Saturday, February 14, 2026
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वैष्णो देवी की तरह मचैल माता यात्रा में भी मिलेगी यह खास सुविधा, श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए अहम कदम

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जम्मू-कश्मीर डेस्क: मचैल माता की पवित्र यात्रा को अब और ज्यादा सुरक्षित बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। पिछले साल की दर्दनाक घटना से सीख लेते हुए प्रशासन ने एक अहम कदम उठाने का फैसला किया है। अब मचैल यात्रा में आरएफआईडी (RFID) तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि हर श्रद्धालु की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

दरअसल, 14 अगस्त 2025 को मचैल यात्रा के दौरान बादल फटने से भारी तबाही हुई थी। इस हादसे में 60 से ज्यादा श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी, 100 से अधिक लोग घायल हुए थे और कई लोग लंबे समय तक लापता रहे। राहत और बचाव कार्य करीब एक महीने तक चला। इस घटना ने साफ कर दिया कि पुरानी व्यवस्थाएं अब पर्याप्त नहीं हैं और नई तकनीक अपनाना जरूरी है।

इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन अब मचैल यात्रा को वैष्णो देवी यात्रा की तरह आधुनिक और तकनीकी रूप से मजबूत बनाना चाहता है। नई व्यवस्था के तहत हर श्रद्धालु को यात्रा के दौरान एक RFID कार्ड दिया जाएगा। इस कार्ड से यह पता लगाया जा सकेगा कि श्रद्धालु किस समय कहां मौजूद है। अगर किसी तरह की आपात स्थिति आती है, तो राहत और बचाव टीम को तुरंत सही जानकारी मिल सकेगी।

जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि अप्रैल से सितंबर के बीच, मानसून से पहले, आपदा से निपटने की पूरी तैयारी कर ली जाए। खास तौर पर बाढ़, भूस्खलन और खराब मौसम से जुड़ी घटनाओं को लेकर प्रशासन हमेशा सतर्क रहे।

राज्य में आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और मौसम विभाग के साथ लगातार तालमेल रखा जा रहा है। मौसम की पहले से चेतावनी, लगातार निगरानी और सही समय पर जानकारी पहुंचाने पर खास ध्यान दिया जा रहा है।

RFID सिस्टम के साथ-साथ मचैल यात्रा मार्ग पर सुरक्षित शरण स्थल और सहायक ढांचे बनाने की भी योजना है, ताकि जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित जगहों तक पहुंचाया जा सके। इसके अलावा, वैष्णो देवी समेत सभी बड़े तीर्थ स्थलों पर नियमित मॉक ड्रिल कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

किश्तवाड़ जिला प्रशासन का कहना है कि मचैल हादसे से मिले अनुभवों के आधार पर एक पूरा आपदा प्रबंधन प्लान तैयार किया गया है। प्रशासन का साफ संदेश है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उम्मीद है कि नई तकनीक, बेहतर योजना और अलग-अलग एजेंसियों के बीच मजबूत तालमेल से मचैल माता की यात्रा आने वाले समय में आस्था के साथ-साथ सुरक्षा की मिसाल बनेगी।

ब्रश करने के बाद भी आती है मुंह से बदबू? एक्सपर्ट ने बताई इसके पीछे की बड़ी वजह

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नेशनल डेस्क: मुंह से बदबू आने की समस्या आम होती जा रही है। खाने-पीने के बाद या दिनभर के दौरान कई लोग इस परेशानी से गुजरते हैं। अधिकतर लोग इसे सिर्फ पेट की खराबी या ओरल हाइजीन की कमी से जोड़ते हैं, लेकिन यह सच नहीं है। कई बार यह समस्या शरीर में किसी छिपी हुई बीमारी का संकेत भी हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, बार-बार ब्रश करने या माउथवॉश करने के बावजूद अगर बदबू बनी रहती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

बदबू आने के संभावित कारण
एक्सपर्ट आचार्य मनीष के मुताबिक, मुंह से बदबू आने के कई कारण हो सकते हैं। सबसे आम कारणों में मुंह की सफाई का ठीक से न होना, पानी की कमी, लंबे समय तक खाली पेट रहना, और सिगरेट या शराब का सेवन शामिल हैं।

गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत भी हो सकता है
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार मुंह से बदबू आने पर यह कुछ गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है। पाचन तंत्र की समस्याओं जैसे गैस, एसिडिटी या कब्ज होने पर भी यह समस्या दिखाई देती है। इसके अलावा मसूड़ों की सूजन, खून आना या जिंजिवाइटिस जैसी बीमारियां भी मुंह से बदबू आने का कारण बन सकती हैं।

