Monday, February 23, 2026
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लखनऊ KGMU में स्लीप सर्टिफिकेशन कोर्स की कार्यशाला आज

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लखनऊ- KGMU में स्लीप सर्टिफिकेशन कोर्स की कार्यशाला आज, ABV साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में आयोजन, इंडियन चेस्ट सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में वर्कशॉप, देशभर के स्लीप मेडिसिन विशेषज्ञ लेंगे भाग, खर्राटे स्वास्थ्य के लिए खतरनाक- डॉ. सूर्यकान्त, ओएसए, बीपी, हार्ट अटैक का बढ़ता है खतरा

लखनऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज मेरठ आगमन,

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लखनऊ- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज मेरठ आगमन, दिल्ली-मेरठ नमो भारत संपूर्ण कॉरिडोर निर्मित, आज राष्ट्र को कॉरिडोर समर्पित करेंगे प्रधानमंत्री, मेरठ मेट्रो उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होंगे, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थिति रहेंगे, दोपहर 1 बजे रैली ग्राउंड, मोहिउद्दीनपुर जाएंगे

 

Gonda: भूमि विवाद में हाईकोर्ट के अधिवक्ता की हत्या, छोटे भाई और ग्राम प्रधान सहित चार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

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भूमि विवाद में हाईकोर्ट के अधिवक्ता सुभाष मिश्रा (67) की रविवार दोपहर लोहे की रॉड व लाठी से पीटकर हत्या कर दी गई। हमले में परिवार के तीन सदस्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें सीएचसी से मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। मामले में अधिवक्ता के छोटे भाई, पूर्व ग्राम प्रधान व दो अन्य के खिलाफ पुलिस ने गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है।पुलिस के अनुसार गोंडा के दत्तनगर, मजरे सुदई पुरवा निवासी सुभाष मिश्रा वर्तमान में लखनऊ में रहते थे। उनका छोटे भाई अरुण कुमार और पूर्व ग्राम प्रधान हरिशरण से नौ बीघा भूमि को लेकर तीन साल से विवाद चल रहा था। इस बीच फैसला पक्ष में आने पर रविवार सुबह सुभाष ट्रैक्टर लेकर विवादित भूमि की जोताई करने लगे। इस पर दूसरे पक्ष के लोग भी पहुंच गए और लोहे की रॉड व लाठी डंडे से उनपर हमला कर दिया।हमले में अधिवक्ता, उनके भतीजे आकाश (19), विश्वास (35) व अभय कुमार (54) गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को सीएचसी ले जाया गया, जहां से सुभाष, आकाश और विश्वास को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वहां इलाज के दौरान सुभाष मिश्रा ने दम तोड़ दिया।

सुभाष के भतीजे विश्वास की तहरीर पर अधिवक्ता के छोटे भाई अरुण कुमार मिश्रा, पूर्व ग्राम प्रधान हरिशरण मिश्रा, रामकेवल व संतोष कुमार के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। मारपीट में दूसरे पक्ष के चंदन व रामकेवल भी घायल हुए हैं। कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि एहतियातन गांव में पुलिस तैनात की गई है। अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी राधेश्याम राय के अनुसार आरोपी हरिशरण व रामकेवल को हिरासत में लिया गया है।

UP: गंभीर मानसिक विकार है बच्चों के प्रति असामान्य यौन इच्छा, ऐसे करें अपराधी की पहचान; चुप्पी बनती है खतरा

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बच्चों के यौन शोषण के मामले में बांदा के दंपती को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद ‘पीडोफीलिया’ शब्द चर्चा में आ गया है। मनोरोग विशेषज्ञों के अनुसार पीडोफीलिया का मतलब वयस्क का बच्चों के प्रति यौन आकर्षण होना है। यह गंभीर मानसिक विकार है। इससे ग्रसित व्यक्ति की पहचान करना आसान नहीं है। इसलिए बच्चों पर नजर रखना और उनसे बातचीत करना बेहद जरूरी है।

