Sunday, February 15, 2026
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Auraiya News: सप्ताह में एक दिन बच्चों को मिलेगी मशरूम की सब्जी

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औरैया। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा तैयार किया गया मशरूम अब परिषदीय स्कूलों के बच्चों का आहार बनेगा। पायलट प्रोजेक्ट के तहत यह प्रयास भाग्यनगर ब्लॉक के स्कूलों में शुरू किया जा रहा है। प्रशासन का यह प्रयोग बच्चों को जहां पौष्टिक आहार मुहैया कराएगा। वहीं महिलाओं के स्वावलंबन की राह को मजबूती मिलेगी।पायलट प्रोजेक्ट के तहत भाग्यनगर ब्लॉक के 90 परिषदीय स्कूलों को इस प्रयोग में जोड़ा गया है। ब्लॉक के पांच स्वयं सहायता समूह मशरूम का उत्पादन कर रहे हैं। महिलाओं के इस स्वरोजगार को अब पायलट प्रोजेक्ट के तहत कई गुना बढ़ाया जाएगा। 90 स्कूलों के 14 हजार से ज्यादा नौनिहालों को सप्ताह में एक दिन मशरूम की सब्जी खिलाई जाएगी।

ऐसे में बच्चों के सापेक्ष मशरूम का उत्पादन बढ़ाने के लिए स्वयं सहायता समूहों ने अपने बैग बढ़ाने शुरू कर दिए हैं, ताकि फरवरी से स्कूलों में छात्र संख्या के अनुरूप मशरूम की सप्लाई दी जा सके। प्रत्येक समूह को 18-18 स्कूलों की सूची दी गई है। यहां के प्रधानाध्यापक व समूह की महिलाओं का आपसी तालमेल भी बैठा दिया गया है।

सप्ताह में एक दिन मशरूम मुहैया कराने के लिए समूहों ने चार से छह किलो मशरूम का मानक तय किया है। समूहों ने 70-70 मशरूम के बैग तैयार किए गए हैं। देवरपुर गांव के लकी स्वयं सहायता समूह की पिंकी देवी ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के मौके को देखकर उन्होंने मशरूम के बैग 10 से बढ़ाकर 70 कर लिए हैं। अगले माह से उत्पादन बढ़ जाएगा। इस पर स्कूलों में सप्लाई दी जाएगी। अभी तक महज कुछ लोगों को ही मशरूम बिक्री करते थे। लेकिन परिषदीय स्कूलों में खपत आने से अच्छा मुनाफा मिलने की उम्मीद है।

भाग्यनगर ब्लॉक के स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट फरवरी में शुरू होगा। समूह की महिलाओं को मशरूम का उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। 18-18 स्कूलों की जिम्मेदारी एक समूह को दी गई है। मध्याह्न भोजन में मशरूम की सब्जी से बच्चों को पर्याप्त पोषण मिलेगा।
-संजीव कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी

Auraiya News: तापमान बढ़ने से सरसों की फसल को माहू से खतरा

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बिधूना। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के चलते किसानों की चिंता बढ़ गई है। कोहरे के बाद तेज धूप निकलने से तापमान में वृद्धि हो रही है। इससे सरसों की फसल में माहू रोग का प्रकोप बढ़ने की आशंका है।मौसम वैज्ञानिक डॉ. रामपलट ने बताया कि जिन खेतों में सरसों की फसल में फूल आ चुके हैं, वहां माहू का हमला होने की संभावना अधिक रहती है। तापमान बढ़ने और धूप निकलने की स्थिति में माहू का आना स्वाभाविक है। यह कीट फूलों के नीचे, तने व कोमल हिस्सों पर हल्के काले रंग के झुंड के रूप में दिखाई देता है।

डॉ. पलट ने बताया कि माहू कीट पौधों का रस चूसकर फसल को कमजोर कर देता है। इससे फूल झड़ने लगते हैं और फलियों का विकास प्रभावित होता है। इससे पैदावार में भारी गिरावट आ सकती है। उन्होंने कहा कि किसान माहू दिखाई देने पर तुरंत दवा का छिड़काव करें।

