Friday, June 19, 2026
Home Blog

औरैया में पंचायत घर में शॉर्टसर्किट से आग:पांच लाख का नुकसान, कंप्यूटर-कुर्सियां समेत कई उपकरण जले

0

पुरवा फकीरे पंचायत के पंचायत घर में शॉर्टसर्किट के कारण आग लग गई। इस घटना में लगभग पांच लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। आग लगने से कमरे में रखे कई महत्वपूर्ण उपकरण और दस्तावेज जलकर खाक हो गए।

यह घटना सहायल थाना क्षेत्र में हुई। प्रधान प्रतिनिधि बंटी सेंगर ने बताया कि आग सुबह लगभग 3 बजे शॉर्टसर्किट से लगी। उन्हें सुबह करीब 4 बजे सूचना मिली, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे। तब तक आग की लपटों ने एक कमरे को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया था।

प्रधान प्रतिनिधि और ग्रामीणों ने मिलकर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, आग बुझने तक कमरे में रखा सामान जल चुका था। नुकसान हुए सामान में एक कंप्यूटर, मॉनिटर, यूपीएस, एक इन्वर्टर, दो बैटरा, 28 कुर्सियां, 3 रेस्टिंग चेयर, दो टेबिल, एक सीसीटीवी कैमरा, एक सीलिंग फैन, एक अलमारी और एक वाई-फाई मशीन शामिल हैं।

इसके अलावा, पंचायत के कई महत्वपूर्ण कागजात भी जल गए। प्रधान प्रतिनिधि बंटी सेंगर के अनुसार, कुल नुकसान लगभग 5 लाख रुपये का है। घटना की सूचना सहार ब्लॉक के अधिकारियों को दे दी गई है। सूचना मिलने पर सुबह सहायल थाना के उपनिरीक्षक राजीव कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और मामले की जांच-पड़ताल की।

मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर पिता-पुत्र की मौत:औरैया के व्यवसायी और बेटे की कार बस से टकराई

0

मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार तड़के हुए एक सड़क हादसे में दिबियापुर निवासी व्यवसायी परमहंस पांडेय और उनके बेटे पुष्पेंद्र की मौत हो गई। यह घटना बलदेव थाना क्षेत्र के बरौली गांव के पास हुई। जानकारी के अनुसार, हादसा सुबह करीब तीन बजे माइलस्टोन 136 के पास हुआ, जब सुल्तानपुर डिपो की एक रोडवेज बस के पीछे से एक किआ कार अनियंत्रित होकर टकरा गई।

टक्कर इतनी भीषण थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में कार सवार परमहंस पांडेय और उनके बेटे पुष्पेंद्र ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वे दिल्ली जा रहे थे, जहां वे अपना कारोबार संभालते थे। घटना की सूचना मिलते ही परिजन दिबियापुर से मथुरा के लिए रवाना हो गए।

शवों को कब्जे में लेकर कार्रवाई

इस दुखद खबर से उनके परिवार और गांव में शोक का माहौल है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

ठेकेदार और इंजीनियर बेटे की सड़क हादसे में मौत:मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर बस में घुसी कार, गुजरात में करते थे ठेकेदारी

0

मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे में दिबियापुर निवासी ठेकेदार परमहंस पांडेय और उनके इंजीनियर बेटे पुष्पेंद्र की मौत हो गई। वे अपनी कार से बड़ौदा जा रहे थे, तभी उनकी कार एक रोडवेज बस से टकरा गई। हादसे की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और वे मथुरा के लिए रवाना हो गए।

यह दुर्घटना बलदेव थाना क्षेत्र के बरौली गांव के पास (माइलस्टोन 136) करीब दो बजे हुई। सुल्तानपुर डिपो की एक रोडवेज बस के पीछे से अनियंत्रित किआ कार इतनी तेजी से टकराई कि कार के परखच्चे उड़ गए। मौके पर पहुंची पुलिस और स्थानीय लोगों ने मदद का प्रयास किया, लेकिन तब तक पिता-पुत्र दोनों की मौत हो चुकी थी।

