Sunday, February 15, 2026
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UGC: यूजीसी के बहाने बढ़त लेने के मूड में सपा-बसपा, सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर टिकी भाजपा की नजर

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यूजीसी ने जहां भाजपा के चुनावी समीकरण गड़बड़ा दिए हैं, वहीं सपा-बसपा दोनों ही इसका लाभ उठाने की कोशिश कर रही हैं। सपा-बसपा दोनों ही पार्टियों की नजर इस बार ब्राह्मण सहित सामान्य वोट बैंक पर है जो यूजीसी के कारण भाजपा से नाराज चल रहा है। सपा का आकलन है कि यदि सामान्य वर्ग का एक हिस्सा वोट भी उसके साथ वापस आ जाता है तो विधानसभा चुनाव में वह बढ़त हासिल कर सकती है। वहीं, प्रदेश में अपनी मजबूत वापसी के लिए कोशिश कर रही बसपा एक बार फिर ब्राह्मणों को साधकर 2007 का करिश्मा दोहराना चाहती है।

समाजवादी पार्टी इस समय हरिशंकर तिवारी के बेटे विनय शंकर तिवारी को आगे रखकर प्रदेश के ब्राह्मणों के बीच छोटी-छोटी बैठक कराकर अपने से जोड़ने की कोशिश कर रही है। माता प्रसाद पांडेय को नेता प्रतिपक्ष बनाकर भी उसने ब्राह्मणों को एक संदेश देने का काम किया है। अखिलेश यादव ने यूजीसी विवाद के बाद जिस तरह ‘किसी के साथ भी अन्याय न होने’ की बात कही है, उसे ब्राह्मणों सहित अन्य सामान्य वर्ग को साधने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

ये इतिहास सपा के साथ

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आईपी सिंह ने अमर उजाला से कहा कि यूपी का अब तक का इतिहास रहा है कि जो लोकसभा चुनाव में बढ़त हासिल करता है, प्रदेश में उसकी सरकार बनती है। भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव में बढ़त हासिल की थी, उसे 2017 में यूपी में सरकार बनाने का अवसर मिला। उसने 2019 के लोकसभा चुनाव में यूपी में बढ़त हासिल की और 2022 में भी सरकार बनाई।

लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में यूपी में भाजपा को झटका लगा, जबकि समाजवादी पार्टी ने शानदार बढ़त हासिल की। सपा ने कांग्रेस के साथ मिलकर यूपी की 43 सीटों पर जीत हासिल की। विधानसभा वार इस परिणाम का आकलन करें तो समाजवादी पार्टी को 235 विधानसभा सीटों पर साफ बढ़त मिलती हुई दिखाई देती है। यही कारण है कि सपा अपना प्रदर्शन बेहतर करने के लिए पीडीए वर्ग के साथ-साथ ब्राह्मणों और अन्य सामान्य वर्ग को साधने की कोशिश कर रही है। आईपी सिंह का दावा है कि इस बार समाजवादी पार्टी प्रदेश में सरकार बनाने में सफल रहेगी।

समाजवादी पार्टी का अनुमान है कि यूजीसी विवाद के साथ-साथ स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद से भी उसको लाभ हो सकता है।

बसपा को अपनी मजबूत वापसी का भरोसा

मायावती यूपी में एक बार फिर अपने पैरों पर खड़ी होने की पुरजोर कोशिश कर रही हैं। बसपा का अनुमान है कि यूजीसी विवाद बढ़ने पर ब्राह्मण मतदाता भाजपा से दूर छिटकते हैं तो वे उसके पास आ सकते हैं और उसके लिए 2007 का ‘जिताऊ समीकरण’ तैयार हो सकता है। सतीश चंद्र मिश्रा के नेतृत्व में बसपा ने एक बार फिर ब्राह्मणों को साधने की कोशिशें शुरू कर दी हैं। यूजीसी विवाद ने पार्टी को नई उम्मीद देने का काम किया है।

