Sunday, February 15, 2026
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तुम मर जाओ… बस एक मैसेज पर छात्र ने उठा लिया खौफनाक कदम, वैलेंटाइन डे पर दे दी जान

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प्रयागराज: वैलेंटाइन डे के दिन जहां प्रेमी प्रेमिका एक दूसरे से प्यार का इजहार कर रहे हैं। वहीं संगम नगरी प्रयागराज में आठ माह पहले शुरू हुई प्रेम कहानी का वैलेंटाइन डे के दिन दर्दनाक अंत हो गया। जिले में  जॉर्जटाउन थाना क्षेत्र स्थित टैगोर टाउन में वैलेंटाइन डे के दिन 17 वर्षीय इंटर छात्र आशुतोष प्रताप गिरी उर्फ अमन की कथित आत्महत्या से इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंची और कमरे से एक नोट बरामद किया गया। नोट में कथित तौर पर प्रेम संबंध से जुड़ा संदेश लिखा मिला है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नोट की सत्यता और परिस्थितियों की जांच की जा रही है। अमन एनडीए की तैयारी कर रहा था और हॉकी खिलाड़ी भी बताया जा रहा है। परिवार के मुताबिक, कोचिंग के दौरान उसकी पहचान प्रतापगढ़ की एक युवती से हुई थी, जो पास के गर्ल्स हॉस्टल में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही थी। दोनों के बीच करीब आठ महीने से संबंध थे।

परिजनों का आरोप है कि हाल के दिनों में दोनों के बीच तनाव बढ़ गया था। परिवार ने यह भी दावा किया कि कुछ दिन पहले युवक के साथ मारपीट की गई थी और उसका मोबाइल फोन छीन लिया गया था। इस संबंध में पूर्व में शिकायत भी की गई थी। परिवार ने युवती और उसके साथियों पर मानसिक उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि कॉल डिटेल, बरामद नोट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी।

 

Mahashivratri 2026 Rudrabhishek Muhurat: महाशिवरात्रि पर रुद्राभिषेक का सबसे शुभ समय, अभी जान लें

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Mahashivratri Rudrabhishek 2026: हिंदू धर्म के प्रमुख पर्वों में शामिल महाशिवरात्रि इस वर्ष 15 फरवरी 2026, रविवार को मनाई जाएगी। इस पावन दिन भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक का अत्यंत महत्व माना जाता है। देशभर में लाखों श्रद्धालु इस दिन घर या मंदिर में विधि-विधान से रुद्राभिषेक कराते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि वही तिथि है जब भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। वहीं, कुछ पौराणिक कथाओं में माना जाता है कि इसी दिन भगवान शिव शिवलिंग स्वरूप में प्रकट हुए थे। इस कारण महाशिवरात्रि पर शिवलिंग का रुद्राभिषेक करने से भगवान भोलेनाथ की विशेष कृपा प्राप्त होती है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

ऐसे में यदि आप भी महाशिवरात्रि 2026 पर रुद्राभिषेक कराने की योजना बना रहे हैं, तो पहले इसका शुभ मुहूर्त, पूजा समय और विधि अवश्य जान लें।

PunjabKesari Mahashivratri 2026 Rudrabhishek Muhurat

महाशिवरात्रि 2026 पर रुद्राभिषेक का शुभ मुहूर्त (Maha Shivratri Rudrabhishek Shubh Muhurat 2026)
महाशिवरात्रि के दिन रुद्राभिषेक कराने का शुभ समय 15 फरवरी 2026 की शाम 05:04 बजे से लेकर 16 फरवरी 2026 की सुबह 06:59 बजे तक रहेगा। इस दौरान रात्रि के चारों प्रहरों में शिव पूजन और रुद्राभिषेक करना विशेष फलदायी माना गया है।

