Monday, February 23, 2026
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बिहार चुनाव में 243 सीटों का नया अपडेट

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बिहार चुनाव में 243 सीटों का नया अपडेट, बिहार में 9 सीटों पर JDU जीती,74 पर आगे-EC, BJP 15 सीटों पर जीती, 76 सीटों पर आगे- EC, आरजेडी 3 सीट पर जीती, 23 पर आगे-EC, कांग्रेस एक सीट पर जीती,4 सीट पर आगे, HAM 5 सीट पर आगे, CPIML 2 सीट पर आगे, एलजेपी 1 सीट पर जीती, 18 सीटों पर आगे- EC, AIMIM 2 सीट पर जीती, 3 सीटों पर आगे-EC, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रत्याशी 4 सीटों पर आगे, CPI(M) और BSP एक-एक सीट पर आगे

ऑनलाइन गेमिंग, गैंबलिंग एप से ठगी,

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ग्रेटर नोएडा- ऑनलाइन गेमिंग, गैंबलिंग एप से ठगी, एक महिला समेत 7 लोग गिरफ्तार हुए, WINBUZZ नाम की गेमिंग एप से ठगी , पहले लोगों को थोड़ा प्रॉफिट देते थे, ज़्यादा पैसा इन्वेस्ट करा ठगते थे पैसे , अब तक करोड़ों की रकम ट्रांसफर कराई , 159 पासबुक, 95 चेकबुक,131 ATM कार्ड बरामद , 114 सिम कार्ड, 61 फोन, 7 लैपटॉप बरामद , बिसरख पुलिस ने गिरफ्तारी कर बरामदगी की

सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर किया पोस्ट,

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लखनऊ- सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर किया पोस्ट, बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम पर कहा , भाजपा-एनडीए गठबंधन की प्रचंड विजय- योगी, कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई- CM, जनता-जनार्दन का अभिनंदन- मुख्यमंत्री योगी , ‘यह जनादेश विकास, सुशासन के मार्ग का समर्थक’, नया बिहार आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहा- योगी

NDA घटक दल के नेता इज़हार अली लखनऊ में,

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लखनऊ- NDA घटक दल के नेता इज़हार अली लखनऊ में, सुहेलदेव भारतीय जन सेवा दल ने BJP को दी बधाई, बिहार चुनाव में NDA की जीत पर दी बधाई, यूपी चुनाव के लिए भी समर्थन का किया एलान

Bihar Result:अखिलेश यादव बोले, बिहार में एसआईआर ने किया खेल… डिप्टी सीएम केशव बोले- 2027 में 2017 दोहराएंगे

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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बिहार चुनाव परिणाम को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इन चुनाव परिणाम से चुनावी साजिश का भंडाफोड़ हो चुका है। बिहार विधानसभा चुनाव के आ रहे रुझान में एनडीए की स्पष्ट बहुमत से सरकार बनती नजर आ रही है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इन परिणामों ने एसआईआर के खेल को उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा दल नहीं छल है।

उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर कहा कि बिहार में जो खेल SIR ने किया है वो प. बंगाल, तमिलनाडू, यूपी और बाक़ी जगह पर अब नहीं हो पायेगा क्योंकि इस चुनावी साज़िश का अब भंडाफोड़ हो चुका है। अब आगे हम ये खेल, इनको नहीं खेलने देंगे। CCTV की तरह हमारा ‘PPTV’ मतलब ‘पीडीए प्रहरी’ चौकन्ना रहकर भाजपाई मंसूबों को नाकाम करेगा। भाजपा दल नहीं छल है।वहीं, यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स पर कहा कि बिहार की तरह यूपी में भी 2027 में भाजपा की सरकार बनेगी। उन्होंने एक्स पर कहा कि मगध जीता, अवध भी जीतेंगे। 2027 में 2017 दोहराएंगे!

 

UP: बुजुर्गों को घर बैठे वृद्धावस्था पेंशन देगी योगी सरकार, 60 साल पूरा होते ही खाते में आने लगेगा धन

