Wednesday, February 11, 2026
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Teachers करते थे टॉर्चर… Jammu Kashmir की छात्रा ने राजस्थान के कॉलेज में उठाया खौफनाक कदम

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जम्मू डेस्क: राजस्थान के उदयपुर में पढ़ाई कर रही जम्मू-कश्मीर की बीडीएस छात्रा श्वेता सिंह ने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। श्वेता, पेसिफिक डेंटल कॉलेज की अंतिम वर्ष की छात्रा थीं और जम्मू-कश्मीर की रहने वाली थीं।

घटना गुरुवार रात की है, जब श्वेता की रूममेट ने उसे कमरे में फांसी पर लटका हुआ पाया। तुरंत हॉस्टल प्रशासन और पुलिस को सूचना दी गई। मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें श्वेता ने कुछ फैकल्टी मेंबर्स पर मानसिक उत्पीड़न और परीक्षा समय पर न कराने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

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घटना के बाद कॉलेज परिसर में हड़कंप मच गया। गुस्साए छात्रों ने विरोध मार्च निकाला और कॉलेज के बाहर सड़क जाम कर दी। छात्रों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। कॉलेज निदेशक ने प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात कर आश्वासन दिया कि जिन फैकल्टी मेंबर्स के नाम सुसाइड नोट में हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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सुखेर थाना प्रभारी रवींद्र चारण ने बताया कि श्वेता का शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और अंतिम संस्कार उसके परिजनों के पहुंचने के बाद किया जाएगा। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।

श्वेता सिंह की मौत ने एक बार फिर शिक्षा संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य और छात्रों पर बढ़ते अकादमिक दबावों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्र समुदाय ने इस घटना की निष्पक्ष जांच, दोषियों के निलंबन और न्याय की मांग की है।

मेरठ पुलिस का बड़ा कदम: छांगुर बाबा के चॉकलेटी ब्वॉय पर होगी सख्त कार्रवाई, बाप-बेटे दोनों पर कसा शिकंजा!

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Meerut News: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में अवैध धर्मांतरण के सिंडिकेट का मामला सामने आया है, जिसका मुख्य सरगना है छांगुर बाबा उर्फ जलालुद्दीन। इस सिंडिकेट में वह हिंदू बेटियों को प्रेम जाल में फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन करवाता था। अब छांगुर बाबा के चॉकलेटी ब्वॉय बदर अख्तर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मेरठ पुलिस ने बदर अख्तर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।

छांगुर बाबा के चॉकलेटी ब्वॉय के खिलाफ मुकदमा दर्ज
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मेरठ के सिविल लाइन थाने में बदर अख्तर सिद्दीकी और उनके पिता अख्तर सिद्दीकी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़िता के भाई ने बताया कि वह 2019 से पुलिस से शिकायत कर रहा था, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब इस मामले में धारा 323, धारा 3 और धारा 5(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

छांगुर बाबा के सिंडिकेट में विदेशी फंडिंग का भी मामला
जानकारी मिली है कि छांगुर बाबा के इस धर्मांतरण सिंडिकेट में विदेशी फंडिंग का भी खुलासा हुआ है। इसके अलावा, उनकी अकूत संपत्ति की जांच के लिए ईडी (एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट) ने छापेमारी की और कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं।

भदोही के शख्स ने लगाए गंभीर आरोप
भदोही के एक व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि छांगुर बाबा ने उसकी 2 बेटियों को इस्लाम धर्म अपनाने के लिए मजबूर किया और अगर वे नहीं मानीं तो जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने बताया कि बलरामपुर के जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा पर कई समुदायों के लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने का आरोप है।

छांगुर बाबा की गिरफ्तारी
उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते ने इस महीने की शुरुआत में छांगुर बाबा को गिरफ्तार किया था। ज्योतिर्गमय राय नामक पीड़िता ने आरोप लगाया कि छांगुर बाबा ने उसका ब्रेनवाश किया और उनके परिवार को धमकाया।

AMU में रात का सन्नाटा टूटा – रातोंरात 350 जवानों ने घेरा कैंपस, क्या है अचानक तैनाती की वजह?

