भारत में अप्रैल से मई के अंतिम हफ्तों तक गर्मी का स्तर जबरदस्त स्तर पर पहुंच चुका है। खासकर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में, जहां पारा 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाने लगा है। राजस्थान से लेकर उत्तर प्रदेश और बिहार तक के जिलों में पारा लगातार ऊंचा बना हुआ है। भले ही इस बीच पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में कहीं-कहीं मौसम में बदलाव और मानसून के आने से पहले आने वाली हवाओं-बारिश के चलते तापमान थोड़ा कम हुआ, लेकिन एक मौसम प्रणाली ने भारत के साथ पूरी दुनिया का डर कायम रखा है। इसका नाम है सुपर अल-नीनो।
‘प्रधान सेवक’ के रूप में PM Modi के 12 साल पूरे, CM Yogi ने तारीफ में गढ़े कसीदे, गिनाईं उपलब्धियां; बोले- दुनिया में मजबूत हुई भारत की छवि
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस पद पर अपने कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे करने पर बधाई दी है। आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ‘प्रधान सेवक’ के रूप में सेवा, सुशासन और लोक-कल्याण को समर्पित गौरवशाली 12 वर्ष पूर्ण करने पर हार्दिक बधाई।”
उन्होंने कहा, ”इन वर्षों में गरीब कल्याण शासन की प्राथमिकता बना, अंत्योदय आत्मनिर्भरता की शक्ति में बदला और जनभागीदारी ने विकास को जन-आंदोलन का रूप दिया। यही वह दृष्टि है, जिसने ऐसे ‘नए भारत’ को गढ़ा, जहां नारी सशक्तीकरण, नवाचार, आर्थिक प्रगति और सांस्कृतिक पुनर्जागरण साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं।” मुख्यमंत्री ने कहा, ”सीमाओं पर अडिग, आतंक के विरुद्ध निर्णायक और विश्व मंच पर आत्मविश्वास से परिपूर्ण भारत आज एक सशक्त, विश्वसनीय नेतृत्व के रूप में स्थापित है। डिजिटल, डेमोग्राफी और डेमोक्रेसी की त्रिवेणी ‘विकसित भारत 2047’ की दिशा में नयी गति दे रही है।”
योगी आदित्यनाथ ने दावा कहा, ”प्रधानमंत्री आवास, जन-धन, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला और स्वनिधि जैसी योजनाओं ने विकास को जन-जीवन तक पहुंचाकर विश्वास को सशक्त किया है और यही विश्वास ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ को साकार कर रहा है।” उन्होंने कहा, ”नेशन फर्स्ट की भावना और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ती इस युगांतकारी यात्रा के लिए प्रधानमंत्री जी का कोटि-कोटि अभिनंदन।”
फर्जी एनकाउंटर लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ एक बड़ा षडयंत्र- अखिलेश का सरकार पर गंभीर आरोप
लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने कथित फर्जी मुठभेड़ की घटनाओं को लेकर उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर मंगलवार को गंभीर आरोप लगाए और कहा कि सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए मुठभेड़ के जरिए अपने समर्थकों को खुश कर रही है। अखिलेश ने आरोप लगाया कि राज्य की भाजपा सरकार लोगों को मानसिक रूप से हिंसक और पुलिस अधिकारियों को ‘अपराधी’ बना रही है। यादव ने यह भी आरोप लगाया कि अपने फायदे के लिए सरकार ने फर्जी मुठभेड़ की घटनाओं के जरिये सरकारी स्तर पर एक पूरा ‘आपराधिक तंत्र’ खड़ा कर दिया है।
फर्जी मुठभेड़ से मनोवैज्ञानिक दबाव बना रही सरकार
