Wednesday, February 18, 2026
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Kanpur: ई-ऑटो लुटेरों का शॉर्टकट पड़ा भारी, 24 घंटे में सलाखों के पीछे पहुंचे तीन शातिर, लूट का माल किया बरामद

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कानपुर में रेलबाजार पुलिस, स्वाट टीम व सर्विलांस टीम ने ई-ऑटो में बैठाकर लूट करने वाले तीन शातिरों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने सीओडी पुल के पास जंगल में ले जाकर लूट की घटना को अंजाम दिया था। पीड़ित रामादेवी चौराहे से बस में बैठकर वाराणसी जाने के लिए निकला था।डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने प्रेस वार्ता कर बताया कि बीते 18 दिसंबर की रात में 12:30 बजे महाराजगंज निवासी अमित चौहान टाटमिल चौराहे से रामादेवी चौराहे के लिए ई-ऑटो में बैठा था। ऑटो में पहले से ड्राइवर और उसके दोनों अन्य साथी सवार थे।घंटे के अंदर खुलासा, तीन शातिर गिरफ्तार

सीओडी पुल के पास ऊपर न ले जाकर उसे नीचे जंगल में ले गया। शातिरों ने चाकू के बल पर मारपीट कर फोन, लैपटॉप, टैबलेट और प्रिंटर लूट लिया था। पीड़ित ने रेलबाजार थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने 24 घंटे के अंदर खुलासा कर तीन शातिरों को गिरफ्तार कर लिया है।

UP News: हाईवे पर न दिखें निराश्रित पशु… डीएम समेत अफसरों को कड़ी चेतावनी; जल्द इंतजाम करने के निर्देश

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हाईवे पर निराश्रित पशु अक्सर हादसे की वजह बनते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए राजधानी लखनऊ में नगर विकास विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के सभी डीएम, एनएचएआई व यूपीडा के अफसरों को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि निराश्रित पशुओं को आश्रय केंद्रों में शिफ्ट कराएं। इससे संबंधित इंतजाम जल्द से जल्द करें।अफसरों से कहा गया है कि टीमें लगातार हाईवे की गश्त करेंगी। जगह-जगह हेल्पलाइन नंबरों के बोर्ड लगाए जाएंगे। ताकि, आम लोग भी निराश्रित पशुओं से संबंधित जानकारी दे सकें। इसमें अफसरों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इसके अलावा कुत्तों के लिए एनिमल बर्थ कंट्रोल केंद्रों को पूर्ण क्षमता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।

यहां करें सुरक्षा के इंतजाम

जिलों के अफसरों को निर्देश दिए हैं कि सरकारी व निजी शिक्षण संस्थान, अस्पताल, खेल परिसर आदि की सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद की जाए। जहां जरूरत हो वहां फेंसिंग व बाउंड्री वाल बनवाएं। रैन बसेरों में सभी इंतजाम कराएं। ताकि जरूरतमंद लोगों को दिक्कत न हो। सभी अस्पतालों में एंटी रेबीज वैक्सीन की उपलब्धता सौ फीसदी रहे।

UP News: यूपी में आवारा कुत्तों की निगरानी करेंगे नोडल अधिकारी, विवि-कॉलेजों में की गई तैनाती; पढ़ें पूरी खबर

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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में उत्तर प्रदेश में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को आवारा कुत्तों से बचाव के लिए निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत प्रदेश के विश्वविद्यालयों व कॉलेजों में आवारा कुत्तों की निगरानी व इससे बचाव की व्यवस्था के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती शुरू कर दी गई है। राजधानी लखनऊ में एकेटीयू समेत कई विश्वविद्यालयों व कॉलेजों ने इसकी व्यवस्था के लिए नोडल अधिकारी की तैनाती की है। ये अधिकारी परिसर की साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और आवारा कुत्तों की आवाजाही पर निगरानी रखेगा। इतना ही नहीं नोडल अधिकारी का नाम और मोबाइल नंबर भी संस्थान के मुख्य गेट पर प्रदर्शित करना होगा।

इसकी जानकारी निकायों को भी दी जाएगी। दूसरी तरफ बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी बीएसए को पत्र जारी कर अपने ऐसे संस्थानों को चिह्नित करने का निर्देश दिया है, जहां कुत्तों से बचाव की व्यवस्था करने की जरूरत है।

सुना है क्या: ‘माननीयों के बीच कमीशन का खेल’, मिली मुंह मांगी मुराद…बिन कहे सबने समझा

