटती दुनिया

मां की मौत के बाद बच्चा पूरी तरह टूट गया। वह बार-बार अपनी मां को पुकारते हुए रो रहा था। परिवार के बुजुर्गों को ही उसे संभालना पड़ा। पोस्टमार्टम के बाद शव को उनके पैतृक गांव चित्रकूट ले जाया गया।

बिजनौर स्कूल में डरावना मंजर: क्लाशरूम में घुसा 3 मीटर लंबा जहरीला सांप, बच्चों में मची भगदड़; वन विभाग ने किया रेस्क्यू!

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Bijnor News: उत्तर प्रदेश में बिजनौर जिले के ग्राम धर्मनगरी स्थित पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय में बुधवार दोपहर एक डरावनी घटना सामने आई। लंच के समय जब बच्चे खेल रहे थे, तभी अचानक स्कूल के मैदान से एक तीन मीटर लंबा जहरीला सांप कक्षा में घुस गया। सांप को देखकर बच्चे डर के मारे इधर-उधर भागने लगे और पूरी जगह में भगदड़ मच गई। शोर सुनकर शिक्षक तुरंत बच्चों को सुरक्षित स्थान पर ले गए और उन्हें स्कूल भवन से दूर किया। घटना की सूचना विद्यालय प्रशासन ने खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. प्रभात कुमार को दी। उन्होंने इस मामले में वन विभाग को भी जानकारी दी और मदद मांगी।

 

वन विभाग ने किया साहसिक रेस्क्यू

सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और दो प्रशिक्षित सर्प मित्रों के साथ सांप को पकड़ने की कोशिश की। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद सर्प मित्रों ने सांप को सुरक्षित पकड़ लिया। पकड़ा गया सांप घोड़ा पछाड़ प्रजाति का बताया गया है। वन विभाग के अनुसार यह प्रजाति बेहद तेज और खतरनाक होती है। यह आमतौर पर घनी झाड़ियों या खेतों में रहती है और इसकी गति घोड़े से भी तेज होती है।

 

स्कूल सुरक्षा और साफ-सफाई की अहमियत

सांप के पकड़ लिए जाने के बाद बच्चों और स्कूल स्टाफ ने राहत की सांस ली। सौभाग्य से किसी को कोई चोट नहीं आई। वन विभाग ने बाद में स्कूल परिसर का निरीक्षण किया और उन संभावित स्थानों को बंद किया, जिससे भविष्य में फिर से ऐसी घटनाएं न हों। यह घटना एक बार फिर स्कूल परिसरों में सुरक्षा और सफाई की अहमियत को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल के आसपास झाड़ियों की नियमित सफाई और निगरानी जरूरी है ताकि बच्चे सुरक्षित रह सकें।

मां ने दुधमुंहे बेटे को जलते चुल्हे में डाला; जिंदा जला मासूम, फिर किया सुसाइड…जानिए क्यों उठाया ये खौफनाक कदम

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सोनभद्र: उत्तर प्रदेश में सोनभद्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां पर एक मां ने अपने दुधमुंहे बेटे को जलते चुल्हे में डाल दिया। यह मामला जिले के बभनी थाना क्षेत्र से सामने आया है। बताया जा रहा है कि महिला ने रात में सोते समय अपने दस माह के पुत्र को चुल्हे की आग में डालकर जला दिया और फिर फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली। इस घटना की जानकारी के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

 

जानिए पूरा मामला

सूत्रों ने बताया कि आसनडीह ग्राम पंचायत के जोबेदह गांव में पतिराज की 28 वर्षीय पत्नी राजपति बुधवार शाम अपने मायके से अपने घर ससुराल आई थी। रात में सभी लोग खाना खाकर सोने चले गए थे। रात में पत्नी राजपति भी अपने 10 माह के बेटे को लेकर एक कमरे में सोने चली गई, जबकी बड़ा बेटा अपने मामा के साथ सोने चला गया था। सभी लोगों के सोने के बाद वह अपने छोटे बेटे को जलते चूल्हे में डालकर जला दिया और खुद घर के अंदर बड़ेर में साड़ी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। गुरूवार की सुबह जब परिजन सो कर उठे तो घटना देखकर स्तब्ध रह गए।

 

क्यों उठाया ये कदम?

