सहारनपुर सांसद इकरा हसन पर मुकदमा दर्ज विधायक उमर अली खान का बयान ‘पीड़ितों की आवाज उठाना गुनाह नहीं’ पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने पहुंची थीं-उमर ‘जनप्रतिनिधि मदद नहीं करेगा तो कौन करेगा?’
नोएडा बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर लौटेगा Superbikes का रोमांच Moto GP के बाद Asia Road Racing की तैयारी रेसिंग चैंपियनशिप के आयोजन के प्रयास शुरू हो गए हैं एवीडब्ल्यू ग्लोबल के प्रस्ताव पर रिपोर्ट मांगी गई स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन ने यीडा से रिपोर्ट मांगी 2023 के बाद फिर लौट सकता है रफ्तार का रोमांच यमुना प्राधिकरण ने 2020 में आवंटन रद्द किया था सभी औपचारिकताएं पूरी हुईं तो फिर से चैंपियनशिप
Lucknow News: उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्य बल (STF) ने एक लाख रुपए के इनामी अपराधी को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। एसटीएफ द्वारा जारी एक बयान के अनुसार हरदोई में दर्ज एक मामले में वांछित एक लाख रुपए के इनामी बदमाश कलुआ उर्फ कालिया को बुधवार रात आगरा के छत्ता थाना क्षेत्र स्थित हाथी घाट यमुना किनारे रेलवे पुल के नीचे से गिरफ्तार किया गया। बयान में कहा गया कि एसटीएफ को सूचना मिली थी कि आरोपी हाथी घाट क्षेत्र में मौजूद है, जिसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
हत्या, डकैती और मवेशी चोरी समेत 7 जिलों में दर्ज हैं 24 मुकदमे
पूछताछ में आरोपी कलुआ ने बताया कि वह पहले कासगंज के नदरई क्षेत्र में अपने रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर एक गिरोह चलाता था, जो हत्या, डकैती, लूट, चोरी के साथ-साथ भैंस चोरी की वारदातों में भी शामिल था। उसने हरदोई जिले में भी लूट और चोरी की कई घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की। एसटीएफ के अनुसार कलुआ का लंबा आपराधिक इतिहास है और उसके खिलाफ हरदोई, मथुरा, कासगंज, अलीगढ़, हाथरस, एटा और मैनपुरी के विभिन्न थानों में कुल 24 मुकदमे दर्ज हैं। उस पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित था।
नेशनल डेस्क : देश के कई हिस्सों में डीजल की कमी के कारण लोग पेट्रोल पंपों पर भीड़ लगा रहे है। इस बीच केंद्र सरकार ने एक बयान जारी किया है। सरकार ने साफ तौर पर बताया है कि देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है। सरकार ने लोगों को अफवाहों से बचने के लिए कहा और घबराहट में ईंधन खरीदने से परहेज करना चाहिए। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय का कहना है कि देशभर में ईंधन का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और सप्लाई सामान्य रूप से जारी है। मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल भरवाकर ‘पैनिक बाइंग’ की स्थिति पैदा न करें।
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने गुरुवार को डीजल उत्पादन और खपत के ताजा आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि अप्रैल महीने में भारत में कुल 10 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) डीजल का उत्पादन हुआ, जबकि देश की कुल मासिक खपत करीब 8 मिलियन मीट्रिक टन रही। उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों से साफ है कि देश में मांग के मुकाबले करीब 2 MMT अतिरिक्त डीजल उपलब्ध है। ऐसे में डीजल की कमी की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है।