बसपा प्रवक्ता फैजान खान ने अमर उजाला से कहा कि उनकी नेता मायावती ने साफ कह दिया है कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर यह निर्णय किया गया होता तो आज यह तनाव की स्थिति पैदा न होती। उन्होंने कहा कि विभिन्न समाजों के बीच जो तनावपूर्ण माहौल बन रहा है, उसे हर हालत में टालने की कोशिश की जानी चाहिए। फैजान खान ने दावा किया कि उनकी नेता मायावती के नेृत्व में हर वर्ग को न्याय सुनिश्चित होगा।

जानबूझकर संघर्ष बढ़ाने की कोशिश कर रही भाजपा- अजय कुमार लल्लू

उत्तर प्रदेश के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने आरोप लगाया कि भाजपा जानबूझकर एक संघर्ष की स्थिति पैदा करना चाहती है जिससे लोगों का असली मद्दों से ध्यान भटक जाए। उन्होंने कहा कि उनके नेता राहुल गांधी ओबीसी समुदाय की ज्यादा भागीदारी देने की बात करते हैं। उन्होंने ही जातिगत आरक्षण का मुद्दा उठाकर भाजपा को इस मुद्दे पर सामने आने के लिए मजबूर कर दिया। लेकिन भाजपा ओबीसी समुदाय को कुछ देना नहीं चाहती, लिहाजा वह लोगों के बीच तनाव बढ़ाकर कुछ करने से बचने की कोशिश कर रही है।

अजय कुमार लल्लू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकारों ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में ओबीसी समुदाय को जो अधिकार दिए हैं, भाजपा उसे उन्हें नहीं देना चाहती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर मुखर रहेगी और ओबीसी समुदाय का हित सुरक्षित करेगी।

सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का इंतजार – भाजपा

भाजपा अभी इस मुद्दे पर कुछ भी कहने से बचने की कोशिश कर रही है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने शुक्रवार को कहा कि यह मुद्दा सर्वोच्च न्यायालय के सामने विचाराधीन है। ऐसे में पार्टी इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहेगी। लेकिन उन्होंने कहा कि भाजपा किसी भी वर्ग के साथ कोई अन्याय नहीं होने देगी।

 

Auraiya News: एक्सप्रेसवे पर टकराए पांच डंपर और ट्रक, चार घायल

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औरैया। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर कोहरे के चलते टोल के पास बृहस्पतिवार सुबह ट्रक व पांच डंपर आपस में टकरा गए। हादसे में ट्रक के केबिन में फंसे चालक समेत चार लोग घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वाहनों के टकराने के बाद एक्सप्रेसवे पर पपीता, डस्ट व मौरंग फैलने से एक लेन पर यातायात शाम चार बजे तक बाधित रहा। पुलिस व एक्सप्रेसवे कमियों ने वाहनों व सामान को हटवाकर यातायात सामान्य कराया।सदर कोतवाली क्षेत्र से निकले बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे स्थित टोल किलोमीटर संख्या 245 पर सुबह करीब सात बजे पपीता से लदा ट्रक कोहरे के कारण अनियंत्रित होकर पलट गया। इसके बाद पीछे से आ रहे पांच डंपर ट्रक में घुस गए। हादसे में वाहनों में लदा पपीता, मौरंग और डस्ट एक्सप्रेसवे पर फैल गई। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और एक्सप्रेसवे की राहत टीम मौके पर पहुंची। क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को किनारे किया गया। ट्रक की केबिन में फंसे चालक को बाहर निकाला गया। हादसे में घायल चार लोगों को पुलिस एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले गई। सभी डंपर लोड होने के कारण उन्हें एक्सप्रेसवे से हटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। डपंरों को खाली कराकर क्रेन की मदद से हटाया गया। इसके चलते शाम चार बजे तक एक लेन बाधित रही।

घायलों में फिरोजाबाद के थाना जसराना के गांव खुदकपुरा निवासी राधिश पाल बंगलुरू से पपीता लादकर चंदौसी जा रहे थे। हादसे में ट्रक की केबिन में फंसकर घायल हो गए। वहीं इटावा स्थित वैदपुरा के गांव नीदनपुर निवासी रोहित, मैनपुरी स्थित थाना किशनी के गांव चतुरीपुर निवासी वियोम कैश इटावा स्थित चौबिया के गांव टिसुवादेव निवासी खलासी मोनू के झांसी से डस्ट लादकर मैनपुरी जा रहे थे। हादसे में डंपर सवार तीनों घायल हो गए।