साइनस, टॉन्सिल या गले के संक्रमण में म्यूकस जमा होने से भी बदबू आ सकती है। वहीं, डायबिटीज के मरीजों में मुंह से मीठी या फल जैसी बदबू महसूस हो सकती है, जो ब्लड शुगर कंट्रोल न होने का संकेत देती है। इसके अलावा, लिवर या किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियों के कारण भी मुंह की बदबू तेज या अजीब तरह की हो सकती है।

मुंह की बदबू से बचने के उपाय
एक्सपर्ट बताते हैं कि सुबह और शाम ब्रश करना, जीभ की सफाई रखना और पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। लंबे समय तक खाली पेट न रहना भी इस समस्या को कम कर सकता है। हरी सब्जियां और फल खाने से भी मुंह की बदबू पर नियंत्रण पाया जा सकता है। यदि बदबू लंबे समय तक बनी रहती है, तो समय पर डॉक्टर से जांच कराना बेहद जरूरी है। मुंह से बदबू केवल सफाई की समस्या नहीं होती, बल्कि यह पेट, दांत, डायबिटीज, लिवर या किडनी जैसी गंभीर बीमारियों का शुरुआती संकेत भी हो सकती है। सही समय पर ध्यान देने और जांच कराने से इस समस्या को रोका जा सकता है।

Kanpur: डिलीवरी बॉयज के बीच बमबाजी, ऑर्डर को लेकर हुआ था विवाद, पुलिस ने एक को हिरासत में लिया, पूछताछ जारी

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कानपुर के कल्याणपुर आवास विकास में आर्डर के विवाद में डिलीवरी ब्वॉय और उसके साथियों पर बम फेंकने के आरोप है। घटना में एक डिलीवरी ब्वॉय घायल हो गया। लोगों ने एक आरोपी को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। जानकारी के अनुसार, इनकम टैक्स हाउसिंग सोसायटी विनायकपुर निवासी सुशील कुमार आवास विकास में केसा चौराहे के पास एक फूड डिलीवरी कंपनी में बतौर डिलीवरी ब्वॉय हैं।

सुशील के मुताबिक बुधवार रात वह आर्डर ले जा रहे थे। तभी एक अन्य डिलीवरी ब्वॉय ने खुद आर्डर ले जाने को बोला। जब उन्होंने उसकी शिफ्ट सुबह और शाम की होने की बात कही, तो वह धमकी देकर चला गया और थोड़ी देर बाद अपने चार साथियों के साथ वापस आया। आरोप है कि उसने साथियों के साथ मिलकर बम चला दिए, जिसमें उसके पैर में काफी चोट आई।आरोपी युवक को हिरासत में लिया
शोर शराबा सुनकर इलाकाई युवकों ने एक युवक को दबोच लिया। पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल की और युवक को लेकर थाने पहुंची। यहां आरोपी से पूछताछ की जा रही है। वहीं, घायल सुशील कुमार को अस्पताल भेजा गया है। कल्याणपुर एसीपी आशुतोष कुमार ने बताया कि एक युवक को हिरासत में लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। 

Kanpur: यूजीसी के नए नियमों का अनूठा विरोध, वकील और किसानों ने मुंडवाया सिर, बोले- समाज का मौन रहना घातक

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कानपुर में यूजीसी के नए नियमों को तानाशाही और जातिवाद को बढ़ावा देने वाला करार देते हुए नारामऊ कछार में सवर्ण समाज के लोगों ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। विरोध की आग इतनी तीव्र थी कि पेशे से अधिवक्ता अतुल त्रिवेदी और किसान भरत व सुशील शुक्ला ने सार्वजनिक रूप से अपना सिर मुंडवा लिया।

सिर मुंडवाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने न केवल सरकार के खिलाफ आवाज उठाई, बल्कि सवर्ण समाज के उन रसूखदार लोगों पर भी निशाना साधा, जो इस कानून पर चुप्पी साधे हुए हैं। किसान भरत शुक्ला ने कहा कि यह कानून समाज को बांटने और जातिवाद की खाई को गहरा करने वाला है। ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर जिम्मेदार लोगों का मौन रहना बेहद चिंताजनक और दुखद है।अभी नौबर किया है, आगे तेहरवीं करेंगे
अधिवक्ता अतुल त्रिवेदी ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि आज हमने इस कानून के विरोध में सांकेतिक रूप से नौबर किया है। अगर इस तानाशाही कानून में सुधार नहीं किया गया, तो हम इसकी तेहरवीं करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका यह संघर्ष कानून की वापसी या संशोधन होने तक जारी रहेगा। 