इसके लिए इमिडाक्लोप्रिड, थायोमेथोक्सम या साइपरमेथ्रिन दवा का प्रयोग किया जा सकता है। दवा की मात्रा एक मिली प्रति लीटर पानी के हिसाब से घोल बनाकर सुबह या शाम के समय छिड़काव करें। तेज धूप और हवा में छिड़काव से बचें।

मौसम वैज्ञानिक ने किसानों से अपील की कि नियमित रूप से अपने खेतों का निरीक्षण करें और प्रारंभिक अवस्था में ही माहू पर नियंत्रण कर सरसों की फसल को सुरक्षित रखें।

Auraiya News: 42 साल पुरानी टंकी जर्जर, पांच साल से सफाई नहीं

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दिबियापुर। नगर पंचायत दिबियापुर में 15 वार्डों में पेयजल आपूर्ति के लिए 42 साल पहले बनाई गई पानी की टंकी जर्जर हो चुकी है, पांच साल से इसकी सफाई भी नहीं की गई।लोगों का आरोप है कि पानी के साथ अक्सर बालू और गंदगी आ जाती है। उधर, नगर पंचायत में पानी की तीन नई टंकियों का निर्माण हो चुका है, पर अभी यह हैंडओवर नहीं की गई हैं।वर्ष 1984 में नुमाइश मैदान पर 6.50 लाख लीटर पानी की क्षमता वाली टंकी बनाई गई थी। यह अब जर्जर हो चुकी है। हैरानी की बात यह है कि बीते पांच वर्षों से इसकी सफाई तक नहीं कराई गई, जबकि इसी टंकी से 15 वार्डों में करीब 12 हजार की आबादी को पानी की सप्लाई की जाती है।

वर्ष 1984 में नुमाइश मैदान पर 6.50 लाख लीटर पानी की क्षमता वाली टंकी बनाई गई थी। यह अब जर्जर हो चुकी है। हैरानी की बात यह है कि बीते पांच वर्षों से इसकी सफाई तक नहीं कराई गई, जबकि इसी टंकी से 15 वार्डों में करीब 12 हजार की आबादी को पानी की सप्लाई की जाती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नलों से आने वाले पानी में अक्सर बालू और गंदगी दिखाई देती है, इसके बावजूद न तो नगर पंचायत और न ही जल निगम इस पर गंभीर है।

नगर में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के नाम पर बनाई गई तीन नई पानी की टंकियां भी सवालों के घेरे में हैं। भगवतीगंज स्थित कांशीराम कॉलोनी में 11 लाख लीटर, रोडवेज बस स्टैंड के पास सात लाख लीटर और उमरी ग्राम पंचायत में पांच लाख लीटर क्षमता की टंकियों का अभी ट्रायल चल रहा है।

जल निगम ने इन्हें नगर पंचायत को औपचारिक रूप से हैंडओवर नहीं किया है, इसके बावजूद इनसे कनेक्शन देने का काम जारी है और कई कनेक्शन पहले ही दिए जा चुके हैं।

लोग बोले-नियमित सफाई हो
गंदगी आ रही
पेयजल व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। पानी के साथ कभी बालू व गंदगी भी आने लगती है। टंकियों की नियमित सफाई होनी चाहिए।
– कुलभूषण कुमार

नई टंकियां बन चुकी हैं तो उनसे पानी दिया जाए। अभी जो पानी मिल रहा है, उसे छानकर पीना पड़ता है।
– नरेंद्र प्रताप सिंह

पानी की जांच के लिए सैंपल भेजा जा चुका है। नई टंकियों से कनेक्शन देने का काम चल रहा है। हैंडओवर होते ही इनके जरिये पानी की आपूर्ति की जाएगी। टंकी की सफाई की जांच कराई जाएगी।