कुछ महीने पहले ही कार खरीदी थी

परमहंस पांडेय मूल रूप से गाजीपुर के रहने वाले थे और दिबियापुर में गेल में मैकेनिकल ठेकेदारी करते थे। उन्होंने दिबियापुर के विकास कुंज में अपना निजी मकान बना लिया था। उनके बड़े बेटे पुष्पेंद्र ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया था और गुजरात के बड़ौदा में मैकेनिकल का काम कर रहे थे। उन्होंने कुछ महीने पहले ही यह कार खरीदी थी।

हादसे की खबर जैसे ही दिबियापुर पहुंची, पूरे कस्बे में शोक की लहर दौड़ गई। रोते-बिलखते परिजन मथुरा के लिए रवाना हो गए हैं। दिबियापुर स्थित घर में परमहंस की पत्नी और उनका छोटा बेटा रहता है, जो ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहा है। इस घटना से हर कोई स्तब्ध है।

चोरी के दो आरोपी गिरफ्तार:2 लाख नकद बरामद, दोनों पर दर्ज हैं कई मुकदमे

0

अजीतमल पुलिस ने चोरी के दो आरोपियों सज्जन सिंह पुत्र गया प्रसाद राजपूत और बृजेश कुमार पुत्र मिजाजीलाल अहिरवार को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से चोरी किए गए माल को बेचकर प्राप्त 2 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं।

यह गिरफ्तारी श्रीमती कामनी देवी की शिकायत के आधार पर की गई है। कामनी देवी ने 18 अप्रैल 2026 को अजीतमल थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात चोरों ने रात में उनके घर में घुसकर अलमारी का ताला तोड़ दिया था। चोर अलमारी से 25 हजार रुपये नकद, दो अंगूठी, पायल, कानों के टॉप्स और मंगलसूत्र चुरा ले गए थे। इस संबंध में थाना अजीतमल में मु0अ0स0 161/26 धारा 331(4)/305 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था।

घटना के शीघ्र खुलासे के लिए उच्चाधिकारियों ने पुलिस टीमों का गठन किया था। अजीतमल पुलिस टीम ने 18 जून 2026 को दोपहर 1:50 बजे नगला भोज गांव मोड़ के पास चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके पास से चोरी के माल को बेचकर प्राप्त 2 लाख रुपये नकद बरामद हुए।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सूने घरों की रेकी करते थे और योजना बनाकर रात के समय चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। उन्होंने गढ़ा आजाद नगर के दो सूने घरों और ग्राम पृथ्वीपुर में भी चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था। आरोपियों ने बताया कि चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवरात बेचकर मिले पैसों का बंटवारा करने के लिए वे आज यहां आए थे।

पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने जानकारी दी कि आरोपी सज्जन सिंह पर दो दर्जन से अधिक और बृजेश कुमार पर एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। बरामदगी में 2,00,000 रुपये नकद शामिल हैं। गिरफ्तारी करने वाली टीम में थाना प्रभारी रमेश सिंह, अटसू चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अभय प्रताप सिंह और उपनिरीक्षक संजीव कुमार सिंह शामिल थे।

किसान के बेटे हरमन को डायरेक्टर, आकांक्षा को चांसलर मेडल:PG टॉपर शुभी AIIMS में चयनित, लोहिया संस्थान के मेधावियों की कहानी

0

लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के तीसरे दीक्षांत समारोह में मेधावियों की सफलता से उनके घरों में जश्न का माहौल है। बहराइच के किसान पुत्र हरमन सिंह ने MBBS में सर्वोच्च प्रदर्शन कर डायरेक्टर मेडल हासिल किया, जबकि फरीदाबाद की आकांक्षा जैन परिवार की पहली डॉक्टर बनकर चांसलर मेडल की हकदार बनीं।

