बदायूं- लखनऊ अग्निकांड के बाद प्रशासन अलर्ट, कोचिंग सेंटरों पर प्रशासन की कार्रवाई, दमकल विभाग ने बिसौली में 10 लाइब्रेरियों का निरीक्षण किया।
झांसी- डीएम ने जनसुनवाई की लाइव मॉनिटरिंग शुरू की, 25 जून से सभी अधिकारी जूम के जरिए जुड़े रहेंगे, जनता दर्शन में त्वरित-गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश, शिकायतों के समाधान में देरी पर डीएम का सख्त रुख, लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की चेतावनी दी, आमजन की समस्याओं के शीघ्र समाधान पर जोर-DM, जनसुनवाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की पहल
राज्य ब्यूरो, रांची। कोई भी चिकित्सक अधिकतम दो ही अल्ट्रासाउंड क्लीनिकों पर अपनी सेवा दे सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग को यह सूचना मिली है कि कई चिकित्सक ऐसे हैं जो दो से अधिक केंद्रों में अपनी सेवा दे रहे हैं।
अब स्वास्थ्य विभाग ऐसे चिकित्सकों की पहचान कर रहा है जो नियमों का उल्लंघन कर दो से अधिक केंद्रों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे चिकित्सकों को अविलंब चिन्हित कर उनके विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार को आरसीएच नामकुम में पीसी एंड पीएनडीटी अधिनियम के क्रियान्वयन को लेकर हुई उच्च स्तरीय बैठक में ऐसे चिकित्सकों की गंभीरता से चिह्नित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में केंद्रों की जांच के लिए विशेष अभियान शुरू करने का भी निर्णय लिया गया।
सोमवार को पहली महत्वपूर्ण बैठक पीसी एंड पीएनडीटी राज्य सलाहकार समिति एवं राज्य समुचित प्राधिकारी की राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा की अध्यक्षता में हुई।
इसमें अभियान निदेशक ने राज्य में अवैध लिंग जांच के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए विशेष टीम बना कर औचक निरीक्षण करने के कड़े निर्देश दिए।
उन्होंने गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए यह व्यवस्था लागू की है कि निरीक्षण के लिए गठित टीम को भी उनके प्रस्थान के अंतिम समय
तक यह जानकारी नहीं दी जाएगी कि उन्हें किस स्थान और किस अल्ट्रासाउंड क्लीनिक का निरीक्षण करना है।
पूरी प्रक्रिया को अत्यंत गोपनीय रखा जाएगा ताकि कोई भी संदिग्ध केंद्र सतर्क न हो सके। वहीं, दूसरी बैठक निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. सिद्धार्थ सान्याल की अध्यक्षता में पीसी एंड पीएनडीटी राज्य निरीक्षण एवं अनुश्रवण समिति की आयोजित की गई। इन बैठकों में नवनियुक्त व मनोनीत सदस्यों को इस कड़े कानून के महत्वपूर्ण प्रविधानों, तकनीकी पहलुओं व उनके उत्तरदायित्वों से विस्तार से अवगत कराया गया।
साथ ही स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली आगामी राज्य पर्यवेक्षण बोर्ड की बैठक के मुख्य एजेंडों की रूपरेखा भी सर्वसम्मति से तैयार की गई।
अंबाला। बब्याल के रहने वाले एवं आइआइटी दिल्ली के छात्र शिवम ने शोध कर पैंक्रियाज कैंसर की बीमारी की जांच के लिए उपकरण यूरोस्मार्ट बनाया है। शिवम का दावा है कि इससे यूरिन (पेशाब) के सैंपल से शरीर में पैंक्रियाज कैंसर का पता चल जाएगा।
कुछ लोगों पर इसका टेस्ट भी किया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। शिवम ने इस उपकरण के पेटेंट के लिए आवेदन किया है। इससे सिर्फ 60 रुपये में जांच हो सकेगी।
उम्मीद है कि जल्द ही यह बाजार में उपलब्ध होगा, जिसके लिए एक प्रक्रिया से गुजरना होगा। वर्ष 2024 में शिवम कुमार बग्गन, कुशाग्र जैन, खालिद भट्ट और प्रो. नवीन की टीम ने शोध शुरू किया था। यह एक साइंस जर्नल में प्रकाशित भी हो चुका है।
शिवम ने बताया कि यूरोस्मार्ट उपकरण सेंसर पर काम करता है। इस में पोटेंशियो स्टेट सेंसर लगाया है, जो मोबाइल से जुड़ा होता है। मरीज का यूरिन सैंपल इस उपकरण में लिया जाता है। इस पर एक बटन लगाया गया है, जिसे दबाना होता और यूरिन की एक बूंद सेंसर पर पहुंच जाती है।
