Wednesday, February 11, 2026
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उत्तराखंड के चमोली में बस दुर्घटना, 6 सैनिकों सहित 7 लोग गंभीर रूप से घायल

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नेशनल डेस्क: उत्तराखंड के चमोली जिले में बुधवार को बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें सेना के 6 जवानों सहित 7 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। चमोली के जिलाधिकारी डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि यह हादसा नंदप्रयाग के पास सोनला क्षेत्र में हुआ, जहां सैनिकों से भरी बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई।

उन्होंने बताया कि जोशीमठ से रायवाला जा रही इस बस में चालक सहित सेना के कुल 31 जवान सवार थे। हादसे में सेना के 6 जवान और बस चालक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें कर्णप्रयाग के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाकी सभी जवान मामूली रूप से घायल हुए हैं।

खुशखबरी! मुंबई का पब्लिक ट्रांसपोर्ट होगा सुपर-स्मार्ट, 4 नई मेट्रो लाइन्स और एक ही ऐप से मिलेगी पूरी कनेक्टिविटी

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नेशनल डेस्क: मुंबई में आने वाले दिनों में यात्रियों को यात्रा का बेहतरीन अनुभव मिलने वाला है। इसी साल के आखिर तक शहर में चार नई मेट्रो लाइनें शुरू हो सकती हैं। इसके साथ ही, स्मार्ट ट्रैवल ऐप ‘मुंबई वन’ के लॉन्च से यात्रियों को अभूतपूर्व सुविधा मिलेगी, जिससे उनकी यात्रा पहले से कहीं ज़्यादा सुविधाजनक और तकनीकी रूप से उन्नत हो जाएगी। यह ऐप मुंबई के पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम में एक बड़ा बदलाव लाने को तैयार है।

‘मुंबई वन’ ऐप: सभी ट्रांसपोर्ट का एक ही समाधान
‘मुंबई वन’ ऐप यात्रियों को मेट्रो, लोकल ट्रेन, मोनोरेल और बस सेवाओं की एक ही जगह पर योजना बनाने, टिकट बुक करने और भुगतान करने की सुविधा देगा। यह एक एकीकृत प्लेटफ़ॉर्म होगा जिसमें 11 परिवहन सेवाएँ शामिल की जाएँगी। यह ऐप मुंबई के सभी प्रमुख ट्रांसपोर्ट मोड में काम करेगा, जिसमें सभी मेट्रो लाइन्स, मोनोरेल, साथ ही BEST, TMT, KDMT, MBMT और NMMT की बसें शामिल हैं। यात्री इस ऐप और इससे जुड़े कार्ड का उपयोग कर सकेंगे।

इस ऐप की मुख्य खासियतें होंगी:
मैप के ज़रिए मार्ग ढूंढने की सुविधा: जिससे यात्री आसानी से अपने गंतव्य तक पहुँचने का सबसे अच्छा रास्ता जान सकेंगे।
मल्टीमॉडल ट्रैवल के लिए एक ही QR कोड: अलग-अलग सेवाओं के लिए अलग-अलग टिकट या कोड की ज़रूरत नहीं होगी।
लाइव अपडेट: यात्रा के दौरान रूट, देरी या अन्य ज़रूरी जानकारियों के रीयल-टाइम अपडेट मिलेंगे।
SOS इमरजेंसी सेवाएँ: आपातकालीन स्थितियों में तुरंत मदद मिल सकेगी।
पेपरलेस और डिजिटल यात्रा का अनुभव: जिससे यात्रा पर्यावरण के अनुकूल और परेशानी मुक्त बनेगी।

MMRDA बना रहा है विशाल मेट्रो नेटवर्क
मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) मुंबई और इसके आसपास के क्षेत्रों में एक विशाल मेट्रो नेटवर्क का निर्माण कर रहा है। इस पूरे नेटवर्क की कुल लंबाई 337.1 किलोमीटर होगी।
वर्तमान स्थिति:
4 मेट्रो लाइनें (कुल 58.9 किमी) पहले से चालू हैं।
8 मेट्रो लाइनें (165.7 किमी) निर्माणाधीन हैं, जो मुंबई की परिवहन क्षमता को कई गुना बढ़ा देंगी।

