कानपुर में दो पक्षों में मामूली विवाद, ट्रैक्टर से छप्पर गिरने पर शुरू हुआ झगड़ा, दबंगों ने पीड़ित के घर में लगाई आग, महिलाओं समेत कई लोगों को पीटा, पुलिस मौके पर पहुंची, जांच जारी, थाना सजेती के मढ़ा गांव का मामला
मेरठ- आज मेरठ को मिलेगी रैपिड, मेट्रो ट्रेन की सौगात, पीएम मोदी हरी झंडी दिखाकर करेंगे शुभारंभ, 85 किमी का सफर अब 55 मिनट में होगा पूरा, शुक्रवार को ट्रेन का फाइनल ट्रायल फेज हुआ, रैपिड ट्रेन के लिए मेरठ में बनाए गए 4 स्टेशन, मेट्रो ट्रेन के लिए 13 स्टेशन तीन अंडरग्राउंड हैं, 10 एलिवेटेड स्टेशन भी पूरी तरह तैयार हैं, सराये काले खां से मोदीपुरम तक चलेगी रैपिड रेल
भूमि विवाद में हाईकोर्ट के अधिवक्ता सुभाष मिश्रा (67) की रविवार दोपहर लोहे की रॉड व लाठी से पीटकर हत्या कर दी गई। हमले में परिवार के तीन सदस्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें सीएचसी से मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। मामले में अधिवक्ता के छोटे भाई, पूर्व ग्राम प्रधान व दो अन्य के खिलाफ पुलिस ने गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है।पुलिस के अनुसार गोंडा के दत्तनगर, मजरे सुदई पुरवा निवासी सुभाष मिश्रा वर्तमान में लखनऊ में रहते थे। उनका छोटे भाई अरुण कुमार और पूर्व ग्राम प्रधान हरिशरण से नौ बीघा भूमि को लेकर तीन साल से विवाद चल रहा था। इस बीच फैसला पक्ष में आने पर रविवार सुबह सुभाष ट्रैक्टर लेकर विवादित भूमि की जोताई करने लगे। इस पर दूसरे पक्ष के लोग भी पहुंच गए और लोहे की रॉड व लाठी डंडे से उनपर हमला कर दिया।हमले में अधिवक्ता, उनके भतीजे आकाश (19), विश्वास (35) व अभय कुमार (54) गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को सीएचसी ले जाया गया, जहां से सुभाष, आकाश और विश्वास को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वहां इलाज के दौरान सुभाष मिश्रा ने दम तोड़ दिया।
सुभाष के भतीजे विश्वास की तहरीर पर अधिवक्ता के छोटे भाई अरुण कुमार मिश्रा, पूर्व ग्राम प्रधान हरिशरण मिश्रा, रामकेवल व संतोष कुमार के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। मारपीट में दूसरे पक्ष के चंदन व रामकेवल भी घायल हुए हैं। कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि एहतियातन गांव में पुलिस तैनात की गई है। अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी राधेश्याम राय के अनुसार आरोपी हरिशरण व रामकेवल को हिरासत में लिया गया है।
बच्चों के यौन शोषण के मामले में बांदा के दंपती को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद ‘पीडोफीलिया’ शब्द चर्चा में आ गया है। मनोरोग विशेषज्ञों के अनुसार पीडोफीलिया का मतलब वयस्क का बच्चों के प्रति यौन आकर्षण होना है। यह गंभीर मानसिक विकार है। इससे ग्रसित व्यक्ति की पहचान करना आसान नहीं है। इसलिए बच्चों पर नजर रखना और उनसे बातचीत करना बेहद जरूरी है।
केजीएमयू के मनोरोग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. विवेक अग्रवाल के अनुसार पीडोफीलिया भी असामान्य यौन इच्छा रखने वालों का एक प्रकार है। इस मानसिक विकार से पीड़ित व्यक्ति चोरी-छिपे बच्चों का यौन शोषण करते रहते हैं। इसलिए जरूरी है कि बच्चों से बातचीत करते रहें। उन पर नजर रखें, उनकी गतिविधियों को ध्यान से देखें और किसी भी असामान्य स्थिति में उनको भरोसे में लें।
10 लाख की रिश्वतखोरी के मामले में लखनऊ में सीबीआई की तफ्तीश में बड़ा खुलासा हुआ है। वाटर एंड पावर कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड (वापकोस) के आरोपी अफसर टेंडर की गोपनीय जानकारी व दस्तावेज बिचौलिये को देते थे। बिचौलिओं के जरिये डील होने के बाद ये अहम जानकारी ठेका लेने वाली कंपनियों को दी जाती थी। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया में सिर्फ औपचारिकता होती थी।सीबीआई ने शनिवार को वापकोस के प्रोजेक्टर मैनेजर पंकज दुबे, इकाना इंटरप्राइज के प्रोपराइटर बबलू सिंह यादव, बिचौलिये राहुल वर्मा व बबलू के अलावा पंकज के ड्राइवर शुभम पाल को गिरफ्तार किया था।