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यूपी के राजनीतिक गलियारे और प्रशासनिक गलियों में आज तीन किस्से काफी चर्चा में रहे। चाहे-अनचाहे आखिर ये बाहर आ ही जाते हैं। इन्हें रोकने की हर कोशिश नाकाम होती है। आज की कड़ी में माननीयों के बीच कमीशन का खेल का किस्सा है। साथ ही दो और कहानियां जो यह बताएंगी कि आखिर राजनीति में आरोप और प्रत्यारोप का खेल कैसे चल रहा है? आगे पढ़ें, नई कानाफूसी… माननीयों के बीच कमीशन का खेल

सूबे के समीपवर्ती एक जिले में इन दिनों तीन माननीयों की तिकड़ी के बीच कमीशन के खेल की चर्चा खूब हो रही है। इन तीन में माननीयों में दो विधायक और एक जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुके हैं। चर्चा की खास बात यह है कि तीनों माननीयों के बीच जितना भी मदभेद हो, उससे कहीं अधिक विकास कार्यों के बंटवारे में आपसी सौहार्द दिखता है।

तीनों बहुत ही ईमानदारी से काम और कमीशन का बंटवारा कर लेते हैं। तीनों ने काम बांटने के लिए अपने-अपने क्षेत्र भी तय कर लिए हैं। चर्चाओं के मुताबिक 10 लाख से अधिक लागत तक के काम पर 15 प्रतिशत और इससे अधिक लागत के प्रोजेक्ट के लिए 10 प्रतिशत एडवांस कमीशन तय किया गया है।

मिली मुंहमांगी मुराद

सदन में एक सदस्य आत्मविश्वास से लबरेज दिखे। जिस नेता से बरसों पुरानी दुश्मनी थी, उस पर हाईकमान द्वारा निशाना साधने से उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। हाल ही में दोनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर कुछ ऐसा चला था कि उनके करीबी भी सकते में आ गए थे।

इसे जाति के सम्मान से जोड़कर विवाद को खत्म करने की हिदायत दे रहे थे। लेकिन सियासत में गड़े मुर्दे भी वक्त पर काम आते हैं। इस बार निशाना सही बैठा और दुश्मन की बरसों से बनी-बनाई जमीन सरकने लगी। इन हालात में लगता नहीं कि लड़ाई आसानी से खत्म होगी।

बिन कहे सबने समझा

सदन के भीतर माननीयों की बैठकों की चर्चा समय से न दिए जाने का मुद्दा उठाया गया। इसी बीच एक सदस्य ने इशारों ही इशारों में कहा कि अब तो अधिकारियों की उपस्थिति को लेकर भी कोई आदेश जारी हुआ है। पीठ ने भी उसी अंदाज में जबाव देते हुए कहा कि अभी ऐसा कोई आदेश हमें प्राप्त नहीं हुआ है। अगर आएगा तो चिंता न करें, पीठ के भी सुनिश्चित अधिकार हैं, जिन्हें समय आने पर प्रयोग किया जाएगा।

मैं मजबूरी समझ सकता हूं’: अखिलेश यादव बोले- कोडिन कप सिरप में बहुत महत्वपूर्ण बात है…जो सरकार छिपा रही

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प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र तक फैला अवैध कारोबार

अखिलेश यादव ने कहा, कोडीन कफ सिरप का अवैध कारोबार प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र तक फैला हुआ है और इसकी कीमत हजारों करोड़ रुपये में है। मुख्यमंत्री और उनके साथ खड़े लोग झूठ बोल रहे हैं, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती।

अगर सरकार सच में माफियाओं के खिलाफ है, तो जिन-जिन लोगों की तस्वीरें मेरे साथ दिखाई जा रही हैं, उनके घरों पर भी बुलडोजर चलना चाहिए। चाहे ‘कालीन भैया’ हों या ‘कोडीन भैया’, इस अवैध धंधे में शामिल हर व्यक्ति पर एक समान कार्रवाई होनी चाहिए।

 

पुलिस सिटी बजा रही है

अखिलेश यादव ने कहा, आईपीएस अमिताभ ठाकुर अपनी बात न रख सकें, इसके लिए पूरी पुलिस से सिटी बजवाई जाती है। पूर्व विधायक दीपक यादव को फर्जी मामले में जेल भेजा गया।

 

 

जब खुद फंस जाओ, तो दूसरों पर इल्जाम लगाओ

एक दिन पहले अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर शायराना अंदाज में कहा था कि जब खुद फंस जाओ, तो दूसरे पर इल्जाम लगाओ, ये खेल हुआ पुराना, हुक्मरान कोई नई बात बताओ। सपा अध्यक्ष आगे दोनों डिप्टी सीएम और सीएम का फोटो लगाते हुए कहते हैं …फुल दो हॉफ हैं, यूं तो आपस में खिलाफ हैं। कोडीन के मारे ये सारे, आज डर के मारे साथ हैं। अखिलेश ने कहा कि नशाखोरी की जांच के लिए सिरप टॉस्क फोर्स मतलब एसटीएफ के साथ-साथ जीटीएफ भी बना दीजिए।

