लखनऊ से श्रीनगर की इकलौती सीधी उड़ान सेवा फिर से शुरू होगी। इसके लिए एयरलाइन सर्वे करा रही है। यात्रियों की मांग को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।यात्रियों की मांग पर गत वर्ष 30 मार्च को इंडिगो ने लखनऊ से श्रीनगर के लिए सीधी उड़ान सेवा शुरू की थी। इसकी लोकप्रियता का अंदाज इस बात से लगाया जा सकता है कि शुरुआती बीस दिनों में विमान दोनों ओर से फुल रहा। पहलगाम में आतंकी हमले के बाद यात्रियों की संख्या में बड़ी गिरावट आई जो 180 से घटकर 35 पहुंच गई थी। घाटे के कारण इस विमान सेवा को छह मई 2025 को बंद कर दिया गया था। यह सेवा सिर्फ 35 दिन ही चल पाई थी।इसके बाद से लखनऊ से श्रीनगर जाने वाले यात्रियों की निर्भरता कनेक्टिंग उड़ानों पर बढ़ गई। लखनऊ से श्रीनगर जाने के लिए अब दिल्ली होकर जाना पड़ता है जिससे यात्रा में अधिक धन-समय खर्च होता है। सूत्र बताते हैं कि फिर से इस सेवा को शुरू करने के लिए सर्वे चल रहा है। एक से डेढ़ महीने में विमान सेवा दोबारा शुरू हो सकती है। इससे गर्मी की छुट्टियों में कश्मीर घूमने की योजना बना रहे लोगों बहुत फायदा मिलेगा।
हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: कर्मचारी के प्रमोशन में तदर्थ सेवा भी गिनी जाएं, नियुक्ति तिथि के आधार पर हो पदोन्नति
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सेवा मामले में दिए एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि यदि नियुक्ति प्रक्रिया विधि सम्मत रही हो और कर्मचारी लगातार सेवा में रहा हो, तो उसकी तदर्थ सेवा को भी पदोन्नति के लिए गिना जाएगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि किसी कर्मचारी से कनिष्ठ कर्मचारी को पदोन्नति मिल चुकी है, तो उसे भी उसी तिथि से पदोन्नति का अधिकार है, भले ही उसकी सेवा का नियमितीकरण बाद में हुआ हो।न्यायमूर्ति शेखर बी सराफ और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ल की खंडपीठ ने यह फैसला राज्य सरकार की दो विशेष अपीलों को खारिज करके दिया।इस मामले में मूल याची अनिल कुमार और शैलेंद्र सिंह, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। दोनों वर्ष 1986 में जूनियर इंजीनियर के पद पर तदर्थ नियुक्त हुए थे और बाद में उनकी सेवाएं नियमित की गईं।मामले में विवाद तब उत्पन्न हुआ जब इनके बाद नियुक्ति पाए कर्मचारियों को सहायक अभियंता पद पर 18 जनवरी 1995 से पदोन्नति दे दी गई, जबकि याचियों को इस लाभ से वंचित रखा गया। पहले, एकल पीठ ने याचियों के पक्ष में फैसला सुनाया था जिसे राज्य सरकार ने विशेष अपील के माध्यम से चुनौती दी।
सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि चूंकि याचियों की सेवाएं उस समय तक नियमित नहीं हुई थीं, इसलिए उन्हें पिछली तिथि से पदोन्नति नहीं दी जा सकती। हाईकोर्ट ने सरकार की इस दलील को खारिज कर दिया। कोर्ट ने अपने निर्णय में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि तदर्थ सेवाकाल को भी पदोन्नति के लिए गिना जाएगा।
यूपी: प्रदेश में होगी 2584 महिला परिचालकों की होगी भर्ती, गृह जिले में मिलेगी तैनाती; जानिए पूरी प्रक्रिया
उप्र परिवहन निगम में 2584 पदों पर संविदा महिला परिचालकों की भर्ती होगी। इसके लिए अलग-अलग जिलों में रोजगार मेले लगेंगे। 25 मार्च से रोजगार मेलों की शुरुआत होगी। परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह बताया कि चयनितों को उनके गृह जिले के डिपो में ही तैनाती दी जाएगी।