Auraiya News: बीहड़ क्षेत्र में निपुण आकलन में चुनौतीपूर्ण बना नेटवर्क

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औरैया। जिलेभर के 144 परिषदीय स्कूलों में चल रहा निपुण आकलन सर्वे बीहड़ में पहुंचते ही चुनौतीपूर्ण बन रहा है। यहां पर नेटवर्क न मिलने की वजह से एप से सर्वे करने में डीएलएड प्रशिक्षु परेशान हो रहे हैं। ऐसे में सर्वे को पूरा करने के लिए उन्हें स्कूल परिसर के इधर से उधर चक्कर लगाने पड़ते हैं।शासन के निर्देश पर जिले में निपुण आकलन सर्वे की शुरुआत हो चुकी है। जिले में 72 टीमों को सर्वे करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्कूलों में डीएलएड प्रशिक्षु मोबाइल से सर्वे करने पहुंच रहे है। यहां पर बच्चों के शाब्दिक ज्ञान को एप के जरिए परखा जा रहा है लेकिन बीहड़ में नेटवर्क न आने से एप काम नहीं कर रहा है।

डीएलएड प्रशिक्षु स्कूल परिसर में नेटवर्क आने वाले स्थान को पहले जांच रहे हैं। इसके बाद बच्चों को बारी-बारी से उसी स्थान पर बुलाकर सर्वे कर रहे हैं। इसे लेकर डायट व बीएसए कार्यालय में कंट्रोल रूम से डीएलएड प्रशिक्षुओं का लगातार सहयोग भी किया जा रहा है। बीएसए संजीव कुमार ने बताया कि बीहड़ के कुछ स्कूलों में नेटवर्क की समस्या आ रही है। इसके लिए कंट्रोल रूम से सर्वे टीम का लगातार सहयोग किया जा रहा है।

सनी बना शैतान: आधी रात को घोंट दिया पत्नी का गला, हत्या के बाद साले को फोन कर बोला- लड़ाई हो गई थी

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गुरुग्राम सेक्टर-37 थाना के अंतर्गत खांडसा में 28/29 जनवरी की रात को एक युवक ने अपनी पत्नी का गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद करीब 12 घंटे बाद 29 जनवरी को दोपहर बाद आरोपी ने अपने साले को कॉल करके पत्नी के साथ मारपीट होने के बारे में जानकारी दी थी। इसके बाद जब गुरुग्राम में रह रहा मृतका का दूसरा भाई व उसकी बहन 29 जनवरी की शाम को कमरे पर पहुंचने पर हत्या के बारे में पता चला। हत्या करने के बाद आरोपी पति भाग गया है। सूचना मिलने पर सेक्टर-37 थाने की पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और मोर्चरी में पहुंचाया।

चार साल से रह रहे थे गुरुग्राम में
मृतका की पहचान ओरैया (उत्तर प्रदेश) के खास भरा निवासी शीलू (27) के रूप में हुई। उसकी शादी आठ साल पहले कानपुर (उत्तर प्रदेश) के रानी घाट कॉलोनी निवासी सनी दयाल के साथ हुई थी। दंपती के दो बच्चे हैं, जिसमें सात साल का बेटा व तीन साल की बेटी है। दंपती करीब 4 साल से गुरुग्राम के खांडसा में किराये पर रह रहे हैं। सनी दयाल दिहाड़ी-मजदूरी करता है। वहीं, शीलू भी कई बार दिहाड़ी का काम करती थी। बताया जा रहा है कि शीलू का कई बार अपने पति सनी दयाल के साथ झगड़ा हो चुका था, जिसमें परिवार वालों की ओर से दोनों को समझाया भी जा चुका था।

