यूपी के राजनीतिक गलियारे और प्रशासनिक गलियों में आज तीन किस्से काफी चर्चा में रहे। चाहे-अनचाहे आखिर ये बाहर आ ही जाते हैं। इन्हें रोकने की हर कोशिश नाकाम होती है। आज की कड़ी में माननीयों के बीच कमीशन का खेल का किस्सा है। साथ ही दो और कहानियां जो यह बताएंगी कि आखिर राजनीति में आरोप और प्रत्यारोप का खेल कैसे चल रहा है? आगे पढ़ें, नई कानाफूसी… माननीयों के बीच कमीशन का खेल
सूबे के समीपवर्ती एक जिले में इन दिनों तीन माननीयों की तिकड़ी के बीच कमीशन के खेल की चर्चा खूब हो रही है। इन तीन में माननीयों में दो विधायक और एक जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुके हैं। चर्चा की खास बात यह है कि तीनों माननीयों के बीच जितना भी मदभेद हो, उससे कहीं अधिक विकास कार्यों के बंटवारे में आपसी सौहार्द दिखता है।
तीनों बहुत ही ईमानदारी से काम और कमीशन का बंटवारा कर लेते हैं। तीनों ने काम बांटने के लिए अपने-अपने क्षेत्र भी तय कर लिए हैं। चर्चाओं के मुताबिक 10 लाख से अधिक लागत तक के काम पर 15 प्रतिशत और इससे अधिक लागत के प्रोजेक्ट के लिए 10 प्रतिशत एडवांस कमीशन तय किया गया है।