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Aligarh News: देश की जानी-मानी यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) को आतंकी खतरे की आशंका जताई गई है। इसके चलते विश्वविद्यालय में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। यह जानकारी तब सामने आई जब केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से देश की सभी यूनिवर्सिटियों को एक चेतावनी भरा पत्र भेजा गया।

क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि कुछ आतंकी संगठन स्थानीय स्लीपर सेल की मदद से देश की उच्च शिक्षण संस्थाओं को निशाना बना सकते हैं। इस अलर्ट के बाद देशभर के विश्वविद्यालयों में सुरक्षा को लेकर हड़कंप मच गया। सभी कुलपतियों को ईमेल के जरिए पत्र भेजा गया है, जिसमें कहा गया है कि वे अपने संस्थानों में सुरक्षा के सख्त इंतजाम करें ताकि किसी भी तरह की आतंकी गतिविधि को रोका जा सके।

AMU प्रशासन अलर्ट
पत्र मिलने के बाद एएमयू प्रशासन (AMU प्रॉक्टर ऑफिस) तुरंत सक्रिय हो गया और विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया। एएमयू प्रॉक्टर मोहम्मद वसीम अली ने पुष्टि करते हुए बताया कि हमें मंत्रालय से पत्र प्राप्त हुआ है। उसमें कहा गया है कि यूनिवर्सिटी को खतरा हो सकता है, इसलिए सुरक्षा को मजबूत किया जाए। हमने इस निर्देश के तहत तुरंत कदम उठाए हैं।

क्या-क्या इंतजाम किए गए?
– एएमयू के तीनों मुख्य गेटों पर आने-जाने वाले हर व्यक्ति और वाहन की सख्त चेकिंग की जा रही है।
– यूनिवर्सिटी में करीब 350 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।
– कैंपस के अंदर और बाहरी क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है।
– सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

अलर्ट मोड में खुफिया एजेंसियां
खुफिया एजेंसियों के इनपुट के मुताबिक, उच्च शिक्षण संस्थान आतंकी साजिशों का निशाना बन सकते हैं, क्योंकि ये भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील इलाके होते हैं। ऐसे में समय रहते कदम उठाना जरूरी था। मंत्रालय ने सभी यूनिवर्सिटियों से कहा है कि वे अपने सिक्योरिटी सिस्टम को अपग्रेड करें और स्थानीय पुलिस से तालमेल बनाकर चलें।

”मैं अभी आई” कहकर लाई दूध, फिर दूल्हे और घरवालों को कर दिया बेहोश! जानिए लुटेरी बहू की होश उड़ाने वाली कहानी

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Agra News: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक नवविवाहिता ने पहले प्यार का नाटक किया और फिर पूरे घर को नशे में सुलाकर नकदी और गहने लेकर फरार हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

4 जुलाई को हुई थी शादी
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह मामला आगरा के शमशाबाद गांव का है, जहां के रहने वाले सचिन की शादी 4 जुलाई को कविता नाम की युवती से हुई थी। शादी धूमधाम से हुई, घरवालों ने बहू का खूब स्वागत किया और सब कुछ सामान्य चल रहा था। शादी के कुछ दिन बाद तक सब कुछ ठीक था। लेकिन  शादी के लगभग 12-15 दिन बाद, एक रात कविता ने सोने से पहले घर के सभी लोगों को दूध में नशीली दवा मिलाकर पिला दी। उसके बाद जब सब लोग बेहोशी की हालत में सो गए, तो वह घर में रखे सोने-चांदी के गहने और नकदी लेकर फरार हो गई।

सुबह उठे तो उड़े होश
बताया जा रहा है कि सुबह जब घर के सदस्य उठे तो देखा कि कविता गायब है और घर की अलमारी व लॉकर खाली हैं। नकदी और जेवरात गायब देखकर सबके होश उड़ गए। सचिन और परिवार वाले सीधे थाने पहुंचे और पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी।

पुलिस ने 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार
थाना शमशाबाद के प्रभारी टीपी तिवारी ने बताया कि यह एक गिरोह है, जो शादी के नाम पर लोगों को लूटने का काम करता है। युवतियों की शादी करवा कर, कुछ दिन बाद पूरे घर को लूटकर फरार हो जाते हैं। पुलिस ने 22 जुलाई को मामला दर्ज कर लिया था और जांच शुरू की। बुधवार को धिमश्री इलाके के पास से पुलिस ने 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया, जिनमें लुटेरी दुल्हन कविता भी शामिल है। गिरोह के दो सदस्य, ओम प्रकाश और राजेंद्र, अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।