पूर्व मुख्यमंत्री ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि फर्जी मुठभेड़ की घटनाएं देश की संस्कृति, संविधान और स्वस्थ सामाजिक सोच के लिये एक चुनौती बन गयी हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, ”उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार मुठभेड़ के बहाने पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) को डरा कर उसका हक मारना चाहती है। भाजपा सरकार जाति,धर्म देखकर मुठभेड़ करवाती है जिससे प्रदेश का सामाजिक सौहार्द बिगड़ता है। फर्जी मुठभेड़ नाकाम सरकार की पहचान है। फर्जी मुठभेड़ से भाजपा सरकार आम जनता पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाना चाहती है।
मुठभेड़ के बहाने हत्या को जायज ठहराया जाता है
यादव ने कहा कि फर्जी मुठभेड़ों के माध्यम से ‘मेंटल सॉफ्टवेयर’ को ‘सेट’ किया जाता है लेकिन ‘अपडेट या अपग्रेड’ नहीं किया जाता बल्कि ‘आउटडेटेड और डाउनग्रेडेड’ बनाया जाता है और मन-मस्तिष्क में हिंसा को भरा जाता है। उन्होंने कहा कि मुठभेड़ के बहाने हत्या को जायज ठहराया जाता है और आदिम जमाने की उसी रूढ़िवादी मानसिकता को वापस लाया जाता है जो कहती है कि शक्ति ही अधिकार है। उन्होंने कहा, ”इसी कारण फर्जी मुठभेड़ लोकतांत्रिक व्यवस्था के विरुद्ध एक बहुत बड़ा षड्यंत्र है जो संविधान में दिए गए न्याय के राज और सामाजिक न्याय को भी सिरे से नकारता है।
राजनीतिक सत्ता के लिये मानसिक शोषण कर रही बीजेपी
यादव ने कहा कि भाजपा सरकार के फर्जी मुठभेड़ का एक बेहद निंदनीय पहलू यह भी है कि सरकार इससे अपने समर्थकों को खुश करती है लेकिन साथ ही वह अपने समर्थकों को मानसिक रूप से हिंसक भी बनाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लोगों में नफरत का जहर घोलकर अपनी राजनीतिक सत्ता बनाये रखने के लिये उनका मानसिक शोषण करती है। उन्होंने कहा, ”भाजपा अपनों को ही डसती है।” सपा प्रमुख ने कहा कि फर्जी मुठभेड़ों से कानून-व्यवस्था संभलती नहीं बल्कि और भी बिगड़ती है क्योंकि इससे पुलिस में भ्रष्टाचार फैलता है।
CNG Price Hike: दिल्ली-NCR के बाद अब जयपुर में भी सीएनजी के दाम बढ़े, जानें कितनी हुई कीमत
नेशनल डेस्कः पेट्रोल डीजल के बाद सीएनजी की कीमतों में भी लगातार बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है। दिल्ली-NCR के बाद गुलाबी नगरी के वाहन चालकों को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है। जयपुर में सीएनजी (CNG) गैस की कीमतों में 1.59 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। टोरंट गैस कंपनी ने शहर में सीएनजी की दरों को तत्काल प्रभाव से महंगा कर दिया है।
अब क्या है नया भाव: बढ़ी हुई कीमतों के बाद अब जयपुर में सीएनजी गैस 96 रुपये प्रति किलो के भाव पर मिलेगी।
पहले क्या थी कीमत: इस बढ़ोतरी से पहले शहर में सीएनजी का भाव 94.42 रुपये प्रति किलो था।
इससे पहले मंगलवार को दिल्ली-NCR में CNG के दामों में 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई थी। लगातार बढ़ रहे ईंधन के दामों ने आम लोगों की टेंशन बढ़ा दी है, खासकर उन लोगों की जो रोजाना CNG गाड़ियों का इस्तेमाल करते हैं।
Europe Heatwave: यूरोप में भीषण हीटवेव का कहर, अब तक 7 की मौत, ब्रिटेन-फ्रांस में टूटा गर्मी का रिकॉर्ड
