Sunday, February 15, 2026
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Honey Singh Trolling: हनी सिंह ने Live कॉन्सर्ट में ठंड को लेकर कही बेहद घटिया बात, अब झेलनी पड़ रही फजीहत

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नेशनल डेस्कः सिंगर और रैपर यो यो हनी सिंह एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। हनी सिंह का विवादों से पुराना रिश्ता रहा है और इससे पहले भी वे अपने बयानों और गानों को लेकर आलोचनाओं का सामना कर चुके हैं। अब एक बार फिर उन्हें अपने ही बयान की वजह से सोशल मीडिया पर फजीहत झेलनी पड़ रही है।

दरअसल, सोशल मीडिया पर हनी सिंह का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो दिल्ली में हुए एक लाइव कॉन्सर्ट का बताया जा रहा है, जिसमें हनी सिंह स्टेज पर मौजूद दर्शकों से बात करते हुए आपत्तिजनक और मर्यादा से बाहर बयान देते नजर आ रहे हैं।

 

ठंड का जिक्र करते हुए की आपत्तिजनक टिप्पणी

वायरल वीडियो में हनी सिंह दिल्ली की ठंड का जिक्र करते हुए इंटीमेट होने से जुड़ी बात कहते दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान वे मंच पर बोलते समय मर्यादा पूरी तरह भूलते नजर आए। जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और हनी सिंह को जमकर ट्रोल किया जाने लगा।

 

सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा

हनी सिंह के बयान को लेकर X (पहले ट्विटर) और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोगों के तीखे रिएक्शन सामने आ रहे हैं।

 

कुछ यूजर्स के कमेंट्स:

 

एक यूजर ने लिखा, “हनी सिंह को लगता है कि ऐसी बातें बोलकर वो कमबैक कर लेंगे।” दूसरे यूजर ने कहा, “हनी सिंह से ऐसी उम्मीद नहीं थी।” वहीं एक और यूजर ने लिखा, “इस तरह की बातों पर शर्म आती है।”

 

‘दो साल बाद कहेंगे – ये मैं नहीं था’

हनी सिंह के बयान पर एक X यूजर ने तंज कसते हुए कहा, “दो साल बाद हनी सिंह खुद कहेंगे कि ये मैं थोड़ी था।” सोशल मीडिया पर इस तरह के सैकड़ों रिएक्शन देखने को मिल रहे हैं। हर तरफ हनी सिंह को उनके बयान के लिए आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।कई लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि हनी सिंह नशे में थे और नशे की हालत में इस तरह की बातें कर रहे थे।

 

पहले भी विवादों में रह चुके हैं हनी सिंह

यह पहली बार नहीं है जब हनी सिंह विवादों में फंसे हों। इससे पहले भी वे अपने गानों के बोल, बयानों और लाइफस्टाइल को लेकर कई बार आलोचना झेल चुके हैं। हालांकि, बीते कुछ समय से हनी सिंह अपनी इमेज को सुधारने और संभालकर रखने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन इस ताजा बयान ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर नया विवाद खड़ा कर दिया है। अब देखना होगा कि हनी सिंह इस पूरे मामले पर कोई सफाई देते हैं या यह विवाद और ज्यादा बढ़ता है।

हनी सिंह का लेटेस्ट गाना भी चर्चा में

अगर वर्कफ्रंट की बात करें तो हाल ही में हनी सिंह का नया गाना ‘अल सहर अल हिंदी – जादुगर’ रिलीज हुआ है।यह गाना यूट्यूब पर ट्रेंडिंग में बना हुआ है और फैंस इसे काफी पसंद भी कर रहे हैं। लेकिन एक तरफ जहां लोग उनके गाने की तारीफ कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके विवादित बयान ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

 

 

Bank Holiday: आज इन शहरों में नहीं खुलेंगे बैंक, घर से निकलने से पहले चेक कर लें पूरी List

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Bank Holiday: अगर आप आज बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाने की सोच रहे हैं तो यह खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। आज मकर संक्रांति, पोंगल और महाराष्ट्र में नगर निगम चुनावों के कारण देश के कई राज्यों में बैंकों की छुट्टी है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के कैलेंडर के अनुसार अलग-अलग राज्यों में त्योहारों और स्थानीय आयोजनों के आधार पर बैंक बंद रहेंगे।

आज किन शहरों में बैंक बंद हैं? (RBI लिस्ट)

आज 15 जनवरी को दक्षिण भारत के अधिकांश राज्यों और महाराष्ट्र में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है:

  • महाराष्ट्र: मुंबई (BMC), पुणे, नागपुर, बेलापुर और ठाणे सहित उन सभी 29 शहरों में बैंक बंद हैं जहाँ आज नगर निगम चुनाव (Municipal Elections) के लिए मतदान हो रहा है।
  • उत्तर प्रदेश: लखनऊ और कानपुर सहित पूरे प्रदेश में मकर संक्रांति के अवसर पर बैंकों में अवकाश है।
  • दक्षिण भारत: तमिलनाडु (चेन्नई), कर्नाटक (बेंगलुरु), आंध्र प्रदेश (विजयवाड़ा) और तेलंगाना (हैदराबाद) में पोंगल और संक्रांति के मुख्य उत्सव के कारण बैंक बंद रहेंगे।
  • सिक्किम: गंगटोक में माघे संक्रांति के कारण बैंक नहीं खुलेंगे।

कहां खुले रहेंगे बैंक?