आवारा कुत्तों का आतंक! बुजुर्ग महिला पर किया हमला, फाड़ डाले हाथ-पैर, बाल नोचे…दूर तक फैला मांस

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UP News: उत्तर प्रदेश में आवारा कुत्तों का आतंक खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा। बिजनौर में भी कुत्तों के झुंड ने एक बुजुर्ग महिला पर हमला कर दिया। कुत्तों ने बुजुर्ग को बुरी तरह नोच दिया। उसके हाथ-पैर फाड़ दिए और उसके शरीर का मांस दूर तक फैला दिया। इस हमले की जानकारी होने पर बुजुर्ग महिला की पुत्रवधू पहुंची और महिला की हालत देखकर बेहोश हो गई। इलाके में दहशत फैल गई और लोगों ने घर से निकलना बंद कर दिया है।

चीखती रही महिला, नोचते रहे कुत्ते  
जानकारी के मुताबिक, अफजलगढ़ के गांव सलावतनगर में बृहस्पतिवार को धान की निराई कर रही झाड़पुरा निवासी मुन्नी देवी (65) को आवारा कुत्तों के झुंड ने नोचकर मार डाला। कुत्ते महिला को काफी देर तक नोचते रहे। सिर के बाल तक नोच डाले और हाथ-पैरों को बुरी तरह फाड़ डाला। शोर सुनकर एकत्र हुए ग्रामीण खूंखार कुत्तों को देख महिला को बचाने की हिम्मत नहीं कर पाए। इसके बाद लाठी-डंडे लेकर लोग पहुंचे और कुत्तों को भगाया। लेकिन, तब तक काफी देर हो चुकी थी और महिला दम तोड़ चुकी थी।

इलाके में फैली दहशत 
इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। गांव के कुछ लोगों ने बताया कि कुत्ते उग्र होकर लोगों पर हमला कर रहे हैं। हर रोज 15 से 20 लोगों को काटकर जख्मी कर रहे है। ये महिला, बच्चों व वृद्धों को अपना शिकार बना रहे है। गांव में कुत्तों का आतंक इतना बढ़ गया है कि लोगोें का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। उनका कहना है कि बच्चों को घर से निकलने नहीं दिया, ना जाने कुत्तों कहा से आएंगे और हमला कर देंगे।

Op Sindoor: CDS अनिल चौहान का बड़ा बयान, तीनों स्तर पर सेना तैयार.. ऑपरेशन सिंदूर अभी भी है जारी

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नेशनल डेस्क: चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है और देश की सैन्य तैयारियों का स्तर बहुत ऊंचा होना चाहिए। जनरल चौहान ने कहा कि तैयारियां ऐसी होनी चाहिए कि देश की सेना चौबीसों घंटे और पूरे 365 दिन पूरी तरह मुस्तैद रहे। यह बात उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित एक रक्षा संगोष्ठी के दौरान कही।

सीडीएस ने आगे बताया कि युद्ध के बदलते परिदृश्यों में भविष्य के सैनिक को सूचना, तकनीक और युद्ध कौशल का ऐसा समन्वय रखना होगा जो उसे सच्चे वॉरियर के रूप में तैयार करे। उन्होंने कहा कि सेना के लिए ‘शस्त्र’ यानी युद्ध और ‘शास्त्र’ यानी ज्ञान दोनों का होना आवश्यक है।

तीनों स्तर पर दक्षता जरुरी
जनरल अनिल चौहान ने आधुनिक युद्ध की बदलती रणनीतियों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज की लड़ाइयां पारंपरिक सीमाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये पारदर्शी, तीव्र, बहु-क्षेत्रीय और तकनीकी रूप से अत्यंत जटिल हो चुकी हैं। उन्होंने इस बदलाव को तीसरी सैन्य क्रांति बताया और कहा कि आज का युद्ध केवल बंदूक और टैंक तक सीमित नहीं रह गया है।