– विनय पांडे, अधिशासी अधिकारी दिबियापुर

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फोटो-37-नुमाइश मैदान के पास बनी पानी की टंकी। संवाद

फोटो-37-नुमाइश मैदान के पास बनी पानी की टंकी। संवाद

फोटो-37-नुमाइश मैदान के पास बनी पानी की टंकी। संवाद

फोटो-37-नुमाइश मैदान

यूपी: राजधानी में 200 से ज्यादा जगहों पर खुले हैं नाले, 20 करोड़ लगाकर बंद करने की कवायाद शुरू; होगी सफाई भी

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शहर में आम आदमी के लिए खतरे का सबब बने खुले नाले जल्द ढके जाएंगे। नगर निगम ने 110 वार्डों में सर्वे के बाद 200 से ज्यादा ऐसी जगहों की पहचान की है जहां नाले काफी समय से खुले हैं और खतरनाक हैं। इन नालों को ढकने के लिए करीब 20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।बीते वर्ष खुले नालों में गिरने से कई लोगों की जान गई। अमर उजाला ने भी इस मुद्दे पर शासन-प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया था। जहां-जहां हादसे हुए वहां नाले को नगर निगम ने तुरंत ढकवा दिया, लेकिन अन्य खुले नालों को वैसे ही छोड़ दिया गया। अब नगर आयुक्त ने इन्हें ढकने के लिए बजट की मंजूरी दी है। टेंडर प्रक्रिया पूरी कर एक महीने में काम भी शुरू किया जाएगा।

नगर निगम के मुख्य अभियंता महेश वर्मा ने बताया कि 110 वार्डों का सर्वे करके खुले पड़े खतरनाक नालों की पहचान की गई है। शहर में ऐसे 200 से अधिक स्थान चिह्नित किए गए हैं। 

नालों की सफाई का काम भी होगा

नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि बारिश से पहले नालों की सफाई का अभियान अभी से चलाया जाएगा। छोटे नालों के साथ ही बड़े नालों की सफाई भी कराई जाएगी। इसके लिए निर्देश दिए गए हैं। इस बार योजना है कि वर्ष में नालों की दो बार अच्छी तरह से सफाई हो।

वार्डों में सफाई की होगी प्रतिस्पर्धा
स्वच्छ सर्वेक्षण को देखते हुए सफाई के लिए भी नगर निगम विशेष अभियान चलाएगा। इसके तहत वार्डों के बीच साफ-सफाई की प्रतिस्पर्धा कराई जाएगी। जो वार्ड सफाई, कूड़ा कलेक्शन आदि में अव्वल रहेगा, उसको पुरस्कृत भी किया जाएगा। इस संबंध में सभी जोनल सिनेटरी अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं।

अभियान चलाकर ढका जाएगा
शहर में जो भी नाले खुले हैं और लोगों के लिए खतरनाक हैं, उन्हें अभियान चलाकर ढका जाएगा। इसके लिए बजट पास किया गया है। एक महीने में यह काम शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही नालों की सफाई के लिए भी अभियान चलाया जाएगा।

Varanasi News: वाराणसी में चीनी मांझे ने 10 राहगीरों को किया लहूलुहान, मफलर-जैकेट ने बचाई जान

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आसमान में उड़ती पतंग की डोर में लगे चीन के मांझे ने बुधवार को 10 लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। चीन के जानलेवा मांझे से किसी की गर्दन, किसी की नाक और किसी का हाथ या बांह कट गया। जैकेट और गले में लपेटे मफलर ने अधिकतर लोगों की जान बचा ली। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में सुबह से देर शाम तक छह घायलों को भर्ती कराया गया।

मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के बरेका रोड, ककरमत्ता में बाइक सवार ऋषभ वर्मा (27) का गला चीन के मांझे से कट गया। उन्हें तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां गले में सात टांके लगाए गए। दुर्गाकुंड में उपकेंद्र नगर पार्क के सामने स्कूटी सवार कृति गिरी के बायें गाल पर मांझे से कट लगा। हेलमेट पहनने की वजह से उसका गला और नाक बच गया। सामनेघाट पुल पर बाइक सवार जितेंद्र मौर्य की दोनों पलकों और नाक पर गहरा कट आया। चुरामनपुर निवासी जितेंद्र को रामनगर राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार स्थिति फिलहाल स्थिर है।वहीं, रामनगर-पड़ाव क्षेत्र में सैफ (22), अमृता (26) और अमन गुप्ता (28) को भी रामनगर राजकीय अस्पताल में उपचार दिया गया। लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र में बाइक सवार राजेंद्र (52) का गर्दन पर गहरा कट लग गया। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। बरेका परिसर में टेलीफोन एक्सचेंज में कार्यरत टेक्नीशियन संतोष त्रिपाठी का गर्दन और ढूढ़ी कट गई। उन्हें तुरंत बरेका केंद्रीय अस्पताल में उपचार कराया गया।

डीसीपी गोमती की अपील… गले में लपेटें मफलर
डीसीपी गोमती जोन आकाश पटेल ने शहरवासियों से अपील की है कि कुछ दिनों तक दोपहिया वाहन से यात्रा करते समय अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए अनिवार्य रूप से मानक हेलमेट का प्रयोग करें। साथ ही चीन के मांझे से होने वाली आकस्मिक दुर्घटनाओं से बचाव के लिए गले की सुरक्षा के लिए मफलर, स्कार्फ अथवा अन्य सुरक्षात्मक वस्त्र अवश्य पहनें। 

UP: दो रातें कार में गुजारीं, 20 किमी पैदल चले…लद्दाख में बर्फबारी में फंस गए थे चार दोस्त, यूं ‘मौत’ को हराया

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लद्दाख के लेह जिले में पैंगोंग झील के पास से लापता हुए मधु नगर (आगरा) के चार दोस्त मंगलवार को सुरक्षित मिल जाने से उनके परिवारों में खुशी का माहाैल है। बर्फबारी में संपर्क टूट जाने के बाद परिवारों में भोजन नहीं बन रहा था। बृहस्पतिवार को चारों बच्चों के घर आ जाने की उम्मीद जताई जा रही है।

परिजनों ने बताया कि बच्चे बर्फबारी में फंस गए थे। उनके मोबाइल काम नहीं कर रहे थे। उन्होंने झोपड़ी में शरण ले रखी थी। पुलिस ने उन्हें सकुशल खोज निकाला। मूल रूप से गांव भैंसोन निवासी सुरेश सिंह शहर के मधु नगर में रहते हैं। वह किसान हैं। उनका 20 वर्षीय बेटा जयवीर सिंह, मधु नगर निवासी शिवम चाैधरी, यश मित्तल और सुधांशु फाैजदार लद्दाख घूमने गए थे। सभी 6 जनवरी को कार से निकले थे। चारों ने लद्दाख में नई सिम लेकर मोबाइल चालू किया था।नए नंबर पर परिजन से उनकी बात हो रही थी। 9 जनवरी को पैंगोंग झील पर वीडियो कॉल पर परिजन की बात हुई। अचानक कनेक्शन कट गया। इसके बाद दो दिन संपर्क नहीं होने पर 11 जनवरी को सदर थाने में परिजन ने संपर्क किया। मंगलवार को लद्दाख की पुलिस ने चारों को पांग सरचू रोड पर विस्की नाला के पास से सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। सूचना मिलते ही परिजन खुश हो गए।

Heart Attack: अचानक क्यों बढ़े हार्ट अटैक के मामले? 40 से कम उम्र के लोगों को बड़ा खतरा; सिर्फ सात आदतें बदलें