कौन सी मेट्रो लाइन कब होगी शुरू?
मेट्रो लाइन 9 (रेड लाइन): दहिसर से मीरा-भायंदर
लंबाई: 10.5 किमी एलिवेटेड।
खुलने की संभावना: दिसंबर 2025 तक दहिसर से काशीगांव (4.5 किमी) तक का हिस्सा।
स्थिति: 98% कार्य पूर्ण। यह लाइन 2A और लाइन 10 से जुड़कर यात्री सुविधा को बढ़ाएगी।
मेट्रो लाइन 2B (येलो लाइन): DN नगर से मंडाले
लंबाई: 23.64 किमी एलिवेटेड।
प्रमुख स्टेशन: BKC, कुर्ला, चेंबूर।
संभावित उद्घाटन: 2025 के अंत तक मंडाले से डायमंड गार्डन तक (5.4 किमी)।
स्थिति: 78% कार्य पूर्ण, ट्रायल रन जारी।
मेट्रो लाइन 3 (एक्वा लाइन): कोलाबा से SEEPZ (पहली अंडरग्राउंड मेट्रो)
पहला चरण: मई 2025 में 9.77 किमी चालू हो चुका है।
अगला चरण: अगस्त 2025 तक कफे परेड से आरे तक 11.57 किमी का हिस्सा शुरू होगा।
स्थिति: 99.86% सिविल वर्क पूरा हो चुका है।
मेट्रो लाइन 4 और 4A (ग्रीन लाइन): वडाला से कसरवडवली और गाईमुख
लंबाई: कुल 35.32 किमी।
संभावित उद्घाटन: 2026 की शुरुआत तक गाईमुख से कैडबरी जंक्शन (10 स्टेशन) तक का हिस्सा।
स्थिति: 84% कार्य पूर्ण।

मंडाले डिपो बनेगा भारत का सबसे बड़ा मेट्रो ट्रेनिंग सेंटर
MMRDA ने मंडाले मेट्रो डिपो का निर्माण पूरा कर लिया है, जहाँ पर देश का सबसे बड़ा मेट्रो ट्रेनिंग सेंटर बनाया गया है। यह केंद्र अत्याधुनिक सिम्युलेटर से सुसज्जित है और नए कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने तथा मौजूदा स्टाफ को स्किल्स में उन्नत करने का कार्य करेगा। यह केंद्र प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत भारत सरकार के स्किल डेवलपमेंट लक्ष्य को भी मज़बूती देगा।

2025 के बाद मुंबई का सफर होगा तेज़, स्मार्ट और सुरक्षित
मुंबई का यातायात अब डिजिटल और मल्टीमॉडल सिस्टम की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है। नए मेट्रो कॉरिडोर, एकीकृत ऐप और आधुनिक ट्रेनिंग से यात्री अनुभव और सुविधा दोनों में ज़बरदस्त सुधार होने की उम्मीद है। अगर सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो 2025 के अंत तक मुंबईकरों के लिए सफर पहले से कहीं ज़्यादा आसान, स्मार्ट और सुरक्षित हो जाएगा।

बुर्किना फासो में सैन्य अड्डे पर बड़ा आंतकी हमला: 50 सैनिकों की बेरहमी से हत्या, हथियार लूटकर भागे