बच्चों से बातचीत बेहद जरूरी

केजीएमयू के मनोरोग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. विवेक अग्रवाल के अनुसार पीडोफीलिया भी असामान्य यौन इच्छा रखने वालों का एक प्रकार है। इस मानसिक विकार से पीड़ित व्यक्ति चोरी-छिपे बच्चों का यौन शोषण करते रहते हैं। इसलिए जरूरी है कि बच्चों से बातचीत करते रहें। उन पर नजर रखें, उनकी गतिविधियों को ध्यान से देखें और किसी भी असामान्य स्थिति में उनको भरोसे में लें।

चिकित्सीय परामर्श से संभव है पीडोफीलिया का इलाज

केजीएमयू के पूर्व मनोरोग विशेषज्ञ प्रो. आदर्श त्रिपाठी ने बताया कि कई बार असामान्य या तीव्र यौन इच्छा वाले व्यक्ति चिकित्सीय सलाह लेने आते हैं। इनमें बच्चे भी होते हैं। कई बार पत्नियां अपने पति को लेकर भी आती हैं। कुछ दवाओं और काउंसलिंग से पीडोफीलिया का इलाज संभव है।

बड़ी चुनौती है यौन शोषण झेलने वाले बच्चों का पुनर्वास

केजीएमयू के बाल मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. पवन कुमार गुप्ता के मुताबिक यौन शोषण झेलने वाले बच्चों का पुनर्वास बड़ी चुनौती है। बचपन में हुए बलात्कार या फिर यौन शोषण की चोट का असर बच्चे के मन पर जीवन भर बना रह सकता है। इसलिए इन बच्चों को विशेष काउंसलिंग और पुनर्वास की जरूरत होती है। डॉ. गुप्ता के अनुसार, केजीएमयू में भी यह सुविधा मौजूद है।

बच्चों को यौन शोषण से बचाने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

  • बच्चों को अच्छा स्पर्श और बुरा स्पर्श के बारे में बताएं
  • बच्चों के साथ खुलकर बात करें और उन्हें भरोसा दिलाएं कि आप उनकी बात हमेशा सुनेंगे
  • बच्चों को बताएं, अगर कोई उनको असहज महसूस कराता है तो फिर तुरंत कहें
  • बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें
  • स्कूल में कर्मचारियों की पृष्ठभूमि की जांच और नियमित निगरानी रखें

बच्चों के यौन अपराधी की पहचान ऐसे करें

  • ऐसा व्यक्ति जो बच्चे पर विशेष ध्यान देता हो
  • बच्चे के साथ सामान्य से ज्यादा समय बिताता हो
  • बच्चे की दोस्ती या रिश्तों में अनुचित रुचि दिखाता हो

बच्चे के साथ दुर्व्यवहार के संकेत

  • बच्चे का चिड़चिड़ा होना या फिर कम बोलने लगना
  • सामान्य से अधिक बात करना
  • पुराने दोस्तों से अलग-थलग रहना
  • बिना किसी स्पष्ट कारण के चिंता, सिरदर्द, नींद की कमी होना
  • बुरे सपने, बिस्तर गीला करना, खाने में अरुचि

घूसखोरी मामला: कंपनियों तक बिचौलिये पहुंचाते थे टेंडर के गोपनीय दस्तावेज, तय होता था कमीशन; बड़ा खुलासा

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10 लाख की रिश्वतखोरी के मामले में लखनऊ में सीबीआई की तफ्तीश में बड़ा खुलासा हुआ है। वाटर एंड पावर कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड (वापकोस) के आरोपी अफसर टेंडर की गोपनीय जानकारी व दस्तावेज बिचौलिये को देते थे। बिचौलिओं के जरिये डील होने के बाद ये अहम जानकारी ठेका लेने वाली कंपनियों को दी जाती थी। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया में सिर्फ औपचारिकता होती थी।सीबीआई ने शनिवार को वापकोस के प्रोजेक्टर मैनेजर पंकज दुबे, इकाना इंटरप्राइज के प्रोपराइटर बबलू सिंह यादव, बिचौलिये राहुल वर्मा व बबलू के अलावा पंकज के ड्राइवर शुभम पाल को गिरफ्तार किया था।