पीजी टॉपर डॉ. शुभी शुक्ला ने गोल्ड मेडल के साथ एम्स दिल्ली में सुपर स्पेशियलिटी कोर्स में चयन हासिल किया। वैष्णवी श्रीवास्तव समेत अन्य मेधावियों की उपलब्धियों से सभी खुश हैं। दैनिक भास्कर ने दीक्षांत समारोह में टॉप प्रदर्शन करने वाले कुछ मेधावियों से बात की। पढ़िए टॉपर्स की कहानी…

बचपन में नटखट, बड़े होकर बने MBBS टॉपर

डायरेक्टर मेडल पाने वाले MBBS टॉपर हरमन सिंह की सफलता ने सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया। बहराइच निवासी हरमन सिंह के पिता कुलबीर सिंह पेशे से किसान हैं, जबकि माता भूपेंद्र कौर गृहिणी हैं। हरमन ने बताया कि उनके पिता ने हमेशा उन्हें डॉक्टर बनने के लिए प्रेरित किया।

लखनऊ एयरपोर्ट पर घटेगी उड़ानों की संख्या:गोवा-नवी मुंबई समेत 11 शहरों के लिए कम होंगे विमान

0

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और विमान ईंधन (एटीएफ) की बढ़ती कीमतों का असर अब हवाई सेवाओं पर साफ दिखाई देने लगा है। बढ़ती परिचालन लागत और कई रूटों पर यात्रियों की कम संख्या को देखते हुए एयरलाइन कंपनियों ने लखनऊ से संचालित कई उड़ानों की फ्रीक्वेंसी घटाने की तैयारी शुरू कर दी है। शुरुआती योजना के तहत गोवा, नवी मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, पटना, बेंगलुरु, रांची, देहरादून, जयपुर, अहमदाबाद और चेन्नई समेत 11 शहरों के लिए उड़ानों की संख्या कम की जा सकती है।

बढ़ती लागत से एयरलाइंस पर दबाव

एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण विमान ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही लखनऊ से संचालित कुछ रूटों पर यात्री भार अपेक्षा से कम रहने के कारण एयरलाइंस को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे में कंपनियां कम मांग वाले रूटों पर उड़ानों की संख्या घटाकर परिचालन लागत कम करने की रणनीति पर काम कर रही हैं।

140 उड़ानों के संचालन पर पड़ सकता है असर

वर्तमान में चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से प्रतिदिन करीब 140 विमानों की आवाजाही होती है। यदि प्रस्तावित कटौती लागू होती है तो कई शहरों के लिए यात्रियों को कम विकल्प मिलेंगे और यात्रा की योजना बनाना पहले की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

कुछ रूटों पर पूरी सेवा बंद होने का खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि जिन शहरों के लिए पहले से ही सीमित उड़ानें संचालित हो रही हैं, वहां फ्रीक्वेंसी में कटौती का मतलब सेवा पूरी तरह बंद होना भी हो सकता है। उदाहरण के तौर पर नवी मुंबई और अहमदाबाद के लिए लखनऊ से सीमित सीधी उड़ानें उपलब्ध हैं। इनमें कटौती होने पर यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट्स का सहारा लेना पड़ सकता है, जिससे यात्रा समय और खर्च दोनों बढ़ेंगे।

एयरलाइंस तैयार कर रही अंतिम सूची

सूत्रों के मुताबिक फिलहाल एयरलाइन कंपनियां उन रूटों का आकलन कर रही हैं जहां यात्री संख्या कम है और परिचालन लागत अधिक पड़ रही है। फ्रीक्वेंसी में कितनी कटौती होगी और किन-किन उड़ानों पर इसका असर पड़ेगा, इसकी अंतिम सूची जल्द जारी की जा सकती है।

₹5 लाख लूटने में कमता चौकी प्रभारी का भी नाम:CRPF दरोगा के साथ फरार, अब थाना पुलिस ढूंढ़ रही; इनाम घोषित होगा