सीडीएस के अनुसार, आज के सैनिक को सामरिक, परिचालन और रणनीतिक तीनों स्तरों पर दक्ष होना आवश्यक है। साथ ही, थल, जल, वायु के साथ साइबर और कॉग्निटिव वारफेयर जैसे नए युद्धक्षेत्रों में भी सक्षम होना होगा। यह युग ऐसा है जहां ड्रोन हमले, साइबर अटैक, नैरेटिव वार और अंतरिक्ष में बाधाएं एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं।

‘कन्वर्जेंस वॉरफेयर’ का जिक्र
जनरल चौहान ने ‘कन्वर्जेंस वॉरफेयर’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए बताया कि काइनेटिक (पारंपरिक) और नॉन-काइनेटिक (डिजिटल) युद्ध अब आपस में पूरी तरह मेल खा गए हैं। पहली और दूसरी पीढ़ी के युद्ध अब तीसरी पीढ़ी के साइबर और AI आधारित युद्ध के साथ सम्मिलित हो चुके हैं।

‘हाइब्रिड वॉरियर’ का मतलब समझाया
सीडीएस ने भविष्य के ‘हाइब्रिड वॉरियर’ की परिकल्पना भी पेश की। ऐसे योद्धा जो सीमा पर लड़ सकेंगे, रेगिस्तान में रणनीति बना सकेंगे, शहरी इलाकों में काउंटर-इंसर्जेंसी ऑपरेशन कर सकेंगे, ड्रोन और साइबर हमलों का मुकाबला कर सकेंगे और प्रभावशाली सूचना अभियान भी चला सकेंगे। जनरल चौहान ने कहा कि आने वाले समय में तीन प्रकार के योद्धाओं की जरूरत होगी टेक वॉरियर्स, इंफो वॉरियर्स और स्कॉलर वॉरियर्स।

जहां टेक वॉरियर्स AI और साइबर ताकत का उपयोग करेंगे, वहीं इंफो वॉरियर्स नैरेटिव्स का निर्माण करेंगे और फर्जी सूचनाओं का मुकाबला करेंगे। स्कॉलर वॉरियर्स रणनीति और युद्ध विज्ञान की गहरी समझ के साथ निर्णायक भूमिका निभाएंगे। सीडीएस के अनुसार, भविष्य के युद्धों में सैनिकों के लिए इन तीनों भूमिकाओं में दक्षता अनिवार्य होगी। यही आधुनिक युद्ध की नई परिभाषा है।

देवता पति निकला राक्षस! गर्भवती पत्नी को मारकर शव के पास पीता रहा शराब और खाता रहा अंडे की भुर्जी, फिर जब बदबू…

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नेशनल डेस्क। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक ऐसा दिल दहला देने वाला और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है जिसने सबको स्तब्ध कर दिया है। यहां एक 20 साल के पति पर अपनी गर्भवती पत्नी की हत्या का आरोप लगा है। हत्या के बाद उसने शव के सामने बैठकर खाना खाया, शराब पी और सो गया। दो दिन बाद जब शव से बदबू आने लगी तब मकान मालिक ने पुलिस को सूचना दी और पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया।

प्रेम विवाह, फिर झगड़े और खूनी अंत

यह पूरा मामला उत्तर प्रदेश के रहने वाले शिवम सहाने (20) और सुमन (22) का है। छह महीने पहले दोनों ने परिवार के खिलाफ जाकर भागकर शादी की थी और बेंगलुरु आ गए थे। यहां वे दो कमरों के किराए के मकान में रहते थे। शिवम पेशे से पेंटर था। शादी के तीन महीने बाद ही सुमन गर्भवती हो गई थी।

हालांकि गर्भवती होने के बावजूद दोनों पति-पत्नी के बीच आए दिन बहस और झगड़े होते रहते थे। रिपोर्ट के मुताबिक शिवम को शक था कि सुमन का किसी और से अवैध संबंध चल रहा है। बेवफाई के इसी शक में शिवम छोटी-छोटी बातों पर सुमन से झगड़ा करता था।

