अछल्दा। ब्रिटिश काल में बने पुराने नहर पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद शासन द्वारा स्वीकृत नए पुल के निर्माण की दिशा में पहला कदम उठाया गया है। धनराशि जारी होने के उपरांत ठेकेदार ने पुल के निर्माण स्थल के आसपास जेसीबी की मदद से साफ-सफाई का कार्य प्रारंभ कर दिया है।नए नहर पुल के निर्माण के लिए लगभग सवा तीन करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई है। रविवार को ठेकेदार ने पुराने पुल के समीप, पूर्व दिशा की ओर नए पुल के निर्माण के लिए भूमि को साफ करना शुरू कर दिया है। पुल निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री के भंडारण के लिए भी खाली पड़ी जगह को साफ किया गया है।
Auraiya News: सिर पर वार करने से हुई थी अमावता के किसान की मौत
अजीतमल। कोतवाली क्षेत्र के गांव अमावता में शुक्रवार की देर रात खेत की रखवाली कर रहे किसान अर्जुन सिंह की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी।घटनास्थल पर बिखरे सामान और परिस्थितियों को देखते हुए परिजन ने हत्या की आशंका जताई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर वार करने से मौत की बात सामने आई है। इधर, रविवार को शव गांव पहुंचा। पुलिस की मौजूदगी में सिकरोड़ी घाट पर अंतिम संस्कार कराया गया।
गांव अमावता निवासी अर्जुन सिंह (35) रोज की तरह शुक्रवार रात गांव हरपालपुर अड्डा स्थित खेत में खड़ी गेहूं की फसल की रखवाली करने गए थे। रात करीब तीन बजे मृतक के भाई विक्रम सिंह के फोन पर एक कॉल आया, जिसमें सुअर द्वारा अर्जुन पर हमला करने की बात कही गई। परिजन जब मौके पर पहुंचे तो अर्जुन का शव बाग में बनी मचान से दो सौ मीटर दूर गेहूं के खेत में पड़ा मिला था।
कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक ललितेश त्रिपाठी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हेड इंजरी आई है। संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है। घटना का शीघ्र खुलासा किया जाएगा।
Auraiya News: गैस सिलिंडर में लगी आग, हादसा बचा
दिबियापुर। थाना क्षेत्र के ग्राम सूखमपुर में रविवार को एक घर में रखे एलपीजी सिलिंडर में आग लगने से अफरातफरी मच गई।रामलाल कैथवार के घर पर रखे घरेलू एलपीजी गैस सिलिंडर में सुबह लगभग नौ बजे अचानक आग लगते ही हड़कंप मच गया।
ग्रामवासी अंकित तिवारी ने तत्काल 112 नंबर पर सूचना दी। सूचना मिलते ही सहायल व दिबियापुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से आग पर काबू पा लिया। घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
प्रभारी निरीक्षक रुद्र प्रताप नारायण त्रिपाठी ने लोगों से अपील की है कि आपात स्थिति में तुरंत पुलिस या आपातकालीन सेवा को सूचना दें।
दिबियापुर विकास कार्य धरातल पर दिख रहे, कागजों में नहीं : प्रतिभा शुक्ला
दिबियापुर। नगर के गुंजन रोड स्थित एक गेस्ट हाउस में आयोजित तिलकोत्सव समारोह में शामिल होने देर शाम पहुंचीं जिले की प्रभारी मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने दिबियापुर विधायक प्रदीप यादव के सड़कें बदहाल होने के बयान पर पलटवार किया।उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण समेत अन्य विकास कार्य कराए जा रहे हैं। जल्द इनकी सूची जारी की जाएगी। दिबियापुर विधायक ने सदन में विधानसभा की सड़कें खराब होने व विकास कार्य न होने का मुद्दा उठाया था। ग्राम मसूदपुर निवासी रानू पांडेय के भाई की शादी समारोह में शनिवार देर शाम प्रभारी मंत्री पहुंचीं थीं। उन्होंने कहा कि अब सड़कों का निर्माण केवल कागजों में नहीं बल्कि धरातल पर हो रहा है।