देश के कुछ हिस्सों में उत्सव कल (14 जनवरी) को मनाया जा चुका है इसलिए वहां आज बैंक सामान्य रूप से काम करेंगे। दिल्ली, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में आज बैंक खुले हैं। यदि आप इन राज्यों में हैं तो आप अपनी बैंक शाखा में जाकर काम निपटा सकते हैं।

बैंक बंद होने पर भी नहीं रुकेंगे आपके काम

भले ही आज फिजिकल ब्रांच बंद हैं लेकिन डिजिटल युग में आपकी बैंकिंग सेवाएं 24×7 जारी रहेंगी:

  1. UPI और मोबाइल बैंकिंग: Google Pay, PhonePe और बैंक ऐप्स के जरिए पैसे का लेनदेन हमेशा की तरह होता रहेगा।
  2. Net Banking: NEFT/RTGS/IMPS जैसी सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगी।
  3. ATM: कैश निकालने या जमा करने के लिए आप नजदीकी एटीएम का इस्तेमाल कर सकते हैं।

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मेष : खान-पान संभल-संभाल कर करें, क्योंकि पूरा परहेज रखने के बावजूद पेट बिगड़ा-बिगड़ा सा रहेगा।

वृष: अर्थ तथा कारोबारी दशा ठीक, अनमने मन के साथ किया गया कोई भी यत्न सिरे न चढ़ेगा, धार्मिक कामों में रुचि कम होगी।

मिथुन: दुश्मनों के उभरने, सेहत के बिगड़ने तथा पांव के फिसलने का डर रह सकता है, मगर आम हालात पहले जैसे बने रहेंगे।

कर्क: ध्यान रखें कि सोच-विचार में हावी नैगेटिविटी के कारण आपसे कोई गलत बात न हो जाए, मन भी परेशान सा रहेगा।

सिंह : जमीनी कामों के लिए सितारा कमजोर, इसलिए जो भी यत्न करें, पूरा जोर लगाकर करें, सफर भी न करें।

कन्या : आप कोई भी काम पूरे जोर-उत्साह के साथ न कर सकेंगे, कामकाजी व्यस्तता-भागदौड़ भी कोई खास नतीजा न देगी।

तुला: चूंकि कामकाजी कामों के लिए सितारा ढीला है, इसलिए आपका कोई भी कामकाजी प्रोग्राम आगे न बढ़ सकेगा।

वृश्चिक: व्यापार तथा कामकाज की दशा अच्छी, मगर आपका कोई भी यत्न तेजी के साथ आगे न बढ़ सकेगा।

धनु : सितारा खर्चों को बढ़ाने, अर्थ दशा तंग रखने वाला, लेन-देन के काम भी ध्यान के साथ करें, सफर भी न करें।

मकर: सितारा धन लाभ के लिए अच्छा कारोबारी टूरिंग, प्लानिंग तथा प्रोग्रामिंग फ्रूटफुल रहेगी, मान-सम्मान की प्राप्ति।

कुंभ: किसी सरकारी अफसर की नाराजगी आपको झेलनी पड़ सकती है, मन भी डरा-डरा तथा घबराया-घबराया सा दिखेगा।

मीन : सितारा चूंकि बाधाओं मुश्किलों वाला है, इसलिए आपकी प्लानिंग आगे न बढ़ सकेगी, धार्मिक कामों के प्रति भी बेरुखी सी नजर आएगी।

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माघ मेला 2026 : मुलायम सिंह यादव सेवा स्मृति शिविर में विवाद, सपा नेता ने मेला प्रशासन पर उठाए गंभीर सवाल

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प्रयागराज: महाकुंभ 2025 के सबसे चर्चित शिविरों में से एक मुलायम सिंह यादव सेवा स्मृति शिविर इस बार विवादों में घिर गया है।सपा नेता संदीप यादव ने पंजाब केसरी से खास बातचीत में मेला प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि प्रशासन ने इस बार शिविर में मुलायम सिंह यादव की मूर्ति लगाने की अनुमति नहीं दी। जिससे शिविर की परंपरागत पहचान प्रभावित हुई है।

संदीप यादव ने बताया कि प्रशासन द्वारा कल्पवासियों को बांटे जाने वाले दूध तक को मेटल डिटेक्टर से चेक कराया जा रहा है। जिससे व्यवस्थाओं में अनावश्यक कठिनाई पैदा हो रही है। उनका आरोप है कि सपा द्वारा मेला क्षेत्र में किए जा रहे सामाजिक और सेवा कार्यों को भी प्रशासन रोक रहा है।