हत्या का तरीका: मारपीट और फिर लाश के सामने सामान्य व्यवहार

पुलिस के मुताबिक सोमवार रात को शिवम और सुमन के बीच फिर से झगड़ा हुआ और शिवम ने सुमन के साथ मारपीट की। मारपीट के बाद दोनों अलग-अलग कमरों में सो गए। बताया जा रहा है कि उसी रात बेडरूम में सो रही सुमन की मौत हो गई। हालांकि उसके शरीर पर कोई बाहरी चोट के निशान नहीं थे लेकिन पुलिस को संदेह है कि नाक से खून आना किसी जोरदार थप्पड़ की वजह से हो सकता है।

मंगलवार की सुबह शिवम ने सुमन को जगाने की कोशिश की लेकिन जब उसने कोई जवाब नहीं दिया तो शिवम ने खाना बनाया, खाया और काम पर चला गया। रात में वापस आकर भी शिवम ने फिर से शराब पी और खाना खाया जबकि सुमन का शव उसी बेडरूम में पड़ा था।

बुधवार की सुबह शिवम ने एक बार फिर से सुमन को जगाने की कोशिश की और तब उसे पता चला कि सुमन की जान जा चुकी है। अधिकारियों को सूचित करने के बजाय उसने अंडे की भुर्जी बनाई और लाश के पास बैठकर शराब पीते हुए खाया।

शव ठिकाने लगाने की कोशिश और गिरफ्तारी

इसके बाद शिवम ने शव को ठिकाने लगाने की सोची लेकिन पकड़े जाने के डर से उसने यह विचार छोड़ दिया। बुधवार की सुबह वह घर से भाग गया।

दो दिन बाद जब घर से तेज बदबू आने लगी तो मकान मालिक ने पुलिस को सूचना दी। हनूर पुलिस ने शिकायत मिलने के तुरंत बाद हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी शिवम सहाने को गिरफ्तार कर लिया।

एक अधिकारी ने बताया, “महिला की मौत तीन दिन पहले होने का शक है। शरीर पर कोई बाहरी चोट के निशान नहीं थे। हालांकि नाक से खून आना किसी जोरदार थप्पड़ की वजह से हो सकता है।” शिवम के खिलाफ बीएनएस 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल आगे की जांच जारी है।

डिलीवरी बॉय के भेष में आए बदमाश, ज्वेलरी शॉप से लूट ले गए कीमती गहने, देखें घटना का पूरा वीडियो

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नेशनल डेस्क : यूपी के गाजियाबाद से एक सनसनीखेज लूट की वारदात सामने आई है। बृज विहार इलाके में स्थित मानसी ज्वेलर्स में दो हथियारबंद बदमाशों ने दिनदहाड़े लाखों रुपये के गहने लूट लिए। पूरी घटना दुकान में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

डिलीवरी बॉय बनकर दुकान में घुसे बदमाश

दुकान के कर्मचारियों ने बताया कि दोनों बदमाश डिलीवरी बॉय के वेश में आए थे। पहले उन्होंने सामान्य ग्राहक की तरह बर्ताव किया, लेकिन थोड़ी देर बाद उन्होंने पैंट में छुपाए हुए हथियार निकाल लिए। जब एक कर्मचारी ने रोकने की कोशिश की, तो बदमाशों ने टी-शर्ट ऊपर उठाकर बंदूक दिखाई और गालियां देकर डराने लगे।

कुछ ही मिनटों में लूटे लाखों के गहने

डर के मारे कर्मचारी कुछ नहीं कर पाए और बदमाश आराम से गहनों को बैग में भरते चले गए। कुछ ही मिनटों में वे 20 किलो चांदी और 125 ग्राम सोने के गहने लेकर फरार हो गए। कर्मचारियों के मुताबिक बदमाशों के पास हथियार थे और वे किसी भी हद तक जा सकते थे।

पुलिस ने की कार्रवाई, बदमाशों की तलाश जारी

वारदात की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। CCTV फुटेज जब्त कर लिया गया है और आरोपियों की पहचान के लिए टीमें बना दी गई हैं। एसपी सिटी ने बताया कि जल्द ही लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

स्थानीय व्यापारियों में दहशत

दिनदहाड़े हुई इस वारदात से इलाके के व्यापारियों में डर का माहौल है। उन्होंने पुलिस से गश्त बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। फिलहाल पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और लुटेरों की तलाश तेज कर दी है।

