Thursday, February 12, 2026
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Medicines Prices Cut : 60 दिन में घटाओ दवा के दाम वरना कार्रवाई तय! ट्रंप की फार्मा कंपनियों को दो टूक चेतावनी

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नेशनल डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्लोबल फार्मा कंपनियों को जोरदार झटका दिया है। ट्रंप ने सीधे तौर पर 17 दवा कंपनियों के प्रमुखों को पत्र लिखकर 60 दिनों का अल्टीमेटम दे डाला है – दवाओं की कीमतें घटाओ, वरना सरकार कार्रवाई करेगी। इस कदम से अमेरिका ही नहीं, ग्लोबल बाजार में दवा उद्योग और शेयर बाजारों में भी हलचल मच गई है।

किन कंपनियों को मिली चेतावनी?
इस पत्र में जिन दिग्गज कंपनियों को निशाने पर लिया गया है, उनमें शामिल हैं:
Johnson & Johnson
Merck & Co
AstraZeneca
Sanofi
Eli Lilly
Regeneron
…और कई अन्य टॉप फार्मा कंपनियां।

 शेयर बाजार में मची हलचल
ट्रंप के इस ऐलान के बाद, दवा और हेल्थकेयर कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई:
निफ्टी फार्मा इंडेक्स 3.5% तक टूटा।
मेटल और ऑयल कंपनियों के स्टॉक्स भी लुढ़के।
अमेरिका के कुछ निर्णयों से भारतीय टेक्सटाइल स्टॉक्स को भी झटका लगा।

  ट्रंप का तर्क: अमेरिका में दवाएं क्यों इतनी महंगी?
ट्रंप ने अपने पत्र में कहा कि अमेरिकी नागरिकों को वही दवाएं तीन गुना दाम में मिल रही हैं जो बाकी विकसित देशों में सस्ते में बिकती हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब अमेरिका में दवाएं उन्हीं कीमतों पर बेची जानी चाहिए जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तय हैं।

60 दिन की डेडलाइन
ट्रंप ने कंपनियों को 29 सितंबर तक जवाब देने को कहा है। अगर तय समय में कोई बदलाव नहीं हुआ तो अमेरिका में नई दवा टैरिफ नीति लागू हो सकती है, जिससे कंपनियों पर भारी टैक्स लगाया जाएगा।

 अमेरिका में बने तो ठीक, बाहर से आए तो टैरिफ तय!
ट्रंप की मंशा स्पष्ट है — विदेशों में मुनाफा कमाकर अमेरिकी मरीजों से वसूली बंद हो। अमेरिका में प्लांट न लगाने वाली फार्मा कंपनियों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की तैयारी है।

  क्या असर होगा भारत पर?
भारत की फार्मा कंपनियों के लिए यह खबर दोधारी तलवार जैसी है। एक ओर अगर अमेरिका में विदेशी दवाएं महंगी होती हैं, तो भारतीय जेनेरिक दवाओं की डिमांड बढ़ सकती है। लेकिन अमेरिकी नियम कड़े हुए तो भारतीय कंपनियों को व्यापारिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

पत्नी निकली मास्टरमाइंड! भाइयों संग मिलकर पति के तोड़े हाथ-पैर, फिर जंगल में जिंदा दफनाने की थी तैयारी

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Bareilly News: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। जहां एक महिला ने अपने पति की हत्या की साजिश रची और अपने भाइयों के साथ मिलकर उस पर हमला किया। यह घटना इज्जतनगर थाना क्षेत्र की है।

जानिए, क्या है पूरा मामला?
पीड़ित व्यक्ति का नाम राजीव है। उसने बताया कि 21 जुलाई की रात उसकी पत्नी साधना और उसके पांच भाइयों ने घर में घुसकर उस पर हमला किया। हमलावरों में भगवान दास, प्रेमराज, हरीश, लक्ष्मण और अन्य लोग शामिल थे। उन्होंने राजीव पर लात-घूसे, डंडे और लोहे की सरियों से हमला किया। इस हमले में उसके एक हाथ और दोनों पैर टूट गए। उसके बाद, हमलावर उसे सीबगंज के जंगल में ले गए। वहां उसकी हत्या करने की योजना थी, जिसे वे दफनाने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन तभी वहां कोई अज्ञात व्यक्ति आ गया, जिससे हमलावर भाग गए और राजीव की जान बच गई।

राजीव का आरोप- साजिश में पत्नी साधना का हाथ
आरोप है कि उसकी पत्नी साधना पहले भी कई बार उसकी जान लेने की कोशिश कर चुकी है। एक बार उसने खाने में पिसा हुआ कांच डाल दिया था और दूसरी बार जहर मिला दिया था। लेकिन समय रहते वह बच गया। राजीव का बेटा यश भी कहता है कि उसकी मां ने अपने पति की हत्या की कई कोशिशें की हैं। उसने बताया कि रात में मामा और अन्य लोग आए और उनके पिता को बहुत पीटा।