बच्चों को हत्या से पहले नाना-नानी के घर छोड़ गया था
मृतका शीलू के भाई कपिल में बताया 29 जनवरी की दोपहर बाद करीब 3.30 बजे उसे शीलू की मौत के बारे में पता चला। कपिल गुरुग्राम के सेक्टर-37 में नौकरी करता है और यहीं किराये पर रहता है। कपिल ने बताया कि उसका जीजा दोनों बच्चों को करीब 10 दिन पहले नाना-नानी के पास छोड़ आया था।

भाई को फोन कर बोला- बहन को संभाल लो
पुलिस जांच में सामने आया कि 28/29 जनवरी की रात को किसी बात पर झगड़ा होने के बाद सनी दयाल ने अपनी पत्नी शीलू का गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद करीब 12 घंटे बाद सनी दयाल ने 29 जनवरी की दोपहर बाद 3 बजे ओरैया के खास भरा में रहने वाले अपने छोटे साले आलोक को कॉल करके बताया कि शीलू के साथ झगड़ा होने के बाद मारपीट हो गई है, उसे आकर संभाल लो।

बड़ी बहन ने देखी सबसे पहले लाश
आलोक ने अपनी बड़ी बहन नीरज को कॉल करके सनी दयाल के फोन आने व शीलू की तबीयत खराब होने की जानकारी दी। नीरज ने अपने पति रवि ने कंपनी में कपिल के पास भेजा। इसके बाद कपिल, रवि व नीरज जब शीलू के कमरे पर गए तो वह मृत अवस्था में पड़ी थी। इसके बाद पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर सेक्टर-37 थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और एफएसएल, फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों की टीम से घटनास्थल का निरीक्षण कराकर साक्ष्य एकत्रित किए।

पुलिस बोली- सनी गायब है
जांच अधिकारी एसआई महेश ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले की छानबीन की जा रही है। हत्या करने बाद आरोपी सनी दयाल गायब है। उसके मोबाइल की लोकेशन के साथ ही उसके छिपने के संभावित ठिकानों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही शीलू के हत्यारोपी पति को गिरफ्तार किया जाएगा।

Kanpur Weather: 48 घंटे में 6.8 डिग्री लुढ़का पारा; 31 से ओलावृष्टि-बारिश के आसार, पछुआ हवा छुड़वाएगी कंपकंपी

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कानपुर में हवाओं की बढ़ती रफ्तार और धूप कम निकलने से 48 घंटों में दिन का पारा 6.8 डिग्री लुढ़क गया है। गुरुवार शाम ठंडी हवाओं की रफ्तार बढ़ने सेे ठिठुरन भी बढ़ गई। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि शनिवार को पश्चिमी विक्षोभ आने के बाद अगर चक्रवाती हवाओं का घेरा बना तो बारिश होगी।

31 जनवरी से दो फरवरी के बीच स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश, ओलावृष्टि की भी संभावना है। गुरुवार को दिन भर बादल छाए रहे। 24 घंटे में दिन का अधिकतम पारा 3.9 डिग्री और रात का न्यूनतम पारा 2.6 डिग्री नीचे आ गया। करीब चार किमी प्रति घंटा की रफ्तार से बही दक्षिणी-पश्चिमी हवा ने ठंड में इजाफा कर दिया। 

पश्चिमी हवाएं मैदानी इलाकों में कंपकंपी छुड़वाएंगी
शनिवार को एक और पश्चिमी विक्षोभ पहुंचेगा। इससे हिमालयीय क्षेत्र में तेज बारिश और बर्फबारी होगी, उसके बाद पश्चिमी हवाएं कानपुर परिक्षेत्र समेत गंगा के मैदानी इलाकों में कंपकंपी छुड़वाएंगी। वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि कोहरे की पर्त ऊपर की ओर चली गई है।

Kanpur Weather Temperature drops by 6.8 degrees in 48 hours hailstorm and rain expected from the 31st

सुबह और रात को हल्का कोहरा रहने की संभावना
इससे धूप नरम पड़ गई है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से भी नम हवाएं आ रही हैं। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि आने वाले पांच दिनों तक बादल छाए रहेंगे। एक और दो फरवरी को तेज हवाएं चलेंगी। गरज के साथ ओलावृष्टि हो सकती है। स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश और सुबह और रात को हल्का कोहरा रहने की संभावना है।