दर्शन महाविद्यालय के पास झाड़ियों में लगी आग
औरैया। सदर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत दिबियापुर रोड स्थित दर्शन महाविद्यालय के पास झाड़ियों में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया, इससे आसपास के क्षेत्र में अफरातफरी मच गई।स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी। इस पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया।
फायरमैन गौरव शाक्य, धीरेंद्र सिंह और विवेक कुमार ने कड़ी मशक्कत करते हुए आग पर काबू पाया। दमकल कर्मियों की तत्परता के चलते आग आसपास की दुकानों और मकानों तक नहीं फैल सकी, इससे बड़ा हादसा बच गया।
अजीतमल, अयाना और सहार सीएचसी के डॉक्टरों के भरोसे शुरू होगा ट्रॉमा सेंटर
औरैया। जिले में सड़क हादसों में घायल लोगों को समय पर इलाज देने के लिए बनाए गए ट्रॉमा सेंटर को पांच साल बाद शुरू कराने के लिए कवायद तेज हो गई है, पर इसकी नींव अजीतमल, अयाना और सहार सीएचसी के डॉक्टरों भरोसे रखी जा रही है।ऐसे में सीएचसी में स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी होने की आशंका बढ़ गई है। उधर, जिले से भेजी गई डॉक्टरों की डिमांड पर कोई जवाब अभी तक नहीं आया है।
जिले में सड़क हादसों में घायल मरीजों को अब तक सैफई रेफर किया जाता रहा है। समय पर एंबुलेंस और इलाज न मिलने से कई बार रास्ते में ही जान चली जाती है। इसी पीड़ा को खत्म करने के लिए सरकार ने 2019 में औरैया को ट्रॉमा सेंटर की सौगात दी। भगौतीपुर में हाईवे किनारे 2.64 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक भवन भी बन गया और छह नवंबर 2021 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका वर्चुअल लोकार्पण भी कर दिया।
स्वास्थ्य विभाग ने ट्रॉमा सेंटर के लिए स्वीकृत 50 पदों पर स्थायी नियुक्ति करने के बजाय जिले के तीन प्रमुख सीएचसी अजीतमल, अयाना और सहार से यहां डॉक्टरों को शिफ्ट कर नई व्यवस्था बना दी है। इसका सीधा असर अब उन हजारों मरीजों पर पड़ेगा जो रोजाना इलाज के लिए इन सीएचसी पर निर्भर हैं।
अजीतमल सीएचसी में रोजाना 250 से अधिक मरीज पहुंचते हैं, वहां से पहले एक डॉक्टर को ट्रॉमा सेंटर भेजा गया था, अब दो और की नियुक्ति ट्रॉमा सेंटर में कर दी है। अब यहां सात की जगह सिर्फ चार डॉक्टर रहेंगे। अयाना सीएचसी में प्रतिदिन 200 से ज्यादा मरीज आते हैं, वहां भी एक डॉक्टर की कटौती कर दी गई है। सहार सीएचसी से भी एक डॉक्टर हटाया गया है, जिससे वहां अब केवल तीन चिकित्सकों के भरोसे 150 से अधिक मरीजों का इलाज होगा।
पहले से ही संसाधनों की कमी, लंबी कतारें और सीमित स्टाफ से जूझ रहे सीएचसी पर अब मरीजों का दबाव और बढ़ेगा। आशंका है कि इलाज में देरी, रेफर की संख्या और मरीजों की परेशानी में इजाफा होगा।
जिले से 40 डॉक्टरों की डिमांड शासन को भेजी गई थी, पर मिला एक भी नहीं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी खुद मान रहे हैं कि इससे सीएचसी की व्यवस्था पर असर पड़ सकता है, पर ट्रॉमा सेंटर भी संचालित करना आवश्यक है।