नेशनल डेस्कः पश्चिमी यूरोप इस समय भीषण गर्मी और ‘हीटवेव’ की चपेट में है, जिसने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। उत्तर अफ्रीका से आने वाली गर्म हवाओं ने एक ‘हीट डोम’ बना दिया है, जिसके कारण फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम (UK) में मई महीने के तापमान ने अब तक के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इस भीषण गर्मी के कारण अब तक 7 लोगों की मौत की खबर सामने आई है।
लंदन में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, ‘ट्रॉपिकल नाइट’ ने छुड़ाए पसीने
यूनाइटेड किंगडम में गर्मी ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। सोमवार को दक्षिण-पश्चिम लंदन के क्यू गार्डन्स में तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मई के पुराने रिकॉर्ड से करीब 2 डिग्री ज्यादा है। मौसम विभाग के अनुसार, मई में लंदन का औसत तापमान महज 17-18 डिग्री रहता है, लेकिन इस बार हालात गर्मियों के चरम जैसे हैं। मंगलवार की रात को ‘ट्रॉपिकल नाइट’ घोषित किया गया क्योंकि रात में भी पारा काफी ऊपर बना रहा। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ब्रिटेन का मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर इस बदलते मौसम का सामना करने के लिए तैयार नहीं है।
फ्रांस में रेड अलर्ट, मौत के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता
फ्रांस की मौसम एजेंसी ‘मेटियो-फ्रांस’ ने उत्तर-पश्चिम इलाकों के लिए ऑरेंज हीटवेव अलर्ट जारी किया है। सोमवार का दिन फ्रांस के इतिहास में मई का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया। गर्मी का सितम इतना है कि पेरिस में 10 किमी की दौड़ के दौरान एक व्यक्ति की जान चली गई, वहीं ल्योन शहर में फिटनेस दौड़ के बाद एक महिला की हीट स्ट्रोक से मौत हो गई। जूनियर ऊर्जा मंत्री मॉड ब्रेगियन के अनुसार, गर्मी से जुड़ी घटनाओं में कुल 7 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से 5 लोग गर्मी से बचने के लिए नदी या समुद्र में नहाते समय डूब गए।
जर्मनी, स्पेन और इटली भी झुलसे
गर्मी का यह कहर पूरे यूरोप में फैल रहा है:
- स्पेन: यहां पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका है।
- जर्मनी: यहां पहली बार तापमान 30 डिग्री के पार निकल गया है।
- इटली: बढ़ती तपिश को देखते हुए प्रशासन ने धूप में बाहर काम करने पर पाबंदी लगा दी है।
इंसानी गलतियों की सजा है यह गर्मी!
जलवायु वैज्ञानिकों का स्पष्ट कहना है कि इंसानी गतिविधियों के कारण हो रहा जलवायु परिवर्तन यूरोप को दुनिया के औसत तापमान से ज्यादा तेजी से गर्म कर रहा है। इसी वजह से हीटवेव अब पहले की तुलना में कहीं ज्यादा बार और अधिक खतरनाक रूप में सामने आ रही हैं।
पत्नी से हुआ झगड़ा तो पति ने 4 मासूम बच्चों को कुएं में फेंका, फिर खुद भी फंदा लगाकर दे दी जान; पूरे गांव में मातम
नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले से एक ऐसी रूह कांपने वाली खबर सामने आई है, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। यहां एक सनकी पिता ने अपनी पत्नी से हुए मामूली विवाद का गुस्सा अपने ही चार मासूम बच्चों पर उतार दिया और उन्हें मौत के घाट उतारने के बाद खुद भी आत्महत्या कर ली।
सनक ने उजाड़ दिया हंसता-खेलता परिवार