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International Desk:  पश्चिम अफ्रीकी देश बुर्किना फासो एक बार फिर आतंकियों के खूनखराबे का गवाह बना है। देश के उत्तरी इलाके में एक सैन्य अड्डे पर हुए भीषण हमले में  करीब 50 सैनिकों की जान चली गई । स्थानीय प्रशासन और चश्मदीदों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। यह हमला उत्तरी बुर्किना फासो के बौल्सा प्रांत  के  डार्गो  इलाके में स्थित सैन्य अड्डे पर सोमवार को किया गया। एक सामुदायिक नेता और एक स्थानीय निवासी ने एसोसिएटेड प्रेस (AP)  को बताया कि हमला बेहद सुनियोजित था और सैनिकों के पास ज्यादा मौका नहीं था।
शक है कि इस हमले को  ‘जमात नस्र अल-इस्लाम वल-मुस्लिमीन’ (JNIM) नाम के कट्टरपंथी इस्लामी आतंकी संगठन ने अंजाम दिया है। बताया जा रहा है कि हमले में करीब 100 से ज्यादा चरमपंथी  शामिल थे। हमलावरों ने सैन्य अड्डे पर धावा बोलने के बाद सैनिकों पर गोलियां बरसाईं। करीब 50 सैनिकों की हत्या के बाद उन्होंने अड्डे में आग लगा दी और हथियार, गोला-बारूद समेत जरूरी सामान लूट ले गए।  स्थानीय लोगों के मुताबिक, हमले के बाद से इलाके में जबरदस्त दहशत का माहौल है। लोग गांव छोड़कर सुरक्षित जगहों पर भागने को मजबूर हैं। सेना ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है लेकिन आतंकियों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है।
बुर्किना फासो लंबे वक्त से चरमपंथी संगठनों के निशाने पर रहा है। अल-कायदा से जुड़े जेएनआईएम और इस्लामिक स्टेट के आतंकी अक्सर सैनिकों और गांवों पर हमले करते रहते हैं। पिछले कुछ सालों में ऐसे हमलों में हजारों लोग मारे जा चुके हैं और लाखों लोग बेघर हुए हैं। बुर्किना फासो की सेना और सरकार इन आतंकी समूहों के सफाए के लिए ऑपरेशन चला रही है, लेकिन सीमावर्ती इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखना अब भी बहुत बड़ी चुनौती बना हुआ है।

Earthquake: कमचटका में 8.8 तीव्रता के भूकंप ने मचाई खौफनाक तबाही, अब सुनामी ने दिया अल्टीमेट चैलेंज… कई देश अलर्ट पर

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नेशनल डेस्क:  रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र में बुधवार को एक बेहद शक्तिशाली भूकंप ने हलचल मचा दी। कमचटका प्रायद्वीप के पास समुद्र में आए 8.8 तीव्रता के इस जबरदस्त भूकंप ने सिर्फ रूस ही नहीं, बल्कि पूरे प्रशांत महासागर क्षेत्र को अलर्ट पर डाल दिया। भूकंप के बाद उठी विशाल सुनामी की लहरें रूस के सेवेरो-कुरील्स्क शहर तक पहुंच गईं और वहां काफी नुकसान हुआ।

सुनामी की चपेट में आया सेवेरो-कुरील्स्क, लोग बाल-बाल बचे
रूसी विज्ञान अकादमी के भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग द्वारा जारी की गई ड्रोन फुटेज में देखा गया कि सुनामी की ऊंची लहरों ने सेवेरो-कुरील्स्क के बंदरगाह क्षेत्र को जलमग्न कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में साफ दिख रहा है कि इमारतें पानी में डूबी हुई हैं और कई इलाकों में भारी तबाही हुई है। करीब 2,000 की आबादी वाले इस शहर से लोगों को समय रहते सुरक्षित निकाला गया। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, कुछ लोग घायल हुए हैं, लेकिन किसी की स्थिति गंभीर नहीं है।

प्रशासन ने दी चेतावनी: समुद्र से दूर रहें….
कमचटका क्षेत्र के गवर्नर व्लादिमीर सोलोडोव ने टेलीग्राम के जरिए लोगों से अपील की कि वे समुद्र के किनारे न जाएं। उन्होंने कहा, “सुनामी की चेतावनी जारी की जा चुकी है। लहरों की शक्ति का आकलन किया जा रहा है। कृपया तटीय इलाकों से दूर रहें और सरकारी घोषणाओं का पालन करें।”

लोगों ने डरावनी रात का किया सामना
स्थानीय लोगों ने राज्य मीडिया से बातचीत में बताया कि भूकंप के समय दीवारें हिल रही थीं और लोगों में घबराहट फैल गई। एक निवासी ने बताया कि हम पहले से तैयार थे। एक बैग में पानी और कपड़े रखे हुए थे। जैसे ही झटका आया, हम उसे उठाकर बाहर भागे। बहुत डरावना अनुभव था।