Auraiya News: खेत में बकरी जाने को लेकर दो पक्ष भिड़े, छह लोग घायल
फफूंद। थाना क्षेत्र के तुर्कीपुर गांव में रविवार को खेत में बकरी चले जाने के विवाद में दो पक्षों में लाठी-डंडों से मारपीट हुई, जिसमें छह लोग घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को एंबुलेंस से सीएचसी दिबियापुर भेजकर भर्ती कराया और मामले की जांच शुरू कर दी है।एक पक्ष के अंबुज यादव निवासी तुर्कीपुर ने आरोप लगाया कि वह अपने घर में एचडीएफसी बैंक का ग्राहक सेवा केंद्र संचालित करता है। बताया कि घर में गांव के ही 10–12 लोग लाठी-डंडा लेकर घुस आए और मारपीट शुरू कर दी, जिससे उसका भाई आलोक और पत्नी मोहिनी घायल हो गए।
थाना अध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि खेत में बकरी चले जाने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ है, जिसमें छह लोग घायल हुए हैं। सभी का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
कफ सिरप केस: पुलिस अफसरों से नजदीकी आ रही काम! बर्खास्त सिपाही आलोक की संपत्तियां नहीं जब्त कर सकी SIT और ED
उत्तर प्रदेश में कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी में एसआईटी और ईडी अब तक बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह की संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई नहीं कर सकी। अधिकारियों के दावों के बावजूद सुल्तानपुर रोड स्थित आलोक की आलीशान कोठी को जब्त नहीं किया गया। उसके साथी अमित सिंह टाटा की संपत्तियों की जांच में भी कोई खास सफलता नहीं मिली है।बता दें, आलोक और अमित के करीबी अमित यादव को एसटीएफ ने शनिवार को वाराणसी से गिरफ्तार किया है। इस रैकेट में मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के बाद एजेंसियों के रडार पर विकास सिंह नरवे, आलोक, अमित सिंह टाटा और अमित यादव आए थे।
पुलिस अधिकारियों का करीबी बताया जाता है आलोक
राज्य सरकार के निर्देश पर गठित एसआईटी के निर्देश पर वाराणसी में शुभम उसके पिता भोला जायसवाल समेत आरोपियों की 200 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों को तो जब्त किया गया लेकिन आलोक पर कार्रवाई नहीं होने से सवाल उठने लगे हैं। आलोक को कुछ पुलिस अधिकारियों का करीबी बताया जाता है। इसी वजह को उसकी संपत्तियों पर कार्रवाई नहीं होने से जोड़ा जा रहा है।
अमित को रिमांड पर लेगी एसटीएफ
वाराणसी से गिरफ्तार अमित यादव को अब एसटीएफ रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। वह समाजवादी युवजन सभा का प्रदेश सचिव भी रह चुका है। उसके खिलाफ लखनऊ और वाराणसी में चार मुकदमे दर्ज हैं। उस पर शुभम से सांठगांठ कर कफ सिरप की एक लाख से अधिक बोतलों की तस्करी करने का आरोप है।
यूपी: क्या सपा में अनमने ढंग से शामिल हुए हैं नसीमुद्दीन, इन दो पार्टियों में चाहते थे अपनी जगह; जानिए कहानी
कांग्रेस छोड़ने के बाद पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी बहुजन समाज पार्टी में वापसी की जुगत में थे। सूत्रों की मानें तो उन्होंने बसपा में अपने पुराने साथियों के जरिए संपर्क साधा था। इसका कोई नतीजा सामने नहीं आने पर बसपा अध्यक्ष मायावती की प्रशंसा में बयान भी दिए थे। हालांकि बसपा नेतृत्व ने उनकी वापसी को हरी झंडी नहीं दी, जिसके बाद उन्होंने आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद से भी संपर्क साधा था।