0

लखनऊ में निवेश के नाम पर कारोबारियों को ठगने वाले गिरोह में शामिल कमता चौकी प्रभारी मोहित, CRPF दरोगा जय प्रकाश समेत अन्य आरोपियों पर जल्द इनाम घोषित किया जा सकता है। दो दिन पहले पुलिस ने मुकदमे में मोहित का नाम भी बढ़ाया था। 5 लाख लूट में गिरोह का खुलासा होने के बाद से दोनों फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस की 6 टीमें लगातार दूसरे जिलों में दबिश दे रही हैं।

जानकारी के मुताबिक, आरोपी दरोगा मोहित मुजफ्फरनगर का रहने वाला है और साल 2019 बैच का उपनिरीक्षक है। एसीपी विभूतिखंड ने बताया पुलिस की 6 टीमें इनकी तलाश में दबिश दे रही हैं। दोनों के मोबाइल फोन बंद होने के कारण उनकी लोकेशन नहीं मिल सकी है। ये ठगी गिरोह में शामिल थे। जब कोई अपने पैसे वापस मांगता था तो पुलिस अधिकारी होने की धौंस दिखाकर चुप करा देते थे।

हर लूट की जानकारी चौकी प्रभारी को रहती थी

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य चौकी प्रभारी मोहित को पूरी जानकारी देकर वारदात को अंजाम देते थे। मोहित को सिपाही पूरन सिंह, सीआरपीएफ दरोगा जय प्रकाश, पीएसी के बर्खास्त जवान समेत अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी थी कि वे निवेश के नाम पर कारोबारियों को फंसाकर लूटपाट करते हैं।

गिरोह के सदस्य व्यवसायियों को निवेश का झांसा देकर रुपए लेकर बुलाते थे। इसके बाद उन्हें फर्जी नंबर प्लेट लगी बोलेरो में बैठाकर कुछ दूर तक घुमाते और फिर बंधक बनाकर नकदी व अन्य सामान लूट लेते थे। कई बार आरोपी खुद को एसटीएफ का बताकर घटना को अंजाम देते थे।

पुलिस अब तक गोरखपुर के शहजनवा थाना क्षेत्र के कररिया निवासी जावेद हुसैन, उसके साथी आसिफ, संतकबीरनगर के बेल्डुआ झकहीचक निवासी प्रवेश त्रिपाठी और राजस्थान के अलवर जिले के मंडावा मैनपुर निवासी सिपाही पूरन सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है। अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

इस तरह से क्रिप्टोकरेंसी और बिटकॉइन में फंसाते

गिरोह के सभी सदस्यों की भूमिकाएं पहले से तय थीं। सबसे पहले ऐसे लोगों की पहचान की जाती थी, जिनके पास बड़ी मात्रा में नकदी हो और जो निवेश के जरिए अपनी रकम बढ़ाना चाहते हों। इसके बाद उन्हें क्रिप्टोकरेंसी और बिटकॉइन में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का सपना दिखाया जाता था। भरोसा जीतने के लिए दो से तीन बार बैठकें की जाती थीं और फिर पीड़ित को बड़ी रकम लेकर बुलाया जाता था।

योजना के तहत पीड़ित को कार में बैठाकर अलग-अलग स्थानों पर घुमाया जाता था। इसी दौरान बिना नंबर की बोलेरो में सवार कथित छापेमारी टीम पहुंचती और खुद को एसटीएफ का अधिकारी बताकर वाहन रोक लेती। आरोपी नकदी को काले धन और अवैध लेनदेन से जुड़ा बताकर पीड़ित को जेल भेजने की धमकी देते थे। डर के माहौल में पूरी रकम लूट ली जाती थी।

लखनऊ विश्वविद्यालय में 18 दिन से धरना:आज महापंचायत की तैयारी में छात्र, स्लोगन लिखे पोस्टर लेकर गेट-1 पर पहुंचे