संविदा महिला परिचालकों की भर्ती के लिए 25, 28 व 30 मार्च और एक 1 अप्रैल को रोजगार मेले का आयोजन होगा। 25 मार्च को सहारनपुर, झांसी, कानपुर, चित्रकूटधाम-बांदा और प्रयागराज में रोजगार मेला लगेगा। 28 मार्च को गाजियाबाद, अलीगढ़, बरेली, अयोध्या और वाराणसी, 30 मार्च को मेरठ, इटावा, हरदोई, देवीपाटन व आजमगढ़ में और एक अप्रैल को नोएडा, आगरा, मुरादाबाद, लखनऊ और गोरखपुर में रोजगार मेले लगेंगे। इच्छुक महिला अभ्यर्थी अपने नजदीकी क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय में जाकर आवेदन कर सकती हैं।
यूपी: आज से खत्म होगा विक्षोभ का असर, इन जिलों में दस डिग्री तक चढ़ सकता है पारा; डराने वाले हैं पूर्वानुमान
उत्तर प्रदेश में बीते तीन दिनों के दाैरान झोंकेदार हवाओं के साथ गरज-चमक वाली बारिश दर्ज की गई। कई जिलों में तापमान सामान्य से 10 डिग्री या इससे भी नीचे आ गया था। रविवार को बलिया और गोरखपुर में अधिकतम तापमान सामान्य से सात डिग्री नीचे दर्ज किया गया। माैसम विभाग का कहना है कि रविवार से विक्षोभ का असर कमजोर पड़ गया है और बारिश का दाैर थमने से आगे माैसम शुष्क रहेगा।विभाग का कहना हैकि अब धूप की तपिश बढ़ने से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में अगले सात दिनों में दिन के तापमान में सात से दस डिग्री तक की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। मध्यांचल में एक दिन में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री की बढ़त दर्ज हुई।
यूपी: योगी कैबिनेट की बैठक आज, निजी बिजनेस पार्क सहित इन 23 प्रस्तावों को मिल सकती है मंजूरी, जानिए डिटेल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को कैबिनेट की बैठक होगी। इसमें कुल 23 प्रस्ताव रखे जाने की संभावना है। उत्तर प्रदेश निजी बिजनेस पार्क विकास योजना-2025 के पास हो सकता है। अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के 10 प्रस्ताव, अवास एवं शहरी नियोजन विभाग के तीन प्रस्ताव भी पास होने की संभावना है। माध्यमिक शिक्षा विभाग में लिपिकीय संवर्ग के पुनर्गठन का प्रस्ताव भी रखा जाएगा।
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Tech Explained: Vibe Coding क्या है? इस नए AI ट्रेंड पर क्यों आमने-सामने हैं सुंदर पिचाई और श्रीधर वेंबू
तकनीक की दुनिया में इन दिनों एक नया शब्द ‘वाइब कोडिंग’ (Vibe Coding) की गूंज चारों ओर है। सिलिकॉन वैली से लेकर भारतीय टेक हब तक, हर दिग्गज इस पर अपनी राय रख रहे हैं। लेकिन यह ‘वाइब’ आखिर है क्या और क्यों दुनिया के सबसे बड़े टेक सीईओ इस पर आपस में भिड़ गए हैं? आइए जाते हैं…
क्या है वाइब कोडिंग?
सरल शब्दों में कहें तो वाइब कोडिंग सॉफ्टवेयर बनाने का वह तरीका है जहां आपको पायथन (Python) या जावास्क्रिप्ट (JavaScript) जैसी कठिन भाषाएं सीखने की जरूरत नहीं होती। आप एआई (AI) को अपनी सामान्य भाषा (जैसे हिंदी या अंग्रेजी) में बताते हैं कि आपको कैसा एप या फीचर चाहिए, और एआई आपके लिए उसका कोड तैयार कर देता है। इस शब्द को फरवरी 2025 में ओपनएआई (OpenAI) के को-फाउंडर आंद्रे कार्पेथी ने लोकप्रिय बनाया था। उनका कहना है कि एआई अब इतना काबिल हो गया है कि यूजर को कोड की चिंता करने की जरूरत ही नहीं है।
सुंदर पिचाई की क्या राय है?
Google के सीईओ सुंदर पिचाई ने इस ट्रेंड को सकारात्मक बताया है। उनका कहना है कि इससे कोडिंग पहले से ज्यादा आसान और दिलचस्प हो रही है। उनके मुताबिक, यह तकनीक भविष्य में और बेहतर होगी और ज्यादा लोगों के लिए डेवलपमेंट को सुलभ बनाएगी।
श्रीधर वेंबू क्यों कर रहे हैं विरोध?
वहीं Zoho के फाउंडर श्रीधर वेंबू इस ट्रेंड से पूरी तरह सहमत नहीं हैं। उनका मानना है कि वाइब कोडिंग को जरूरत से ज्यादा सरल तरीके से पेश किया जा रहा है, जबकि असल में कोडिंग एक जटिल प्रक्रिया है जिसे पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
क्या है इसका भविष्य?