मंत्रालय के अनुसार, हाल के दिनों में पेट्रोल पंपों पर अचानक ग्राहकों की संख्या बढ़ी है। सुजाता शर्मा ने बताया कि वर्तमान में ईंधन की मांग में 20 से 25 प्रतिशत तक उछाल दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि आमतौर पर हर पेट्रोल पंप पर 2 से 3 दिनों का अग्रिम स्टॉक मौजूद रहता है, लेकिन जब लोग अचानक जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदने लगते हैं तो सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स पर दबाव बढ़ जाता है। इसी वजह से कुछ स्थानों पर अस्थायी रूप से आपूर्ति प्रभावित नजर आ सकती है।
रसोई गैस यानी LPG की उपलब्धता को लेकर भी सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। मंत्रालय के मुताबिक, भारत अपनी कुल LPG जरूरतों का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है। इसके बावजूद सरकार ने पर्याप्त इंतजाम किए हैं ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। सरकार ने कहा कि देश की ऊर्जा सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और तेल विपणन कंपनियां लगातार यह सुनिश्चित कर रही हैं कि देशभर में पेट्रोल, डीजल और LPG की सप्लाई बिना किसी रुकावट के जारी रहे।
नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में 28 से 31 मई के बीच आयोजित होने वाला चौथा भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन (IAFS-IV) फिलहाल के लिए टाल दिया गया है। इबोला वायरस के बढ़ते संक्रमण और स्वास्थ्य संबंधी खतरों को देखते हुए भारत और अफ्रीकी संघ ने मिलकर यह बड़ा फैसला लिया है।
कांगो में इबोला ने मचाई तबाही
अफ्रीकी देश कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य इस समय इबोला के भीषण प्रकोप का सामना कर रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बताते हुए आपातकाल घोषित कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, कांगो में इबोला वायरस के कारण अब तक 136 लोगों की मौत हो चुकी है।
नेताओं की पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए फैसला
विदेश मंत्रालय (MEA) ने जानकारी दी कि भारत सरकार, अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष और अफ्रीकी संघ आयोग के बीच गहन विचार-विमर्श के बाद शिखर सम्मेलन को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी है। इस निर्णय के पीछे मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अफ्रीकी देशों के नेता और हितधारक इस महत्वपूर्ण बैठक में पूरी तरह सुरक्षित होकर भाग ले सकें। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि नई तारीखों का निर्धारण अफ्रीकी देशों के साथ चर्चा के बाद किया जाएगा।
अफ्रीका के साथ मजबूत रिश्तों की तैयारी
भारत ने इस शिखर सम्मेलन के जरिए अफ्रीका महाद्वीप के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने के लिए एक महत्वाकांक्षी रूपरेखा तैयार की थी, जिसके लिए कई अफ्रीकी नेताओं ने अपनी सहमति भी दे दी थी। भारत लगातार अफ्रीकी देशों के साथ सहयोग बढ़ा रहा है, जिसका प्रमाण यह है कि 2018 से अब तक भारत ने वहां 17 नए मिशन खोले हैं, जिससे महाद्वीप में कुल मिशनों की संख्या 46 हो गई

देश की राजधानी के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर वीरवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एयर इंडिया के एक विमान को संदिग्ध परिस्थितियों में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी।
नई दिल्ली: देश की राजधानी के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर वीरवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एयर इंडिया के एक विमान को संदिग्ध परिस्थितियों में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। बेंगलुरु से दिल्ली आ रही फ्लाइट AI-2802 के इंजन में आग लगने की आशंका के बाद पायलट ने आनन-फानन में ‘फुल इमरजेंसी’ घोषित कर दी।
रनवे 29R पर हुई सुरक्षित लैंडिंग
