Monday, February 23, 2026
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“डर की राजनीति” फेलः भारत का Tech रेस में बड़ा दांव, अमेरिका के साथ नई AI साझेदारी का किया ऐलान

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Washington: वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) रेस के बीच भारत ने “डर की राजनीति” को पीछे छोड़ते हुए बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। अमेरिका के साथ नई US-India AI Opportunity Partnership की घोषणा कर भारत ने साफ संकेत दिया है कि वह टेक्नोलॉजी की इस निर्णायक दौड़ में नेतृत्व की भूमिका निभाना चाहता है। यह पहल Pax Silica Declaration के तहत दोनों देशों के बीच गहरे होते तकनीकी और आर्थिक सहयोग को नई दिशा देती है।

वैश्विक AI प्रतिस्पर्धा के बीच अमेरिका और भारत ने “US-India AI Opportunity Partnership” के तहत नई रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। यह समझौता Pax Silica Declaration के तहत एक द्विपक्षीय ऐडेंडम के रूप में सामने आया है।दोनों देशों ने स्पष्ट किया कि वे AI विकास को “डर की राजनीति” के बजाय नवाचार, उद्यमिता और आर्थिक विकास के मॉडल पर आगे बढ़ाएंगे। बयान में कहा गया कि 21वीं सदी की AI क्रांति का आधार क्रिटिकल मिनरल्स, ऊर्जा, कंप्यूट क्षमता और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग जैसे भौतिक ढांचे पर टिका होगा।

यह पहल Donald Trump और Narendra Modi द्वारा प्रस्तावित TRUST (Transforming the Relationship Utilizing Strategic Technologies) विजन से भी जुड़ी है। समझौते के प्रमुख बिंदुओं में रेगुलेटरी सिस्टम का तालमेल, निवेश को प्रोत्साहन, स्टार्टअप इकोसिस्टम को सशक्त करना और निजी क्षेत्र की अगुवाई में AI नवाचार को बढ़ावा देना शामिल है। दोनों देश वेंचर कैपिटल फ्लो, R&D पार्टनरशिप, डेटा सेंटर निवेश और AI कंप्यूट व प्रोसेसर एक्सेस पर सहयोग बढ़ाएंगे।

 

“Physical AI Stack” को मजबूत करने के तहत ऊर्जा अवसंरचना, क्रिटिकल मिनरल उत्पादन, कुशल कार्यबल और भरोसेमंद सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब वैश्विक स्तर पर AI गवर्नेंस, सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन और खनिज सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो रही है। दोनों लोकतंत्रों ने संकेत दिया है कि वे AI नेतृत्व में पीछे रहने के बजाय इसे दिशा देने का लक्ष्य रखते हैं।

 

कारोबारी को किडनैप किया…फिर एनकाउंटर का डर दिखाकर 20 लाख वसूले; दो दरोगा गिरफ्तार

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प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के धूमनगंज क्षेत्र से मेरठ पुलिस ने वसूली के आरोप में अपने ही विभाग के दो दरोगाओं को गिरफ्तार किया है। दोनों पिछले दो दिनों से प्रयागराज में छिपे हुए थे और पुराने मोबाइल नंबर बंद कर नए नंबर का इस्तेमाल कर रहे थे। पकड़े गए दरोगाओं की पहचान लोकेंद्र साहू और महेश कुमार के रूप में हुई है। उन पर मेरठ के टीपीनगर निवासी धागा कारोबारी रासिक को फर्जी मुठभेड़ (एनकाउंटर) में फंसाने की धमकी देकर 20 लाख रुपये वसूलने का आरोप है।

कैसे पकड़े गए आरोपी दरोगा? 
सूत्रों के अनुसार, दोनों दरोगा दो दिन पहले प्रयागराज पहुंचे थे और एक अधिवक्ता के संपर्क में थे। पहले उन्हें हाईकोर्ट के पास मिलने के लिए बुलाया गया, लेकिन उन्होंने वहां आने से इनकार कर धूमनगंज के कन्हईपुर मोहल्ले स्थित अधिवक्ता के मुंशी के घर मिलने का स्थान तय किया। इसी बीच मेरठ पुलिस को उनके नए मोबाइल नंबर की जानकारी मिल गई। सर्विलांस के जरिए नंबर की लोकेशन प्रयागराज में मिली।

