वाराणसी- दालमंडी में ध्वस्तीकरण की फिर कार्रवाई, मामले में एडीएम आलोक वर्मा का बयान, पुराने मकानों के साथ 18 नए मकान ध्वस्त-ADM, मौके पर शांति-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश
चंदौली- प्याज की बोरियों में शराब की तस्करी, पुलिस ने शराब की बड़ी खेप बरामद की, 407 पेटियों में 3654 लीटर अंग्रेजी शराब, बरामद शराब की अनुमानित कीमत 70 लाख, मध्य प्रदेश से बिहार ले जा रहे थे शराब, शराब की खेप के साथ ट्रक चालक अरेस्ट, ट्रक, मोबाइल, 175 बोरी प्याज भी बरामद, सैयदराजा पुलिस, स्वाट टीम की कार्रवाई, नेशनल हाईवे-19 पर चेकिंग में सफलता
प्रदेश में पेट्रोल-डीजल संकट की अफवाहों ने आग में घी का काम कर दिया। सरकार द्वारा पर्याप्त स्टाक होने के दावों के बावजूद 24 से 26 मार्च के बीच पेट्रोल-डीजल की औसत बिक्री में महज तीन दिनों के भीतर पेट्रोल की औसत बिक्री में 77 फीसदी और डीजल में 75 फीसदी तक का भारी उछाल दर्ज किया गया है। सबसे ज्यादा भार पूर्वोत्तर जिलों गोरखपुर, देवरिया, कौशाम्बी, प्रतापगढ़ के पंपों पर पड़ा है, जहां मांग दोगुना से भी ज्यादा हो गई। वहीं एलपीजी की सप्लाई बुकिंग की तुलना में 50 फीसदी तक पहुंच गई है। सरकार और प्रशासन के बार-बार यह भरोसा दिलाने के बावजूद कि स्टॉक पर्याप्त है, लोग पंपों पर लंबी कतारें लगा रहे हैं।
मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया में नोटिस पाने वाले 3.26 करोड़ मतदाताओं के पक्ष की सुनवाई का काम शुक्रवार को पूरा हो गया। मुख्य निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, शत-प्रतिशत नोटिसों की सुनवाई पूरी हो चुकी है। अंतिम मतदाता सूची में 13.25 करोड़ से ज्यादा नाम होने की संभावना है। यह फाइनल सूची 10 अप्रैल को आएगी।एसआईआर के तहत अक्तूबर-2025 में फ्रीज की गईं मतदाता सूचियों में 12.55 करोड़ लोगों के नाम शामिल हैं । इनमें से 1.04 करोड़ लोग वे हैं, जिनका वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान नहीं हो पाया था। यानी उनके खुद के नाम या उनके माता- पिता, दादा-दादी और नाना- नानी के नाम से मिलान नहीं हो पाया था। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से ऐसे लोगों से दस्तावेज मांगे गए। सुनवाई घर के पास होने और परिवार के दूसरे सदस्यों को दस्तावेज लेकर सुनवाई पर भेजने का असर हुआ।वहीं, तार्किक विसंगति वाले 2.22 करोड़ मतदाताओं की सुनवाई घर जाकर बीएलओ ने की। जिसमें मतदाता के नाम व पिता के नाम में गड़बड़ी और माता-पिता से उम्र में 15 साल से कम अंतर था। ऐसे में उनके भी बहुत कम नाम कटने की उम्मीद है। लगभग 97 प्रतिशत से अधिक नाम मतदाता सूची में बने रहने की संभावना है।
चुनाव आयोग से मिले आंकड़ों के अनुसार, मतदाता सूची में नाम जोड़ने को 86.69 लाख लोगों ने फॉर्म-6 भरे गए हैं। मतदाता सूची से नाम काटने के लिए 3.18 लाख फॉर्म-7 भरे गए हैं । इन स्थितियों में संभावना है कि 13.25 करोड़ से अधिक नाम रहने की उम्मीद है ।