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 21 मई 2026 की रात करीब 9:30 बजे की है। विमान के इंजन में आग लगने की खबर मिलते ही एयरपोर्ट प्रशासन तुरंत अलर्ट मोड पर आ गया और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। गनीमत यह रही कि विमान रनवे 29R पर सुरक्षित तरीके से लैंड कर गया। लैंडिंग के बाद विमान को रनवे से हटाकर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।
बाल-बाल बचे यात्री और क्रू मेंबर्स
इस घटना के बाद एयर इंडिया के प्रवक्ता ने राहत भरा बयान जारी किया। उन्होंने बताया कि विमान में सवार सभी यात्री और चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं। एयर इंडिया ने कहा, “हम बेंगलुरु से दिल्ली आ रहे विमान AI-2802 से जुड़ी इस घटना से अवगत हैं। विमान सुरक्षित रूप से उतर गया है और सभी लोग सुरक्षित हैं”।
गहन जांच में जुटी एजेंसियां
एयर इंडिया फिलहाल इस मामले में अधिक जानकारी जुटा रही है और संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही है। विमान के इंजन में खराबी आने की असल वजहों का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच के आदेश दिए गए हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आग लगने की आशंका के पीछे का वास्तविक कारण क्या था।
PNB FD Scheme: अगर आप Safe Investment के साथ गारंटीड रिटर्न पाना चाहते हैं, तो Punjab National Bank की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) स्कीम आपके लिए बेस्ट है। बैंक इस समय अलग-अलग अवधि की एफडी पर शानदार ब्याज दे रहा है। खासतौर पर लंबी अवधि की एफडी में निवेश करने वाले ग्राहकों को लाखों रुपये का रिटर्न मिल सकता है। आईए जानते है…
7.40% तक ब्याज का फायदा
PNB अपने ग्राहकों को 7 दिन से लेकर 10 साल तक की अवधि के लिए FD कराने की सुविधा देता है। बैंक की कुछ स्पेशल स्कीम्स में सामान्य ग्राहकों के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों को ज्यादा ब्याज दिया जा रहा है। बैंक की 444 दिनों वाली FD स्कीम फिलहाल सबसे ज्यादा चर्चा में है, जहां ग्राहकों को अधिकतम 7.40 फीसदी तक ब्याज का लाभ मिल सकता है। वहीं 5 से 10 साल की लंबी अवधि वाली एफडी पर भी आकर्षक रिटर्न दिया जा रहा है।
1.5 लाख रुपये पर कितना मिलेगा रिटर्न?
अगर कोई सामान्य ग्राहक PNB की 8 साल की FD स्कीम में 1,50,000 रुपये निवेश करता है, तो मैच्योरिटी पर उसे करीब 2,35,901 रुपये मिल सकते हैं। यानी निवेशक को लगभग 85,901 रुपये ब्याज के रूप में प्राप्त होंगे।
वहीं senior citizens और अति senior citizens को बैंक अतिरिक्त ब्याज का फायदा दे रहा है। ऐसे में 1.5 लाख रुपये की एफडी पर मैच्योरिटी के समय कुल रकम लगभग 2,57,254 रुपये तक पहुंच सकती है। इसमें करीब 1,07,254 रुपये सिर्फ ब्याज के तौर पर मिलेंगे।
PNB FD Scheme: अगर आप Safe Investment के साथ गारंटीड रिटर्न पाना चाहते हैं, तो Punjab National Bank की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) स्कीम आपके लिए बेस्ट है। बैंक इस समय अलग-अलग अवधि की एफडी पर शानदार ब्याज दे रहा है। खासतौर पर लंबी अवधि की एफडी में निवेश करने वाले ग्राहकों को लाखों रुपये का रिटर्न मिल सकता है। आईए जानते है…
7.40% तक ब्याज का फायदा
PNB अपने ग्राहकों को 7 दिन से लेकर 10 साल तक की अवधि के लिए FD कराने की सुविधा देता है। बैंक की कुछ स्पेशल स्कीम्स में सामान्य ग्राहकों के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों को ज्यादा ब्याज दिया जा रहा है। बैंक की 444 दिनों वाली FD स्कीम फिलहाल सबसे ज्यादा चर्चा में है, जहां ग्राहकों को अधिकतम 7.40 फीसदी तक ब्याज का लाभ मिल सकता है। वहीं 5 से 10 साल की लंबी अवधि वाली एफडी पर भी आकर्षक रिटर्न दिया जा रहा है।
1.5 लाख रुपये पर कितना मिलेगा रिटर्न?