बाकी जनता समझदार है। भाजपाइयों के चेहरों पर हवाइयां क्यों उड़ी हुई हैं। कोडीन कफ सिरप की सच्चाई वे जानते हैं, तभी खुद नहीं पी, इसीलिए बीच में किसी को खांसी भी आ गई। अखिलेश यादव ने कहा कि अवैध और जहरीली कफ सिरप मामले की जांच कर रही एसटीएफ भी अवैध कारोबारियों से मिली हुई है। अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

UP: भाजपा प्रदेश कार्यालय में बड़ी बैठक, जेपी नड्डा… सीएम योगी और प्रदेश अध्यक्ष समेत कई बड़े नेता शामिल

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राजधानी लखनऊ में शनिवार को भाजपा कार्यालय में एक बड़ी बैठक आयोजित की गई है। इसमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और यूपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत अन्य नेता शामिल हो रहे हैं। पंकज चौधरी के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद यह पहली बैठक है, जो प्रदेश कार्यालय में आयोजित की गई है।

2000 रुपये के नोट को लेकर RBI का नया आदेश जारी… अभी भी है लीगल टेंडर

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नेशनल डेस्क: देश में भले ही 2000 रुपये का नोट अब रोज़मर्रा की खरीद–फरोख्त में दिखाई न देता हो, लेकिन इसे लेकर लोगों के मन में सवाल आज भी बने हुए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक ने मई 2023 में इस उच्च मूल्यवर्ग के नोट को चलन से बाहर करने का फैसला किया था। इसके बावजूद यह नोट आज भी कानूनी तौर पर मान्य मुद्रा है, यानी इसकी वैल्यू खत्म नहीं हुई है।

RBI लगातार यह कह रहा है कि जिनके पास अभी भी 2000 रुपये के नोट रखे हैं, वे उन्हें जल्द से जल्द सिस्टम में वापस लाएं। दिलचस्प बात यह है कि वापसी प्रक्रिया शुरू होने के दो साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी करीब 6,000 करोड़ रुपये के नोट अब भी सर्कुलेशन में मौजूद हैं।

क्यों हटाए जा रहे हैं पुराने नोट?

रिजर्व बैंक के मुताबिक, यह पूरी प्रक्रिया उसकी ‘clean note policy’ का हिस्सा है। इस नीति का मकसद ऐसे नोटों को धीरे-धीरे सिस्टम से हटाना है, जिनका इस्तेमाल आम लेनदेन में बहुत कम हो गया है। 2000 रुपये के नोटों की छपाई भी 2018-19 के वित्त वर्ष के बाद बंद कर दी गई थी, क्योंकि लोग रोज़मर्रा के लेनदेन में इन्हें कम इस्तेमाल कर रहे थे। RBI के आंकड़ों के अनुसार, अब तक करीब 98.37 प्रतिशत 2000 रुपये के नोट बैंकिंग सिस्टम में लौट चुके हैं। यानी ज्यादातर नोट जमा हो चुके हैं, लेकिन अब भी कुछ लोग इन्हें घर या कारोबार में संभालकर बैठे हैं।

क्या अब भी वैध हैं 2000 के नोट?

इस सवाल को लेकर सबसे ज्यादा भ्रम है। रिजर्व बैंक ने साफ किया है कि 2000 Rupee Notes अब भी लीगल टेंडर हैं। हालांकि, अधिकतर बैंक शाखाएं और रिटेल आउटलेट इन्हें सामान्य लेनदेन में स्वीकार नहीं कर रहे हैं। इसका मतलब यह नहीं कि नोट बेकार हो गए हैं, बल्कि उन्हें सही प्रक्रिया के तहत जमा कराना जरूरी है।

कहां और कैसे करा सकते हैं जमा?

कमर्शियल बैंकों में 2000 रुपये के नोट बदलने या जमा कराने की सुविधा 7 अक्टूबर 2023 को खत्म हो चुकी है। फिलहाल यह सुविधा केवल RBI के 19 निगम कार्यालयों में उपलब्ध है। ये कार्यालय अहमदाबाद, बेंगलुरु, हैदराबाद, जयपुर, कानपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, पटना, नई दिल्ली, चेन्नई जैसे बड़े शहरों में स्थित हैं। उत्तर प्रदेश में कानपुर और लखनऊ में यह सुविधा मौजूद है।

अगर आप खुद RBI ऑफिस नहीं जा सकते, तो डाकघर के माध्यम से भी अपने 2000 रुपये के नोट रिजर्व बैंक के निगम कार्यालय में भेजकर उन्हें अपने बैंक खाते में जमा करा सकते हैं।

किन दस्तावेजों की होगी जरूरत?