इसके बाद सारा काम सेंसर करता है। करीब 15 मिनट का समय लगता है और रिपोर्ट मोबाइल पर आ जाती है और स्पष्ट हो जाता है कि मरीज को पैंक्रियाज कैंसर है या नहीं। यह जांच ब्लड से होती है, जिसमें काफी समय लगता है।
जिसे पैंक्रियाज कैंसर होगा, उसका शरीर बायोमार्कर सीए 19.9 रिलीज करता है। यह ब्लड और यूरिन दोनों में पाया जाता है। अभी इसका ट्रायल प्रथम चरण में है। उम्मीद है कि जल्द ही यह उपकरण बाजार में उपलब्ध होगा।
पैंक्रियाज कैंसर एक गंभीर बीमारी है जो पैंक्रियाज में कोशिकाओं के अनियंत्रित रूप से बढ़ने के कारण होता है। यह पाचन एंजाइम और इंसुलिन बनाने वाली ग्रंथि को प्रभावित करता है। शुरुआत में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होता और देरी से पता चलने के कारण यह और घातक हो जाता है। यही कारण है कि इस तरह का कैंसर काफी घातक हो जाता है, जबकि उपचार काफी महंगा है।
आइआइटी दिल्ली के प्रो. एवं शोध टीम के नेतृत्वकर्ता डॉ. नवीन कुमार सिंह ने बताया कि सुबह का पहला यूरिन जांच के लिए बेहतर होता है, क्योंकि इसमें इन्फार्मेशन अधिक होती है। इस टेस्ट में यदि रीडिंग 37 यूनिट प्रति एमएल से नीचे आती है तो पैंक्रियाज कैंसर नहीं मान सकते, जबकि इससे अधिक यह जितना अधिक जाएगा उतना कैंसर माना जाता है। अब इस उपकरण को लेकर एम्स में जा रहे हैं, जहां आगामी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
कैंसर विशेषज्ञ एवं अटल कैंसर केयर सेंटर के निदेशक डा. यशपाल वर्मा का कहना है कि सीए 19-9 एक गैर-विशिष्ट परीक्षण है, इसलिए स्वास्थ्य सेवा प्रदाता इसे एक स्वतंत्र नैदानिक उपकरण के रूप में उपयोग करने के बजाय, उपचार की निगरानी और पुनरावृत्ति का पता लगाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। पित्त की पथरी और अग्नाशयशोथ जैसी सामान्य स्थितियों में भी इसका स्तर अधिक हो सकता है।
डिजिटल डेस्क, पुणे। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने चेतावनी दी है कि अगर महाराष्ट्र सरकार ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) नियमों में किए गए संशोधनों को तुरंत वापस नहीं लिया, तो वह अहिल्यानगर जिले के रालेगण सिद्धि गांव में पांच जुलाई से अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करेंगे।
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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखे पत्र में, अन्ना ने लिखा कि महाराष्ट्र सूचना का अधिकार नियम, 2026 से आरटीआई कानून की असरदार क्षमता कम हो जाएगी। उन्होंने दावा किया कि 12 जून को किए गए बदलाव आरटीआई कानून की मूल भावना का उल्लंघन करते हैं और पारदर्शिता को कमज़ोर करते हैं।
अन्ना ने आरटीआई आवेदन शुल्क में बढ़ोतरी और एक विषय, एक आवेदन के नियम समेत कई बदलावों पर आपत्ति जताई है। पत्र में अन्ना ने लिखा, अगर संशोधनों को तुरंत वापस नहीं लिया गया, तो मैं पांच जुलाई को रालेगण सिद्धि के यादव बाबा मंदिर में अनशन शुरू करूंगा, भले ही इसके लिए मुझे अपनी जान ही क्यों न देनी पड़े।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। विश्व बैंक के कार्यकारी निदेशक मंडल ने भारत में संरचनात्मक सुधारों, निजी क्षेत्र की भागीदारी और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए 1.5 अरब डॉलर के वित्तपोषण को मंजूरी दे दी है। यह सहायता ‘बूस्टिंग जाब क्रिएशन इन द प्राइवेट सेक्टर डेवलपमेंट पालिसी फाइनेंसिंग’ कार्यक्रम के तहत दी जाएगी।
विश्व बैंक ने सोमवार को कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य निजी क्षेत्र के नेतृत्व में रोजगार के अवसर बढ़ाना और आर्थिक वृद्धि को गति देना है। इसके तहत अगले दो दशकों में कार्यबल में शामिल होने वाले करीब 11 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार करने वाले सुधारों को समर्थन दिया जाएगा।