UP: BJP MLA ने घेरा मंत्री स्वतंत्र देव का काफिला, सुरक्षाकर्मियों-कार्यकर्ताओं में झड़प, अखिलेश ने कसा तंज

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महोबा जिले में एक दिवसीय महोबा भ्रमण पर आए जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का युवा उद्घोष कार्यक्रम से लौटते समय भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत और उनके समर्थकों ने काफिला रोक लिया। इस दौरान विधायक व उनके समर्थकों ने जल जीवन मिशन के तहत खोदी गई सड़कों की बदहाली बताई। विरोध के दौरान कार्यकर्ताओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच तीखी झड़प हुई।

अखिलेश ने कसा तंज
वहीं इस मामले में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए लिखा, भाजपा के ‘डबल इंजन’ ही नहीं डिब्बे भी आपस में टकरा रहे हैं। पैसे कमाने और जमीन कब्जाने में लगे भाजपा के मंत्री हों या विधायक, इनमें से कोई भी जनता या विकास का काम नहीं कर रहे हैं। इसीलिए जनता के गुस्से से बचने के लिए वो एक-दूसरे पर दोषारोपण कर रहे हैं। भाजपा के ही विधायक द्वारा, अपनी ही भाजपा सरकार के मंत्री को बंधक बनाना दर्शाता है कि भाजपा सरकार के विधायक अब अगले चुनाव में हारनेवाले हैं। वैसे ये न सोचा जाए कि ये इन दोनों के बीच की ही लड़ाई है, दरअसल ये तो केवल सैम्पल या कहें नमूना है, हर विधानसभा क्षेत्र में यही हाल है। इस बार भाजपा को चुनाव लड़ने के लिए प्रत्याशी ही नहीं मिलेंगे। भाजपा की सत्ता पटरी से उतर गई है।

गाड़ी हटवाने के लिए खुद उतरे स्वतंत्रदेव 
बताया जा रहा है कि शहर के रामश्री महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के बाद मंत्री का काफिला लौट रहा था। तभी कलक्ट्रेट मार्ग पर बड़ी संख्या में भाजपा विधायक व समर्थकों ने काफिला रोका। सीओ सदर अरुण कुमार सिंह और एसडीएम शिवध्यान पांडेय ने मामले को नियंत्रण में किया। रास्ते से गाड़ी हटवाने के लिए स्वतंत्रदेव को खुद नीचे उतरकर आना पड़ा।

गाड़ी से नीचे उतरे मंत्री, विधायक से हुई कहासुनी
काफिला रुकने के बाद जलशक्ति मंत्री वाहन से नीचे उतर आए। इस दौरान विधायक से उनकी तीखी नोकझोंक हुई। पूरा मामला पहले से प्लानिंग के तहत माना जा रहा है। चरखारी विधायक के साथ बड़ी संख्या में पहले से ही समर्थक कलक्ट्रेट मार्ग पर पहुंच गए थे। बीच सड़क पर गाड़ियां लगाकर काफिला रोका गया। जब मंत्री गाड़ी से उतरे तो कहासुनी हुई।

समर्थकों को अलग कराकर काफिला आगे बढ़ाया
इसके बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए समर्थकों को सड़क से अलग कराया और काफिला आगे बढ़वाया। भाजपा विधायक के साथ बड़ी संख्या में प्रधान भी पहुंचे। जिनका कहना था कि जल जीवन मिशन से खोदी गई सड़कों की दशा खराब है, जिन्हें आजतक दुरुस्त नहीं कराया गया। साथ ही, कई गांवों में अभी तक पानी नहीं पहुंच रहा है। तीन साल से समस्या बरकरार है। एसडीएम शिवध्यान पांडेय ने बताया कि विधायक के समर्थकों ने समस्या बताने के लिए जलशक्ति मंत्री के काफिले को रोका था। इसके बाद में समर्थकों को अलग कराकर काफिला आगे बढ़ाया गया।