महाशिवरात्रि चार प्रहर पूजा मुहूर्त 2026 (Maha Shivratri Chaar Prahar Puja Muhurat 2026)
प्रथम प्रहर:
 शाम 06:11 बजे से रात 09:23 बजे तक
द्वितीय प्रहर: रात 09:23 बजे से 12:35 बजे तक (16 फरवरी)
तृतीय प्रहर: रात 12:35 बजे से सुबह 03:47 बजे तक (16 फरवरी)
चतुर्थ प्रहर: सुबह 03:47 बजे से 06:59 बजे तक (16 फरवरी)

रुद्राभिषेक पूजा सामग्री (Rudrabhishek Puja Samagri List)
शुद्ध जल, दूध, दही, घी, शहद, गन्ने का रस, गुलाबजल, श्रृंगी, बिल्वपत्र, धूप, दीपक, बत्ती, अगरबत्ती, कपूर, नारियल, पान, सुपारी, मौली, भांग, धतूरा, शमी पत्र, चंदन, फल, मेवा, मिठाई और रुद्राभिषेक के लिए पात्र।

PunjabKesari Mahashivratri 2026 Rudrabhishek Muhurat

रुद्राभिषेक की विधि (Rudrabhishek Vidhi In Hindi)
सबसे पहले सभी पूजा सामग्री को पवित्र करें।
हाथ में जल, अक्षत और पुष्प लेकर मनोकामना का संकल्प लें।
पूजा की शुरुआत भगवान गणेश के पूजन से करें।
इसके बाद भगवान शिव, माता पार्वती, कार्तिकेय और नंदी की पूजा करें।
श्रृंगी या लोटे से शिवलिंग का अभिषेक करें।
अभिषेक के दौरान दूध, दही, घी, शहद, गन्ने के रस या शुद्ध जल का प्रयोग करें।
लगातार ॐ नमः शिवाय या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते रहें।
अभिषेक के बाद शिवलिंग को पोंछकर चंदन का तिलक करें।
बेलपत्र, धतूरा, भांग, फूल अर्पित करें और शिवलिंग का श्रृंगार करें।
कपूर से भगवान शिव की आरती करें और कर्पूरगौरं मंत्र का पाठ करें।
अंत में क्षमा प्रार्थना करें और फल-मिष्ठान्न का भोग लगाकर प्रसाद वितरित करें।
यह जानकारी पंचांग व धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। व्यक्तिगत पूजा के लिए विद्वान पंडित से परामर्श अवश्य लें।

Rudrabhishek in Sawan: सावन में इस समय न करें रुद्राभिषेक, पुण्य के बजाय  लगता है पाप ? - rudrabhishek in sawan-mobile

UP News: आरटीई से पहले चरण में ही रिकॉर्ड 2.25 लाख आवेदन, पिछले साल से ज्यादा है प्रवेश का लक्ष्य; पढ़ें अपडेट

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उत्तर प्रदेश में नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत इस साल पहले चरण में ही रिकॉर्ड आवेदन होते दिख रहे हैं। दो फरवरी से शुरू हुए आवेदन में अब तक दो लाख से ज्यादा आवेदन हो चुके हैं जबकि आवेदन का आखिरी दिन 16 फरवरी है। जबकि पिछले साल पहले चरण में 1.32 लाख आवेदन हुए थे।

प्रदेश के 68 हजार निजी विद्यालयों में आरटीई के 6.80 लाख सीटों के सापेक्ष दो फरवरी से सत्र 2026-27 के लिए आवेदन शुरू हुए हैं। शनिवार देर शाम तक 2.25 लाख से अधिक आवेदन हो चुके हैं। जबकि अभी दो चरण और बाकी हैं। इसे लेकर बेसिक शिक्षा विभाग भी उत्साहित है। इसके साथ ही प्रतिदिन आने वाले आवेदनों का बीएसए द्वारा सत्यापन भी उसी दिन किया जा रहा है। 

ताकि 18 फरवरी को लाटरी जारी की जा सके

इसमें मिलने वाली कमियों को दुरुस्त भी कराया जा रहा है। ताकि निर्धारित समय के अनुसार 18 फरवरी को लाटरी जारी की जा सके। अब तक के आंकड़ों के अनुसार 15899 आवेदन के साथ लखनऊ टॉप पर है। जबकि इसके साथ ही 15494 आवेदन वाराणसी, 11980 आगरा, 11418 कानपुर नगर, 9393 बुलंदशहर, 7759 मुरादाबाद, 7560 अलीगढ़, 7542 मेरठ, 6275 हाथरस व 5883 आवेदन प्रयागराज में हुए हैं।