पुलिस में रिपोर्ट
राजीव के पिता नेतराम ने अपने बेटे के साथ हुई इस घटना की शिकायत इज्जतनगर थाने में दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि उनकी बहू यानी राजीव की पत्नी और उसके भाइयों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की जानी चाहिए। उनका कहना है कि आशंका है कि बहू अपने भाइयों के साथ मिलकर उनके बेटे की हत्या करवा सकती है। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।

‘गला काट दूंगा!’ संत प्रेमानंद को जान से मारने की धमकी, सतना में FIR; फेसबुक पोस्ट से मचा बवाल

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Mathura News: वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज को जान से मारने की धमकी देने वाले सतना निवासी एक युवक की सोशल मीडिया पोस्ट के कारण विवाद खड़ा हो गया है। युवक ने फेसबुक पर एक टिप्पणी में लिखा कि अगर संत उसके घर के बारे में बोलते तो वह उनका ‘गला काट देता’। यह पोस्ट देखते ही देखते वायरल हो गई, जिससे धार्मिक और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया है।

क्यों भड़का विवाद?
पूरा मामला संत प्रेमानंद महाराज के एक वायरल वीडियो से जुड़ा है। इस वीडियो में उन्होंने युवाओं को नैतिक जीवन जीने की सलाह दी थी और बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड, ब्रेकअप-पैचअप जैसी चीजों पर चिंता जताई थी। संत ने कहा था कि युवा पीढ़ी को रिश्तों को लेकर अधिक गंभीर और मर्यादित होना चाहिए। इसी बात से नाराज होकर सतना जिले के शत्रुघ्न सिंह नामक युवक ने फेसबुक पर एक आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए लिखा कि मेरे घर के बारे में बोलता तो प्रेमानंद होता या कोई और, मैं उसका गला काट देता।

श्रद्धालुओं में आक्रोश, FIR की मांग
यह पोस्ट वायरल होते ही रीवा और सतना जिलों के सैकड़ों श्रद्धालु और सामाजिक संगठन भड़क गए। उन्होंने इस टिप्पणी को संतों का अपमान बताते हुए कड़ी निंदा की और आरोपी युवक पर FIR दर्ज कर तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। लोगों का कहना है कि संतों के खिलाफ इस तरह की भाषा समाज में नफरत और वैमनस्य फैलाती है, और प्रशासन को इस पर तुरंत सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

पुलिस क्या कह रही है?
इस मामले में सतना के पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता ने बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। यदि शिकायत मिलती है तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

संत प्रेमानंद का स्पष्ट संदेश
संत प्रेमानंद महाराज अक्सर अपने साफ और बेबाक प्रवचनों की वजह से सोशल मीडिया पर चर्चा में रहते हैं। हाल ही में एक प्रवचन में उन्होंने कहा कि जो लोग सारे काम छोड़कर केवल भक्ति में ही लग जाना चाहते हैं, वे सच्चे भक्त नहीं, बल्कि कामचोर होते हैं। ईश्वर की भक्ति जरूरी है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है कि इंसान अपने परिवार और काम की जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाए।

खुशखबरी! अगस्त में RBI कर सकता है रेपो रेट में कटौती, आम आदमी को मिलेगा बड़ा फायदा

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नेशनल डेस्क: अगर आप लोन लेने की सोच रहे हैं तो आपके लिए अच्छी खबर हो सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) जल्द ही रेपो रेट में कटौती कर सकता है, जिसका सीधा फायदा आम ग्राहकों को होगा। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, RBI अपनी आगामी मौद्रिक नीति समिति की बैठक में रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट (bps) की कटौती कर सकता है। यह बैठक 4 से 6 अगस्त के बीच होने वाली है।

रेपो रेट में कटौती क्यों है जरूरी?
फरवरी 2025 से अब तक RBI रेपो रेट में 1% की कटौती कर चुका है, जिससे बैंक लोन सस्ते हुए हैं और ग्राहकों को फायदा मिला है। SBI की रिपोर्ट कहती है कि त्योहारों का सीज़न शुरू होने से पहले अगर RBI रेपो रेट में और कटौती करता है, तो इससे कर्ज की मांग बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

त्योहारी सीज़न में लोन: रिपोर्ट में एक उदाहरण देते हुए बताया गया है कि अगस्त 2017 में जब रेपो रेट में 25 bps की कटौती हुई थी, तो दिवाली तक ₹1,956 अरब का अतिरिक्त कर्ज बढ़ा था, जिसमें से 30% पर्सनल लोन थे। दिवाली जैसे बड़े त्योहारों में उपभोक्ता खर्च बढ़ जाता है, और सस्ती ब्याज दरें इस मांग को और बढ़ाती हैं।