टीम ने योजना बनाकर पकड़ा 
इसके बाद मेरठ पुलिस की एक टीम गुरुवार को ही प्रयागराज पहुंच गई और शुक्रवार शाम करीब छह बजे धूमनगंज में छापा मारकर दोनों को हिरासत में ले लिया। बताया गया है कि कार्रवाई को पूरी तरह गोपनीय रखा गया। गिरफ्तारी के लिए स्थानीय धूमनगंज पुलिस की मदद नहीं ली गई। टीम ने केवल थाने में यह सूचना दी थी कि वह एक वांछित की तलाश में जा रही है। हिरासत में लेने के बाद मेरठ पुलिस दोनों को सीधे मेरठ लेकर रवाना हो गई।

Gold Silver Latest Price: सर्राफा बाजार में फिर तूफान! सोने-चांदी की कीमतों को लेकर आया बड़ा अपडेट, जानिए आज की कीमतें

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Gold Silver Latest Price: हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय सर्राफा बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सोने की कीमतों में हल्की गिरावट आई है, जबकि चांदी के दाम में फिर से तेजी दर्ज की गई है। 20 फरवरी 2026 को सोना 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ था और चांदी 2.45 लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गई। आज भी सोने चांदी की कीमतों में हलचल देने को मिली है। अगर आप सोना चांदी खरीदने की सोच रहे है तो पहले कीमते जान लीजिए…

सोने चांदी के ताजा भाव
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार, 20 फरवरी को सोने की कीमतों में मामूली कमी आई। India Bullion and Jewellers Association (IBJA) के अनुसार, 24 कैरेट शुद्ध सोना ₹1,54,570 से घटकर ₹1,54,438 प्रति 10 ग्राम हो गया। यानी प्रति 10 ग्राम पर करीब ₹132 की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, सोने के दाम अभी भी अपने उच्च स्तर के करीब बने हुए हैं। आज यानी 22 फरवरी को आप 22 कैरेट गोल्ड खरीदना चाहते हैं तो बता दें कि 22 कैरेट सोना आज ₹ 1,47,000 प्रति 10 ग्राम है। रविवार को 22 कैरेट गोल्ड ₹ 2,850 महंगा हुआ है। चांदी की कीमत की बात करें तो आज सिल्वर ₹2,90,000 प्रति किलोग्राम है। रविवार सुबह चांदी की कीमतों में ₹20,000 का इजाफा देखने को मिला।

इन शहरों में सोने चांदी की कीमतें
यूपी की राजधानी लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, अयोध्या, गोरखपुर, कानपुर, वाराणसी, आगरा समेत अन्य शहरों में  22 फरवरी 2026 को सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोने की कीमत (Sona ka Bhav) ₹ 1,54,350 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। आज ये ₹2,990 महंगा हुआ है। सोने चांदी की ये कीमते अनुमानित है। वास्तविक बाजार मूल्य में भिन्नता हो सकती है। ये अनुमान सही और गलत दोनों साबित हो सकता है।

मेरठ से मिशन 2027: जाट बेल्ट में सियासी बिसात बिछाने की तैयारी में BJP, विकास परियोजनाएं बनेंगी संवाद का माध्यम

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लखनऊ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जाट बहुल इलाके में अपनी राजनीतिक पकड़ को फिर से धार देने के इरादे से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) रविवार को मेरठ में होने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली को निर्णायक मोड़ के रूप में देख रही है। माना जा रहा है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले विकास परियोजनाओं के उद्घाटन को राजनीतिक संदेश में बदलकर प्रभावशाली सामाजिक समीकरणों को साधने की रणनीति तैयार की गई है। किसान आंदोलन के बाद पार्टी से दूरी बना चुके जाट मतदाताओं को पुन: साथ लाना इस रैली का अहम लक्ष्य माना जा रहा है।