समग्र शिक्षा के उप निदेशक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने कहा कि अभी आखिर के दो दिनों में आवेदन की संख्या और बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि इस साल प्रवेश आवेदन शुरू होने से पहले जिलों में व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया है ओर लोगों में जागरूकता भी बढ़ रही है। इसका लाभ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को मिलेगा। हम इस बार रिकॉर्ड आवेदन के लिए भी पूरा प्रयास करेंगे।

यहां हुए हैं कम आवेदन

श्रावस्ती 110, चित्रकूट 159, हमीरपुर 175, बस्ती 297, कानपुर देहात 384, कन्नौज 404, महोबा 405, औरैया 462, संतकबीरनगर 476, बहराइच 505, बलरामपुर 582, देवरिया 619, प्रतापगढ़ 690 और गोंडा में 739 आवेदन कम हुए।

पिछले तीन साल के आंकड़े

  • 2024-25 में पहले चरण में 182093 आवेदन
  • 2025-26 में पहले चरण में 132446 आवेदन
  • 2026-27 में पहले चरण में अब तक 222939

पिछले चार साल में हुए प्रवेश

  • 2022-23 में 82263
  • 2023-24 में 96439
  • 2024-25 में 112468
  • 2025-26 में 141235

UP Weather: सुबह-सुबह खिली धूप, दिन में होगा गर्मी का अहसास; अगले दो दिन बारिश का अलर्ट, जानें ताजा अपडेट

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उत्तर प्रदेश में मौसम में हो रहे बदलाव के चलते दिन में गर्म कपड़े पहनने से अब लोग बच रहे हैं। सुबह और शाम को भी ठंड का असर काफी कम हो चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, तापमान में क्रमिक बढ़ोतरी जारी है और आगे भी जारी रहेगी। हालांकि तापमान में बढ़ोतरी धीरे-धीरे ही हो रही है, लेकिन दिन में कड़ी धूप के चलते इसका असर आम जनजीवन पर पड़ने लगा है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की वजह से 17 और 18 फरवरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की बारिश या बूंदाबांदी के आसार हैं। शनिवार को तेज धूप के बीच दिन में गर्मी महसूस की गई। ऐसा लगा मानो मार्च का महीना आ गया हो। गर्म कपड़ों से लोगों ने दूरी बनाकर रखी। हालांकि देर शाम हल्की ठंड के बीच मौसम खुशगवार रहा।

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अगले हफ्ते 17 और 18 फरवरी को छिटपुट बारिश और तेज हवा चलने की संभावना है। इस दौरान 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने के आसार हैं। इसके अलावा मौसम में कोई खास परिवर्तन देखने को नहीं मिलेगा। अगले तीन दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान दोनों में 2-3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि दर्ज होने की संभावना है।

उन्होंने बताया कि तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि हो रही है जो एक दिन में एक डिग्री से कम आंकी जा रही है। प्रदेश के ज्यादातर जिलों में तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया। धीरे-धीरे तापमान के बढ़ने का क्रम आगे भी जारी रहेगा, अचानक मौसम में किसी तरह के परिवर्तन की आशंका नहीं है।

इससे पहले शनिवार को प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान झांसी में दर्ज किया गया। यहां अधिकतम तापमान 30 डिग्री दर्ज किया गया जो सामान्य से 3.6 डिग्री अधिक रहा। आगरा में अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री और हमीरपुर में 29.2 डिग्री दर्ज किया गया। 

Maha Shivratri 2026: विश्वनाथ धाम में 9 बजे तक चार लाख भक्तों ने किए दर्शन; चार किमी लंबी लाइन; देखें तस्वीरें