 

कनाडा जाने के लिए बैंक में कितना पैसा होना चाहिए और कौन-कौन से कागज़ात जरूरी हैं? जानिए पूरी जानकारी

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नेशनल डेस्क : अगर आप विदेश यात्रा का सपना देख रहे हैं, खासकर कनाडा जाने का, तो इसके लिए सबसे पहले आपके पास पासपोर्ट और वीज़ा होना ज़रूरी है। वीज़ा कई प्रकार के होते हैं, जैसे कि स्टूडेंट वीज़ा, टूरिस्ट वीज़ा, बिजनेस वीज़ा आदि। लेकिन वीज़ा अप्लाई करते समय कुछ ज़रूरी बातें ध्यान में रखना बहुत ज़रूरी है, खासकर बैंक बैलेंस को लेकर।

कनाडा वीज़ा के लिए बैंक बैलेंस कितना होना चाहिए?

कनाडा के वीज़ा के लिए आपके बैंक खाते में कम से कम 15 लाख रुपये होना ज़रूरी माना जाता है। ध्यान रहे कि यह रकम वीज़ा आवेदन के समय पहले से ही खाते में होनी चाहिए, न कि अचानक से जमा की गई हो। अगर वीज़ा अधिकारी को लगता है कि पैसे अचानक जमा किए गए हैं या खाते में कोई बड़ा लेन-देन हुआ है, तो वीज़ा रिजेक्ट भी हो सकता है।

वीज़ा की अवधि और प्रकार पर भी निर्भर करता है खर्च

बैंक बैलेंस की ज़रूरत आपके वीज़ा के प्रकार, उसकी अवधि और आपके साथ कौन-कौन जा रहा है। इन सभी चीज़ों पर निर्भर करती है।

उदाहरण के लिए:

  • स्टूडेंट वीज़ा में खर्च ज़्यादा आता है क्योंकि पढ़ाई की फीस और रहने का खर्च शामिल होता है।
  • टूरिस्ट वीज़ा के लिए बैंक बैलेंस अपेक्षाकृत कम भी चल सकता है, लेकिन न्यूनतम 10–15 लाख रुपये का बैलेंस सुरक्षित माना जाता है।

वीज़ा के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ चाहिए?

कनाडा वीज़ा के लिए आवेदन करते समय आपको निम्नलिखित डॉक्युमेंट्स देने होते हैं:

  • पासपोर्ट (वैधता अवधि के साथ)
  • पासपोर्ट साइज़ फोटो
  • बैंक स्टेटमेंट (6 महीने तक का)
  • एड्रेस प्रूफ (निवास प्रमाण पत्र)
  • एजुकेशन सर्टिफिकेट (स्टूडेंट वीज़ा के लिए)
  • इन्कम प्रूफ (यदि खुद खर्च उठा रहे हैं)
  • वीज़ा एप्लिकेशन फॉर्म

वीज़ा कितने प्रकार के होते हैं?

कनाडा में जाने के लिए अलग-अलग उद्देश्य के हिसाब से कई तरह के वीज़ा होते हैं:

  • स्टूडेंट वीज़ा – पढ़ाई के लिए
  • टूरिस्ट वीज़ा – घूमने के लिए
  • वर्क वीज़ा – नौकरी के लिए
  • बिजनेस वीज़ा – व्यापार हेतु
  • PR वीज़ा – स्थायी निवास के लिए
  • डिप्लोमैटिक वीज़ा – राजनयिक कार्यों के लिए
  • मेडिकल वीज़ा –  इलाज के लिए
  • फैमिली/डिपेंडेंट वीज़ा – परिवार या आश्रितों के लिए

वीज़ा प्रोसेस में कितना समय लगता है?

  • टूरिस्ट वीज़ा: 3 से 4 महीने लग सकते हैं।
  • स्टूडेंट वीज़ा: आमतौर पर 6 महीने तक का समय लगता है।
  • वर्क और PR वीज़ा: इसमें समय अधिक लग सकता है, और प्रक्रिया अधिक जटिल होती है।

वीज़ा प्रक्रिया में कितना खर्च आता है?