0
लखनऊ विश्वविद्यालय में 18 दिन से धरना:आज महापंचायत की तैयारी में छात्र, स्लोगन लिखे पोस्टर लेकर गेट-1 पर पहुंचे

लखनऊ विश्वविद्यालय कैंपस में 18 दिन से जारी छात्रों का धरना आज, शुक्रवार को बड़ा होने वाला है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के विरोध में महापंचायत बुलाई है। छात्र गेट-1 पर स्लोगन लिखे पोस्टर लेकर पहुंचे हैं।

धरना 3 छात्रों के निष्कासन के बाद 2 जून से शुरू हुआ था। 2 जून से लगातार धरना दे रहे स्टूडेंट्स को सपा और कांग्रेस का लगातार समर्थन मिल रहा है। छात्रसंघ के पूर्व पदाधिकारी भी खुलकर निष्काषित छात्रों के समर्थन में हैं।

2 तस्वीरें देखिए…

प्रदर्शन कर रहे छात्रों के हाथों में शुक्रवार को स्लोगन लिखे पोस्टर थे।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों के हाथों में शुक्रवार को स्लोगन लिखे पोस्टर थे।

छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर पुलिस बल की तैनाती भी है।
छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर पुलिस बल की तैनाती भी है।

छात्रों को राजनीतिक पार्टियों का समर्थन

छात्रसंघ के कई पूर्व पदाधिकारी भी धरना स्थल पर आकर छात्रों के साथ धरना दे चुके हैं। वहीं, सपा और कांग्रेस के कई विधायक और सांसद भी छात्रों के धरने में शामिल हुए हैं। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन फिलहाल छात्रों के निष्कासन वापसी को लेकर विचार करता नहीं दिख रहा। वहीं, छात्र निष्कासन वापसी के अलावा बढ़ी हुई फीस वृद्धि वापस लेने की मांग पर अड़े हैं।

‘छात्रों के हित से नहीं किया जाएगा समझौता’

प्रिंस प्रकाश ने बताया विश्वविद्यालय प्रशासन अपने अड़ियल रुख पर कायम है। आज छात्र पंचायत कर रहे, इसके आगे सिग्नेचर कैंपेन चलाएंगे। और जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री आवास और विधानसभा का घेराव भी करेंगे। पर छात्रों के हित से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

चांदी ₹9,209 गिरकर ₹2.31 लाख पर आई:इस महीने अब तक 32 हजार रुपए सस्ती हुई; सोने की कीमत आज ₹3,152 कम हुई

0

सोने-चांदी के दाम में आज, 19 जून को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, एक किलो चांदी 9,209 रुपए गिरकर 2.31 लाख रुपए पर आ गई। इससे पहले इसकी कीमत 2.40 रुपए प्रति किलो थी।

वहीं 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 3,152 रुपए गिरकर 1.45 लाख रुपए पर आ गया है। एक दिन पहले इसकी कीमत 1.48 रुपए थी। इस महीने 19 दिन में सोना 11 हजार रुपए और चांदी 32 हजार रुपए सस्ती हुई है।

यूएस-ईरान समझौता: अमेरिका-ईरान के बीच युद्धविराम समझौता साइन हुआ है। इसकी वजह से पश्चिम एशिया में युद्ध का खतरा कम हो गया, जिससे निवेशकों ने सोने-चांदी जैसे ‘सुरक्षित निवेश’ से अपना पैसा निकालना शुरू कर दिया।

यूएस फेडरल रिजर्व का रुख: फेडरल रिजर्व ने हाल ही में संकेत दिए हैं कि वह इस साल ब्याज दरों में कटौती करने के बजाय उन्हें बढ़ा सकता है। ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद से सोने जैसी बिना ब्याज वाली धातु की चमक कम हो जाती है।