इस तरह पूरा रैकेट करता था काम

उड़ीसा में इमली प्रसंस्करण इकाई का 11.81 करोड़ रुपये का ठेका देने के एवज में बबलू बिचौलिओं के जरिये रिश्वत की किस्त की ये रकम पंकज को पहुंचा रहा था। एफआईआर में एक और बिचौलिया गोपाल मिश्रा भी नामजद है। जांच में सामने आया कि जो भी टेंडर निकलते थे, उसकी पूरी गोपनीय जानकारी पंकज, गोपाल को देता था।

गोपाल उन कंपनियों से संपर्क करता था, जो टेंडर के लिए इच्छुक होती थीं। जो कंपनी टेंडर की अपेक्षा 6-10 प्रतिशत रिश्वत देने को तैयार होती थी, उनसे वह डील फाइनल करता था। फिर उससे टेंडर संबंधी पूरी जानकारी साझा करता था। कंपनी उसी आधार पर टेंडर प्रक्रिया में शामिल होती थी। इससे उसको टेंडर मिल जाता था। इकाना इंटरप्राइज को मिले टेंडर में भी इसी तरह का खेल हुआ।

गोपाल के पास यूपी और दिल्ली की थी जिम्मेदारी

कई वर्षों से वापकोस के आरोपी अफसर रिश्वतखोरी का खेल करते आ रहे थे। अब तक करोड़ों रुपये की रिश्वत ले चुके हैं। खुद न फंसें इसलिए बिचौलियों के जरिये ही डील होती थी। जांच के मुताबिक गोपाल मिश्रा यूपी और दिल्ली की कंपनियों के ठेकेदारों से संपर्क करता था। इन दोनों प्रदेशों की जिम्मेदारी उसी के पास थी।

रिश्वत के होते थे तीन हिस्से

सीबीआई के केस में वापकोस के पंकज दुबे के अलावा भबद्युत्ती भूटिया व अभिषेक ठाकुर भी आरोपी हैं। रिश्वत की जो रकम मिलती थी, उसके बराबर के तीन हिस्से करते थे। हालांकि जांच में ये भी पता चला है कि कुछ मामलों में पंकज अधिक रकम लेता था। डील भी सबसे अधिक वही करता था, क्योंकि विभाग की अहम जिम्मेदारी उसी के पास थी। मामले में ईडी की भी इंट्री हो सकती है, क्योंकि बड़ी रकम का खेल ये गिरोह कर चुका है।

बिजली निजीकरण: निजी क्षेत्र को दी जाएंगी छह जल विद्युत परियोजनाएं, 42 साल के लिए लीज पर देने का टेंडर हुआ जारी

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उत्तर प्रदेश सरकार छह लघु जल विद्युत परियोजनाओं को 42 वर्ष के लिए निजी क्षेत्र को लीज पर देने की तैयारी में है। इसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम ने टेंडर जारी कर दिया है। टेंडर के अनुसार 1.5 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट के अग्रिम प्रीमियम पर निजी कंपनियों को परियोजनाएं सौंपी जाएंगी और वे 42 वर्षों तक उनका संचालन करेंगी।प्रदेश में 300 मेगावाट की रिहंद, 99 मेगावाट की ओबरा, 72 मेगावाट की माताटीला (ललितपुर) और 72 मेगावाट की खारा जल विद्युत परियोजनाएं पहले से संचालित हैं। इसके अतिरिक्त छह लघु जल विद्युत परियोजनाएं भी हैं, जिनके पास करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन और अन्य संपत्तियां हैं। लीज पर प्रस्तावित परियोजनाओं में भोला (2.7 मेगावाट), सलावा (3 मेगावाट), निर्गजनी (5 मेगावाट), चित्तौरा (3 मेगावाट), पलरा (0.6 मेगावाट) और सुमेरा (1.5 मेगावाट) शामिल हैं। ये सभी अपर गंगा नहर पर स्थित लगभग 90 से 97 वर्ष पुरानी परियोजनाएं हैं।