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कम नींद, तनाव और कोलेस्ट्रॉल। हार्टअटैक की ये तीन बड़ी वजह बन रही हैं। धूम्रपान-एल्कोहल की लत है तो इससे खतरा तीन गुना और है। एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में आने वाले हार्टअटैक के 40 फीसदी मरीजों में यही वजह मिल रही हैं।

हृदय रोग विभाग के डॉ. सौरभ नागर ने बताया के ओपीडी में रोजाना 120 से अधिक मरीज आ रहे हैं। चौंकाने वाली बात है कि इनमें 35 साल से कम उम्र के मरीजों की संख्या बीते साल भर में डेढ़ गुना हो गई है। मरीजों से पूछताछ में पाया कि देर रात तक मोबाइल, लैपटॉप पर कार्य करते हैं। औसतन रोजाना 5 घंटे सोते हैं, कई बार बीच में भी नींद खुल जाती है। सप्ताह में तीन से पांच दिन तले हुआ और बाजार में बनी खाद्य सामग्री उपयोग करते हैं। धूम्रपान-शराब भी पी लेते हैं। इसके चलते इनमें कार्डियक अरेस्ट भी हो रहा है। कॅरिअर, नौकरी, कार्य का दबाव, आर्थिक समस्याओं के कारण तनाव में भी रहते हैं। बाहरी खानपान से वसा जमने से नलिकाएं संकुचित हो जाती हैं। तनाव से नसों पर दबाव पड़ता है, जिससे ब्लॉकेज होने से हार्टअटैक के मरीज आ रहे हैं। 

हृदय रोग विभागाध्यक्ष डॉ. वसंत गुप्ता ने बताया कि इमरजेंसी में हार्ट अटैक के रोजाना 20-25 मरीज भर्ती हो रहे हैं। इनमें से इनमें 40 साल से कम उम्र के मरीज करीब 50 फीसदी हैं। अधिकांश में मोटापा धूम्रपान, नींद कम लेना, तनाव और खराब फिटनेस मिल रही है। इनमें 25 फीसदी में मधुमेह, उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल की भी समस्या मिली। कैथ लैब में भी अभी तक 1100 ऑपरेशन हो चुके हैं, इनमें भी युवाओं की संख्या आधी है।

केस एक:
सदर निवासी 32 साल का युवक निजी कंपनी में काम करते हैं। नाश्ता और लंच बाहर से करते हैं। हर दिन 3-5 सिगरेट और रात को एल्कोहल की आदत है। देर रात तक जागते हैं। मोटापा बढ़ गया। इसे बीमारी नहीं समझ रहे थे, यहां तक कि मधुमेह की जद में आ गए। हार्टअटैक आया, एसएन में इलाज कराने के बाद बमुश्किल जान बची।

केस दो:
आवास विकास कॉलोनी के 34 साल का युवक निजी कंपनी में सेल्स विभाग में हैं। खाने-पीने का समय नहीं, दिन-रात कार्य और लक्ष्य को पूरा करने का तनाव रहता है। नींद भी पूरी तरह से नहीं ले पाते। चार साल की नौकरी में घबराहट, पसीना और सीने में दर्द की परेशानी होने लगी। एसएन में जांच कराने पर हृदय रोग मिला।

इनको अपनाएं, हृदय रोग से होगा बचाव:
– धूमपान-शराब पूरी तरह से बंद कर दें।
– एकमुश्त आठ घंटे की नींद लें।
– 24 घंटे में तीन लीटर पानी जरूर पीएं।
– रोजाना 10 हजार कदम तेज गति से चलें।
– फास्ट फूड और बाजार के भोजन से पेट न भरें।
– छोटी दूरी के लिए पैदल या साइकिल से जाएं।
– हरी सब्जी, सलाद, फल, ड्राईफ्रूट्स खाएं।

अयोध्या: मकर संक्रांति का स्नान शुरू, 5 लाख लोगों के सरयू में डुबकी लगाने की संभावना; सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

