हापुड़- गंगा घाट पहुंचे एसपी केजी सिंह, गंगा घाट पर तैनात अधिकारियों को निर्देश, गंगा नदी में खुद उतरकर देखी व्यवस्थाएं, दीपदान,गंगा स्नान को लेकर पुलिस अलर्ट
कानपुर देहात – जिला विकास समन्वय समिति की बैठक में बवाल, सांसद देवेंद्र सिंह,पूर्व सांसद अनिल शुक्ला आमने सामने, बवाल के बाद दोनों ने लगाये एक दूसरे पर आरोप, बवाल होता देख DM और SP ने संभाला मोर्चा, वारसी जी को है उपचार की जरूरत- देवेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह भोले पर फैक्ट्री में वसूली के आरोप लगे, एक दूसरे के समर्थकों ने जमकर काटा हंगामा, बवाल के चलते दिशा की बैठक स्थगित हुई
वाराणसी- सीएम योगी मनाएंगे काशी की देव दीपावली , देव दीपावली पर काशी में मौजूद रहेंगे सीएम , शाम 5 बजे काशी पहुंचेंगे सीएम योगी, नमो घाट से क्रूज पर सवार होकर घाटों को निहारेंगे , क्रूज से दशाश्वमेध घाट पर देखेंगे गंगा आरती , चेत सिंह घाट पर लेजर शो देखेंगे CM योगी , विश्वनाथ धाम के सामने आतिशबाजी देखेंगे , 15 लाख से ज्यादा दीपों से रोशन होगी काशी
बदायूं – घनी बस्ती के बीच से निकल रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली, मिट्टी लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली से निकलने से लोग परेशान, ग्रामीणों ने भट्ठा संचालक पर लगाया आरोप, शिकायतों के बाद नहीं रुक रही ओवरलोड ट्रालियां, जेसीबी द्वारा किया जा रहा किया जा रहा खनन, 20 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉली से मिट्टी की सप्लाई, उघैती थाना क्षेत्र के खितौरा गांव का मामला
सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिक्षण सेवा में बने रहने व पदोन्नति के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य किए जाने के बाद शिक्षक संगठनों ने नवंबर-दिसंबर में दिल्ली कूच का एलान किया है। लेकिन नवंबर अंत में होने वाले एक बड़े कार्यक्रम से अब इसकी संभावना नहीं है। यही वजह है कि नौ राज्यों के शिक्षक संगठन टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) ने अब पांच दिसंबर को दिल्ली कूच का एलान किया है।
टीएफआई ने पिछले दिनों दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में बैठक कर 21 नवंबर को जंतर मंतर पर महारैली की थी। टीएफआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने बताया कि नवंबर के अंत में सिख समाज ने एक राष्ट्रीय आयोजन किया है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हो रहे हैं। इससे दिल्ली प्रशासन ने नवंबर में रैली की अनुमति निरस्त कर दी है। इसे देखते हुए हमने पांच दिसंबर को महारैली करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि दिल्ली रैली के लिए संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। महारैली के माध्यम से हम 27 जुलाई 2011 को टीईटी लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को इससे मुक्त रखने की मांग करेंगे ताकि देश भर के लाखों शिक्षकों को राहत मिल सके।
लखनऊ में एक सर्वे के अनुसार-अलीगंज, अमीनाबाद, चौक और विकासनगर जैसे घनी आबादी वाले इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। औद्योगिक क्षेत्र तॉलकटोरा में भी प्रदूषण का स्तर भयावह रूप ले चुका है।राजधानी लखनऊ की हवा अब गंभीर रूप से प्रदूषित हो चुकी है। बढ़ती आबादी, बढ़ते वाहन और दीवाली पर छोड़े गए पटाखों ने शहर की सांसें थाम दी हैं। रिमोट सेंसिंग एप्लिकेशन सेंटर ( आरएसएसी) के वैज्ञानिकों की ओर से किए गए पोस्ट-मानसून सर्वे में खुलासा हुआ है कि शहर की आबोहवा बेहद बीमार है और सिर्फ छह एक्यूआई सेंटरों से इसे मापना नाकाफी है।
282 जगहों पर मापी गई हवा, कई इलाकों में हवा जहरीली
वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सुधाकर शुक्ला की अगुवाई में वैज्ञानिकों की टीम डॉ. राजीव, नीलेश, पल्लवी, ममता, वैभव, शाश्वत, सौरभ और सुजीत ने 21 से 24 अक्तूबर के बीच पूरे शहर के 110 वार्डों और 8 जोनों में 282 स्थानों पर पोस्ट-मानसून हवा की गुणवत्ता जांची। साथ ही जिओ-सपैशियल तकनीक के जरिए मानचित्रीकरण किया ।