वहीं, टेंडर जारी होते ही ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि परियोजनाएं राज्य सरकार के अधीन ही रहनी चाहिए, क्योंकि निजी कंपनियों की नजर इनके साथ जुड़ी बेशकीमती जमीन और संपत्तियों पर भी है। संगठनों ने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।

टेंडर निरस्त होने तक आंदोलन जारी रहेगा- एआईपीईएफ

ऑल इंडिया पॉवर इंजीनियर्स फेडेरेशन के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने छह लघु जल विद्युत परियोजनाओं को 42 वर्षों के लिए निजी कंपनियों को लीज पर देने के निर्णय का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि अपर गंगा नहर में वर्षभर पानी उपलब्ध रहता है, जिससे इन परियोजनाओं में लगातार बिजली उत्पादन संभव है।

सीमित निवेश से इनके पुनरुद्धार और आधुनिकीकरण का खर्च एक वर्ष में निकाला जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि टेंडर में स्थापित क्षमता 15.5 मेगावाट के बजाय 6.3 मेगावाट दर्शाई गई और संपत्तियों का मूल्य कम आंका गया है। उन्होंने टेंडर निरस्त होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।

आरक्षण खत्म करने की साजिश- पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन

पॉवर ऑफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आरपी केन और कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आरोप लगाया कि लघु जल विद्युत परियोजनाओं को लीज पर देना निजीकरण की नई रणनीति है। उनका कहना है कि इससे कर्मचारियों की छंटनी होगी और आरक्षण व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। निजी कंपनियां अपनी शर्तों पर नियुक्तियां करेंगी तथा सरकारी संपत्तियों के दुरुपयोग की आशंका है। उन्होंने मुख्यमंत्री से टेंडर निरस्त कर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

इग्नू में प्रवेश की अंतिम तिथि फिर बढ़ी, अब छात्र 28 फरवरी तक कर सकेंगे आवेदन

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औरैया। तिलक महाविद्यालय में संचालित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के जनवरी 2026 सत्र में प्रवेश की प्रक्रिया को अब और गति मिलने वाली है। प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ाकर 28 फरवरी कर दी गई है।

तिलक महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डा. रवि कुमार ने बताया कि इग्नू का पाठ्यक्रम न केवल शिक्षा प्रदान करता है बल्कि यह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी अत्यंत महत्त्वपूर्ण और सहायक है।

समन्वयक उपनिदेशक डा. अनामिका सिन्हा ने जानकारी दी कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति के उन विद्यार्थियों को शुल्क में 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 2.50 लाख रुपये से कम है।

अध्ययन केंद्र पर हिंदी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, राजनीति विज्ञान, इतिहास जैसे पारंपरिक विषयों के साथ-साथ विभिन्न आनर्स पाठ्यक्रम एवं रोजगारपरक डिप्लोमा कोर्स भी एक्टिवेट हैं।

इग्नू समन्वयक डा. राजेश कुमार का कहना है कि उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और अपने करियर को नई दिशा देने के लिए विद्यार्थी समय रहते तिलक महाविद्यालय औरैया केंद्र पर संपर्क करें। 28 फरवरी तक प्रवेश लें।v

औरैया के नवी मोहन गांव में शुक्रवार देर रात 24 भेड़ों की धारदार हथियार से हत्या ,दहशत में पशुपालक