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मकर संक्रांति के पावन पर्व पर आज अयोध्या में आस्था का सैलाब उमड़ने की संभावना है। सुबह से ही यहां स्नान शुरू हो गया है। अभी भी भक्तों की टोलियां स्नान के लिए पहुंच रही हैं। मंदिर प्रशासनिक आकलन के अनुसार सरयू स्नान के लिए करीब पांच लाख श्रद्धालु राम नगरी पहुंच सकते हैं। तड़के सुबह से ही सरयू घाटों पर स्नान-दान का सिलसिला शुरू हो  गया। उधर प्रशासन ने भी सुविधा व सुरक्षा के इंतजाम पूरे कर लिए हैं। नयाघाट पर मेला कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया गया है।बताया जा रहा है कि अयोध्या समेत आसपास के जिलों अंबेडकरनगर, बाराबंकी, सुल्तानपुर, गोंडा, बस्ती से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। मकर संक्रांति पर सूर्य के मकर राशि में प्रवेश को लेकर स्नान-दान का विशेष महत्व माना जाता है, इसी कारण श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। वहीं बुधवार को एकादशी तिथि पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पावन सलिला सरयू में डुबकी लगाई और मठ-मंदिरों में दर्शन-पूजन किया। रामलला व हनुमंतलला के दरबार में लंबी कतारें लगी रही। नयाघाट पर मेला कंट्रोल रूम व खोया-पाया कैंप सक्रिय कर दिया गया है। यह सुविधा पूरे माघ मेला तक जारी रहेगी।पंडित कौशल्यानंदन वर्धन ने बताया कि मकर संक्रांति का पर्व बृहस्पतिवार को ही मनाया जाएगा। 14 जनवरी को दोपहर 3:13 बजे सूर्य उत्तरायण हो गए हैं। अयोध्या में उदया तिथि की मान्यता है इसलिए स्नान-दान बृहस्पतिवार की सुबह ही होगा। बृहस्पतिवार की सुबह 4:51 बजे से 5:44 बजे तक स्नान विशेष फलदायी होगा। शास्त्रों के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त में पवित्र नदियों में स्नान करने से विशेष पुण्य और मानसिक शांति प्राप्त होती है। रामनगरी के अधिकांश मंदिरों में भगवान को खिचड़ी का भोग अर्पित किया जाएगा। पूजन-अनुष्ठान भी होगा।

किए गए हैं व्यापक इंतजाम

 मकर संक्रांति और माघ मेले के दौरान अयोध्या धाम में लाखों की संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए नगर निगम ने व्यापक इंतजाम किए हैं। नगर निगम ने 24×7 सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की है। साथ ही प्रकाश, शौचालय व चेंजिंग रूम के भी इंतजाम किए हैं। मेला क्षेत्र में कुल 960 मेला कर्मी और 528 अतिरिक्त कर्मचारी तैनात किए गए हैं। सफाई व्यवस्था को तीन पालियों में बांटा गया है, जिससे दिन-रात निरंतर स्वच्छता बनी रहे। इसके अलावा 15 स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था होगी।

नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने बताया कि हाईटेक उपकरणों जैसे बीएमएस (ब्रूम मशीन सिस्टम), एंटी स्मॉग गन, मैकेनाइज्ड सफाई मशीनें और पीए सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। इनके माध्यम से न केवल सफाई होगी, बल्कि श्रद्धालुओं के बीच जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे।

एक महत्वपूर्ण पहल के तहत निराश्रित गोवंशों के संरक्षण के लिए तीन विशेष टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों द्वारा घूमकर गोवंशों को पकड़ा जा रहा है और उन्हें सुरक्षित गोशालाओं में पहुंचाया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेला क्षेत्र में पर्याप्त पेयजल पॉइंट स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा 19 मोबाइल टॉयलेट और कई सामुदायिक शौचालय उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि खुले में शौच जैसी समस्या न हो। नगर आयुक्त ने बताया कि इसके अलावा सार्वजनिक स्थलों पर प्रतिदिन नियमित रूप से 345 स्थलों पर अलाव जलाए जा रहे हैं। अयोध्या धाम में कुल 36 स्थलों पर गैस हीटर अलाव की व्यवस्था की गई है।