मंत्री ने विधायक से कहा- सड़कें खुदी मिली, तो अफसरों को सस्पेंड कर दूंगा
काफिला रोकने के बाद चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत और जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव के बीच बातचीत हुई। मंत्री ने कहा कि जहां कोई शिकायत है, वहां मुझे लेकर चलो। उस गांव में मैं खुद चलता हूं। 40 गांवों में कहोगे तो मैं सभी जगह चेक करने चलूंगा, मेरे साथ अफसर हैं। सभी जगह देखूंगा, लापरवाही मिलने पर अफसरोंं को सस्पेंड कर दूंगा। आप मेरे साथ मेरी गाड़ी में चलिए।

इंस्पेक्टर ने दिखाई आंख तो, समर्थक बोला- खा जाओगे क्या
काफिला रोकने और झड़प के बाद जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत को अपनी गाड़ी में बैठाया। इस दौरान विधायक के समर्थकों की इंस्पेक्टर से झड़प हो गई। समर्थकों का कहना था कि पूरी बात हो जाएगी, वह तभी जाएंगे। इसी दौरान एक समर्थक बोला- आंख क्यों दिखा रहे हो, खा जाओगे क्या। इस पर इंस्पेक्टर ने कहा कि ऐसा नहीं है, बात तो हो रही है।

UP: स्वामी प्रसाद मौर्य बोले- भाजपा की नीति ‘सांप भी मर जाए, लाठी भी न टूटे’; ये OBC और सर्वसमाज को लड़ा रहे

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लखनऊ में स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने आवास पर प्रेसवार्ता की। उन्होंने कहा, जिस कानून को एससी, एसटी और ओबीसी के हित में बताया गया। उसी कानून की पैरवी में सरकार सुप्रीम कोर्ट में क्यों गायब दिखी। अगर नीयत साफ थी, तो अदालत में मजबूती क्यों नहीं दिखी? अगर कानून सही था तो सीनियर वकील क्यों नहीं उतारे गए? क्या जानबूझकर कमजोर पैरवी कराई गई ताकि कानून रुक जाए और सरकार दोनों तरफ से बच जाए? जब विश्वविद्यालयों में 90–95% भर्तियां जनरल की हो रही हैं, तो सामाजिक न्याय कहां हैं? क्या ये वही नीति है। ‘सांप भी मर जाए, लाठी भी न टूटे’ क्या भाजपा एससी, एसटी, ओबीसी और सर्वसमाज को आमने-सामने खड़ा कर राजनीतिक फायदा लेना चाहती है।

Sultanpur: पॉलिथीन के अंदर मिला महिला का कटा हाथ-पैर; खेत में फेंका गया…पुलिस ने कही ये बात

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सुल्तानपुर के लंभुआ क्षेत्र में शुक्रवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब खेत में पॉलिथीन के अंदर एक महिला का कटा हुआ हाथ और पैर बरामद हुआ। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके को घेराबंदी कर सुरक्षित किया। पुलिस ने अवशेषों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक टीम को भी सूचना दी गई है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। महिला की पहचान फिलहाल नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।

UP: सीएम योगी बोले- आशा व आंगनबाड़ी कर्मियों का मानदेय हर माह तय तिथि को मिल जाए; पढ़ें पूरा बयान

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में परियोजनाओं की वित्तीय स्वीकृति प्रक्रिया को तेज, सरल और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि विभागीय मंत्री स्तर से मिलने वाली स्वीकृति की सीमा, जो अभी 10 करोड़ रुपये तक है, उसे बढ़ाकर 50 करोड़ रुपये किया जाए।50 से 150 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं की मंजूरी वित्त मंत्री स्तर से और 150 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की स्वीकृति मुख्यमंत्री स्तर से दी जाए, जिससे परियोजनाओं को समय पर वित्तीय मंजूरी मिले और काम तेजी से आगे बढ़े।

मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे अपनी वार्षिक कार्ययोजना 15 अप्रैल तक हर हाल में स्वीकृत करा लें। समयसीमा का पालन न करने वाले विभागों की सूची मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी परियोजना की लागत में 15% से ज्यादा बढ़ोतरी होने पर विभाग कारण सहित पुनः अनुमोदन प्राप्त करे। 