उड़ीसा में इमली प्रसंस्करण इकाई का 11.81 करोड़ रुपये का ठेका देने के एवज में बबलू बिचौलिओं के जरिये रिश्वत की किस्त की ये रकम पंकज को पहुंचा रहा था। एफआईआर में एक और बिचौलिया गोपाल मिश्रा भी नामजद है। जांच में सामने आया कि जो भी टेंडर निकलते थे, उसकी पूरी गोपनीय जानकारी पंकज, गोपाल को देता था।
गोपाल उन कंपनियों से संपर्क करता था, जो टेंडर के लिए इच्छुक होती थीं। जो कंपनी टेंडर की अपेक्षा 6-10 प्रतिशत रिश्वत देने को तैयार होती थी, उनसे वह डील फाइनल करता था। फिर उससे टेंडर संबंधी पूरी जानकारी साझा करता था। कंपनी उसी आधार पर टेंडर प्रक्रिया में शामिल होती थी। इससे उसको टेंडर मिल जाता था। इकाना इंटरप्राइज को मिले टेंडर में भी इसी तरह का खेल हुआ।
कई वर्षों से वापकोस के आरोपी अफसर रिश्वतखोरी का खेल करते आ रहे थे। अब तक करोड़ों रुपये की रिश्वत ले चुके हैं। खुद न फंसें इसलिए बिचौलियों के जरिये ही डील होती थी। जांच के मुताबिक गोपाल मिश्रा यूपी और दिल्ली की कंपनियों के ठेकेदारों से संपर्क करता था। इन दोनों प्रदेशों की जिम्मेदारी उसी के पास थी।
सीबीआई के केस में वापकोस के पंकज दुबे के अलावा भबद्युत्ती भूटिया व अभिषेक ठाकुर भी आरोपी हैं। रिश्वत की जो रकम मिलती थी, उसके बराबर के तीन हिस्से करते थे। हालांकि जांच में ये भी पता चला है कि कुछ मामलों में पंकज अधिक रकम लेता था। डील भी सबसे अधिक वही करता था, क्योंकि विभाग की अहम जिम्मेदारी उसी के पास थी। मामले में ईडी की भी इंट्री हो सकती है, क्योंकि बड़ी रकम का खेल ये गिरोह कर चुका है।
उत्तर प्रदेश सरकार छह लघु जल विद्युत परियोजनाओं को 42 वर्ष के लिए निजी क्षेत्र को लीज पर देने की तैयारी में है। इसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम ने टेंडर जारी कर दिया है। टेंडर के अनुसार 1.5 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट के अग्रिम प्रीमियम पर निजी कंपनियों को परियोजनाएं सौंपी जाएंगी और वे 42 वर्षों तक उनका संचालन करेंगी।प्रदेश में 300 मेगावाट की रिहंद, 99 मेगावाट की ओबरा, 72 मेगावाट की माताटीला (ललितपुर) और 72 मेगावाट की खारा जल विद्युत परियोजनाएं पहले से संचालित हैं। इसके अतिरिक्त छह लघु जल विद्युत परियोजनाएं भी हैं, जिनके पास करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन और अन्य संपत्तियां हैं। लीज पर प्रस्तावित परियोजनाओं में भोला (2.7 मेगावाट), सलावा (3 मेगावाट), निर्गजनी (5 मेगावाट), चित्तौरा (3 मेगावाट), पलरा (0.6 मेगावाट) और सुमेरा (1.5 मेगावाट) शामिल हैं। ये सभी अपर गंगा नहर पर स्थित लगभग 90 से 97 वर्ष पुरानी परियोजनाएं हैं।
औरैया। तिलक महाविद्यालय में संचालित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के जनवरी 2026 सत्र में प्रवेश की प्रक्रिया को अब और गति मिलने वाली है। प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ाकर 28 फरवरी कर दी गई है।
तिलक महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डा. रवि कुमार ने बताया कि इग्नू का पाठ्यक्रम न केवल शिक्षा प्रदान करता है बल्कि यह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी अत्यंत महत्त्वपूर्ण और सहायक है।
समन्वयक उपनिदेशक डा. अनामिका सिन्हा ने जानकारी दी कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति के उन विद्यार्थियों को शुल्क में 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 2.50 लाख रुपये से कम है।
अध्ययन केंद्र पर हिंदी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, राजनीति विज्ञान, इतिहास जैसे पारंपरिक विषयों के साथ-साथ विभिन्न आनर्स पाठ्यक्रम एवं रोजगारपरक डिप्लोमा कोर्स भी एक्टिवेट हैं।
इग्नू समन्वयक डा. राजेश कुमार का कहना है कि उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और अपने करियर को नई दिशा देने के लिए विद्यार्थी समय रहते तिलक महाविद्यालय औरैया केंद्र पर संपर्क करें। 28 फरवरी तक प्रवेश लें।v