अयोध्या: रामलला ने भी मनाया मकर संक्रांति का पर्व, अर्पित की गई पतंग; पूजा के बाद लगाया गया विशेष भोग

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राम नगरी में मकर संक्रांति का पर्व भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। भोर से ही श्रद्धालुओं ने सरयू नदी में आस्था की डुबकी लगाई और तिल, गुड़, वस्त्र व अन्न का दान कर पुण्य अर्जित किया। ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। सरयू तट पर सुबह 4:00 से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुट गई।राम मंदिर में मकर संक्रांति के अवसर पर विशेष पूजन-अर्चन किया गया। इस दौरान भक्तों की ओर से रामलला को पतंग भेंट कर पर्व की परंपरा को साकार किया गया। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा संपन्न हुई, वहीं जय श्रीराम के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। इस दौरान विशेष तरह का भोग अर्पित किया गया। पर्व के इस मौके पर सरयू के विविध घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने जरूरतमंदों को दान-पुण्य किया और रामलला के दर्शन के लिए मंदिर की ओर प्रस्थान किया।

यूपी: मायावती ने मनाया 70वां जन्मदिन, कहा- ब्राह्मणों को किसी का चोखा-बाटी नहीं खाना चाहिए, हम देंगे सम्मान

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अपने जन्मदिन पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि सभी सरकारें बसपा द्वारा ही चलाई जा रही योजनाओं का नाम बदलकर चला रही हैं। उन्होंने कहा कि विरोधियों ने भ्रम फैलाकर बसपा को तोड़ने की कोशिश की है। कांग्रेस, बीजेपी सहित अन्य जातिवादी पार्टियां अलग-अलग हथकंडे अपना रही हैं। इनको मुंहतोड़ जवाब देकर यूपी में पांचवीं बार बसपा की सरकार बनानी है। उन्होंने कहा कि शीतकालीन सत्र में बीजेपी और कांग्रेस के विधायक अपनी उपेक्षा से नाराज होकर जुटे थे। बसपा ने ब्राह्मण को भागीदारी दी। ब्राह्मणों को किसी का चोखा बाटी नहीं चाहिए।  ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य समाज  का बसपा सरकार पूरा ध्यान रखेगी। बसपा ने हमेशा ही उनका सम्मान किया है। बसपा ऐसी पार्टी है जिसने सभी जातियों और धर्मो का सम्मान किया है। सरकारों पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि कांशीराम के मरने पर राष्ट्रीय शोक नहीं घोषित किया। उनकी उपेक्षा की गई। दूसरी जातियों के साथ मुस्लिम समाज के साथ अन्याय हो रहा। बसपा सरकार में दंगा फसाद नहीं हुआ। हमारी सरकार में यादवों का भी ध्यान रखा गया।

सभी चुनाव अकेले ही लड़ेगी बसपा

मायावती ने कहा कि इस बार के विधानसभा चुनाव में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। वर्तमान में सभी समाज दुखी हैं और वह बसपा की सरकार चाह रहे हैं। इस बार गुमराह नहीं होना है। ईवीएम में धांधली और बेइमानी की चर्चा है। ये व्यवस्था कभी भी खत्म हो सकती है। एसआईआर की काफी शिकायतें है। इससे हमें सजग रहना होगा। गठबंधन से बसपा को नुकसान होता है। खासकर अपर कास्ट का वोट जातिवादी पार्टियों को मिलता है। तभी सारी पार्टियां हमसे गठबंधन चाहती हैं। भविष्य में बसपा सभी चुनाव अकेले लड़ेगी। आगे जब अपर कास्ट का वोट हमें मिलने का भरोसा हो जाएगा, तब गठबंधन करेंगे लेकिन इसमें अभी बरसों लगेंगे।