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Varanasi News: महाशिवरात्रि पर श्रीकाशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए रविवार की सुबह भक्तों का रेला उमड़ पड़ा। मंदिर के सभी प्रवेश द्वार पर चार किलोमीटर से भी लंबी कतारें लगी हैं। मंदिर कॉरिडोर के चारों ओर गलियों, घाटों और सड़कों से भक्त बाबा के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। मंगला आरती के बाद एक ही घंटे में 30 से 40 हजार भक्तों ने दर्शन कर लिया। इसके बाद से दर्शन का सिलसिला जारी है। सीईओ विश्वभूषण मिश्रा ने बताया कि 6 बजकर 40 मिनट तक ही 1.60 लाख भक्तों ने दर्शन किया और 7 बजे के बाद दो लाख से पार हो गया। वहीं 9 बजे तक दर्शनार्थियों की संख्या चार लाख हो गई। मंदिर एसडीएम शंभू शरण ने बताया कि महाशिवरात्रि पर्व पर 45 घंटे तक स्पर्श दर्शन बंद रहेगा।

गंगा घाट से लेकर बाबा विश्वनाथ कॉरिडोर तक भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है। धाम के आसपास हर-हर महादेव का जयकारे गूंज रहे हैं। बाबा के दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी हैं। इसके साथ ही काशी के सभी मंदिरों और शिवालयों में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा है।

महाशिवरात्रि: काशी विश्वनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, सुबह 9 बजे तक चार लाख भक्तों ने किए दर्शन

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महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रविवार की सुबह से ही काशी में आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह मंगला आरती के बाद से लेकर पूर्वाह्न 9 बजे तक लगभग चार लाख श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में दर्शन-पूजन किया। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में हर-हर महादेव और ओम नमः शिवाय के जयघोष लगातार गूंजते रहे, जिससे पूरा वातावरण शिवमय हो गया।

भक्तों की लंबी कतारें तड़के से ही लगनी शुरू हो गई थीं। दूर-दराज के जिलों और अन्य राज्यों से आए श्रद्धालु अपने परिवार के साथ घंटों इंतजार कर बाबा के दर्शन के लिए आगे बढ़ते नजर आए। मंदिर में प्रवेश करते ही श्रद्धालु भाव-विभोर दिखे। कई भक्त जलाभिषेक और रुद्राभिषेक के लिए विशेष पूजन सामग्री के साथ पहुंचे थे।भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती के साथ ही सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही थी। भीड़ प्रबंधन के लिए बैरिकेडिंग और अलग-अलग प्रवेश एवं निकास मार्ग निर्धारित किए गए थे, जिससे श्रद्धालुओं को असुविधा न हो। वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में खोया-पाया केंद्र सक्रिय रहा। यहां तैनात कर्मचारी लगातार लाउडस्पीकर के माध्यम से सूचनाएं प्रसारित कर रहे थे और बिछड़े लोगों को उनके परिजनों से मिलाने का कार्य करते रहे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्राथमिक उपचार केंद्र भी स्थापित किए गए थे।

मंदिर के सीईओ विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए 15 और 16 फरवरी को ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और धैर्य बनाए रखें। महाशिवरात्रि पर उमड़ी इस विराट आस्था ने एक बार फिर काशी की आध्यात्मिक पहचान को सशक्त रूप में प्रस्तुत किया। पूरे दिन मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लगा रहा और शिवभक्ति की अनवरत धारा बहती रही।

शराब के विवाद में चालक को पीटने की प्राथमिकी

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अजीतमल। बरात में शराब खरीदने के लिए गाड़ी न रोकने से नाराज बरातियों ने गेस्ट हाउस में चालक के भाई को पीट दिया। पीड़ित दूसरी कार से अन्य बरातियों को लेकर गेस्ट हाउस पहुंचा था।मामले में पीड़ित विपुल राजपूत ने आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। वारदात चार दिन पहले गांव मुरादगंज स्थित गेस्ट हाउस में हुई थी।
कोतवाली के गांव पुरवा हरसाहय ऊंचा निवासी विपुल राजपूत ने पुलिस को बताया कि 10 फरवरी की रात वह अपनी दो कारों में गांव चांदपुर ककरैया से मुरादगंज बरात लेकर जा रहा था। वह एक गाड़ी से गेस्ट हाउस पहुंच गया, जबकि दूसरी गाड़ी उसका भाई आकाश बाबू लेकर जा रहा था। आरोप है कि दूसरी गाड़ी में सवार बराती गांव भीखेपुर होकर जाने का दबाव बना रहे थे। ताकि वहां से शराब खरीदी जा सके।