RBI के एक सर्कुलर के मुताबिक, नोट जमा कराने के लिए पहचान पत्र और बैंक अकाउंट की जानकारी जरूरी है। आमतौर पर आधार कार्ड को आईडी प्रूफ के तौर पर स्वीकार किया जा रहा है। RBI कार्यालय में एक फॉर्म दिया जाता है, जिसे भरकर नोटों और दस्तावेजों के साथ जमा करना होता है, ताकि रकम सही खाते में क्रेडिट की जा सके।

घबराने की जरूरत नहीं

बहुत से लोग यह सोचकर परेशान हैं कि कहीं देर हो जाने की वजह से उनके नोट रिजेक्ट न हो जाएं या उनकी कीमत कम न हो जाए। रिजर्व बैंक ने साफ कहा है कि ऐसा कुछ नहीं है। 2000 रुपये के नोट की वैल्यू पूरी तरह सुरक्षित है। RBI ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों में न आएं और अपने नजदीकी RBI निगम कार्यालय में बनाए गए विशेष एक्सचेंज काउंटरों का इस्तेमाल करें।

गौरतलब है कि 2000 रुपये के नोट नवंबर 2016 में Reserve Bank of India Act, 1934 की धारा 24(1) के तहत जारी किए गए थे। नोटबंदी के बाद नकदी की जरूरत को पूरा करने के लिए इन्हें लाया गया था, लेकिन समय के साथ इनका इस्तेमाल कम होता चला गया। अब RBI इन्हें व्यवस्थित तरीके से सिस्टम से बाहर कर रहा है—बिना जनता को किसी नुकसान के।

घने कोहरे के कारण दिल्ली हवाई अड्डे पर परिचालन बाधित; 177 उड़ानों को रद्द किया गया

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नेशनल डेस्क: दिल्ली हवाई अड्डे पर घने कोहरे के कारण शुक्रवार को उड़ान परिचालन बाधित हुआ और इस कारण कम से कम 177 उड़ानों को रद्द कर दिया गया और 500 से अधिक उड़ानों में विलंब हुआ। एक अधिकारी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों समेत कुल 177 उड़ानें रद्द कर दी गईं। इनमें प्रस्थान और आगमन दोनों शामिल हैं। उड़ानों की जानकारी देने वाली वेबसाइट ‘फ्लाइटरडार24डॉट कॉम’ के अनुसार, हवाई अड्डे पर लगभग 500 उड़ानों के परिचालन में देरी हुई।

 

शुक्रवार दोपहर को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा कि वह भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के साथ मिलकर काम कर रहा है और वास्तविक समय के मौसम पूर्वानुमान के आधार पर निर्णय लिए जा रहे हैं। दिल्ली हवाई अड्डे के संचालक ‘डीआईएएल’ ने शाम 7.10 बजे ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘दिल्ली हवाई अड्डे पर परिचालन बिना किसी व्यवधान के सामान्य रूप से चल रहा है।” एयर इंडिया एक्सप्रेस ने शुक्रवार को कहा कि उसने दिल्ली से पुणे, रांची, इंदौर, पटना, गोवा, वाराणसी और जोधपुर सहित विभिन्न गंतव्यों के लिए उड़ानें रद्द कर दी हैं, साथ ही कुछ अन्य सेवाएं भी रद्द की हैं।

 

एयरलाइन ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि ये उड़ानें कोहरे की वजह से रद्द की गईं। इंडिगो ने शुक्रवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि दिल्ली एनसीआर, अमृतसर, जबलपुर और जालंधर में आज सुबह भी कड़ाके की ठंड और घना कोहरा छाया हुआ है। इसने कहा, ‘‘दृश्यता के स्तर में उतार-चढ़ाव के कारण उड़ान कार्यक्रम में बदलाव हुए हैं, और परिस्थितियों में बदलाव के चलते परिचालन सामान्य से धीमा हो सकता है। हमारी जमीनी टीम सुरक्षा और दृश्यता संबंधी आवश्यकताओं के अनुपालन को प्राथमिकता दे रही हैं।”

दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड’ (डीआईएएल) इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआईए) का संचालन करती है, जो देश का सबसे बड़ा हवाई अड्डा है और आमतौर पर यहां प्रतिदिन लगभग 1,300 उड़ानों का संचालन होता है।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति पूल पार्टी में लड़कियों के साथ नहाते दिखे, मशहूर हस्तियों की तस्वीरें उजागर