कार्यक्रम में उद्यमिता की राह में आने वाली बाधाएं कम करने, विशेषकर महिलाओं की श्रम बाजार में भागीदारी बढ़ाने, व्यापार और निवेश प्रक्रियाओं को सरल बनाने तथा कंपनियों के लिए पूंजी तक पहुंच बेहतर करने पर जोर दिया गया है।
विश्व बैंक के अनुसार, यह पहल कर प्रणाली के सरलीकरण, व्यापार एकीकरण, नियामकीय सुधारों और कारोबार सुगमता बढ़ाने के लिए हाल के वर्षों में किए गए कदमों को आगे बढ़ाएगी।सरकार ने नवंबर 2025 में 29 श्रम कानूनों को मिलाकर चार श्रम संहिताएं लागू की थीं।
इनका उद्देश्य अनुपालन प्रक्रियाओं को आसान बनाना, पुराने प्रविधानों को आधुनिक बनाना और कामगारों के अधिकारों की सुरक्षा के साथ उद्योगों के लिए अधिक प्रभावी ढांचा तैयार करना है।सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश में रोजगार 2017-18 के 45.2 करोड़ से बढ़कर 2023-24 में 60.4 करोड़ हो गया।
इस अवधि में 15 करोड़ से अधिक रोजगार जुड़े, बेरोजगारी दर छह प्रतिशत से घटकर 3.2 प्रतिशत रही और करीब 90 लाख महिलाएं नियमित वेतन वाले रोजगार से जुड़ीं।विश्व बैंक ने कहा कि यह वित्तपोषण वित्त वर्ष 2026-31 के लिए भारत के साथ उसकी कंट्री पार्टनरशिप फ्रेमवर्क के अनुरूप है।
यह वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को भी समर्थन देगा। दक्षिण एशिया के लिए विश्व बैंक के उपाध्यक्ष जोहान्स जट ने कहा कि चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारत निजी पूंजी आकर्षित करने और रोजगार बढ़ाने के लिए सुधारों की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
चंडीगढ़। पंजाब स्टेट एंड चंडीगढ़ ह्यूमन राइट्स कमीशन ने राज्य में कथित पुलिस एनकाउंटरों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। पंजाब मानवाधिकार संगठन (पीएचआरओ) के अध्यक्ष रंजीत सिंह की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने पंजाब के डीजीपी से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने पंजाब पुलिस को एक सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
मामले की अगली सुनवाई 30 जून 2026 को निर्धारित की गई है। शिकायत में राज्यभर में हुए 35 पुलिस एनकाउंटरों की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कई मामलों में पुलिस की कार्रवाई का पैटर्न लगभग एक जैसा दिखाई देता है।
शिकायत के अनुसार, आरोपित को किसी हथियार या अन्य बरामदगी के लिए मौके पर ले जाया जाता है। वहां आरोपित की ओर से पुलिसकर्मी का हथियार छीनने या हमला करने की कोशिश का दावा किया जाता है और इसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपित के पैर में गोली लगने की कहानी सामने आती है।
पीएचआरओ ने आयोग को बताया कि कई मामलों में पुलिस का आधिकारिक वर्जन सवालों के घेरे में है। शिकायत में कहा गया है कि इस तरह की कार्रवाई से मामलों को अदालत तक पहुंचने से पहले ही खत्म करने की कोशिश की जाती है। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक प्रतिनिधियों के बयान कानून से बाहर जाकर हिंसक कार्रवाई को बढ़ावा देते हैं।
शिकायत में गुरदासपुर के हालिया एनकाउंटर का भी उल्लेख किया गया है। दावा किया गया है कि घटना के वास्तविक हालात पुलिस के सार्वजनिक दावों से मेल नहीं खाते। साथ ही “गोली का बदला गोली” जैसे बयानों पर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि ऐसी सोच कानून के शासन और संविधान प्रदत्त जीवन के अधिकार के विपरीत है।
यदि आंकड़ों पर नजर डालें तो पंजाब में पुलिस मुठभेड़ों के मामलों में पिछले दो वर्षों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पंजाब पुलिस ने 2025 में राज्य में कम से कम 47 पुलिस मुठभेड़ दर्ज की गईं, जिनमें कई गैंगस्टर, नशा तस्कर और संगठित अपराध से जुड़े आरोपित शामिल थे। वहीं जनवरी से जून 2026 के बीच ही 35 से अधिक एनकाउंटर सामने आ चुके हैं। इनमें गुरदासपुर, अमृतसर, जालंधर, लुधियाना और मोहाली प्रमुख जिले रहे।