दिल्ली-मेरठ नमो भारत रैपिड रेल और मेरठ मेट्रो का उद्घाटन 
लोकसभा चुनावों में हुए संभावित नुकसान की भरपाई की द्दष्टि से भी यह आयोजन महत्वपूर्ण समझा जा रहा है। मंच पर प्रधानमंत्री के साथ जाट नेता एवं कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी की मौजूदगी को इसी व्यापक सामाजिक संतुलन के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। दिल्ली-मेरठ नमो भारत रैपिड रेल और मेरठ मेट्रो के उद्घाटन के बाद मोहिउद्दीनपुर में आयोजित जनसभा को केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं माना जा रहा बल्कि इसे व्यापक मतदाता वर्ग तक सशक्त राजनीतिक संदेश पहुंचाने की रणनीति का हिस्सा समझा जा रहा है, जहां विकास की परियोजनाएं संवाद का माध्यम बनेंगी।

पार्टी ने किया ये दावा…
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह आयोजन शक्ति-प्रदर्शन का रूप ले सकता है। विकास, राष्ट्रवाद और संगठनात्मक मजबूती को अभियान का केंद्रीय सूत्र बनाया गया है, ताकि मेरठ से उठी आवाज प्रदेश के अन्य जिलों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके। भाजपा ‘डबल इंजन’ सरकार की उपलब्धियों के रूप में मेट्रो और नमो भारत परियोजनाओं को प्रमुखता से रेखांकित कर रही है। पार्टी का दावा है कि बेहतर संपर्क व्यवस्था से शिक्षा, उद्योग और रियल एस्टेट को नई गति मिलेगी। हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि विकास के इस विमर्श के समानांतर सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश भी निहित है।

‘ये चुनावी अभियानों का अहम पड़ाव’
गौरतलब है कि मेरठ प्रधानमंत्री मोदी के चुनावी अभियानों का अहम पड़ाव रहा है। 5 फरवरी 2014 को यहीं से ‘शंखनाद रैली’ के जरिए लोकसभा चुनाव अभियान की शुरुआत हुई थी। इसके बाद 2019 और 2024 में भी चुनावी बिगुल मेरठ से ही फूंका गया, जिसने इस शहर को भाजपा की राजनीतिक रणनीति में विशेष स्थान दिलाया है।

ऑनलाइन ठगी के शिकार तीन पीड़ितों के वापस कराए 1.41 लाख रुपये

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औरैया। साइबर अपराधों पर नकेल कसने और पीड़ितों को राहत दिलाने के लिए चलाए जा रहे अभियान में साइबर थाना पुलिस ने सफलता हाथ लगी है।तीन पीड़ितों के खाते से पार हुए 1,41,504 रुपये वापस कराए हैं। रुपये वापस मिलने के बाद पीड़ितों के चेहरे खिल गए। यह जानकारी क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम पी पुनीत मिश्रा ने दी। उन्होंने बताया कि अजीतमल निवासी वीरपाल ने व्हाट्सएप पर एपीके फाइल डाउनलोड कर ली थी।
इसके बाद उनका मोबाइल को ठग ने मोबाइल को अपने कंट्रोल में लेकर 72302 पार कर दिया। वहीं शहर निवासी अमित विश्नोई के मोबाइल का स्क्रीन शेयर कराकर मोबाइल हैक कर लिया, इसके बाद उनके खाते से 39199 रुपये पार कर दिए थे।

वहीं के निवासी अभिषेक मिश्रा को ठग ने किरायेदार बनकर कॉल की और खाते में रुपये डालने की बात कहकर मोबाइल पर लिंक भेजा और क्लिक करने पर डबल रुपये आने को कहा। अभिषेक के क्लिक करते ही उसके खाते से 30003 रुपये पार कर लिए गए। साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।

मुख्य आरक्षी अनुराग मिश्रा ने खाते गए रुपये को बैंक शाखा के अधिकारी संपर्क पर होल्ड कराया। इसके बाद तीनों पीड़ितों के खाते में शत प्रतिशत रुपये वापस हो गया।

एसपी अभिषेक भारती ने बताया कि लोगों से कहा कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी होने पर तत्काल 1930 नंबर पर कॉल करें या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, जिससे समय पर कार्रवाई हो सके।