वाइब कोडिंग को मानव और एआई के सहयोग का नया उदाहरण माना जा रहा है। आने वाले समय में यह पारंपरिक प्रोग्रामिंग को पूरी तरह बदल सकता है या उसके साथ मिलकर काम कर सकता है।
Navratri Day 5 Wishes: नवरात्रि के पांचवें दिन प्रियजनों को भेजें मां स्कंदमाता से जुड़े शुभकामना संदेश
Chaitra Navratri 2026 Day 5 Maa Skandamata Puja: चैत्र नवरात्रि का पांचवां दिन मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप, मां स्कंदमाता की पूजा के लिए समर्पित होता है। मां स्कंदमाता भगवान कार्तिकेय की माता हैं, इसलिए उन्हें इस नाम से जाना जाता है। उनका स्वरूप बेहद दिव्य और आकर्षक माना गया है। वे सिंह पर विराजमान रहती हैं और चार भुजाओं से सुशोभित होती हैं। उनकी एक भुजा में बाल रूप में कार्तिकेय विराजमान रहते हैं, जबकि अन्य हाथों में कमल पुष्प और वरमुद्रा दिखाई देती है। उनके दर्शन से ही भक्तों को शांति और आनंद की अनुभूति होती है।
मान्यता है कि मां स्कंदमाता की सच्चे मन से पूजा करने पर संतान से जुड़ी परेशानियां दूर होती हैं। साथ ही उनकी कृपा से ज्ञान, बुद्धि और विवेक का आशीर्वाद मिलता है। इस शुभ अवसर पर अपने प्रियजनों को शुभकामनाएं देकर आप भी मां का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।
या देवी सर्वभूतेषु माँ स्कन्दमाता रूपेण संस्थिता।
सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया।
ॐ स्कन्दमात्रै नमः
मां स्कंदमाता के कदम आपके घर में आएं
मां स्कंदमाता करें हर कष्ट का विनाश,
दें समृद्धि, शांति और उज्ज्वल प्रकाश!
जय मां स्कंदमाता
चैत्र नवरात्रि के पांचवे दिन की शुभकामनाएं
क्या है पापी क्या है घमंडी
मां के दर पर सभी शीश झुकाते हैं।
मिलता है चैन तेरे दर पर मैया,
झोली भरके सभी है जाते।
जय मां स्कंदमाता
चैत्र नवरात्रि के पांचवे दिन की शुभकामनाएं
स्कंदमाता की ममता का सागर,
आप पर अपनी कृपा बरसाए।
पांचवें दिन की पूजा आपको ज्ञान और विवेक प्रदान करे।
जय मां स्कंदमाता
चैत्र नवरात्रि के पांचवे दिन की शुभकामनाएं
रूठी है तो मना लेंगे, पास अपने बुला लेंगे
मैया है वो दिल की भोली, श्रद्धा के फूल उन्हें चढ़ा देंगे।
जय मां स्कंदमाता
चैत्र नवरात्रि के पांचवे दिन की शुभकामनाएं
सूर्य सा तेज है मां, सभी को वर देती हो
सभी की झोली मां तुम भर देती हो
जय मां स्कंदमाता
चैत्र नवरात्रि के पांचवे दिन की शुभकामनाएं
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
कैसे सबसे लंबे समय तक सरकार चलाने वाले नेता बने मोदी: PM-CM रहते तोड़े कई रिकॉर्ड, नेहरू-इंदिरा से कहां पीछे?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। रविवार (22 मार्च 2026) को मोदी कुल मिलाकर 8931 दिन तक अलग-अलग सरकारों के प्रमुख रह चुके हैं। यानी वे अब भारत के सबसे लंबे समय तक सरकार चलाने वाले नेता बन चुके हैं। अपनी इस उपलब्धि के साथ ही उन्होंने पवन कुमार चामलिंग का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जो कि 8930 दिन तक सिक्किम में सरकार के प्रमुख रहे थे।
West Asia Crisis: होर्मुज में माइनस्वीपर्स तैनात करेगा जापान, जंग के बीच कैसे हैं हालात; क्या है ईरान का रुख?