यह दर्दनाक वाकया जलगांव-जामोद तहसील के राजुरा गांव में 24 मई को पेश आया। पुलिस के अनुसार, 35 वर्षीय विजय किराडिया का अपनी पत्नी के साथ किसी बात को लेकर तीखा झगड़ा हुआ था। गुस्से में अंधे होकर विजय ने एक खौफनाक साजिश रची और अपने चारों बच्चों को लेकर खेत की ओर निकल गया। वहां उसने अपने चारों मासूम बच्चों को एक-एक कर खेत में बने कुएं में फेंक दिया।
चार मासूमों की तड़प-तड़प कर मौत
कुएं के गहरे पानी में डूबने से सात वर्षीय बेटे प्रीत, पांच वर्षीय बेटी प्राची, चार वर्षीय पूर्वी और महज दो साल के मासूम पीयूष की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। बच्चों की जान लेने के बाद आरोपी पिता विजय ने भी पछतावे या डर के चलते फांसी का फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
Daily horoscope : आज के राशिफल में जानें, सभी 12 राशियों का भविष्य
मेष : शाम तक बढ़ता वैर-विरोध आपकी परेशानियां बढ़ा सकता है, मगर बाद में हर फ्रंट पर हालात धीरे-धीरे सुधरने लगेंगे।
वृष: शाम तक समय बेहतर, हर फ्रंट पर बेहतरी होगी, कामयाबी मिलेगी मगर बाद में विपरीत हालात बन सकते हैं, सावधानी रखें।
मिथुन: आम सितारा जोरदार, जो हर मोर्चे पर आपको हावी, प्रभावी, विजयी रखेगा, शत्रु आपके समक्ष टिक न सकेंगे।
कर्क: सितारा शाम तक कामकाजी व्यस्तता तथा भागदौड़ रखेगा, फिर बाद में समय कामयाबी तथा इज्जत-मान देने वाला।
सिंह : सितारा शाम तक धन लाभ देने तथा अर्थ दशा कंफर्टेबल रखने वाला, फिर बाद में हिम्मत संघर्ष शक्ति बढ़ेगी।
कन्या : सितारा कामकाजी कामों को संवारने तथा आम तौर पर आपके कदम को बढ़त की तरफ रखने वाला।
तुला: सितारा शाम तक नुकसान परेशानी देने वाला, लिखत-पढ़त का काम भी सावधानी के साथ करें मगर बाद में बेहतरी होगी।
वृश्चिक: सितारा शाम तक कारोबारी काम को संवारने तथा टूरिंग में लाभ देने वाला किंतु बाद में पंगे जाग सकते हैं।
धनु : सितारा शाम तक राजकीय कामों में कदम बढ़त की तरफ रखने वाला, फिर बाद में अर्थ दशा सुधरेगी।
मकर: सितारा सुदृढ़, इरादों में मजबूती, स्कीमें प्रोग्राम मेच्योर होंगे, आम तौर पर हालात बेहतर बनेंगे।
कुंभ: सितारा शाम तक सेहत के लिए ढीला, खान-पान में मर्यादा बरतें, मगर बाद में आम हालात कामयाबी वाले बनेंगे।
मीन : शाम तक कारोबारी दशा संतोषजनक, समय कामयाबी से कटेगा, मगर बाद में समय मुश्किल वाला बनेगा।
बंगाल चुनाव हार के बाद TMC में बढ़ी अंदरूनी कलह, वरिष्ठ सांसद के पोस्ट से तेज हुई सियासी हलचल
नेशनल डेस्क: हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में टीएमसी की करारी हार के बाद पार्टी में चल रही उथल-पुथल के संकेत मंगलवार को और अधिक स्पष्ट हो गए, जब राज्यसभा के वरिष्ठ सदस्य सुखेन्दु शेखर रॉय ने पार्टी की दशा और दिशा को लेकर असहमति जताते हुए असहज सवाल उठाए। पार्टी सांसद काकोली घोष दस्तीदार द्वारा सार्वजनिक रूप से अपना असंतोष व्यक्त करने के कुछ दिनों बाद, पार्टी के सबसे अनुभवी सांसदों में से एक रॉय ने ‘एक्स’ पर ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए पोस्ट किए, जिससे तीव्र राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई और चुनावी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर बेचैनी के संकेत और बढ़ गए।
“लोकतंत्र जनता की इच्छा पर आधारित है