अगर कोई सामान्य ग्राहक PNB की 8 साल की FD स्कीम में 1,50,000 रुपये निवेश करता है, तो मैच्योरिटी पर उसे करीब 2,35,901 रुपये मिल सकते हैं। यानी निवेशक को लगभग 85,901 रुपये ब्याज के रूप में प्राप्त होंगे।
वहीं senior citizens और अति senior citizens को बैंक अतिरिक्त ब्याज का फायदा दे रहा है। ऐसे में 1.5 लाख रुपये की एफडी पर मैच्योरिटी के समय कुल रकम लगभग 2,57,254 रुपये तक पहुंच सकती है। इसमें करीब 1,07,254 रुपये सिर्फ ब्याज के तौर पर मिलेंगे।
NEET-UG 2026 Paper Leak: देश की सबसे बड़ी मेडिकल एंट्रेस एग्जाम NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में अब जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने इस केस में कई नए लोगों को घेरे में लिया है। जांच एजेंसी अब सिर्फ पेपर लीक तक सीमित नहीं है, बल्कि पैसों के लेनदेन, डिजिटल चैट और छात्रों तक पेपर पहुंचाने वाले पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही है। CBI ने एजुकेशनल कंसल्टेंसी चलाने वाले शुभम खैरनार को पूछताछ के लिए पुणे लाया। वहीं सस्पेंड की जा चुकी जूनियर कॉलेज टीचर मनीषा मंधारे और ब्यूटी पार्लर चलाने वाली मनीषा वाघमारे से भी लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा से पहले question paper कैसे बाहर आया और किन-किन लोगों तक पहुंचाया गया।
लातूर के डॉक्टर पर भी शक
जांच में महाराष्ट्र के लातूर से एक बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर का नाम भी सामने आया है। CBI को शक है कि डॉक्टर ने अपने बच्चे को फायदा दिलाने के लिए लीक हुआ पेपर हासिल किया था। बताया जा रहा है कि यह पेपर रिटायर्ड केमिस्ट्री लेक्चरर प्रह्लाद विठ्ठलराव कुलकर्णी के जरिए उपलब्ध कराया गया, जिन्हें जांच एजेंसियां लीक का अहम स्रोत मान रही हैं। CBI अधिकारियों के मुताबिक कई अभिभावकों, जिनमें कुछ डॉक्टर भी शामिल हैं, ने मोटी रकम देकर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लेने की कोशिश की। कई परिवारों से पूछताछ हो चुकी है, जबकि कुछ संदिग्धों पर अभी निगरानी रखी जा रही है।
मेडिकल एडमिशन दिलाने के नाम पर बड़ा खेल
शुभम खैरनार मेडिकल कोर्सेज जैसे MBBS, BDS और BHMS की तैयारी कराने और एडमिशन गाइडेंस देने का काम करता था। जांच एजेंसियों को शक है कि उसका संबंध पुणे के पहले से गिरफ्तार आरोपी से था और वह छात्रों तथा पेपर लीक गैंग के बीच कड़ी का काम कर रहा था।
NTA ने क्या कहा?
इस मामले में National Testing Agency (NTA) ने संसदीय समिति को बताया कि शुरुआती जांच में उसकी प्रणाली से पेपर लीक होने के सबूत नहीं मिले हैं। हालांकि एजेंसी ने यह भी साफ किया कि अंतिम निष्कर्ष CBI की जांच के बाद ही सामने आएगा। गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित हुई NEET-UG 2026 परीक्षा में देशभर से 22 लाख से ज्यादा छात्रों ने हिस्सा लिया था। पेपर लीक और गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद NTA ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी थी। अब CBI इस पूरे रैकेट में शामिल दलालों, शिक्षकों, अभिभावकों और अन्य लोगों की भूमिका खंगाल रही है। जांच एजेंसी खासतौर पर बैंक ट्रांजैक्शन, मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल डाटा की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पेपर लीक का नेटवर्क कितनी दूर तक फैला हुआ था।