महंगाई काबू में, GDP में होगी ग्रोथ
रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कई महीनों से महंगाई दर RBI के तय दायरे में है। ऐसे में अगर RBI अपनी सख्त मौद्रिक नीति को जारी रखता है, तो इससे उत्पादन को नुकसान हो सकता है, जिसकी भरपाई मुश्किल होगी। मौद्रिक नीति का असर देर से होता है, इसलिए अगर RBI अभी रेट कट नहीं करता तो यह अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी गलती साबित हो सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर RBI रेट कट को टालता है, तो उत्पादन में नुकसान और निवेश के कमजोर माहौल के रूप में इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

झारखंड में बड़ा हादसा: 31 लोगों से भरी नाव गंगा नदी में पलटी, 1 की डूबने से मौत…3 लापता

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रांची: झारखंड के साहिबगंज जिले के गंगा नदी में नाव पलटने से 1 व्यक्ति की मौत हो गई जबकि 3 लोग लापता हो गए। इस घटना में 27 लोग सुरक्षित तैर कर बाहर निकल गए हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार जिले के महाराजपुर गड़ाई दियारा क्षेत्र में 31 लोगों को ले जा रही नाव बीते शनिवार को पलट गयी। इस घटना में 27 लोग तैर कर सुरक्षित बाहर निकल गए हैं और 1 की मौत मौके पर ही हो गई जबकि 3 लोग अभी भी लापता हैं। प्रशासन घटनास्थल पर गंगा नदी थाना प्रभारी लव कुमार नाव से दियारा पहुंचे और मामले की जांच पड़ताल में जुट गए। लापता की तलाश की जा रही है।

हर रात नया मर्द: 1 या 2 नहीं बल्कि 8 शादीशुदा पुरुषों के साथ मनाती सुहागरात फिर कहती- मैं दूसरी…

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नेशनल डेस्क। नागपुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां एक महिला ने एक-दो नहीं, बल्कि आठ शादीशुदा पुरुषों को अपने प्रेम जाल में फंसाकर उनसे शादी की और फिर ब्लैकमेल करके करोड़ों रुपये लूटे। यह महिला अब अपने नौवें पति की तलाश में थी तभी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

खुद को तलाकशुदा बताकर फंसाती थी

इस महिला की पहचान समीरा फातिमा के रूप में हुई है जो खुद एक स्कूल टीचर रह चुकी है। वह सोशल मीडिया पर विवाहित पुरुषों को टारगेट करती थी। उनसे सहानुभूति पाने के लिए खुद को तलाकशुदा बताती और कहती, “मुझे सहारा दो, मैं दूसरी पत्नी बनकर रहूंगी।” इसी बहाने वह शादी करती लेकिन एक महीने के भीतर ही झगड़ा करके ब्लैकमेलिंग शुरू कर देती।

पुलिस को शक है कि वह पिछले 15 सालों से इस तरह की धोखाधड़ी कर रही थी। उसने एक संगठित गिरोह के साथ मिलकर यह साजिश रची थी।

करोड़ों की ठगी, झूठी प्रेगनेंसी का नाटक

शुरुआती सबूतों के मुताबिक फातिमा ने एक पीड़ित से 50 लाख रुपये और दूसरे से 15 लाख रुपये ठगे हैं। शादी के बाद वह अपने पतियों को अलग-अलग बहानों से ब्लैकमेल कर पैसे वसूलती थी। चौंकाने वाली बात यह है कि जब भी पुलिस उसे पकड़ने के करीब पहुंचती वह झूठी प्रेगनेंसी का दावा करके बच निकलती थी।

आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ी

काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने 29 जुलाई को नागपुर की एक चाय की दुकान से उसे गिरफ्तार कर लिया। नागपुर पुलिस ने समीरा फातिमा के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और उसके पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है। पुलिस को उम्मीद है कि इस मामले में और भी कई पीड़ित सामने आ सकते हैं और गिरोह के अन्य सदस्य भी जल्द ही पकड़े जाएँगे।

महिलाओं को मिलेगा ₹7000 हर महीने, जल्दी देखें… कहीं नए स्कीम का फायदा उठाने से छूट न जाएं आप

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नेशनल डेस्क : भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने महिलाओं के लिए एक खास योजना शुरू की है, जिसका नाम है LIC बीमा सखी योजना। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें एक निश्चित मासिक आय देने का अवसर देना है। खास बात यह है कि इसमें शामिल होने के लिए महिलाओं को एक भी पैसा खर्च नहीं करना होगा।

क्या है बीमा सखी योजना?