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इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिका के सबसे चर्चित से+क्स-तस्करी मामलों में से एक, जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी जांच ने एक बार फिर दुनिया भर में हलचल मचा दी है। अमेरिकी न्याय विभाग ने शुक्रवार देर रात करीब 2:30 बजे जांच से संबंधित लगभग तीन लाख दस्तावेज और तस्वीरें सार्वजनिक कीं। इन रिकॉर्ड्स में कई अंतरराष्ट्रीय स्तर की जानी-मानी हस्तियों की महिलाओं और नाबालिगों के साथ मौजूदगी को लेकर तस्वीरें और विवरण सामने आए हैं, जिसने राजनीति से लेकर मनोरंजन जगत तक नई बहस छेड़ दी है।

 

क्लिंटन की तस्वीरों पर विवाद, सफाई भी आई

जारी सामग्री में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की कुछ तस्वीरें भी शामिल हैं, जिनमें वे महिलाओं के साथ पूल पार्टी और सामाजिक आयोजनों में नजर आ रहे हैं। इन खुलासों के बाद क्लिंटन की ओर से प्रतिक्रिया दी गई। उनकी प्रवक्ता एंजेल उरेना ने स्पष्ट किया कि क्लिंटन को एपस्टीन के अपराधों की जानकारी नहीं थी और जैसे ही सच्चाई सामने आई, उन्होंने उससे किसी भी तरह का संपर्क खत्म कर लिया था। बयान में यह भी कहा गया कि कुछ लोग सच्चाई जानने के बावजूद एपस्टीन के करीब बने रहे, लेकिन क्लिंटन ने ऐसा नहीं किया।

HIV Children: ब्लड ट्रांसफ्यूजन से 6 बच्चे HIV पॉजिटिव, NHRC ने पूरे देश में जारी किया नोटिस

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नेशनल डेस्क: मध्य प्रदेश के सतना जिले से सामने आए एक गंभीर स्वास्थ्य मामले ने देशभर की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान कम से कम छह बच्चों के HIV पॉजिटिव पाए जाने के बाद न केवल राज्य सरकार हरकत में आई है, बल्कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी इस मामले को गंभीर मानते हुए पूरे देश में नोटिस जारी कर दिया है।

NHRC ने खुद लिया संज्ञान, सभी राज्यों से मांगी रिपोर्ट

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मीडिया रिपोर्ट के आधार पर इस घटना पर स्वतः संज्ञान (सुओ मोटो) लिया है। आयोग ने कहा कि इस तरह की घटनाएं देश के अन्य हिस्सों से भी उसके संज्ञान में आई हैं। इसी को देखते हुए NHRC ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को नोटिस भेजकर चार सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

इन रिपोर्ट्स में यह बताना होगा कि:

इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं

दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई या प्रस्तावित है

ब्लड ट्रांसफ्यूजन सिस्टम की निगरानी कैसे की जा रही है

सतना के सरकारी अस्पताल में हुआ मामला

यह मामला सतना जिले के सरदार वल्लभभाई पटेल शासकीय अस्पताल से जुड़ा है। यहां इलाज करा रहे छह बच्चे, जिन्हें नियमित रूप से खून चढ़ाया जा रहा था, जांच में HIV पॉजिटिव पाए गए। बताया गया है कि ये सभी बच्चे थैलेसीमिया जैसी बीमारी से पीड़ित थे, जिसमें बार-बार ब्लड ट्रांसफ्यूजन की जरूरत होती है। जनवरी से मई के बीच बच्चों में HIV संक्रमण की पुष्टि हुई थी, लेकिन यह मामला अब सामने आया है।

राज्य सरकार की कार्रवाई: तीन अधिकारी सस्पेंड

मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने तत्काल कदम उठाए हैं।

राज्य सरकार ने:

ब्लड बैंक के प्रभारी अधिकारी

दो लैब टेक्नीशियनों

को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई एक प्रारंभिक जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर की गई है, जिसे मामले की जांच के लिए गठित किया गया था।

अन्य अस्पतालों में भी जांच की आशंका

16 दिसंबर की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राज्य प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि:

क्या इन बच्चों को किसी और अस्पताल में भी रक्त चढ़ाया गया था

क्या संक्रमित रक्त की सप्लाई कहीं और तो नहीं हुई

इसी के साथ, संबंधित अस्पताल ने भी आंतरिक जांच शुरू कर दी है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि लापरवाही कहां और कैसे हुई।