आरोप है कि भाई आकाश ने इसका विरोध किया तो बराती उग्र हो गए। विवाद बढ़ने पर आकाश बरातियों को दूसरी गाड़ी में शिफ्ट कर घर चला गया। इसी बात की रंजिश मानते हुए आरोपी प्रियांशू ठाकुर, रिषभ, शनि और उनके रिश्तेदार राजेश उर्फ भूरे गेस्ट हाउस पहुंच गए। वहां उन्होंने विपुल राजपूत को घेर लिया और लाठी-डंडों से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।

बाद में आरोपी धमकी देकर मौके से भाग गए। कोतवाल ललितेश नारायण त्रिपाठी ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

UP: अखिलेश यादव पर मंत्री संजय निषाद का तंज, बोले- जो नेता सत्ता से बाहर है, उन पर क्या कहना

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उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर कहा, मुख्यमंत्री की बातों का मैं समर्थन करता हूं। देश संविधान से चलता है और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत धार्मिक व्यवस्था, सुरक्षा दी गई है। वहीं,समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव के बयान पर उन्होंने कहा, “जो नेता सत्ता से बाहर हैं, बयानबाजी और पोस्टरबाजी वाले नेता रह गए हैं उन पर क्या कहना है। उन्होंने अपने समय में कितना सम्मान दिया? हमारी सरकार धर्म, महात्मा, संत को कितना सम्मान देती है यह सबको पता है।”

 

जनता दर्शन: सीएम योगी बोले- गलत जांच रिपोर्ट लगाने वालों पर हो एफआईआर, 150 लोगों की सुनीं समस्याएं

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी मामले में जांच के दौरान यदि गलत रिपोर्ट लगाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। हर मामले की निष्पक्ष जांच करके ही उसका निस्तारण होना चाहिए। किसी भी प्रकरण में लापरवाही या शिथिलता अक्षम्य होगी।

सीएम योगी ने शनिवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन के दौरान लोगों की समस्याएं सुनते हुए ये निर्देश प्रशासन व पुलिस के अफसरों को दिए। मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 150 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।

घबराने की आवश्यकता नहीं

उन्होंने सभी को आश्वस्त किया कि किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। हर समस्या का वह प्रभावी निस्तारण कराएंगे। उन्होंने प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें।

जनता दर्शन में कुछ मामले ऐसे भी आए थे, जिनमें यह शिकायत की गई कि प्रकरण में गलत रिपोर्ट लगा दी गई है। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पता लगाकर गलत रिपोर्ट लगाने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों की मदद में शिथिलता या लापरवाही कतई नहीं होनी चाहिए।

किसी तरह की हीलाहवाली हुई तो कार्रवाई तय

जनता की समस्याओं के समाधान में किसी तरह की हीलाहवाली हुई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी तय है। किसी पीड़ित की समस्या के समाधान में अगर कहीं भी कोई दिक्कत आ रही है तो उसका पता लगाकर निराकरण कराया जाए।

किसी स्तर पर जानबूझ कर प्रकरण को लंबित रखा गया है तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने जमीन कब्जाने की शिकायतों पर विधिसम्मत कठोर कदम उठाने का निर्देश दिया। इस बार भी जनता दर्शन में कुछ लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। इस पर सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि जल्द से जल्द अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया पूर्ण कराकर शासन को उपलब्ध करा दें।

इलाज के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पर्याप्त मदद की जाएगी। जनता दर्शन में परिजनों के साथ आए बच्चों पर सीएम योगी ने अपना स्नेह बरसाया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को दुलारा, उन्हें चॉकलेट दी और खूब पढ़ने के लिए प्रेरित किया।