राजपति का शव फांसी के फंदे पर लटक रहा था जबकी दस वर्षीय बालक का शव चुल्हे में पड़ा हुआ था। परिजनों ने घटना की जानकारी पुलिस को दिया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने दोनों शव को कब्जे में लेकर पोस्टमाटर्म के लिए भेज दिया है। बभनी थाना के प्रभारी निरीक्षक कमलेश पाल ने बताया कि मामले की जांच हर पहलु पर की जा रही है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि महिला ने वारदात से पहले अपने पति से फोन पर बात की थी। इसके बाद ही उसने वारदात को अंजाम दिया। परिजनों व ग्रामीणों से घटना के बारे में पूछताछ की जा रही है। पोस्टमाटर्म रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।

कार में दोस्तों संग छलका रही थी जाम, दरोगा बोला- गलत काम, सुन बौखलाई महिला प्रोड्यूसर; SI की वर्दी फाड़ी, पुलिसकर्मियों को चप्पल से पीटा, दातों से काटा

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लखनऊ : यूपी की राजधानी लखनऊ से एक अजब गजब मामला प्रकाश में आया है। यहां एक लड़की अपने तीन दोस्तों के साथ कार में बीयर पी रही थी। तभी अचानक पुलिस वहां पहुंच गई और उसे रोकते हुए कहा कि ये गलत बात है। इस बात पर युवती इतना चिढ़ गई कि उसने दरोगा के साथ मारपीट कर डाली। इतना ही नहीं महिला सिपाहियों पर चप्पल चला दी और दांत से कांट लिया। जैसे तैसे महिला सिपाहियों ने युवती को पकड़ा और थाने ले आई।

 

तफ्सील से जानें पूरा मामला

पूरा मामला लखनऊ के नाका हिण्डोला थाना क्षेत्र का है। यहां सोमवार-मंगलवार की दर्मियानी रात पुलिस गश्त के दौरान चार लोगों ने हंगामा खड़ा कर दिया। पुलिस टीम ने जब बीच सड़क पर खड़ी ऑल्टो की जांच की, तो उसमें एक महिला और तीन पुरुष बीयर पार्टी करते मिले। वहीं रोक-टोक पर महिला भड़क गई और पुलिस टीम के साथ बदसलूकी शुरू कर दी। महिला ने एसआई अमजद अली की कॉलर पकड़कर वर्दी फाड़ने की कोशिश की, जिससे उनकी शर्ट की बटन टूट गई। स्थिति बिगड़ने पर महिला को काबू करने के लिए लेडी कॉन्स्टेबलों को मौके पर बुलाया गया। फिर जैसे-तैसे महिला को थाने ले जाया गया। वहां भी उसका हंगामा जारी रहा। उसने पुलिसकर्मियों को जमकर गाली दी और चप्पल से मारपीट भी की।

 

पुलिसकर्मियों का हाथ दातों से काटा

थाने में मौजूद लेडी कॉन्स्टेबल रानी वर्मा, शशि देवी, किरण और फरहीन रिजवी ने किसी तरह उसे काबू में किया। इस दौरान महिला ने फरहीन रिजवी और किरण के हाथ में दांत से काट लिया। जिसके बाद घायल कॉन्स्टेबलों को बलरामपुर अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने आरोपियों को थाने लाकर पूछताछ की। पूछताछ में महिला ने अपना नाम फिल्म लाइन प्रोड्यूसर मानसी पांडेय बताया है। पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें थाने से ही जमानत दे दी थी।

 

मिली जानकारी के मुताबिक, मानसी पांडेय लखनऊ में बॉलीवुड फिल्मों और वेब सीरीज़ की शूटिंग कराती है। उसने जबरिया जोड़ी और ठुकरा के मेरा प्यार जैसे प्रोजेक्ट्स की शूटिंग में लोकल लाइन प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया है।

 

 

वीडियो वायरल कर दूंगी” की धमकी! IPL स्टार विपराज निगम को महिला ने किया ब्लैकमेल, बाराबंकी में FIR दर्ज

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Barabanki News: आईपीएल क्रिकेटर और दिल्ली कैपिटल्स टीम के ऑलराउंडर विपराज निगम ने बाराबंकी के कोतवाली नगर में पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। उन्होंने पुलिस को दी गई तहरीर में कहा है कि उन्हें लगातार फोन पर धमकियां दी जा रही हैं और ब्लैकमेल किया जा रहा है।

 

फोन पर धमकियों का आरोप

विपराज निगम का कहना है कि एक महिला उनसे अनुचित मांगें कर रही थी। जब उन्होंने यह मांग पूरी नहीं की, तो महिला ने उनका वीडियो वायरल करने की धमकी दी। उन्होंने बताया कि नंबर ब्लॉक करने के बाद भी कई अंतरराष्ट्रीय नंबरों से धमकी भरे कॉल आते रहे, जिनमें उनकी और उनके परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की बात कही गई।

 