 प्रशांत क्षेत्र में व्यापक असर, कई देश सतर्क
भूकंप के बाद उठी चार मीटर तक ऊंची लहरें (करीब 12 फीट) प्रशांत महासागर के कई हिस्सों में फैल गईं। इससे जापान, चीन, अमेरिका और न्यूजीलैंड तक चेतावनी जारी की गई और कई तटीय क्षेत्रों में एहतियातन लोगों को हटाया गया।

1952 के बाद सबसे ताकतवर भूकंप
रूसी भूकंपीय एजेंसियों के अनुसार, यह भूकंप कमचटका क्षेत्र में 1952 के बाद का सबसे शक्तिशाली भूकंप रहा। उस साल भी इसी क्षेत्र में 9.0 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसने पूरी प्रशांत रेखा में तबाही मचाई थी।

झटकों का सिलसिला जारी
मुख्य भूकंप के बाद अब तक छह से ज्यादा झटके दर्ज किए गए हैं। इनमें से एक की तीव्रता 6.9, जबकि दूसरे की 6.3 रही। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि 7.5 तीव्रता तक के आफ्टरशॉक्स आने की संभावना बनी हुई है।

‘डिंपल पर टिप्पणी…अखिलेश की चुप्पी’ ? सपा से ज्यादा भाजपा को ठेस…सियासी खेल में लगा विरोधी पोस्टर

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लखनऊ: मौलाना साजिद रसीदी के द्वारा डिंपल यादव पर की गई टिप्पणी के बाद प्रदेश में जमकर सियासत हो रही है। विपक्ष तो मौलाना को गलत करार देकर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है लेकिन सत्ता पक्ष भी मौके को भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है।

दरअसल, मौलाना साजिद रशीदी ने सपा सांसद डिंपल यादव के पहनावे पर टिप्पणी किया था, जिसके बाद से बीजेपी ने मोर्चा खोल दिया है, वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव की चुप्पी को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। इसी बीच बीजेपी एमएलसी और प्रदेश महामंत्री सुभाष यदुवंश ने राजधानी लखनऊ के कई प्रमुख चौराहों पर पोस्टर लगवाकर अखिलेश यादव को सीधे-सीधे निशाने पर लिया है। इन पोस्टरों में सवाल उठाया गया है कि जो व्यक्ति अपनी पत्नी के अपमान पर भी चुप रहता है, वह प्रदेश की बहन-बेटियों की सुरक्षा कैसे करेगा?

क्या था मामला
गौरतलब है कि हाल ही में एक टीवी चैनल पर हुई डिबेट के दौरान हुई। मौलाना साजिद रशीदी ने डिंपल यादव के दिल्ली स्थित एक मस्जिद में जाने और उनके पहनावे को लेकर अभद्र टिप्पणी की। यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल होते ही विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। अब सपा से ज्यादा भाजपा को इस बात से ठेस पहुंची है जिसे लेकर पूरे में जमकर कटाक्ष और सिसायत हो रही है।

BJP ने महिला गरिमा का अपमान बताया
बीजेपी और अन्य संगठनों ने इस टिप्पणी को महिला गरिमा का अपमान बताया। बीजेपी नेताओं ने इसे सिर्फ डिंपल यादव पर नहीं बल्कि पूरे महिला समाज पर हमला करार दिया। इसके बाद से अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया न आने पर सत्तापक्ष के लोग हमलावर हो गए हैं।

Nag Panchami 2025: यूपी के इस मंदिर में नागपंचमी पर पूजा करने से कालसर्प दोष से मिलती है मुक्ति! श्रद्धालुओं का उमड़ता है हुजूम