मंदिर की गोशाला में सीएम ने की गोसेवा

गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान शनिवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने तथा अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा समक्ष शीश झुकाने के बाद वह मंदिर परिसर के भ्रमण पर निकले। मंदिर की गोशाला में पहुंचकर उन्होंने गोसेवा की। गायों और गोवंश को स्नेहिल भाव से अपने हाथों से गुड़ खिलाया।

 

Seva Teerth: पीएम मोदी सेवा तीर्थ का लोकार्पण कर बोले- स्वतंत्र भारत की स्वतंत्र पहचान, गुलामी से मुक्त निशान

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सेवा तीर्थ परिसर से कर्तव्य भवन 1 और 2 का उद्घाटन किया। इसके साथ ही सिक्का और डाक टिकट भी जारी किया। इससे पहले पीएम मोदी ने शुक्रवार सुबह ‘सेवा तीर्थ’ कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया था। यह नया भवन प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय का केंद्र बन गया है। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बताया कि अब उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशन किया जाएगा।

पीएम मोदी के संबोधन की बड़ी बातें
पीएम मोदी ने सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में कहा कि आज हम सभी एक नए इतिहास को बनते देख रहे हैं। 13 फरवरी का यह दिन, भारत की विकास यात्रा में एक नए आरंभ का साक्षी बन रहा है। शास्त्रों में विजया एकादशी का बहुत महत्व रहा है। इस दिन जिस संकल्प के साथ आगे बढ़ते हैं, उसमें विजय अवश्य प्राप्त होती है। आज हम सभी विकसित भारत का संकल्प लेकर सेवा तीर्थ में, कर्तव्य भवन में प्रवेश कर रहे हैं। अपने लक्ष्य में विजयी होने का दैवीय आशीर्वाद हमारे साथ है।
उन्होंने कहा कि यह कदम विकसित भारत के संकल्प को मजबूती देने का संकल्प लेकर सेवा-तीर्थ और कर्तव्य भवन में प्रवेश की दिशा में अहम है। आज नया इतिहास बनते देख रहे हैं। आज भारत नए आरंभ का साक्षी बन रहा है। यह भारत कि विकास यात्रा में नई शुरुआत है। पुराने भवनों में जगह की कमी थी। सुविधाओं की सीमाएं थी। करीब 100 साल पुरानी इमारतें अंदर से जर्जर होती जा रही थी। मैं समझता हूं कि इन चुनौतियों के बारे में भी देश को निरंतर बताया जाना चाहिए।

पीएम ने कहा ‘आजादी के बाद साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक में अनेक अहम निर्णय हुए, कई नीतियां बनीं लेकिन ये इमारते ब्रिटिश शासन के प्रतीक के तौर पर बनाई गई थीं। इनका मकसद भारत को सदियों तक गुलामी की जंजीरों में जकड़े रखना था। एक समय था, जब कोलकाता शहर देश की राजधानी हुआ करता था।’ उन्होंने कहा कि 1905 के बंगाल विभाजन के दौर में कोलकाता ब्रिटिश विरोधी आंदोलन का प्रबल केंद्र बन चुका था। इसलिए 1911 में अंग्रेजों ने भारत की राजधानी को दिल्ली शिफ्ट किया। उसी के बाद अंग्रेजी हुकूमतों की जरूरतों और उसकी सोच को ध्यान में रखकर नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक जैसी इमारतें बनी। भवन ब्रिटेन के महाराज के सोच को गुलाम भारत की जमीन पर उतारने का माध्यम था। रायसीना हिल्स को इसलिए चुना गया ताकि ये इमारते अन्य इमारतों से ऊंची रहे। सौभाग्य से सेवा तीर्थ की इमारते जमीन से जुड़ी है, पहाड़ पर नहीं है। यहां से जो फैसले होंगे, वे किसी महाराजा की सोच को नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों की अपेक्षाओं को आगे बढ़ाने का आधार बनेंगे। इसी अमृत भावना के साथ आज मैं ये सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन भारत की जनता को समर्पित कर रहा हूं।