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सहायल(औरैया)। नवी मोहन गांव में शुक्रवार देर रात किसी ने बाड़े में घुसकर 24 भेड़ों की धारदार हथियार से हत्या कर दी। अन्य पर प्रहार कर घायल कर दिया। शनिवार सुबह पहुंचे पशुपालक ने घटना पता लगने पर यूपी-112 पर सूचना दी। सहायल थाने से पहुंची पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए छानबीन की। घायल भेड़ों का उपचार पशु चिकित्सकों ने किया। पशु क्रूरता को देखकर ग्रामीण व अन्य पशुपालक दहशत में नजर आए।

पशुपालक राम लखन ने बताया कि बाड़े से कुछ दूर पर उनका घर है। रोज की तरह वह भेड़ों का चारा देने के बाद घर चले गए। बाड़े में कुल 70 भेड़ें थीं। शनिवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे उन्हें देखने गया तो 24 मृत मिली। किसी ने धारदार हथियार से उन्हें मार डाला था। जबकि, 15 के करीब घायल मिलीं। जानकारी होने पर घटनास्थल पर सहायल थानाध्यक्ष विनोद राजपूत, दारोगा राजीव सिंह और लेखपाल पवन दीक्षित पहुंचे। वहीं घायल भेड़ों के इलाज में पशु चिकित्सक जुट गए हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच में लगी है।

घटना को देखते हुए गांव के ही कुछ अन्य पशुपालकों से पूछताछ की गई। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिए जाने की चर्चा भी रही। फिलहाल, पुलिस का मानना है कि किसी रंजिश में घटना को अंजाम दिया गया है। थानाध्यक्ष विनोद राजपूत ने बताया मामले की जांच से की जा रही है। जल्द ही आरोपित को पकड़ा जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर भेड़ों की मौत के पीछे की वजह पता लग सकेगी।

औरैया में पांच वर्षीय मासूम से हैवानियत, 10 रुपये का लालच देकर किया कुकर्म

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बिधूना (औरैया)। घर से खेत की ओर जा रहे पांच साल के मासूम से बाइक सवार युवक ने कुकर्म किया। 10 रुपये देने का लालच देकर आरोपित उसे कुछ दूर खेत में ले गया। वहां जाकर हैवानियत की। घटना कुदरकोट क्षेत्र के एक गांव में रविवार दोपहर एक बजे के बाद की है।

बच्चे के घर पहुंचने पर उसे रोता देख स्वजन ने जानकारी की तो घटना पता लगी। यूपी-112 पर सूचना दी गई। कुदरकोट थाना समेत बिधूना कोतवाली की पुलिस पहुंची। उपचार और मेडिकल परीक्षण के लिए बच्चे को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बिधूना लाया गया। नाती के साथ हुई घटना के संबंध में दादा ने तहरीर दी। आरोपित की तलाश में पुलिस लग गई है।

कुदरकोट क्षेत्र के एक गांव निवासी पांच वर्षीय मासूम व उसका भाई घर पर अकेले थे। उसके स्वजन खेत पर काम करने गए थे। दोपहर में उनके पास जाने के लिए मासूम निकले थे। रास्ते में उसे एक अपाचे बाइक सवार युवक मिला। उसने बच्चों को अकेला पाकर खेत तक छोड़ देने की बात कही। पैदल चलने से थक चुके मासूमों ने उसकी बात मान ली।

एक बच्चे का फायदा उठा उसे कुछ दूर पर ले जाकर खेत में ले गया। आरोप है कि युवक ने उसके साथ कुकर्म किया। उसे रोता वहीं छोड़ भाग निकला। काफी देर तक बच्चा खेत में दर्द से सिसकता रहा। जैसे-तैसे घर पहुंचा और उसके कपड़ों की हालत व पीड़ा को देख स्वजन ने जानकारी की। उसने रोते हुए पूरी बात बताई।