वित्त विभाग की विस्तृत समीक्षा की

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को वित्त विभाग की विस्तृत समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने राज्य की राजकोषीय स्थिति, बजट प्रबंधन, पूंजीगत व्यय, निर्माण कार्यों की व्यवस्था, एकमुश्त प्रावधान, डिजिटल वित्तीय सुधार, कोषागार प्रक्रियाएं, पेंशन व्यवस्था और विभागीय नवाचारों पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को सुदृढ़, पारदर्शी और रिजल्ट ओरिएंटेड वित्तीय प्रबंधन का आदर्श राज्य बनाना है। इसके लिए सभी विभाग समयबद्धता, गुणवत्ता, पारदर्शिता और डिजिटल प्रक्रियाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने निर्देश दिए कि केंद्र सरकार की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में राज्य गारंटी पॉलिसी लागू की जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि अल्प-वेतनभोगी कर्मियों, जैसे आशा बहनों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय हर माह तय तारीख को उनके बैंक खातों में पहुंच जाए। जिन योजनाओं में केंद्रांश मिलता है, वहां राज्य अपने मद से मानदेय समय पर जारी करे, ताकि किसी कर्मी को देरी न हो। यह व्यवस्था यथाशीघ्र लागू की जाए।

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2023-24 में उत्तर प्रदेश का 1,10,555 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय देश में सबसे अधिक रहा। राज्य ने जितना शुद्ध लोक ऋण लिया, उससे भी ज्यादा राशि पूंजीगत कार्यों पर खर्च की, जो वित्तीय अनुशासन का मजबूत संकेत है।

कुल व्यय का 9.39% निवेश पर खर्च कर उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर रहा। राजकोषीय घाटा, राजस्व घाटा और ऋण/जीएसडीपी अनुपात जैसे सभी संकेतक एफआरबीएम मानकों के अनुरूप रहे। वर्ष 2024-25 में राज्य की कुल देयताएं घटकर जीएसडीपी के 27% पर आ गईं। नीति आयोग के अनुसार उत्तर प्रदेश का कंपोजिट फिस्कल हेल्थ इंडेक्स 2014 में 37 से बढ़कर 2023 में 45.9 हो गया है और राज्य फ्रंट रनर श्रेणी में पहले स्थान पर है।

मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि आरबीआई की रिपोर्ट में भी राज्य का अपना कर राजस्व राष्ट्रीय हिस्सेदारी में 11.6% के साथ देश में दूसरे स्थान पर बताया गया है। विकास व्यय (जीएसडीपी अनुपात में) राष्ट्रीय औसत से लगातार अधिक रहा है और स्वास्थ्य व्यय में भी उत्तर प्रदेश प्रमुख राज्यों में शीर्ष पर है।

वित्त विभाग ने पिछले तीन वर्षों में बजट, कोषागार और डिजिटल वित्तीय प्रशासन में ऑनलाइन बजट मॉड्यूल, वेंडर मैनेजमेंट सिस्टम, साइबर ट्रेज़री, पूरी तरह ऑनलाइन बिल प्रेषण, जीपीएफ अनियमितताओं की रोकथाम, वेतन बिलों का एजी को ऑनलाइन भेजना, डिजिलॉकर पर जीपीएफ स्लिप उपलब्ध कराना जैसे कई सुधार किए है। कोषागार सुधारों के तहत साइबर ट्रेजरी के माध्यम से खातों का पूर्णत: पेपरलेस प्रेषण अप्रैल 2026 तक पूरा हो जाएगा।

फर्म्स, सोसाइटी एवं चिट्स विभाग के नवाचारों के बारे में बताया गया कि विभाग ने अपनी सभी प्रमुख सेवाओं को डिजिटल किया है। पुराने अभिलेख डिजिटल हो रहे हैं। ‘सादर’ पोर्टल के माध्यम से जनता को अभिलेखों तक आसान पहुँच मिली है। वाद प्रबंधन प्रणाली विकसित की गई है और नीति आयोग के ‘दर्पण’ पोर्टल के साथ एकीकृत होने वाला उत्तर प्रदेश पहला राज्य बन गया है। 