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यूपी में वृद्धावस्था पेंशन के लिए बुजुर्गों को अब भटकना नहीं पड़ेगा। सरकार उन्हें घर बैठे पेंशन मुहैया कराएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में 20 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने राज्य में वृद्धावस्था पेंशन को लेकर एक बड़ा निर्णय लिया है। अब पात्र वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन के लिए अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। समाज कल्याण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने बताया कि फैमिली आईडी ‘एक परिवार-एक पहचान’ प्रणाली से पात्र लाभार्थियों का स्वतः चिन्हीकरण होगा और उनकी सहमति मिलने पर पेंशन सीधे स्वीकृत की जाएगी। वर्तमान में 67.50 लाख वरिष्ठ नागरिक इस योजना का लाभ ले रहे हैं, लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं जो प्रक्रिया पूरी न कर पाने के कारण पेंशन से बाहर रह जाते हैं। नया फैसला इसी समस्या को हल करने पर केंद्रित है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में 20 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।बैठक के बाद फैसले की जानकारी देते हुए समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने कहा कि नई व्यवस्था में फैमिली आईडी के आधार पर उन नागरिकों की सूची स्वतः तैयार होगी, जिनकी आयु अगले 90 दिनों में 60 वर्ष होने जा रही है। यह सूची एपीआई के माध्यम से समाज कल्याण विभाग के पेंशन पोर्टल पर भेजी जाएगी। विभाग सबसे पहले एसएमएस, व्हाट्सऐप और फोन कॉल जैसे डिजिटल माध्यमों से पात्र नागरिकों से सहमति लेगा। जिनकी सहमति डिजिटल रूप से नहीं मिलेगी, उनसे ग्राम पंचायत सहायक, कॉमन सर्विस सेंटर या विभागीय कर्मचारी भौतिक रूप से संपर्क करेंगे। दोनों स्तरों पर सहमति न मिलने पर ऐसे नाम प्रक्रिया से हटा दिए जाएंगे।उन्होंने बताया कि सहमति मिलने के बाद योजना अधिकारी 15 दिनों के भीतर डिजिटल सिग्नेचर के माध्यम से पेंशन स्वीकृत करेंगे और स्वीकृति पत्र लाभार्थी को डाक से भेजा जाएगा। भुगतान सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खाते में किया जाएगा और हर किस्त की जानकारी एसएमएस द्वारा उपलब्ध होगी। सरकार एक मोबाइल ऐप भी उपलब्ध कराएगी, जिसमें लाभार्थी पासबुक की तरह अपने सभी भुगतान देख सकेंगे।

 

 

Auraiya: घर में घुसकर वृद्ध की सिर कूचकर की हत्या, चारपाई पर पड़ा था खून से लथपथ शव, जांच में जुटी पुलिस

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Auraiya News: अजीतमल क्षेत्र में बुधवार रात को किराने की दुकान चलाने वाले वृद्ध की घर के बरामदे में सोते समय सिर कूचकर हत्या कर दी गई। सुबह परिजनों ने उनका शव खून से लथपथ देखा, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।औरैया जिले में अजीतमल क्षेत्र के ग्राम मोहारी में बुधवार रात को घर में सो रहे वृद्ध की सिर कूचकर हत्या कर दी गई। सुबह परिजन के जागने पर घटना की जानकारी हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। मोहारी निवासी प्रेमसिंह शर्मा का घर हाईवे पर ही बना हुआ है। वह हाईवे किनारे ही किराने की दुकान का संचालन करते हैं। रोज की तरह वह बुधवार रात को दुकान बंद कर घर में बने बरामदे में सोने चले गए थे।परिवार के बाकी सदस्य घर के अंदर सो रहे थे। सुबह जब परिजन उठे, तो देखा कि प्रेमसिंह का शव चारपाई पर खून से लथपथ पड़ा था। उनके सिर पर किसी भारी चीज से प्रहार किया गया था। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। परिजन में कोहराम मचा है। अभी परिजन हत्या का कारण नहीं बता पा रहे हैं। पुलिस जांच में जुटी है।

Auraiya: मकान में हो रही थी नकली डीएपी की पैकिंग, पांच गिरफ्तार, 103 बोरी नकली DAP भी बरामद

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नकली डीएपी की पैकिंग किए जाने का मामला सामने आया है। 103 बोरी नकली DAP भी बरामद हुई है। इफको और इंडोरामा कंपनी की बोरियों में नकली डीएपी भरी जा रही थी।डीएपी की मारामारी के बीच ककोर स्थित औद्योगिक क्षेत्र में बने एक मकान में नकली डीएपी की धड़ल्ले से पैकिंग की जा रही थी। सूचना मिलने के बाद डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी के आदेश पर टीम ने गुरुवार को छापा मारा। इस दौरान इफको और इंडोरामा कंपनी की बोरियों में डीएपी की पैकिंग करते मकान मालिक समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। एफआईआर दर्ज करने के साथ ही पूरा स्टॉक सीज कर दिया गया है।