इसके बाद यूपी-112 पर सूचना देकर पुलिस को घटना बताई गई। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मुकेश बाबू चौहान ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। बच्चे के स्वजन से पूछताछ की गई। उन्होंने युवक द्वारा कुकर्म किए जाने की बात कही। मुकेश बाबू का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट आने पर आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।

नाती के साथ हुई घटना दादा ने तहरीर में बताई

नाती के साथ हुई घटना को लेकर दादा ने तहरीर दी। उन्होंने पुलिस को बताया कि पत्नी गेहूं के खेत पर पानी लगाने के लिए गई थी। घर पर दोनों नाती थे। एक की उम्र सात तो दूसरा करीब पांच वर्षीय है। दोनों दादी के पास जाने के लिए घर से निकले थे। लिफ्ट देने के साथ रुपये का लालच देकर दोनों को बाइक पर बैठा लिया गया। पांच वर्षीय नाती के साथ गलत हरकत की गई है।

ठगे जा रहे राजधानी लखनऊ के विद्युत उपभोक्ता, उनको जानकारी ही नहीं और पोस्ट से Pre Paid हो रहे बिजली मीटर

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड इस समय अपने उपभोक्ताओं को अंगुलियों पर नचा रहा है। जी हां कभी बेहतर बिजली के लिए घंटों शटडाउन तो भी पोस्ट पेड से प्री पेड मीटर करने का काम किया जा रहा है।

उपभोक्ताओं ने कारण पूछा तो बताया गया कि एरियल बंच केबल लगाया जा रहा है। इससे तारों का मकड़जाल हटेगा और लाइन लास व बिजली चोरी रुकेगी। डेढ़ वर्ष यह पूरा कार्यक्रम रिवैम्प डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम योजना के तहत चला। उपभोक्ता अभी इससे उबरे ही थे कि अब मीटर बदलने शुरू हो गए।

विरोध किया तो उनकी बिजली काट दी

उपभोक्ताओं ने विरोध किया तो उनकी बिजली काट दी गई और कानूनी दांव पेंच बताए गए। यही नहीं मीटर की खूबियां भी बताई गई। उपभोक्ता ने मीटर लगवाने शुरू कर दिए। स्मार्ट मीटर उपभोक्ता के परिसर में लगे ही थे कि डेढ़ से दो माह में मीटरों को प्री पेड करना शुरू कर दिया।
उपभोक्ता उपेन्द्र ने बिजली उपकेंद्र पर जाकर पूछा कि उनका बिजली बिल नहीं आया है तो अभियंता इसका जवाब नहीं दे सके। फिर किसी तरह मालूम हुआ कि मीटर प्री पेड कर दिया गया है। इसी कारण बिल नहीं आ रहा है और सिक्योरिटी से बिल कट रहा है और खत्म होते ही बिल माइनस में जाएगा और फिर भी जमा नहीं किया तो कनेक्शन कट जाएगा।

मीटर रातों रात प्री पेड

ऐसे सैकड़ों उपभोक्ता परेशान है, क्योंकि उपभोक्ता के मीटर रातों रात प्री पेड हो जा रहे हैं। उपभोक्ताओं का तर्क है कि अगर निजी एजेंसी जो मीटर लगा रही है वह पंजीकृत मोबाइल नंबर पर फोन करके सिर्फ बता दें कि आपका मीटर प्री पेड कर दिया जा रहा है और अधिक जानकारी के लिए इस नंबर पर संपर्क करके रिचार्ज करने के तरीके या संबंधित एप से जानकारी ले सकते हैं।

ऐसा कुछ नहीं किया जा रहा है। इससे उपभोक्ता परेशान हैं। विभाग के अधिकारी कह रहे हैं कि हेल्पलाइन नंबर 1912 पर शिकायत करे। करीब पंद्रह लाख राजधानी में बिजली उपभोक्ता हैं, सभी के मीटर को प्री पेड करने की योजना है।