आरा। भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून को हुए भरत भूषण तिवारी कथित मुठभेड़ प्रकरण के बाद जिला पुलिस के अधिकारियों और जवानों को धमकी भरे कॉल एवं आपत्तिजनक मैसेज मिलने का सिलसिला जारी है।
शाहपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष से लेकर कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए लगातार धमकियां दी जा रही हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पिछले तीन-चार दिनों से प्रतिदिन 400 से अधिक कॉल और मैसेज विभिन्न थानों, डीएसपी कार्यालयों और वरीय अधिकारियों के मोबाइल पर आ रहे हैं।
इनमें अधिकांश नंबर उत्तर प्रदेश के बताए जा रहे हैं। कई बार देर रात भी कॉल कर पुलिसकर्मियों को धमकाने और मानसिक दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस और साइबर थाना की टीम सक्रिय हो गई है।
संदिग्ध मोबाइल नंबरों की सूची तैयार कर उनकी तकनीकी जांच की जा रही है। कॉल डिटेल, लोकेशन और उपयोगकर्ताओं की पहचान के लिए साइबर विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। पुलिस का कहना है कि धमकी देने वालों की पहचान होने पर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इन फोन कॉल को काफी गंभीरता से हैंडल किया जा रहा है।
बिलौटी गांव निवासी भरत तिवारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर कल सर्व समाज की महापंचायत आयोजित की जाएगी। महापंचायत में क्षेत्र की 36 बिरादरियों के प्रतिनिधियों एवं समाज के प्रबुद्ध लोगों को शामिल होने का आह्वान किया गया है।
आयोजकों द्वारा जारी पोस्टर के अनुसार यह महापंचायत बुधवार 24 जून को दोपहर 12 बजे से बिलौटी स्थित प्राचीन कुंडवा शिव यानी कुंडेश्वर नाथ मंदिर परिसर में आयोजित होगी। महापंचायत का उद्देश्य भरत तिवारी प्रकरण में न्याय की मांग को लेकर समाज की एकजुटता प्रदर्शित करना तथा आगे की रणनीति तय करना बताया गया है।
पोस्टर में भरत तिवारी को न्याय दिलाने के लिए अधिक से अधिक लोगों से उपस्थित होने की अपील की गई है। आयोजकों का कहना है कि महापंचायत में विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों तथा सर्व समाज के लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
गौरतलब है कि भरत तिवारी की मौत के मामले को लेकर क्षेत्र में लगातार चर्चा बनी हुई है। विभिन्न राजनीतिक दलों एवं सामाजिक संगठनों द्वारा घटना की निष्पक्ष जांच तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की जा रही है। ऐसे में 24 जून को होने वाली यह महापंचायत क्षेत्र की राजनीति और सामाजिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
लखनऊ। UP Weather Today: मानसून की दस्तक का इंतजार कर रहे प्रदेशवासियों को अभी राहत मिलती नहीं दिख रही है। दिनभर तेज धूप और उमस भरी गर्मी बेहाल कर रही है। यूपी का बांदा शहर पिछले कुछ दिनों से सबसे गर्म शहरों में एक था।
यहां सोमवार को बादलों ने कुछ राहत पहुंचाई। शाम को कई क्षेत्रों में बादल छाए और हल्की बूंदाबांदी हुई, लेकिन बारिश इतनी नहीं हुई कि लोगों को गर्मी से राहत मिल सके। बूंदाबांदी रुकते ही उमस और बढ़ गई। सोमवार को बांदा का अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30.08 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
इन दिनों सुबह से ही सूरज के तेवर तीखे होने लगते हैं। तेज धूप के कारण सड़कों और बाजारों में लोगों की आवाजाही कम रहती है। मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार को कुछ जिलों में छिटपुट बारिश से लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली, लेकिन प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में चिलचिलाती धूप, गर्म हवाओं और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। अगले तीन दिनों तक लखनऊ समेत अवध के कई जिलों में हीटवेव के आसार हैं।