गेहूं की बोआई के लिए इन दिनों डीएपी की किसानों को जरूरत है। हाल यह है कि समितियों पर डीएपी उपलब्ध नहीं है तो वहीं दुकानदार किसानों से अधिक कीमत वसूल कर रहे हैं। इसी का फायदा उठाकर ककोर में प्लास्टिक सिटी स्थित औद्योगिक क्षेत्र में बने एक मकान में नकली डीएपी की पैकिंग की जा रही है। इसकी सूचना पुलिस को हुई तो उन्होंने डीएम को जानकारी दी।डीएम के आदेश पर बुधवार रात 10 बजे के करीब जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह, नायब तहसीलदार फफूंद अशोक कुमार पुलिस बल के साथ मकान पर पहुंचे। यहां मकान खुलवाकर अंदर देखा तो उनके होश उड़ गए। यहां धड़ल्ले से इफको और इंडारामा कंपनी की बोरियों में नकली डीएपी की पैकिंग की जा रही थी। मौके पर दोनों कंपनियों की 113 खाली बोरियां और सिलाई मशीन भी बरामद हुई। वहीं इफको डीएपी की छह पैक और 25 अनपैक और इंडोरामा की चार पैक बोरियां भी रखीं थीं।

इसके अलावा 103 बोरियां ऐसी थीं, जिन पर कोई भी प्रिंट नहीं था। इन्हीं में रखी नकली डीएपी को ब्रांडेड कंपनियों की बोरियों में भरा जा रहा था। पैकिंग के लिए सिलाई मशीन भी यहां रखी गई थी। टीम ने मौके से पांच लोगों को गिरफ्तार भी किया है। इसमें लुखरपुरा निवासी मकान मालिक प्रीतम सिंह के अलावा कानपुर देहात के झींझक निवासी सौरभ यादव, दिबियापुर के उमरसाना निवासी दीपक व मुकेश और याकूबपुर निवासी विपिन शामिल हैं। सभी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के विरुद्ध जिला कृषि अधिकारी ने दिबियापुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। टीम ने इफको और इंडोरामा कंपनी की पैक्ड बोरियों से दो नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं।

भाग्यनगर ले जाया गया पूरा स्टॉक
मकान से बरामद नकली डीएपी की बोरियां व अन्य पूरा स्टॉक ट्रैक्टर से लादकर भाग्यनगर स्थित राजकीय बीज भंडार ले जाया गया। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर स्टॉक को सीज कर दिया गया है। जिस परिसर में नकली डीएपी की पैकिंग की जा रही थी, वहां कोई लाइसेंस विभाग द्वारा जारी नहीं किया गया है।

राजस्थान से आती थी नकली डीएपी
सूत्रों के अनुसार नामचीन कंपनियों की बोरियों में पैक करने के लिए नकली डीएपी राजस्थान से मंगाई जा रही थी। पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में यह खुलासा गया है। इसके बाद वह इस नकली डीएपी को औरैया, कानपुर देहात व अन्य आसपास के जिलों में खपाते थे। टीम ने आरोपियों से इफको और इंडोरामा कंपनियों की खाली बोरियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।

ट्रक ड्राइवरों में हड़कंप! कैलिफ़ोर्निया ने 17,000 विदेशी लाइसेंस रद्द किए, भारतीयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई

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नेशनल डेस्क: कैलिफ़ोर्निया प्रशासन ने लगभग 17,000 विदेशी ट्रक ड्राइवरों के कमर्शियल लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कदम से बड़ी संख्या में भारतीय और भारतीय मूल के चालक प्रभावित हो सकते हैं, जो बीते वर्षों में अमेरिका में ट्रक चालकों की कमी को पूरा करने में अहम भूमिका निभा रहे थे। राज्य सरकार का यह निर्णय कई गंभीर हादसों और लाइसेंस से जुड़ी अनियमितताओं के कारण लिया जा रहा है।

 

क्यों लिए जा रहे हैं ये सख्त कदम?

हाल के महीनों में कई घातक सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें कुछ अवैध विदेशी ट्रक ड्राइवर शामिल पाए गए। जांच में पता चला कि कई ड्राइवरों के लाइसेंस की अवधि उनकी अमेरिका में रहने की वैध अवधि से ज्यादा थी। इस विसंगति को गंभीर सुरक्षा खतरे के रूप में देखते हुए राज्य ने इन्हें अवैध घोषित कर लाइसेंस रद्द करने का निर्णय लिया।

 

भारतीय ट्रक ड्राइवर सबसे ज्यादा प्रभावित क्यों?

कैलिफ़ोर्निया ने स्पष्ट नहीं बताया कि कौन-कौन से देशों के लोग इस फैसले से प्रभावित होंगे, लेकिन माना जा रहा है कि भारतीय और भारतीय मूल के चालक बड़ी संख्या में इस श्रेणी में आएंगे। लॉस एंजिल्स टाइम्स की एक पुरानी रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दशक में भारत से आए सिख समुदाय ने अमेरिका के ट्रकिंग उद्योग में कर्मचारियों की भारी कमी को पूरा किया था। ऐसे में यह निर्णय सीधे इन पर असर डालेगा।

 

गवर्नर न्यूजॉम का बयान क्या कहता है?