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष में दुनिया के कई देश भी शामिल हो रहे हैं। अमेरिका चाहता है कि उसके सहयोगी देश, जैसे जापान, ब्रिटेन, फ्रांस, अपने युद्धपोत भेजें ताकि होर्मुज रास्ते को सुरक्षित बनाया जा सके। वहीं, जापान ने कहा है कि वह सीधे युद्ध में नहीं उतरेगा, लेकिन अगर युद्धविराम होता है तो वह माइंस (समुद्री बारूदी सुरंग) हटाने में मदद कर सकता है। जापान के लिए यह मामला बहुत गंभीर है, क्योंकि उसका करीब 90% तेल इसी रास्ते से आता है। इसलिए अगर यह रास्ता बंद रहता है, तो दुनियाभर में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं और बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।
Live RBSE 10th Result 2026 Live: राजस्थान बोर्ड 10वीं के नतीजे सोमवार को संभावित, पढ़े पल-पल की ताजा आपेडट
RBSE Board High School Result 2026: करीब 10.68 लाख विद्यार्थियों को परिणाम का इंतजार
पिछले वर्ष बोर्ड ने 28 मई को 10वीं कक्षा के नतीजे घोषित किए थे। इस बार बोर्ड 10वीं के नतीजे जल्दी प्रकाशित करने की तैयारी में जुटा है। उम्मीद लगाई जा रही है कि नतीजे 20 मार्च के आसपास घोषित किए जा सकते हैं।
अपनी ऑनलाइन मार्कशीट देखने और डाउनलोड करने के लिए छात्रों को लॉगिन क्रेडेंशियल (रोल नंबर, रोल कोड़ और आवेदन संख्या) दर्ज करनी होगी। अमर उजाला की वेबसाइट पर छात्रों को अपनी ऑनलाइन मार्कशीट की कॉपी डाउनलोड करने की सुविधा भी मिलेगी।
Rajasthan Board 10th Result: परिणाम में शामिल होंगे ये विवरण
RBSE Rajasthan Board 10th Re-Evaluation: आरबीएसई बोर्ड कक्षा 10वीं की पुनर्मूल्यांक प्रक्रिया
RBSE Board 10th Compartmental Exam: कंपार्टमेंटल परीक्षा
Rajasthan Board Result 2026: आरबीएसई परिणाम अवलोकन तालिका
| विवरण | जानकारी |
| बोर्ड का नाम | माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान, अजमेर |
| संक्षेपाक्षर | आरबीएसई (RBSE) |
| स्थापना वर्ष | 1957 |
| स्थान | अजमेर |
| परीक्षा का नाम | राजस्थान बोर्ड कक्षा 10वीं परीक्षा |
| शैक्षणिक सत्र | 2025-26 |
| परीक्षा तिथि | 12 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक |
| परिणाम तिथि व समय | मार्च 2026 (अपेक्षित) |
| आधिकारिक वेबसाइट | rajeduboard.rajasthan.gov.in, rajshaladarpan.nic.in |
Rajasthan Board Result 2026: ऐसे चेक करें अपना परिणाम
- सबसे पहले छात्र अमर उजाला की वेबसाइट पर परिणाम सेक्शन में जाएं, जिसका पता है: amarujala.com/results
- अब यहां पर उपलब्ध विभिन्न बोर्ड्स की सूची में से राजस्थान बोर्ड चुनें।
- अब 10वीं कक्षा का परिणाम चेक करने के लिए उपलब्ध लिंक पर क्लिक करें।
- अब मांगी गई जानकारी दर्ज करें और सबमिट करें।
- परिणाम स्क्रीन पर खुलकर आ जाएगा।
- आप चाहें तो यहां उपलब्ध बटन की मदद से परिणाम की कॉपी डाउनलोड कर सकते हैं।
RBSE 10th 2025 Overview: पिछले वर्ष 10वीं रिजल्ट के आंकड़ें
| विवरण | आंकड़े |
| कुल पंजीकृत परीक्षार्थी | 10,94,186 |
| परीक्षा में शामिल हुए | 10,71,460 |
| फर्स्ट डिवीजन आई | 5,46,370 |
| सेकेंड डिवीजन आई | 3,76,774 |
| थर्ड डिवीजन आई | 79,519 |
| पास श्रेणी में रखे गए | 179 |
| सप्लीमेंट्री आई | 30,599 |
| कुल पास प्रतिशत | 93.60% |
| लड़कों का पास प्रतिशत | 93.16% |
| लड़कियों का पास प्रतिशत | 94.08% |
RBSE 10th Topper List 2025: पिछले साल किसने किया 10वीं में टॉप
| नाम | प्रतिशत |
| पूजा भादू | 99.50% |
| श्रेया प्रजापति | 99.17% |
| प्रियांशु शर्मा | 99.17% |
| जयेश सोनी | 98.81% |
| विकास वर्मा | 98.17% |
| यशिता कुमावत | 97.83% |
| खुशबू सोनी | 97.17% |
RBSE Board 10th Result 2026 FAQs: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2026 में राजस्थान बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा कब आयोजित की जाएगी?
राजस्थान बोर्ड 10वीं का रिजल्ट कब जारी होगा?
राजस्थान बोर्ड कक्षा 10वीं परीक्षा 2026 उत्तीर्ण प्रतिशत क्या है?
आरबीएसई बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए उम्मीदवारों को न्यूनतम 33% अंक प्राप्त करना आवश्यक है।

