महोबा जिले में एक दिवसीय महोबा भ्रमण पर आए जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का युवा उद्घोष कार्यक्रम से लौटते समय भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत और उनके समर्थकों ने काफिला रोक लिया। इस दौरान विधायक व उनके समर्थकों ने जल जीवन मिशन के तहत खोदी गई सड़कों की बदहाली बताई। विरोध के दौरान कार्यकर्ताओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच तीखी झड़प हुई।
अखिलेश ने कसा तंज
वहीं इस मामले में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए लिखा, भाजपा के ‘डबल इंजन’ ही नहीं डिब्बे भी आपस में टकरा रहे हैं। पैसे कमाने और जमीन कब्जाने में लगे भाजपा के मंत्री हों या विधायक, इनमें से कोई भी जनता या विकास का काम नहीं कर रहे हैं। इसीलिए जनता के गुस्से से बचने के लिए वो एक-दूसरे पर दोषारोपण कर रहे हैं। भाजपा के ही विधायक द्वारा, अपनी ही भाजपा सरकार के मंत्री को बंधक बनाना दर्शाता है कि भाजपा सरकार के विधायक अब अगले चुनाव में हारनेवाले हैं। वैसे ये न सोचा जाए कि ये इन दोनों के बीच की ही लड़ाई है, दरअसल ये तो केवल सैम्पल या कहें नमूना है, हर विधानसभा क्षेत्र में यही हाल है। इस बार भाजपा को चुनाव लड़ने के लिए प्रत्याशी ही नहीं मिलेंगे। भाजपा की सत्ता पटरी से उतर गई है।
बताया जा रहा है कि शहर के रामश्री महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के बाद मंत्री का काफिला लौट रहा था। तभी कलक्ट्रेट मार्ग पर बड़ी संख्या में भाजपा विधायक व समर्थकों ने काफिला रोका। सीओ सदर अरुण कुमार सिंह और एसडीएम शिवध्यान पांडेय ने मामले को नियंत्रण में किया। रास्ते से गाड़ी हटवाने के लिए स्वतंत्रदेव को खुद नीचे उतरकर आना पड़ा।
गाड़ी से नीचे उतरे मंत्री, विधायक से हुई कहासुनी
काफिला रुकने के बाद जलशक्ति मंत्री वाहन से नीचे उतर आए। इस दौरान विधायक से उनकी तीखी नोकझोंक हुई। पूरा मामला पहले से प्लानिंग के तहत माना जा रहा है। चरखारी विधायक के साथ बड़ी संख्या में पहले से ही समर्थक कलक्ट्रेट मार्ग पर पहुंच गए थे। बीच सड़क पर गाड़ियां लगाकर काफिला रोका गया। जब मंत्री गाड़ी से उतरे तो कहासुनी हुई।