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Prayagraj News, (सैय्यद आकिब रजा): नाग पंचमी के दिन प्रयागराज के नाग वासुकी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। यह मंदिर प्रयागराज के दारागंज मुहल्ले में गंगा नदी के किनारे स्थित है और नाग वासुकी की पूजा के लिए प्रसिद्ध है। मान्यता है कि इस दिन नाग वासुकी के दर्शन करने से काल सर्प दोष से मुक्ति मिलती है।
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पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, नाग वासुकी को समुद्र मंथन के दौरान रस्सी के रूप में इस्तेमाल किया गया था और मंथन के बाद नागराज वासुकी जी को काफी पीड़ा हो रही थी तब भगवान विष्णु की सलाह पर उन्होंने प्रयागराज में इसी जगह पर आराम किया था। नाग पंचमी सावन के महीने में आती है, जो कि भगवान शिव का महीना है और नाग वासुकी भगवान शिव के गले में विराजमान रहते हैं, जिससे इस मंदिर का महत्व और भी बढ़ जाता है।
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प्रयागराज की पंचकोसी परिक्रमा में नाग वासुकी मंदिर भी शामिल है, जो कि संगम स्नान के बाद की जाती है। इसलिए, नाग पंचमी के दिन नाग वासुकी मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है, जो कि भगवान नाग वासुकी के दर्शन, पूजा और काल सर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए होती है।
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दहेज में ”बुलेट” और खाने में ”बिरयानी-मीट” न मिलने पर दूल्हे ने तोड़ी शादी, हाथों में मेंहदी रचाए सजी-संवरी दुल्हन करती रही इंतजार, निकाह के दिन बदली गईं मांगें

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सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां दहेज में बुलेट और खाने में बिरयानी न मिलने पर दूल्हे पक्ष ने बारात लाने से इनकार कर दिया। दुल्हन मेंहदी रचाए और सज-संवर कर अपने दूल्हे का इंतजार करती रही, लेकिन बारात नहीं पहुंची। दूल्हे के इस फैसले से लड़की पक्ष सदमे में है।

दूल्हा पक्ष ने कहा दो टूक 
पूरा मामला जिले के सरसावा थाना क्षेत्र के एक गांव का है। यहां सोमवार को हरियाणा के यमुनानगर जिले से बारात आनी थी। दोपहर 2 बजे तक जब बारात नहीं पहुंची तो लड़की के परिजनों ने दूल्हा पक्ष से संपर्क किया। इस पर दूल्हे के परिजनों ने कहा कि जब तक दहेज में बुलेट नहीं दी जाती, तब तक बारात नहीं आएगी।

शादी के दिन बदली गईं कई मांगें
बकौल लड़की पक्ष, उन्होंने निकाह के लिए जर्दा पुलाव और दाल-चावल का इंतजाम किया था। शादी के लिए यह मेन्यू पहले से तय था। लेकिन ऐन मौके पर दूल्हा पक्ष ने बिरयानी और मीट की मांग कर दी। पहले से तय मेन्यू को बदलने में लड़की पक्ष असमर्थ था। लड़की के परिजनों के असहमति जताने पर शादी रुकवा दी गई। दुल्हन ने बताया कि उसके पिता पहले ही दूल्हे के लिए एक बाइक खरीद चुके थे, लेकिन अचानक शादी के दिन बुलेट की मांग रख दी गई। दोनों की सगाई तीन साल पहले ही हो चुकी थी। जिसके बाद से लड़की के परिजनों ने करीब 10 लाख रुपये का इंतजाम कर घरेलू सामान और बाइक खरीदी थी।

लड़की की भावनाएं हुईं आहत, दूल्हा पक्ष पर होगी कार्रवाई 
दुल्हन की मां का कहना है कि इस तरह के अपमानजनक व्यवहार से लड़की की भावनाएं आहत हुई हैं। परेशान परिजनों ने थाने में जाकर पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए दूल्हा पक्ष के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है। लड़की की मां ने बताया कि उनकी तीन बेटियां हैं, जिनमें से दो की शादी पहले ही हो चुकी है।

20 दिन पहले बनी थी मां, 20 दिन बाद रहस्यमयी मौत – ससुरालवालों ने छुपाया सच, मायकेवालों को नहीं लगने दी भनक

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Bijnor News: उत्तर प्रदेश में बिजनौर जिले के धामपुर थाना क्षेत्र में एक महिला की कथित हत्या के मामले में उसके पति और सास को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि 15 दिन पहले एक बच्ची को जन्म देने वाली महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई और उसके मायके को सूचित किए बिना उसका दाह संस्कार कर दिया गया।