उन्होंने बताया कि इस बार मुलायम सिंह यादव की मूर्ति की जगह कृष्ण और राधा की मूर्ति स्थापित की गई है। सपा नेता संदीप यादव ने इसे प्रशासन की जानबूझकर की गई सियासी कार्रवाई बताया। उनका कहना है कि इससे न केवल शिविर की परंपरा प्रभावित हुई है, बल्कि सामाजिक कार्यों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर भी असर पड़ा है। आगे संदीप यादव ने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल समाज सेवा और श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करना है, लेकिन प्रशासन की वर्तमान नीति से यह मुश्किल हो गया है।

उन्होंने कहा कि व्यवस्था, अनुमति और सुविधाओं को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं दिए गए हैं। जिससे कल्पवासियों और शिविर कर्मचारियों को परेशानी हो रही है। फिलहाल इस विवाद से यह भी स्पष्ट होता है कि महाकुंभ 2025 केवल धार्मिक आयोजन नहीं रह गया है,,,बल्कि इसमें राजनीतिक हस्तक्षेप और सियासी जद्दोजहद भी देखने को मिल रही है।

Widow Property Rights : क्या ससुर की संपत्ति से विधवा बहू मांग सकती है गुजारा भत्ता, जानें क्या कहती है कोर्ट?

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Widow Property Rights: देश की सर्वोच्च अदालत ने विधवा महिलाओं के अधिकारों को लेकर एक बेहद संवेदनशील और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने प्राचीन भारतीय ग्रंथों और आधुनिक कानून का मेल करते हुए स्पष्ट किया है कि एक विधवा बहू का अपने ससुर की संपत्ति पर भरण-पोषण (Maintenance) का कानूनी अधिकार है। जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस एसवीएन भट्टी की पीठ ने फैसले के दौरान ‘मनुस्मृति’ के नैतिक सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए समाज को कड़ा संदेश दिया है।

मनुस्मृति का हवाला: अपनों को छोड़ना दंडनीय अपराध

अदालत ने फैसले के दौरान प्राचीन ग्रंथ मनुस्मृति के एक श्लोक का जिक्र किया। कोर्ट ने कहा कि शास्त्रों में स्पष्ट है कि माता, पिता, पत्नी और पुत्र को कभी भी अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। जो व्यक्ति समर्थ होने के बावजूद अपनों को बेसहारा छोड़ता है वह दंड का पात्र है। कोर्ट ने इसी सिद्धांत को हिंदू दत्तक ग्रहण एवं भरण-पोषण अधिनियम 1956 के साथ जोड़कर देखा। पीठ ने कहा कि ससुर की यह नैतिक और धार्मिक जिम्मेदारी है कि वह अपने पुत्र की मृत्यु के बाद विधवा बहू का ख्याल रखे।

भेदभाव का तर्क पूरी तरह असंवैधानिक

इस मामले में एक अजीबोगरीब कानूनी पेच फंसाया गया था। याचिकाकर्ता का तर्क था कि यदि बहू ससुर के जिंदा रहते विधवा होती है, तभी उसे गुजारा भत्ता मिलना चाहिए। यदि ससुर की मृत्यु के बाद पति की मौत होती है, तो बहू हकदार नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा:

  1. मनमाना भेदभाव: पति की मृत्यु के समय के आधार पर विधवा बहुओं को दो श्रेणियों में बांटना पूरी तरह से तर्कहीन और असंवैधानिक है।
  2. समान अधिकार: चाहे पति की मौत ससुर के जीवनकाल में हुई हो या बाद में दोनों ही स्थितियों में विधवा बहू को ससुर की विरासत वाली संपत्ति से सम्मानजनक भरण-पोषण पाने का पूरा हक है।

धारा 22: वारिसों की कानूनी मजबूरी

सुप्रीम कोर्ट ने अधिनियम की धारा 22 की व्याख्या करते हुए स्पष्ट किया कि मृतक व्यक्ति की संपत्ति जो भी वारिस प्राप्त करता है उस पर यह कानूनी दायित्व (Liability) है कि वह मृतक पर निर्भर व्यक्तियों (जैसे विधवा बहू) का भरण-पोषण करे। यदि विधवा बहू के पास अपनी आय का कोई साधन नहीं है या उसके मृत पति ने उसके लिए कोई संपत्ति नहीं छोड़ी है तो उसे ससुर की संपत्ति से हिस्सा मिलना अनिवार्य है।

महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सर्वोपरि

अदालत ने भावुक टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि कानून की संकीर्ण व्याख्या करके विधवा बहुओं को हक से वंचित किया गया तो वे गरीबी और सामाजिक हाशिए पर धकेल दी जाएंगी। यह महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा के लिए गंभीर खतरा होगा। इस फैसले से अब देशभर की उन विधवा महिलाओं को बल मिलेगा जो ससुराल में संपत्ति विवाद या उपेक्षा का सामना कर रही हैं।