नगर पालिका ने दुकानें कर दीं नीलाम, लोनिवि ने भेज दिया दूसरा नोटिस

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औरैया। दिबियापुर रोड पर नगर पालिका द्वारा 50 दुकानों का निर्माण कराया जा रहा है। स्टेट हाईवे पर होने के बाद भी इनके निर्माण के लिए नगर पालिका ने लोक निर्माण विभाग से एनओसी नहीं ली।ऐसे में जब लोनिवि ने नोटिस जारी किया तो बजाय गलती सुधारने के नगर पालिका ने जल्दबाजी में आधी दुकानों की नीलामी कर दी। वहीं, अब लोनिवि ने दूसरा नोटिस जारी कर दिया है। इससे खलबली मची है।नगर पालिका द्वारा दिबियापुर रोड पर कखावतू स्थित कांशीराम कॉलोनी के बाहर करीब आधा सैकड़ा दुकानों का निर्माण कराया जा रहा है। दिसंबर में लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड ने एक शिकायत के बाद रोड साइड कंट्रोल एक्ट का पालन करने और दुकानों के निर्माण के लिए एनओसी न लेने का नोटिस अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को जारी किया था।

लंबा समय बीतने के बाद भी इस नोटिस का न तो जवाब दिया गया और न ही लोक निर्माण विभाग से मैप पास कराने व एनओसी लेने के लिए कोई कार्रवाई की गई। उल्टा दुकानों का निर्माण कर उनके आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी।

बीते सप्ताह नीलामी आयोजित कर 27 दुकानों को नीलाम भी कर दिया। दुकान की अधिकतम बोली 17 लाख के पार गई। लोग अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई से इन दुकानों को ले रहे हैं, लेकिन इनके निर्माण पर अब कार्रवाई की तलवार लटकती नजर आ रही है।
लोक निर्माण विभाग ने सोमवार को एक और नोटिस नगर पालिका को जारी कर दिया है। इसमें कहा गया है कि दुकानों का निर्माण रोड साइड कंट्रोल एक्ट का उल्लंघन है और अगर नियमानुसार प्रक्रिया न की गई तो निर्माण को अतिक्रमण माना जाएगा। मामला भले ही दाे विभागों के बीच का हो, लेकिन अगर कार्रवाई होती है तो आखिर में वही लोग पिसेंगे, जिन्होंने नीलामी में दुकानें ली हैं।
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निर्माण अभी पूरा भी नहीं और दुकानें हो गईं नीलाम

नगर पालिका की दुकानों का निर्माण अभी तक पूरा नहीं हो सका है। केवल दीवारें खड़ी कर लिंटर ही डाला जा सका है। अभी दुकानों में प्लास्टर, शटर, रैंप समेत कई काम बाकी है। इससे पहले ही आननफानन दुकानों को नीलाम कर दिया गया। यह बड़ा सवाल है कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी आ गई कि बिना काम पूरा किए ही दुकानों को नीलाम करना पड़ा।

नियमानुसार नगर पालिका की दुकानों के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग से एनओसी लेनी चाहिए और मैप भी पास कराना चाहिए। नगर पालिका को ऐसा न करने के लिए दूसरा नोटिस जारी किया गया है। इसके बाद भी सुनवाई न होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-अमर सिंह, अधिशासी अभियंता, लोनिवि प्रांतीय खंड

ऐसा कोई नोटिस नहीं मिला है। दुकानों के निर्माण से पहले ही नापजोख करा ली गई थी। ऐसा कोई उल्लंघन नहीं किया गया है।
-रामआसरे कमल, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका

Auraiya News: मेडिकल कॉलेज में हाईटेक फायर सेफ्टी सिस्टम चलाने के लिए नहीं कर्मचारी