मजबूत अमेरिकी डॉलर: फेडरल रिजर्व के संकेतों के बाद वैश्विक बाजार में अमेरिकी डॉलर इंडेक्स मजबूत हुआ है। आमतौर पर जब डॉलर मजबूत होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतें गिरती हैं।

मुनाफावसूली: पिछले कुछ समय पहले सोने और चांदी की कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी थीं। दामों में इतनी बड़ी तेजी आने के बाद बड़े निवेशकों और ट्रेडर्स ने मुनाफावसूली की, जिससे कीमतों में अचानक तेज गिरावट आई।

ईटीएफ में बिकवाली: सुरक्षित निवेश का आकर्षण कम होने से गोल्ड-सिल्वर ETFs में भारी बिकवाली देखी गई। आज सिल्वर ईटीएफ में 6% और गोल्ड ईटीएफ में 3% की गिरावट है, जिसने घरेलू बाजार के भाव को नीचे खींचा है।

ऑल टाइम हाई से 31 हजार रुपए गिरा सोना

इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 32 हजार रुपए सस्ता हो चुका है।

वहीं चांदी की कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई थी। तब से अब तक चांदी 1.55 लाख रुपए सस्ती हो गई है।

ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान

सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है।

कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।

असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके

  • मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है।
  • आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ तेजी से पिघलती है।
  • स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आती है।
  • क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है।

3 साल की बच्ची पर गिरा लोहे का गेट, मौत:लखनऊ में पिता खिला रहे थे खाना, खेलते-खेलते घर के बाहर पहुंची; चीख सुनकर अस्पताल ले गए

0

लखनऊ में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में तीन वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। पीजीआई थाना क्षेत्र के मोहिद्दीनपुर गांव में खेलते समय बच्ची लोहे के गेट के नीचे दब गई। गंभीर रूप से घायल बच्ची को तत्काल ट्रामा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों के मुताबिक बच्ची की मां सीमा अपनी बड़ी बेटी को ट्यूशन छोड़ने गई थी, उसी दौरान ये हादसा हुआ।

यही वह लोहे का गेट है, जिसके नीचे दबकर 3 वर्षीय अन्वी की दर्दनाक मौत हो गई।
यही वह लोहे का गेट है, जिसके नीचे दबकर 3 वर्षीय अन्वी की दर्दनाक मौत हो गई।

मोहिद्दीनपुर निवासी सूरज कुमार मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनके परिवार में पत्नी सीमा और दो बेटियां, चार वर्षीय सृष्टि और तीन वर्षीय अन्वी थीं। घटना के समय सूरज घर में खाना खा रहे थे और अन्वी को भी खाना खिला रहे थे। इसी दौरान अन्वी उठकर घर के बाहर चली गई। कुछ ही क्षण बाद एक तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर सूरज और अन्य परिजन बाहर की ओर दौड़े।

लोहे के गेट के नीचे दबी अन्वी

उन्होंने देखा कि घर का लोहे का गेट जमीन पर गिरा पड़ा था और उसके नीचे अन्वी दबी हुई थी। परिजनों ने तत्काल गेट हटाकर बच्ची को बाहर निकाला और इलाज के लिए ट्रामा सेंटर ले गए। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही बच्ची की मौत हो चुकी थी। मृतका के चाचा ने बताया कि परिजनों ने बच्ची का पोस्टमार्टम नहीं कराया और शव को घर ले आए। घटना के बाद पूरे गांव में गम का माहौल है।

खेलने के दौरान हुआ हादसा

मृतक बच्ची की मां सीमा सुबह अपनी बड़ी बेटी को घर के पास पढ़ने के लिए छोड़ने गई थीं। बच्ची के चाचा सूरज ने बताया कि इस दौरान तीन वर्षीय अन्वी घर के बाहर खेल रही थी। तभी अचानक घर का मुख्य लोहे का गेट भरभराकर गिर पड़ा और अन्वी उसकी चपेट में आ गई।