शासकीय भवनों के अनुरक्षण व्यवस्था पर ये बात कही

शासकीय भवनों के अनुरक्षण व्यवस्था पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुबंधों में एकरूपता का अभाव है। सड़क निर्माण की तर्ज पर सभी नए भवनों में 5 वर्ष का भुगतान-आधारित अनुरक्षण अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। उन्होंने पुराने भवनों के अनुरक्षण के लिए कॉर्पस फंड बनाने की आवश्यकता बताई।

निर्माण गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि भवन, सड़क, सेतु, सीवर लाइन और जलापूर्ति पाइपलाइन जैसी परियोजनाओं का थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट आईआईटी, एनआईटी और राज्य/सरकारी तकनीकी संस्थानों से कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने वित्तीय अनुशासन, पूंजीगत व्यय और राजस्व संवर्धन में देश में नया मानक स्थापित किया है। अब लक्ष्य यह है कि खर्च की गुणवत्ता और डिजिटल पारदर्शिता को और मजबूत करते हुए प्रदेश को भारत का सबसे सक्षम और विश्वसनीय वित्तीय प्रशासन वाला राज्य बनाया जाए।

Lucknow: विमान की इमरजेंसी लैंडिंग…285 यात्रियों को सांस लेने में हुई दिक्कत, सऊदी जा रहा था, इस वजह से लौटा

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लखनऊ के चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट से जेद्दा जा रहा सऊदी अरबिया एयरलाइंस का विमान शुक्रवार दोपहर अचानक रास्ते से वापस लौट आया। विमान की लखनऊ एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। इसको लेकर एयरपोर्ट अधिकारियों में अफरा तफरी मच गई। जानकारी होने पर विमान में सवार यात्री भी दहशत में आ गए। फिलहाल सभी यात्री सुरक्षित हैं और विमान में आई खराबी दूर करने के लिए इंजीनियरों की टीम लगा दी गई है।

विमान में क्रू मेंबर सहित 285 यात्री सवार थे

एयरपोर्ट सूत्रों ने बताया कि लखनऊ एयरपोर्ट से दोपहर 12:05 बजे जेद्दा जाने वाला सऊदी अरबिया एयरलाइंस का विमान (एसवी 891) शुक्रवार को दोपहर करीब 12:25 बजे रवाना हुआ। विमान जेद्दा जा रहा था, तभी रास्ते में केबिन प्रेशर की समस्या आ गई। इसकी जानकारी मिलते ही पायलट ने नजदीकी एयरपोर्ट मुंबई में इमरजेंसी लैंडिंग के लिए एटीसी से संपर्क किया। लेकिन, वहां लैंडिंग की अनुमति नहीं मिल सकी।

जिसके बाद पायलट ने लखनऊ एयरपोर्ट के एटीसी से संपर्क कर इमरजेंसी लैंडिंग कराने को कहा। बाद में करीब 1:45 बजे विमान को लखनऊ एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया गया। विमान में क्रू मेंबर सहित 285 यात्री सवार थे।

 

केबिन प्रेशर में आई दिक्कत

विमान में केबिन प्रेशर आर्टिफिशियल एयर प्रेशर है, जो हवाई जहाज के अंदर बनाए रखा जाता है। इससे जब विमान 30000 से 40000 फिट की ऊंचाई पर होता है, तब भी विमान में सवार लोगों को सांस लेने में कोई दिक्कत नहीं होती है। केबिन प्रेशर उसे ऊंचाई में भी 6000 से 8000 फीट की ऊंचाई के बराबर वाला एयर प्रेशर बनाए रखता है।

इससे यात्री आसानी से सांस लेते रहते हैं। लेकिन सूत्रों ने बताया कि उक्त विमान में केबिन प्रेशर की समस्या होने के कारण यात्रियों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी थी। इसी वजह से विमान को रास्ते से वापस लौटना पड़ा।