अगर आप वीज़ा खुद अप्लाई करते हैं, तो शुल्क कम होता है। लेकिन अगर आप एजेंट की मदद लेते हैं, तो खर्च थोड़ा ज़्यादा हो सकता है:

  • एजेंट के ज़रिए स्टूडेंट वीज़ा: करीब ₹1 लाख तक खर्च आ सकता है।
  • टूरिस्ट वीज़ा: एजेंट के ज़रिए लगभग ₹50,000 तक खर्च हो सकता है।

भारत से कौन सबसे ज़्यादा कनाडा जाता है?

कनाडा में स्टडी और परमानेंट रेजीडेंसी (PR) के लिए सबसे ज़्यादा लोग भारत से ही जाते हैं। वहीं, टूरिज़्म के मामले में कनाडा में सबसे ज़्यादा अमेरिकी नागरिक घूमने आते हैं।

 

दिल्ली में खौफनाक खुलासा: जेंडर चेंज करा बने लड़की, फिर घुस आया देश में…पुलिस ने किया पर्दाफाश

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नेशनल डेस्क: दिल्ली पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश करते हुए जहांगीरपुरी इलाके से दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों ट्रांसजेंडर व्यक्ति अपनी पहचान छिपाने के लिए जेंडर चेंज सर्जरी कराकर महिलाओं जैसे बन गए थे और अवैध रूप से भारत में घुस आए थे। दिल्ली पुलिस के अनुसार, दिन में ये भीख मांगते थे और रात में गंभीर वारदातों को अंजाम देते थे, जिससे इनके खतरनाक इरादों का खुलासा हुआ है।

दिल्ली पुलिस की नॉर्थ-वेस्ट डिस्ट्रिक्ट की फॉरेनर सेल ने इनके पास से दो पहचान पत्र और दो स्मार्टफोन बरामद किए हैं, जिनमें प्रतिबंधित IMO (आईएमओ) ऐप इंस्टॉल था। इस कार्रवाई ने दिल्ली पुलिस की सतर्कता और अपराध पर लगाम लगाने की प्रतिबद्धता को एक बार फिर साबित किया है।

गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
दिल्ली पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि जहांगीरपुरी इलाके में कुछ बांग्लादेशी नागरिक रात के अंधेरे में गैरकानूनी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। इस जानकारी के आधार पर फॉरेनर सेल ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया। इसके बाद, 23 जुलाई 2025 को भलस्वा डेयरी फ्लाईओवर के नीचे से इन दोनों व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये बांग्लादेशी नागरिक हैं और बिना किसी वैध दस्तावेज के भारत में रह रहे थे। पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान मोहम्मद रईसुल इस्लाम उर्फ तनीषा मंडल और मोहम्मद इब्राहिम हाउलादर उर्फ इभा मंडल के तौर पर की गई है।

पहचान छिपाने के लिए कराया जेंडर चेंज
पुलिस के अनुसार, इन दोनों ने अपनी असली पहचान छिपाने के लिए जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी कराई थी, ताकि वे महिलाओं जैसे दिख सकें। इसके साथ ही, ये भारी मेकअप लगाकर साड़ी या सलवार सूट पहनते थे, नकली बाल (विग) लगाते थे और महिलाओं जैसे गहने भी पहनते थे। इन्होंने अपनी आवाज़ और हाव-भाव को भी महिलाओं जैसा बना लिया था, ताकि कोई उनके बांग्लादेशी होने का शक न कर सके।

इनके फोन की गैलरी और इंस्टाग्राम अकाउंट से बांग्लादेश के कई फोटो मिले, जिनसे उनकी राष्ट्रीयता की पुष्टि हुई। पूछताछ में इन्होंने स्वीकार किया कि वे अवैध रूप से भारत में रह रहे थे।

दिन में रेकी, रात में वारदातें
जाँच में सामने आया कि ये दोनों दिन में कचरा बीनने और भीख मांगने का काम करते थे। लेकिन, रात के समय ये चोरी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल हो जाते थे। पुलिस ने इनके पास से बरामद किए गए दो पहचान पत्र और दो स्मार्टफोन में प्रतिबंधित IMO ऐप पाया। यह ऐप आमतौर पर अवैध गतिविधियों के लिए इस्तेमाल होता है, जिससे इनके खतरनाक इरादों का पता चला।