लखनऊ नगर निगम को देख भैंस-बकरी घर में छुपाया

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लखनऊ- नगर निगम को देख भैंस-बकरी घर में छुपाया, बेडरूम में भैंस बंद कर बाहर से ताला लगाया, अवैध डेयरी के खिलाफ नगर निगम का अभियान, बिजनौर में रॉयल सिटी कॉलोनी में अवैध डेयरी

 

लखनऊ सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों ने की मदद,

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लखनऊ- सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों ने की मदद, हुसैनगंज चौराहे पर असहाय बुजुर्ग महिला, कपड़े दिए, सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था की, बुजुर्ग महिला

लखनऊ 2 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें लखनऊ डायवर्ट

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लखनऊ- 2 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें लखनऊ डायवर्ट, कुवैत, शारजाह से काठमांडू जा रही थी फ्लाइट, घना कोहरा, कम विजिबिलिटी से विमान डायवर्ट, काठमांडू ATC ने लैंडिंग की अनुमति नहीं दी थी, जजीरा एयरलाइंस की फ्लाइट लखनऊ उतरी, विमान में 169 यात्री, 6 क्रू मेंबर थे सवार, मौसम साफ होने पर दोनों विमान रवाना किए गए

लखनऊ आतंकी फैजान से पूछताछ करेगी ATS

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लखनऊ- आतंकी फैजान से पूछताछ करेगी ATS,यूपी एटीएस की टीम अहमदाबाद रवाना, फैजान के यूपी कनेक्शन पर होगी पूछताछ, मूल रूप से रामपुर का रहने वाला है फैजान, फैजान को नवसारी से किया गया गिरफ्तार, पिस्टल, 6 कारतूस, आपत्तिजनक सामग्री मिली

Kanpur: बहू-बेटे ने बुजुर्ग मां के दांत-पसलियां तोड़ी, पुलिस ने इंसाफ की जगह कमरे में जड़ा ताला, पढ़ें मामला

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कानपुर में नौ महीने का दर्द सहकर बेटे को जन्म दिया। इसके बाद अंगुली पकड़कर उसे चलना सिखाया, आज उसी बेटे ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर बुजुर्ग मां के चार दांत और पसलियां तोड़ दीं। जिस बेटे के दांत निकलने पर मां खुशी के सागर में समा गई होगी, उसी बेटे ने झोली में असहनीय पीड़ा भर दी।

बेटे ने तो पसलियां तोड़ीं, न्याय के लिए कई बार थाने के चक्कर काटने वाली मांं की उम्मीद तब टूट गई, जब पुलिस ने बहू-बेटे का साथ देकर उनके कमरे में ताला डलवा दिया। मामला बिठूर थाना क्षेत्र का है। पीड़िता ने पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल से शिकायत की ताे हरकत में आई बिठूर थाना पुलिस ने आरोपी बेटे-बहू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।

चार दांत और तीन पसलियां टूट गईं
बहलोलपुर मंधना गांव निवासी मीरा त्रिवेदी (67) पत्नी शिवप्रकाश ने पुलिस को बताया कि बेटा नवनीत और बहू उनको पीटते हैं। घर में रहने नहीं देते। बेटे और बहू ने उन्हें इतनी बुरी तरह से पीटा कि चार दांत और तीन पसलियां टूट गईं। इस कारण हैलट के आईसीयू में उनका इलाज किया गया, तब उनकी जान बच सकी।

कमरे पर बेटे-बहू से ताला लगवा दिया
आरोप है कि बिठूर थाने पहुंचकर कई बार बेटे-बहू के खिलाफ प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पुलिस ने उनके कमरे पर बेटे-बहू से ताला लगवा दिया। पीड़िता के अनुसार, उनके व पति के पास न तो पहनने के लिए कपड़े हैं और न ही सोने के लिए बिस्तर हैं। दोनों लोग मकान के ऊपरी कमरे में रहने लगे।

नीचे का कमरा खुलवाने की गुहार लगाई
बार-बार जीने चढ़ने और उतरने में परेशानी के चलते अब दंपती ने पुलिस कमिश्नर से नीचे का कमरा खुलवाने की गुहार लगाई है। बिठूर इंस्पेक्टर प्रेमनारायण विश्वकर्मा ने बताया कि सीपी के आदेश पर बेटे नवनीत और उसकी पत्नी पर जानबूझकर चोट पहुंचाने और मारपीट की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।

