झांसी- अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर रेलवे की अनोखी पहल, बुंदेलखंड एक्सप्रेस का संचालन महिला क्रू के हाथ, लोको पायलट दीप्ति, असिस्टेंट पायलट कौशल्या देवी, ट्रेन मैनेजर (गार्ड) अंजलि परमार ने दिखाई हरी झंडी, झांसी से ग्वालियर के बीच महिला शक्ति की झलक
लखनऊ टी-20 विश्वकप का फाइनल आज,
लखनऊ- टी-20 विश्वकप का फाइनल आज, भारत की जीत के लिए जुटे हजारों लोग, 1090 चौराहे से 10KM मैराथन का आयोजन, लखनऊ सुपर जायंट्स की तरफ से आयोजन, लखनऊ सुपर जायंट्स रन इंडिया का आयोजन, भारत-न्यूजीलैंड के बीच वर्ल्डकप फाइनल आज, मैराथन के जरिए भारत की जीत की मांगी दुआ, महिलाएं, पुरुष और बच्चों ने करी प्रार्थनाएं
Lucknow: फंदे से लटका मिला जियो स्टोर के मैनेजर का शव, सुसाइड नोट में खुद को बताया जिम्मेदार
पड़ोसियों को पवन का कमरा अंदर से बंद मिला। काफी देर खटखटाने पर भी अंदर से प्रतिक्रिया न मिलने पर पड़ोसी दरवाजे को धक्का देकर अंदर पहुंचे तो पवन का शव पंखे से फंदे के सहारे लटका मिला। भाई ने हत्या की आशंका जताई है।
इंस्पेक्टर मड़ियांव के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है। पुलिस सभी पहलुओं पर गहनता से छानबीन कर रही है।
UP: एसआई भर्ती परीक्षा को लेकर सख्त निर्देश, नकल पर रहेगी कड़ी नजर, 14 व 15 मार्च को होगी परीक्षा
उप निरीक्षक नागरिक पुलिस व समकक्ष पदों की 14 और 15 मार्च को होने वाली भर्ती परीक्षा को नकलविहीन बनाने के लिए पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने सख्त तैयारी की है। शनिवार को बोर्ड ने सभी 75 जिलों के नोडल अधिकारियों और पर्यवेक्षकों के साथ बैठक कर जरूरी दिशा-निर्देश दिए।अपर पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों को परीक्षा केंद्रों पर सख्ती से निगरानी रखने को कहा गया है। अभ्यर्थियों की प्रवेश से पहले पूरी जांच होगी। गलत पहचान या किसी और की जगह परीक्षा देने की कोशिश करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
महिला अभ्यर्थियों की जांच के लिए महिला कर्मियों की तैनाती की जाएगी। परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक जांच और आधार सत्यापन भी किया जाएगा।
ईरान में सत्ता का संकट: पड़ोसी देशों से माफी के बाद भी हमले जारी? तेहरान की सत्ता में बढ़ रहा अंदरूनी टकराव
अमेरिका और इस्राइल के हमलों के बीच ईरान की सत्ता में हलचल तेज हो गई है। सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हाल ही में मौत के बाद देश के नेतृत्व को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। खामेनेई करीब 36 साल तक ईरान के सबसे प्रभावशाली नेता रहे और उनके रहते सत्ता के भीतर मतभेद खुलकर सामने नहीं आते थे। लेकिन अब उनकी मौत के बाद विभिन्न संस्थाओं और नेताओं के बीच खींचतान स्पष्ट दिख रही है।सवाल अब यह है कि खामेनेई की मौत के बाद युद्ध के दौरान असली निर्णायक शक्ति कौन है और कौन सी संस्था युद्ध के बड़े फैसले ले रही है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने हाल ही में एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने अमेरिका-इस्राइल के हमलों के बीच पड़ोसी देशों से माफी मांगी और कहा कि ईरानी सेना तब तक किसी पड़ोसी देश पर हमला नहीं करेगी जब तक उसकी जमीन से ईरान पर हमला नहीं होता। उनके इस बयान के बाद आईआरजीसी और कई धार्मिक नेता उनके विरोध में खड़े हो गए। धार्मिक नेता हामिद रसाई ने सोशल मीडिया पर लिखा “मिस्टर पेजेकियन के कमजोर, अनप्रोफेशनल और पब्लिक ओपिनियन से मंजूर न होने वाले टेलीविजन मैसेज ने असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और उसके मेंबर्स पर यह काम छोड़ दिया कि वे इस टेम्पररी काउंसिल की एक्टिविटीज़ को जल्द से जल्द खत्म करें, इसके लिए भविष्य के लीडर को इंट्रोड्यूस करें और इमाम खुमैनी और शहीद इमाम खामेनेई की क्रांति की सुरक्षा की गारंटी दें।
सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारिजानी ने कहा “जब दुश्मन इस इलाके में मौजूद बेस से हम पर हमला करता है, तो हम जवाब देते रहेंगे।” वहीं, न्यायपालिका प्रमुख गोलामहोसैन मोहसेनी-एजेई ने चेतावनी दी कि अमेरिकी हमलों में सहयोग करने वाले देशों के खिलाफ कार्रवाई जारी रह सकती है। इसके बाद राष्ट्रपति पेजेशकियन को अपना बयान वापस लेना पड़ा।
ईरान में नए नेतृत्व का समीकरण?
खामेनेई की मौत के बाद ईरान के संविधान के अनुसार तीन सदस्यीय अंतरिम नेतृत्व परिषद बनाई गई है। इसमें राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, न्यायपालिका प्रमुख गोलामहोसैन मोहसेनी-एजेई और गॉर्डियन काउंसिल द्वारा चुने गए धार्मिक विद्वान अलीरेजा अराफी शामिल हैं।
यह परिषद तब तक सत्ता का संचालन करेगी जब तक असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स नया सुप्रीम लीडर नहीं चुन लेती। हालांकि वर्तमान युद्ध की परिस्थितियों में यह संवैधानिक ढांचा पूरी तरह प्रभावी नहीं दिख रहा है। कई अहम युद्ध और सुरक्षा संबंधी फैसले अब विभिन्न शक्तिशाली संस्थाओं और सैन्य इकाइयों के प्रभाव में लिए जा रहे हैं।




