पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी) उपभोक्ताओं को 70 हजार से अधिक एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने होंगे। ऐसे उपभोक्ताओं के घर एक जुलाई से एलपीजी गैस सिलिंडर की सप्लाई बंद हो जाएगी। पूर्ति विभाग ने ग्रीन गैस लिमिटेड से ऐसे उपभोक्ताओं की सूची तलब की है, जिनके घर पीएनजी और एलपीजी दोनों के कनेक्शन हैं।
नए नियम के मुताबिक अब पीएनजी उपभोक्ता एलपीजी कनेक्शन नहीं रख सकेंगे। दोहरे कनेक्शन में एलपीजी कनेक्शन बंद होंगे। जिला पूर्ति अधिकारी आनंद कुमार ने बताया कि अगले तीन महीने में पीएनजी कनेक्शन धारकों के घर एलपीजी गैस सिलिंडर की डिलीवरी बंद हो जाएगी। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस संबंध में आदेश जारी किया था। जिसे धरातल पर उतारने की कवायद शुरू हो गई है।
300 मीटर परिधि में लाइन तो कनेक्शन लेना अनिवार्य
जिन गली-मोहल्लों और कॉलोनियों में पीएनजी की पाइप लाइन है। वहां पर लोगों को पीएनजी कनेक्शन ही लेना पड़ेगा। घर से 300 मीटर के दायरे में पीएनजी की लाइन है, तो एक सप्ताह में कनेक्शन मिल जाएगा। ऐसे उपभोक्ताओं को कनेक्शन के लिए छह हजार रुपये जमानत राशि जमा करानी होगी। डीएसओ आनंद कुमार ने बताया कि अगले तीन महीने में 25 हजार नए पीएनजी कनेक्शन देने का लक्ष्य है। पहले चरण में पांच हजार कनेक्शन किए जाएंगे।
शिविर लगाकर पूरी कराई औपचारिकताएं
ग्रीन गैस लिमिटेड ने रविवार को शंकर ग्रीन ताजनगरी और अपर्णा प्रेम शास्त्रीपुरम में शिविर लगाया गया। यहां पर नए कनेक्शन के लिए उपभोक्ताओं से औपचारिकताएं पूरी कराई गईं। नए कनेक्शन के लिए 10 से अधिक आवेदन आए।
1800 रुपये में बिक रहा 925 वाला सिलिंडर
शासन और प्रशासन दावा कर रहा है कि एलपीजी आपूर्ति सामान्य है। जबकि लोगों का कहना है कि व्यावसायिक उपयोग के लिए 925 रुपये का घरेलू सिलिंडर 1800 से 2000 रुपये तक ब्लैक लेना पड़ रहा है। जिले में 40 हजार कॉमर्शियल सिलिंडर की खपत है, जिसके मुकाबले करीब 4500 सिलिंडर की आपूर्ति हो पा रही है। कॉमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति में 90 प्रतिशत की कटौती से व्यावसायिक उपभोक्ता प्रभावित हैं।