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औरैया। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी नई बिल्डिंग ने शिफ्ट हुए एक साल का समय होने जा रहा है।इस बिल्डिंग में लाखों की कीमत के अग्निशमन संयंत्र (फायर सेफ्टी सिस्टम) लगाए गए हैं, लेकिन आपातकाल की स्थिति में इसे चलाने के लिए हुनरमंद अधिकारी व कर्मचारियों की तैनाती नहीं की गई।
ऐसे में यदि आग व अन्य तरह की कोई आकस्मिक घटना हुई तो यह संयंत्र धरे के धरे रह जाएंगे। सीएफओ ने जनवरी में निरीक्षण के दौरान मेडिकल कॉलेज में यह खामी पकड़ी तो अब पत्राचार किया जा रहा है।मेडिकल कॉलेज की ओपीडी दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। हाल ही में ओपीडी का आंकड़ा तीन हजार के पार तक चला गया। नई बिल्डिंग में ओपीडी, इमरजेंसी और सेंट्रल लैब का संचालन किया जा रहा है। दिन के समय यहां पर अच्छी खासी भीड़ उमड़ती है। स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों को इस भीड़ को स्वास्थ्य सुविधाएं दिलाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है, लेकिन आग लगने की कोई घटना हो जाए तो बचाव करना मुश्किल हो जाएगा।

इधर, गर्मी का सीजन आने वाला है। ऐसे में आग की घटनाएं तेजी से बढ़ेगी। उधर, यहां की नई बिल्डिंग में लाखों की कीमत का अग्निशमन संयंत्र लगा है। पूरी बिल्डिंग में अग्निशमन की लाइनें बिछी हुई हैं, लेकिन इस संयंत्र को चलाने के लिए पेशेवर कर्मियों व अधिकारियों की तैनाती नहीं है। जबकि बिल्डिंग तैयार होने के साथ ही इसमें यह अग्निशमन संयंत्र भी लगाया गया था। बीते एक साल में इस पर ध्यान नहीं दिया गया। ऐसे में इस संयंत्र का मेंटीनेंस भी सवालों के घेरे में है।

पुरानी बिल्डिंग में भर्ती मरीज, संयंत्र खराब पड़े
मेडिकल कॉलेज की पुरानी बिल्डिंग में लेबर रूम से लेकर जनरल वार्ड है। यहां पर रोजाना 200 से ज्यादा मरीज भर्ती रहते हैं। तीमारदारों की भीड़ भी यहां देखी जाती है। इस बिल्डिंग में सालों पहले लगाए गए संयंत्र देखरेख के अभाव में खराब हो चुके हैं। ऐसे में यह बिल्डिंग भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चुनौतीपूर्ण रहेगी।

सवाल जिनके नहीं हैं जवाब
-साल भर से क्यों नहीं चेक हुआ अग्निशमन संयंत्र।
-मरीजों की जान से खिलवाड़ के लिए कौन जिम्मेदार।

-आग लगी तो कौन संचालित करेगा संयंत्र।

-क्या जिम्मेदारी से बचने के लिए पत्राचार ही काफी है।

मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग में हाईटेक अग्निशमन संयंत्र लगा है, लेकिन वहां पर अग्निशमन अधिकारी व कर्मचारी की तैनाती ही नहीं है। इस खामी को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन को पत्राचार किया गया है।
-तेजवीर सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी

अग्निशमन संयंत्र के संचालन को लेकर अधिकारी व कर्मचारी की नियुक्ति की प्रकि्रया शासन स्तर से चल रही है। फिलहाल कार्यदायी संस्था के कर्मचारी संयंत्र की देखरेख कर रहे हैं।-डॉ. मुकेशवीर सिंह, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज

सीएम योगी का एलान: होमगार्ड भर्ती में आपदा मित्रों को मिलेगी प्राथमिकता, भर्ती प्रक्रिया को लेकर आया अपडेट