जानिए, क्या कहना है सीओ अभय कुमार पांडे का?
मिली जानकारी के मुताबिक, धामपुर के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) अभय कुमार पांडे ने बताया कि नजीबाबाद निवासी सुमित्रा देवी ने धामपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई जिसके अनुसार, उसकी बेटी रुबी चौहान (25) की गजरौला गांव निवासी मुकुल से लगभग डेढ़ वर्ष पहले शादी हुई थी और मुकुल शराब पीकर रुबी के साथ मारपीट करता था।

हत्या के आरोप में पति और मां को पुलिस ने किया गिरफ्तार
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि मुकुल ने बीते सोमवार को रुबी की गला दबाकर हत्या कर दी और उसके माता-पिता को सूचित किए बिना उसका अंतिम संस्कार कर दिया। आरोप लगाया गया है कि रुबी के 15 दिन पहले एक बच्ची को जन्म देने के बाद से ससुराल पक्ष के लोग उसे प्रताड़ित कर रहे थे। पुलिस ने इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीओ ने बताया कि फोरेंसिक टीम ने रामगंगा घाट से महिला की अस्थियां कब्जे में ले ली हैं और मुकुल एवं उसकी मां को गिरफ्तार कर लिया गया है।

कौन थे आंदोलनकारी सुगमपाल सिंह चौहान? अंग्रेज कर्नल ने दी थी बंदूक और लगा दी थी बंदीसे, देश की आजादी की लड़ाई में नहीं कर पाए फायर

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Saharanpur News, : देश को आजाद करने में विभिन्न आंदोलन कारियों का योगदान रहा है उन्हीं में से एक है स्वर्गीय सुगमपाल सिंह चौहान जो की राजपूत समाज से आते हैं। सुगम पाल सिंह चौहान के ठाठ-बाट को देखकर अंग्रेज कर्नल ने उनको बंदूक दी थी लेकिन बंदूक देने के साथ-साथ उस पर बंदीसे भी लगा दी थी।
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आज भी विरासत के रूप में मौजूद है बंदूक
बता दें कि यह उस दौर की बात है जब देश अंग्रेजों का गुलाम था। सन 1933 में गांव काशीपुर के रहने वाले सुगमपाल सिंह चौहान एक बड़े जमीदार और बड़ी-बड़ी मूछे रखने वाले आंदोलनकारी थे। उन्होंने अंग्रेजों से कई बार लोहा लिया। देश की आजादी के विभिन्न आंदोलनों में उन्होंने भाग लिया।  इस दौरान वह सहारनपुर जिले में स्थित कलेक्ट्रेट में किसी काम से गए हुए थे तब वहां के अंग्रेज कर्नल ने उनको देखा और उनको अपने पास बुलाकर उनसे जब पूछा कि आप राजपूत हो और आपके पास कौन सा हथियार है। जब उन्होंने हथियार नहीं होने की बात कही तो तब अंग्रेज ने उनसे कहा आप राजपूत हो और आपके पास हथियार नहीं जबकि राजपूतों ने हमेशा अपने देश, अपने समाज की रक्षा की है। तब उनसे खुश होकर अंग्रेज कर्नल ने उनको एक बंदूक दी थी। बंदूक के साथ-साथ लगभग 5000 गोलियां भी उनको फ्री में दी थी, लेकिन इन गोलियों का इस्तेमाल वह अंग्रेजों पर नहीं कर सकते थे। क्योंकि अंग्रेजी कर्नल ने उनसे यह वचन भी लिया था कि आप इस बंदूक और गोलियों का इस्तेमाल आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों पर नहीं करेंगे। आज भी वह बंदूक विरासत के रूप में सुगम पाल सिंह चौहान के बेटे रामबीर सिंह चौहान के पास मौजूद है।
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अंग्रेज कर्नल ने दी थी बंदूक और लगा दी थी बंदीसे
रामबीर सिंह चौहान ने पंजाब केसरी से बात करते हुए बताया कि मेरे पिता जी सुगमपाल सिंह चौहान 1933 में जब आजादी की लड़ाई चल रही थी और हमारे देश मे ब्रिटिश सरकार थी, मेरे पिताजी आजादी की लड़ाई में भाग लिया करते थे, और इधर-उधर देश के हिस्सों में जाकर आजादी की लड़ाई लड़ते थे। यह बात है 1933 की जब हमारा देश गुलाम था तो मेरे पिताजी सहारनपुर कलेक्ट्रेट जहां पर कोर्ट हुआ करती थी साथ ही डीएम साहब के साथ-साथ वहां पर मिलिट्री का ऑफिस भी हुआ करता था, तो मिलिट्री के एक कर्नल जो अंग्रेज थे उन्होंने मेरे पिताजी सुगमपाल जिनकी पर्सनालिटी अच्छी और बड़ी-बड़ी मुछे व पगड़ी पहनते थे अपने पास बुलाया और पूछा आपके पास कौन सा हथियार है। मेरे पिताजी ने मना कर दिया क्योंकि देश की आजादी की लड़ाई चल रही है तो ऐसे में ब्रिटिश सरकार हमें हथियार क्यों देगी। पिताजी की पर्सनलिटी व राजपूत होने पर उनको हथियार देने की बात कही और उनसे उस समय के चांदी के 1000 सिक्के मंगाए और अगले ही दिन उनको बंदूक दे दी गई। उस बंदूक को देने के साथ ही उस बंदूक पर बंदीसे से भी लगा दी गई कि आप इस बंदूक का इस्तेमाल देश की आजादी के लिए अंग्रेजों पर नहीं करेंगे।
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मेरे पिताजी की यह बंदूक अब मेरे पास है और विरासत के रूप में हमेशा रहेगी और आगे भी मेरा प्रयास रहेगा कि यह बंदूक विरासत के रूप में मेरे परिवार और आगे बच्चों के पास रहेगी। यह बंदूक जर्मनी की बनी हुई है और 12 बोर 32 इंची बंदूक है जो आज नहीं मिलती।