रॉय ने ‘एक्स’ पर लिखा, “44 ईसा पूर्व में, रोमन सम्राट जूलियस सीजर की सीनेट में मार्च के मध्य में चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। रोमन पंचांग के अनुसार, मध्य का अर्थ आमतौर पर मार्च, मई, जुलाई और अक्टूबर की 15 तारीख होता था। लेकिन मई के मध्य से पहले ही, पश्चिम बंगाल के लोगों ने असहनीय अराजकता की स्थिति का अंत कर दिया।” साम्राज्यों के पतन और “असहनीय अराजक स्थिति के अंत” का जिक्र करने वाली इस पोस्ट ने राजनीतिक हलकों और टीएमसी के भीतर तुरंत अटकलों को जन्म दिया, खासकर इसलिए क्योंकि यह चुनाव के बाद के आत्मनिरीक्षण और पार्टी में स्पष्ट दरारों के बीच आया था। एक सप्ताह पहले, 19 मई को, रॉय ने लिखा था: “लोकतंत्र जनता की इच्छा पर आधारित है। गणतंत्र तब पतन की ओर जाते हैं जब भ्रष्ट लोग फलते-फूलते हैं और बुद्धिमानों को परिषद से बाहर कर दिया जाता है।
29 लोकसभा सीटें जीती फिर TMC विधानसभा में क्यों बुरी तहर हारी?
स्वतंत्र विचार और उसका अभ्यास लोकतांत्रिक व्यवस्था में आवश्यक है। कोई भी इसका खंडन नहीं कर सकता, अन्यथा व्यवस्था का पतन निश्चित है।” रॉय ने हालांकि सार्वजनिक रूप से दोनों पोस्ट पर कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं की है, लेकिन उनके करीबी लोगों ने बताया कि अनुभवी राजनेता ने निजी तौर पर टीएमसी के महज दो साल पहले की अपनी प्रभुत्वशाली स्थिति से नाटकीय रूप से नीचे गिरने के कारणों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उनके करीबी लोगों के अनुसार, रॉय ने बार-बार यह सवाल उठाया है कि पश्चिम बंगाल में 2024 में 29 लोकसभा सीटें जीतने और एक मजबूत स्थिति बनाए रखने वाली पार्टी को अपेक्षाकृत कम समय में इतनी बड़ी हार का सामना कैसे करना पड़ सकता है।
जनभावना को समझने में फेल हुई टीएमसी
सूत्रों के अनुसार, उनका आकलन चुनावी गणित से परे है। ऐसा माना जाता है कि रॉय ने आरजी कर आंदोलन के दौरान पार्टी की कथित तौर पर जनभावना को समझने में असमर्थता की ओर इशारा किया था जिसमें आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक महिला डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या के बाद बड़े पैमाने पर सड़कों पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। उनके विचारों से परिचित लोगों के अनुसार, रॉय का मानना है कि उस समय सड़कों पर अभूतपूर्व भीड़ ने ऐसे राजनीतिक संकेत दिए थे जिन्हें पार्टी पर्याप्त रूप से समझने में विफल रही।
फेमस क्रिकेटर का 39 की उम्र में दुखद निधन, मैच के बीच आया हार्ट अटैक और छोड़ गए दुनिया… खेल जगत में शोक की लहर
UP Desk : कर्नाटक क्रिकेट जगत से एक दुखद खबर सामने आई है, जहां पूर्व तेज गेंदबाज एसएल अक्षय का रविवार को अचानक दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह मात्र 39 वर्ष के थे और मैदान पर खेलते हुए ही उन्होंने अंतिम सांस ली, जिससे क्रिकेट समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है।
मैच के बीच बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार, एसएल अक्षय रविवार को केएससीए के तीसरे डिवीजन मैच में सैफायर सीसी की ओर से खेल रहे थे। चार ओवर गेंदबाजी करने के बाद उन्होंने असहज महसूस होने की शिकायत की और मैदान से बाहर चले गए। इसके तुरंत बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके चलते उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