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में चल रही 45 हजार होमगार्ड की भर्ती में आपदा मित्रों को प्राथमिकता दिए जाने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि अभी आपदा मित्र की सेवा स्वैच्छिक है, लेकिन जब वे होमगार्ड के रूप में कार्य करेंगे तो उन्हें सरकार द्वारा मानदेय भी दिया जाएगा।सीएम योगी आदित्यनाथ शनिवार को अपने सरकारी आवास पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (खरीफ-2025) के अंतर्गत 2.51 लाख किसानों को 285 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि का वितरण करने के बाद संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन में फर्स्ट रिस्पॉन्डर आपदा मित्र हो सकता है। 25 जिलों में 29,772 युवा स्वयंसेवकों (एनसीसी, एनएसएस, एनवाईकेएस, भारत स्काउट एंड गाइड) को प्रशिक्षित कर आपदा मित्र प्रबंधन से जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया गया है।सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्रशिक्षित युवा स्वयंसेवकों को तीन साल तक के लिए जीवन व चिकित्सा बीमा की सुविधा देने का भी निर्णय लिया है। इसके लिए बीते 10 फरवरी को ही आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के साथ एमओयू किया है, जिसमें आपदा मित्र को तीन साल के लिए 5 लाख का बीमा कवर प्रदान किया गया है। प्रदेश में काफी युवा स्वयंसेवक प्रशिक्षित किए जा चुके हैं, शेष का प्रशिक्षण भी कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा स्नातक-परास्नातक विद्यार्थियों के लिए दो वर्षीय आपदा प्रबंधन इंटर्नशिप कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है। युवा इसे पूरा करके आगे आ सकते हैं। बता दें कि होमगार्ड भर्ती के लिए आवेदन हो चुके हैं। अब इसके लिए आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

लखनऊ समेत पांच शहरों में डॉप्लर वेदर राडार
सीएम योगी ने कहा कि लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी व आजमगढ़ में डॉप्लर वेदर राडार की स्थापना होने जा रही है। इससे मौसम का पूर्वानुमान लगाने के साथ ही यह भी बता सकेंगे कि कहां पर आकाशीय बिजली गिरने का खतरा है। प्रदेश में 450 ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन और ब्लॉक स्तर पर 2000 ऑटोमेटिक रेन गेज स्थापित करने की कार्रवाई लगभग पूरी हो चुकी है।

इनका किया शिलान्यास भी
मुख्यमंत्री ने बागपत, शामली, कासगंज, भदोही में उप कृषि निदेशक कार्यालय व मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं, राजकीय भूमि संरक्षण केंद्र मऊरानीपुर झांसी में 50 बेड के छात्रावास भवन तथा लखनऊ में स्मार्ट कृषि ब्यूरो स्टूडियो इकाई का शिलान्यास भी किया।

यूपी: आज सिंगापुर और जापान की यात्रा के लिए रवाना होंगे सीएम योगी, इन कंपनियों से करेंगे मुलाकात

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उत्तर प्रदेश को भारत का मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंगापुर और जापान की चार दिवसीय यात्रा पर रविवार को रवाना होंगे। 2017 की म्यांमार यात्रा के बाद यह मुख्यमंत्री का पहला विदेशी दौरा होगा। इसे प्रदेश की निवेश कूटनीति और औद्योगिक विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 23-24 फरवरी को सिंगापुर और 25-26 फरवरी को जापान यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री 33 ग्लोबल कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। इस यात्रा की खास बात यह होगी कि मुख्यमंत्री जी-टू-बी (गवर्नमेंट टू बिजनेस) बैठकों और राउंड टेबल मीटिंग के जरिए निवेशकों से सीधे संवाद करेंगे। यूपी के सीईओ की तरह वे निवेशकों से प्रदेश के औद्योगिक रोडमैप, नीति स्थिरता और कारोबारी संभावनाओं पर बातचीत करेंगे। प्रवासी भारतीयों और उत्तर प्रदेश वासियों को संबोधित करने के साथ स्कूली बच्चों से भी संवाद करेंगे।

करेंगे हाईस्पीड ट्रेन में यात्रा

जापान की अत्याधुनिक मैग्लेव (मैग्नेटिक लेविटेशन) ट्रेन, जो चुंबकीय शक्ति के सहारे पटरी से ऊपर हवा में तैरते हुए चलती है, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जापान दौरे का विशेष आकर्षण बनने जा रही है। मुख्यमंत्री अपने जापान प्रवास के दौरान इस हाईस्पीड ट्रेन में 100 किलोमीटर की परीक्षण यात्रा करेंगे जिसमें 50 किलोमीटर जाना और 50 किलोमीटर की वापसी होगी।