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पत्नी ने हैवानियत की हदें की पार! ”अयूब” के प्यार में अंधी ”अंकिता” ने पति को दी दर्दनाक मौत, पकड़े हाथ, पेट्रोल डालकर जिंदा जलाया; फोन पर बात न करने देने की खौफनाक सजा

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बागपत  : उत्तर प्रदेश के बागपत से एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। जहां जिंदगी से जंग लड़ रहा एक शख्स 5 दिन बाद दुनिया को अलविदा कह गया। मृतक युवक थाना रमाला क्षेत्र के कंडेरा गांव का रहने वाला था। जिसका नाम सन्नी था। आरोप है कि मृतक सन्नी की बीवी अंकिता का अयूब नाम के युवक से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। जिसे कई बार फोन पर बात करते सन्नी ने भी टोका था। जिसको लेकर विवाद भी हुआ था और इसी के चलते उसकी बीवी अपने मायके गढ़ी कांगरान आ गई थी।

वहीं सन्नी के परिजनों के मुताबिक 22 जुलाई 2025 को सन्नी घर से कांवड़ लेने के लिए हरिद्वार के लिए निकला था, लेकिन जब वह दोघट क्षेत्र के कांवड़ मार्ग पर पहुंचा तो उसके ससुराल पक्ष के लोग और उसकी बीवी का प्रेमी अयूब वहां पहुंचे और उसे अपने साथ ले गए। फिर अयूब ने उसकी बीवी और सास के सामने पैट्रोल डाला और आग लगा दी। वहीं किसी ने इसकी सूचना सन्नी के परिजनों को दी। जिसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे और सन्नी को अस्पताल ले गए। जहां से उसे हायर सेंटर रेफर किया गया, लेकिन हालत नाजुक होने के चलते दिल्ली सफदरगंज भेज दिया। जहां 5 दिन तक जिंदगी से जंग लड़ते हुए सन्नी ने दम तोड़ दिया।

वहीं सन्नी का शव लेकर देर रात परिजन थाने पहुंचे और पुलिस पर कार्रवाई ना करने का आरोप लगाते हुए शव लेकर थाने में बैठ गए और धरना दिया। जिसके बाद पुलिस अधिकारी के आश्वासन पर परिजन माने।