कैलिफ़ोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूजॉम ने बताया कि कई लाइसेंस इसलिए अमान्य घोषित किए जा रहे हैं क्योंकि उनकी वैधता अमेरिका में रहने की अनुमति से अधिक समय तक दर्ज की गई थी। एजेंसी AP के मुताबिक राज्य परिवहन विभाग ने भी इसकी पुष्टि की कि यह नियमों का स्पष्ट उल्लंघन था, इसलिए इन्हें रद्द किया जाना जरूरी था।

 

हाल की दुर्घटना के बाद बढ़ी चिंता

हाल ही में कैलिफ़ोर्निया में एक भारतीय अवैध ट्रक ड्राइवर से जुड़े हादसे में तीन लोगों की मौत हुई थी। घटना के बाद अवैध लाइसेंस और ड्राइविंग नियमों पर बहस तेज हो गई। यह मुद्दा अब ट्रंप प्रशासन और डेमोक्रेटिक सरकार के बीच टकराव का कारण भी बन गया है।

 

अंग्रेजी दक्षता और फंडिंग विवाद

➤ अधिकारियों ने बताया कि 2025 में लगभग 7,000 अमेरिकी ट्रक चालकों को अंग्रेजी दक्षता टेस्ट में फेल होने के बाद सेवा से बाहर किया गया था।

➤ इसके बाद सरकार ने कैलिफ़ोर्निया की $40 मिलियन फंडिंग रोक दी, यह आरोप लगाते हुए कि राज्य अंग्रेजी भाषा संबंधी नियम लागू नहीं कर रहा।

➤ साथ ही चेतावनी दी गई कि अगर अवैध लाइसेंस तुरंत रद्द नहीं किए गए तो राज्य से $160 मिलियन की वसूली भी की जाएगी।

 

नए वीज़ा नियमों ने बढ़ाई मुश्किल

सितंबर 2025 में लागू हुए नए नियमों के तहत अब केवल तीन तरह के वीज़ा रखने वाले लोग ही कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस के योग्य होंगे:

➤ H-2A — अस्थायी कृषि श्रमिक

➤ H-2B — अस्थायी गैर-कृषि श्रमिक

➤ E-2 — अमेरिकी व्यवसाय में निवेश करने वाले

 

 

Jaypee Infratech MD Arrests: JP इंफ्राटेक के MD मनोज गौड़ गिरफ्तार! ₹12,000 करोड़ की हेराफेरी और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप

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नेशनल डेस्क। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी और महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) मनोज गौड़ को गिरफ्तार कर लिया है। यह उनकी दूसरी गिरफ्तारी है। इस बार ईडी ने उन्हें ₹12,000 करोड़ रुपये के कथित हेराफेरी और मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) मामले में शिकंजे में लिया है।

घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी से जुड़ा है मामला

मनोज गौड़ के खिलाफ यह जांच मुख्य रूप से घर खरीदारों (Homebuyers) के साथ हुई कथित धोखाधड़ी के मामले से संबंधित है जिसके कारण हजारों निवेशक वर्षों से परेशान हैं। ईडी ने गुरुवार को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA – Prevention of Money Laundering Act) के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए मनोज गौड़ को गिरफ्तार किया।

FIR और आरोप

जेपी इंफ्राटेक के प्रमोटरों के खिलाफ 2017 में भी FIR दर्ज हुई थी। एफआईआर में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी और आपराधिक साज़िश का आरोप लगाया गया था। आरोप है कि जेपी विशटाउन (JIL) और जेपी ग्रीन्स (JAL) जैसी आवासीय परियोजनाओं में अपार्टमेंट और प्लॉट आवंटित करने का झांसा देकर घर खरीदारों और निवेशकों को निवेश करने के लिए प्रलोभन दिया गया था।

छापेमारी में मिली नकदी और दस्तावेज़

ईडी ने अपनी जांच के दौरान कई जगहों पर छापेमारी की थी, जिससे महत्वपूर्ण सबूत हाथ लगे थे:

छापेमारी: ईडी ने मई में दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और मुंबई में जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड, जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) और उनकी संबद्ध संस्थाओं से जुड़े 15 ठिकानों पर तलाशी ली थी।

 

जब्ती: इस दौरान ₹1.7 करोड़ से अधिक की नकदी जब्त की गई थी। इसके अलावा प्रमोटरों, उनके परिवार के सदस्यों और समूह की कंपनियों के नाम पर संपत्ति के दस्तावेज़, वित्तीय दस्तावेज़ और डिजिटल डेटा भी ज़ब्त किए गए।

 

मनोज गौड़ की गिरफ्तारी से यह स्पष्ट है कि जांच एजेंसी इस जटिल और बड़े वित्तीय अपराध मामले को अंतिम अंजाम तक पहुंचाने की दिशा में गंभीरता से काम कर रही है।