करियर और मानसिक स्थिति पर असर

खिलाड़ी ने बताया कि यह सब उनके करियर और मानसिक स्थिति पर बुरा असर डाल रहा है। इसलिए उन्होंने पुलिस से इस मामले में सख्त और ठोस कार्रवाई की मांग की है।

 

पुलिस कर रही है जांच

पुलिस सूत्रों के अनुसार, बाराबंकी नगर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है। इस मामले में एक महिला पत्रकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर विपराज निगम पर गंभीर आरोप लगाए थे। पत्रकार ने दावा किया था कि पीड़िता ने नोएडा पुलिस के चक्कर काटते हुए न्याय की गुहार लगाई, लेकिन उसकी शिकायत पर सुनवाई नहीं हो रही है।

 

कौन हैं विपराज निगम

विपराज निगम को आईपीएल 2025 सीजन से पहले दिल्ली कैपिटल्स ने 50 लाख रुपये में अपनी टीम में शामिल किया। 21 वर्षीय इस युवा ऑलराउंडर ने अपने डेब्यू सीजन में बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन किया। 14 मैचों में उन्होंने 142 रन बनाए और 11 विकेट लिए। विपराज आज (13 नवंबर) से शुरू हो रही भारत-ए और साउथ अफ्रीका-ए के बीच वनडे सीरीज में भी खेलते नजर आएंगे। वह घरेलू क्रिकेट में यूपी की टीम से खेलते हैं, जहां उन्होंने 5 फर्स्ट क्लास मैचों में 19 विकेट और 116 रन बनाए हैं। 6 लिस्ट-ए मैचों में उनके नाम 4 विकेट और 35 रन हैं। ओवरऑल 21 टी20 मैचों में उन्होंने 19 विकेट और 206 रन हासिल किए हैं

30 हजार सीट, हाईवे-एयरपोर्ट से सीधी कनेक्टिविटी… इस शहर में बनेगा यूपी का चौथा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम

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Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले को खेल जगत में नई पहचान मिलने जा रही है। जल्द ही यहां 392 करोड़ रुपये की लागत से एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण शुरू होने वाला है। राज्य कैबिनेट ने बुधवार को सर्कुलेशन के जरिए इस परियोजना को मंजूरी दे दी है। निर्माण कार्य नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी (NCC) को सौंपा गया है, जिसे विभागीय दर से थोड़ी अधिक बोली पर ठेका मिला है। सरकार ने लक्ष्य तय किया है कि दो महीने के भीतर शिलान्यास और दो साल में स्टेडियम का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।

 

स्थान और कनेक्टिविटी

यह स्टेडियम गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन के पास ताल नदौर में 50 एकड़ जमीन पर बनाया जाएगा। लोकेशन भी बेहद रणनीतिक है-

 

गोरखपुर एयरपोर्ट से दूरी: 23.6 किमी

राप्तीनगर बस अड्डे से दूरी: 22 किमी

गोरखपुर जंक्शन से दूरी: 20 किमी

 

सुविधाएं और क्षमता

गोरखपुर स्टेडियम में 30,000 दर्शकों के बैठने की क्षमता, 11 पिचें, आधुनिक फ्लडलाइट्स, वीआईपी बॉक्स, मीडिया सेंटर, जिम, और इंडोर प्रैक्टिस एरिया जैसी सुविधाएं होंगी। इसके साथ ही, एक विशाल पार्किंग एरिया भी तैयार किया जाएगा जिसमें 1500 कारें एक साथ खड़ी की जा सकेंगी।

 

गोरखनाथ मंदिर की झलक

वाराणसी स्टेडियम की तरह, गोरखपुर का यह स्टेडियम भी धार्मिक और सांस्कृतिक थीम पर आधारित होगा। यहां की डिज़ाइन में गोरखनाथ मंदिर की वास्तुकला और नाथ परंपरा की आध्यात्मिकता को दर्शाया जाएगा। मुख्य प्रवेश द्वार और दर्शक दीर्घाएं इस थीम से मेल खाएँगी।

 

पूर्वांचल के लिए नई उम्मीद

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में देखा जा रहा यह स्टेडियम, पूर्वांचल में क्रिकेट और अन्य खेलों को नई उड़ान देगा। राज्य के खेल निदेशक डॉ. आर.पी. सिंह के अनुसार, “मुख्यमंत्री ने स्टेडियम को तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। यह गोरखपुर ही नहीं, पूरे पूर्वांचल की पहचान बनेगा।” कानपुर और लखनऊ के बाद, वाराणसी का स्टेडियम लगभग तैयार है, और अब गोरखपुर उत्तर प्रदेश का चौथा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनने जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि यह स्टेडियम साल 2027 के अंत तक तैयार हो जाए।