मैग्लेव ट्रेन को आधुनिक परिवहन का भविष्य माना जा रहा है। चुंबकीय तकनीक के कारण ट्रेन और ट्रैक के बीच प्रत्यक्ष संपर्क समाप्त हो जाता है, जिससे घर्षण लगभग शून्य हो जाता है। यही कारण है कि यह ट्रेन 600 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की गति हासिल करने में सक्षम है। जापान टोक्यो से नागोया के बीच मैग्लेव कॉरिडोर को वर्ष 2027 तक शुरू करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है, जिसके बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा समय आधे से भी कम रह जाएगा।

मुख्यमंत्री की इस यात्रा को उत्तर प्रदेश में आधुनिक परिवहन ढांचे के विस्तार की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मैग्लेव जैसी भविष्य की तकनीक का प्रत्यक्ष अनुभव नीति निर्माण और दीर्घकालिक योजना के लिए उपयोगी माना जा रहा है। जापानी विशेषज्ञों के अनुसार इस ट्रेन में सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट और अत्याधुनिक गाइडवे सिस्टम का उपयोग किया गया है, जो इसे उच्च गति के साथ स्थिरता और सुरक्षा भी देता है। फिलहाल ट्रायल चरण में संचालित यह ट्रेन जापान की तकनीकी क्षमता की मिसाल है।

यूपी: विधानसभा चुनाव से पहले यूपी में हो सकता है बड़ा राजनीतिक बदलाव, राज्यसभा चुनावों में होगा उलटफेर?

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सपा ने अपने बागी विधायकों की वापसी का फॉर्मूला तय कर दिया है। जिस रास्ते पार्टी से बाहर गए थे, उसी रास्ते से होकर अंदर आ सकते हैं। यानी, पिछले राज्यसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में उन्होंने क्रॉस वोटिंग की थी और इसी साल होने वाले राज्यसभा चुनाव में वोट देकर वे पार्टी में पुनः प्रवेश कर सकते हैं।सपा के कई बागी विधायक इन दिनों सत्ताधारी दल में अपेक्षित महत्व न मिलने से असहज चल रहे हैं। उनमें से एक-दो विधायक सपा नेतृत्व के संपर्क में भी आए हैं। राजनीतिक सूत्र बताते हैं कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इन बागी विधायकों को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है।

यूपी में फरवरी 2024 में राज्यसभा चुनाव हुए थे। इसमें भाजपा के 8 और सपा के 2 प्रत्याशी जीते थे। इसमें सपा के 7 विधायकों मनोज पांडेय, राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह, राकेश पांडेय, पूजा पाल, विनोद चुतर्वेदी और आशुतोष मौर्य ने भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया था। इससे भाजपा के आठवें प्रत्याशी संजय सेठ जीत गए थे, जबकि सपा के तीसरे प्रत्याशी और पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन चुनाव हार गए थे।

सपा ने बाद में अपने चार बागी विधायकों मनोज पांडेय, अभय सिंह, राकेश प्रताप सिंह और पूजा पाल को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। बताते हैं कि कई बागी विधायकों को अब लग रहा है कि सत्ताधारी दल के नजदीक जाने के एवज में उन्हें वो सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे या जिसकी उम्मीद उनके भीतर जगाई गई थी। 

रखी गई है ये शर्त

सपा सूत्र बताते हैं कि संपर्क करने वाले बागी विधायकों को लेकर पार्टी का रुख नकारात्मक नहीं है, लेकिन उनसे कह दिया गया है कि शामिल होने के लिए पार्टी के प्रति अपना समर्पण (लॉयलिटी) साबित करनी होगी। राज्यसभा की यूपी कोटे की 10 सीटें इस साल 25 नवंबर को रिक्त हो रही हैं। यानी, उससे पहले इन सीटों के लिए चुनाव कराए जाएंगे।

अगर पार्टी में वापस आने के इच्छुक बागी विधायक इस चुनाव में सपा के राज्यसभा प्रत्याशियों के पक्ष में वोट करेंगे तो उन्हें वापस ले लिया जाएगा। कोई माफीनामा भी उनसे नहीं लिखाया जाएगा।