पोर्टेबल एक्यूआई डिटेक्टर से जुटाए गए आंकड़ों में सामने आया कि पोस्ट-मानसून और दीवाली के बाद कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 से ऊपर पहुंच गया। यह स्तर स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक माना जाता है। दिवाली के दिन और इसके अगले दिन के जलाए गए पटाखों की वजह से राजधानी में शोर का स्तर 893 डेसिबल तक पहुंच गया। शोर का यह भयावह स्तर बुजुर्गो, दिल के मरीजों और पशु-पक्षियों के लिए बेहद घातक है।
लखनऊ अब लगभग 500 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है और यहां 40 लाख से ज्यादा आबादी निवास करती है। उद्योगों के साथ ही सड़कों पर वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है। अनियंत्रित निर्माण कार्यों ने हवा की गुणवत्ता को लगातार बिगाड़ा है।
सर्वे के मुताबिक अलीगंज, अमीनाबाद, चौक और विकासनगर जैसे घनी आबादी वाले इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। औद्योगिक क्षेत्र तॉलकटोरा में भी प्रदूषण का स्तर भयावह रूप ले चुका है। आश्चर्यजनक रूप से, अब तक ”साफ हवा” वाला इलाका माने जाने वाले कैंट एरिया की स्थिति भी अब पहले जैसी नहीं रही।
राजधानी दिल्ली समेत कई राज्यों की सरकारों की ओर से प्रदूषण घटाने के लिए कृत्रिम बारिश के विकल्प पर विचार किया जा रहा है।
वैज्ञानिकों ने चेताया कि प्रदूषण घटाने के लिए ”सिल्वर आयोडाइड” रसायन से कृत्रिम बारिश कराने का तरीका अपनाना बच्चों के लिए घातक साबित हो सकता है। यह खतरनाक कंपाउंड मिट्टी, पानी और वातावरण में स्थाई तौर पर जमा होकर इसे दूषित कर त्वचा और श्वास संबंधी रोगों व समस्याओं को बढ़ा सकता है।
शोध के बाद रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि सिर्फ छह वायु गुणवत्ता मापक केंद्रों से नहीं, बल्कि शहर के अधिक से अधिक इलाकों में नए एक्यूआई मॉनिटरिंग सेंटर लगाए जाएं। वैज्ञानिकों का मानना है कि इससे हर वार्ड की असली वायु प्रदूषण की स्थिति की सटीक तस्वीर सामने आएगी। साथ ही आम लोगों को भी प्रदूषण रोकथाम के लिए सजग और साक्षर बनना होगा। औद्योगिक उत्सर्जन, वाहनों के प्रदूषण की जांच, सही ट्रैफिक व्यवस्था, दिवाली पर पटाखों का सीमित उपयोग, हरियाली को और बढ़ाना होगा।
बाराबंकी के देवा-फतेहपुर मार्ग पर हुए भीषण सड़क हादसे में छह लोगों की मौत हो गई। हादसे का शिकार हुआ परिवार बिठूर गंगा-दर्शन के लिए निकला था। शाम को उनकी मौत की खबर पहुंची।बाराबंकी के देवा-फतेहपुर मार्ग पर हुए भीषण सड़क हादसे में पति-पत्नी सहित आठ लोगों की मौत हो गई। दुर्घटनास्थल पर छह की जबकि दो की इलाज के दौरान ट्रामा सेंटर में मौत हुई। सोमवार की सुबह मौलवीगंज निवासी सराफा व्यापारी प्रदीप रस्तोगी अपने परिवार के साथ बिठूर गंगा स्नान को निकले थे। पड़ोसी बताते हैं, वे बेहद प्रसन्न थे और कहते हुए निकले थे गंगा मैया के दर्शन करके शाम तक लौट आएंगे। लेकिन शाम ढलते-ढलते उनके लौटने की खबर नहीं, बल्कि उनके और परिवार के लोगों की मौत की सूचना पहुंची।
हादसे की खबर जैसे ही फतेहपुर कस्बे में पहुंची, कई लोग रस्तोगी परिवार के घर की ओर दौड़े। मगर वहां पहुंचकर देखा तो घर पर ताला लटक रहा था। कोई यकीन नहीं कर पा रहा था कि सुबह हंसी-खुशी निकला परिवार कैसे दर्दनाक हादसे का शिकार हो गया। फतेहपुर और मौलवीगंज में देर रात तक मातम पसरा रहा। दुकानों के शटर बंद घर के बाहर देर रात तक रिश्तेदारों और परिचितों की भीड़ रही। महिलाएं रो-रोकर बेसुध थीं।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक इतनी तेज रफ्तार से आ रहा था कि ब्रेक लगाने के बाद भी वह कुछ दूर तक घिसटता चला गया। हादसे के बाद चालक ट्रक छोड़कर भाग निकला। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर चालक की तलाश शुरू कर की। एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि मृतकों की पहचान कर परिजनों को सूचना दी गई है। ट्रक चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। घटना के बाद रस्तोगी परिवार के घर पर लोगों का तांता लग गया।
था पूरा मामला: आमने-सामने हुई टक्कर
टक्कर से हुआ जोरदार धमाका: जैसे ही कल्याणी नदी पुल के पास रात करीब साढ़े नौ बजे ट्रक और अर्टिगा में आमने-सामने टक्कर हुई, तो पूरे इलाके में जोरदार धमाका हुआ। कुछ ही मिनटों में राहगीर और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन नजारा देखकर हर कोई सहम गया। कार का अगला हिस्सा बुरी तरह पिचक गया था और उसमें शव फंसे पड़े थे