KSCA ने व्यक्त किया गहरा शोक
कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि अक्षय ने अपने खेल करियर के दौरान राज्य का शानदार प्रतिनिधित्व किया और क्रिकेट के प्रति उनका समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा।
रणजी ट्रॉफी के रहे विजेता
एसएल अक्षय कर्नाटक की उस टीम का हिस्सा रहे थे जिसने 2014-15 सत्र में रणजी ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया था। उन्होंने 2011 से 2013 के बीच कर्नाटक के लिए छह प्रथम श्रेणी, तीन लिस्ट-ए और नौ टी20 मुकाबले खेले थे।
खेल से संन्यास के बाद युवा खिलाड़ियों को किया प्रशिक्षित
खेल से संन्यास लेने के बाद अक्षय कोचिंग से जुड़ गए थे और युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। वह कर्नाटक की अंडर-19 टीम के साथ भी कोच के रूप में जुड़े रहे और कई उभरते खिलाड़ियों के करियर को दिशा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके असामयिक निधन से राज्य के क्रिकेट जगत में गहरा शोक है और खिलाड़ियों व अधिकारियों ने उन्हें एक समर्पित क्रिकेटर और प्रेरणादायक कोच के रूप में याद किया है।
पिछली सरकारों के ‘पाप के गड्ढे’ भरे, ‘भ्रष्टाचार का कूड़ा’ साफ किया : CM Yogi
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार को राज्य की पिछली सरकारों के “पाप के गड्ढों” को भरने और “भ्रष्टाचार के कूड़े” को साफ करने में समय लगा। योगी ने नगर निगमों के महापौरों के अपने कार्यकाल के तीन साल पूरे करने के मौके पर 413 करोड़ रुपये की 342 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने ‘स्वच्छ-सुंदर-समर्थ लखनऊ’ पुस्तिका का विमोचन भी किया।
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, योगी ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि जनता ने पहली बार प्रदेश के सभी 17 नगर निगमों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के महापौर चुने, जिसकी बदौलत इन निकायों ने विकास और स्वच्छता के नये प्रतिमान स्थापित किए। उन्होंने कहा, “हमें पिछली सरकारों के ‘पाप के गड्ढे’ भरने और ‘भ्रष्टाचार का कूड़ा’ साफ करने में समय लगा। विकास पर खर्च होने वाला पैसा जनता का है। हम केवल उसका उचित नियोजन कर रहे हैं।” मुख्यमंत्री ने सभी 17 नगर निगमों के महापौर, 200 नगर पालिका परिषद और 545 नगर पंचायतों के चेयरमैन तथा लगभग 14,000 पार्षदों को तीन साल का कार्यकाल पूरा करने पर शुभकामनाएं दीं।
योगी ने कहा, “स्वच्छता रैंकिंग में लखनऊ को देश में तीसरा स्थान मिला है। हमें शहर को पहले स्थान पर लाना है। यह सिर्फ महापौर, पार्षद या सफाई कर्मचारी की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। घर का कूड़ा कूड़ेदान में डालें, गीला-सूखा कूड़ा अलग करें और एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक का इस्तेमाल न करें।” उन्होंने कहा, “जहां 30 वर्षों तक कूड़ा फेंका जाता था, वहां अब राष्ट्र प्रेरणा स्थल बनाया गया है। वहां डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और ‘भारत रत्न’ अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। लखनऊ में ग्रीन कॉरिडोर, मेट्रो और सभी जन-सुविधाएं उपलब्ध हैं।”