भरण पोषण के लिए हर माह देने होंगे तीन हजार रुपये
पीड़िता के अनुसार बेटे और बहू का रवैया न सुधरने पर उन्होंने कोर्ट उपजिलाधिकारी सदर में वरिष्ठ नागरिक उप्र भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम (2007) के तहत वाद दाखिल किया। इस पर कोर्ट ने 17 जनवरी को बेटे को प्रति माह की सात तारीख को तीन हजार रुपये भरण पोषण के लिए जमा करने का आदेश दिया है।

 

Auraiya News: खुली पोल…सरकारी अस्पतालों में दवा तो कहीं जांच नहीं

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औरैया। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली टीमों के औचक निरीक्षण में सामने आ गई। सीएमओ के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की 16 टीमें सीएचसी, पीएचसी, जिला अस्पताल पहुंचीं तो खामियां ही खामियां सामने आ गईं।कहीं दवा उपलब्ध नहीं थीं तो कहीं जांच नहीं हो रही थी। कहीं मरीजों को समय से खाना नहीं मिल रहा था तो कहीं गंदगी पसरी मिली। टीमों ने खामियां ठीक कराने के निर्देश दिए।एसीएमओ डॉ. शिशिर पूरी सीएचसी दिबियापुर का निरीक्षण करने पहुंचे। दवा स्टॉक चेक किया तो 22 प्रकार की दवाएं उपलब्ध नहीं मिलीं। इनके बारे में बताया गया कि दवाएं मंगवाने के लिए पत्र भेजा है। उन्होंने लैब का भी निरीक्षण किया। यहां पाया कि मरीजों को जांच रिपोर्ट मोबाइल पर नहीं भेजी जा रही थी। मरीजों से बात की तो पता चला कि मरीजों को समय से खाना नहीं मिल रहा है।

निरीक्षण के दौरान ओपीडी में डॉ रश्मि एवं डॉ. सऊद अहमद, फार्मासिस्ट मृदुल पाल ,वार्ड व्याय उमाशंकर उपस्थित मिले। डॉ. शिशिर पुरी ने ही पीएचसी देवरपुर और फफूंद का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने सिटीजन चार्ट और शिकायत पेटिका नहीं मिली।

आग बुझाने वाले उपकरण की एक्सपायरी तिथि निकट मिली। इस दौरान जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता अखिलेश कुमार, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक अश्वनी कुमार, हिमांशु चंदन, उपेंद्र पाल, स्टाफ नर्स रीना, सोनाली, आरती सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
आयुष्मान आरोग्य केंद्र ककोर में सीएचसी की ओर से बीसीपीएम जमीर अहमद एवं एचईओ विवेक कुमार ने निरीक्षण किया। यहां मरीजों के बैठने के लिए कोई व्यवस्था नहीं मिली। आरोग्य केंद्र के सामने मिट्टी न होने के कारण बारिश में पानी भर जाता है, शौचालय का चैंबर गंदगी से भरा मिला। सीएचओ रजनी पाल ने बताया कि इस संबंध में ग्राम प्रधान से कई बार अवगत कराया गया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
जिला संयुक्त चिकित्सालय में डॉ. मनोज शंखवार निरीक्षण करने पहुंचे। यहां सबसे बड़ी समस्या पर्चा बनने को लेकर उन्हें दिखी। आधार कार्ड साथ न लाने वालों के पर्चे नहीं बन पा रहे थे। सीएमएस डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि ऑनलाइन पर्चे के लिए आधार नंबर आवश्यक है। अस्पताल के अंदर ही पानी फैला मिला, जिससे साफ कराया गया। अस्पताल में सफाईकर्मी यूनिफार्म में नहीं मिले।
एसीएमओ सीएमओ डॉ. बृजेश कुमार एवं डॉ. अनीस अंसारी ने सीएचसी बिधूना की स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। यहां अल्ट्रासाउंड जांच नहीं हो रही थी। सीएचसी बिधूना के अधीक्षक डॉ. वीपी शाक्य ने बताया कि टेक्नीशियन न होने के कारण अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहे हैं। टीम ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र असजना, रुरुगंज तथा उपकेंद्र पुरवा बड़े का भी निरीक्षण किया व साफ-सफाई दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।

सभी प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में औचक निरीक्षण करवाकर व्यवस्थाओं की जांच कराई गई है। संबंधितों को सुधार के निर्देश दिए हैं। आगे भी इसी प्रकार निरीक्षण कराए जाएंगे, जिससे हकीकत सामने आती रहे।
-डॉ. सुरेंद्र कुमार, सीएमओ।