यह योजना खास तौर पर महिलाओं के लिए शुरू की गई है। इसके तहत महिलाएं LIC की बीमा एजेंट बन सकती हैं। एजेंट बनने के बाद उन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी, और काम शुरू करने पर हर महीने फिक्स सैलरी भी दी जाएगी। इस योजना से LIC का मकसद महिलाओं को सशक्त बनाना और बीमा सेवाओं को दूर-दराज के इलाकों तक पहुंचाना है।

कितनी मिलेगी आमदनी?

बीमा सखी योजना के तहत महिलाओं को पहले साल ₹7000 प्रति माह मिलेंगे। दूसरे साल में ₹6000 प्रति माह और तीसरे साल में ₹5000 प्रति माह दिए जाएंगे, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें होंगी, जैसे पहले साल में जो बीमा पॉलिसी उन्होंने शुरू करवाई हों, उनमें से कम से कम 65% चालू रहनी चाहिए।

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कौन-कौन कर सकता है आवेदन?

  • महिला उम्मीदवार की उम्र 18 से 70 साल के बीच होनी चाहिए।
  • कम से कम 10वीं पास होना अनिवार्य है।
  • यह योजना सिर्फ नई महिलाओं के लिए है। अगर कोई पहले से LIC एजेंट या कर्मचारी है, तो वह इसमें आवेदन नहीं कर सकता।
  • LIC कर्मचारियों के करीबी रिश्तेदार जैसे पति, पत्नी, बच्चे, माता-पिता, भाई-बहन आदि भी इस योजना में आवेदन के योग्य नहीं हैं।

किन दस्तावेजों की जरूरत होगी?

  • आयु प्रमाण पत्र (सेल्फ अटेस्टेड)
  • पता प्रमाण पत्र (सेल्फ अटेस्टेड)
  • शैक्षणिक योग्यता का प्रमाण पत्र
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • भरा हुआ आवेदन पत्र

कैसे करें आवेदन?

इस योजना में आवेदन करने के लिए महिलाएं नजदीकी LIC शाखा में जा सकती हैं या फिर LIC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर भी आवेदन कर सकती हैं।

भारत के सामरिक बेड़े में बढ़ी नई ताकत; एयरबस डील का बड़ा चरण पूरा, स्पेन ने दिया सी-295 विमान

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International Desk: भारत को अपनी सैन्य क्षमताएँ मजबूत करने की दिशा में बड़ी सफलता मिली है। स्पेन स्थित भारतीय दूतावास ने जानकारी दी कि शनिवार को भारत को एयरबस सी-295 सैन्य परिवहन विमानों में से अंतिम विमान मिल गया है।सेविले में एयरबस डिफेंस एंड स्पेस असेंबली लाइन पर भारतीय राजदूत दिनेश के पटनायक ने भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ यह विमान प्राप्त किया। खास बात यह है कि यह आपूर्ति तय समय से दो महीने पहले कर दी गई, जो भारत की रक्षा ताकत को और मज़बूती देगी।

सी-295 विमान 5 से 10 टन तक का भार ढो सकता है और यह भारतीय वायुसेना के पुराने एवरो विमानों की जगह लेगा। इसकी उड़ान क्षमता करीब 11 घंटे की है, जिससे यह सामरिक दृष्टि से बेहद कारगर है। सितंबर 2021 में भारत ने एयरबस डिफेंस एंड स्पेस के साथ 56 सी-295 विमानों के लिए समझौता किया था। इनमें से 16 विमान स्पेन से सीधे मिलेंगे और बाकी 40 विमान भारत में बनाए जाएंगे। भारतीय वायुसेना की रक्षा शक्ति में बड़ा इजाफा, स्पेन ने समय से पहले सौंपा C-295 का आखिरी विमान

Auraiya News: एक कमरे में चल रहीं पांच कक्षाएं और आंगनबाड़ी केंद्र

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बिधूना। परिषदीय विद्यालयों को कॉन्वेंट स्कूलों से बेहतर माहौल देने के दावे डहारियापुर स्कूल में खोखले साबित हो रहे हैं।यहां के प्राथमिक विद्यालय की जर्जर इमारत फरवरी 2024 में ढहा दी गई थी। तब से एक कक्ष में कक्षा एक से पांच तक की कक्षाएं चल रहीं, और आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित हो रहा। इससे शिक्षण कार्य में व्यवधान रहता है।
डहारियापुर गांव के प्राथमिक विद्यालय में कुल 32 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इनमें कक्षा एक में छह, कक्षा दो में पांच, कक्षा तीन में दो, कक्षा चार में 14 और कक्षा पांच में छह छात्र-छात्राएं शामिल हैं। इनमें भी शनिवार को 15 छात्र ही स्कूल पहुंचे। शिक्षकों ने बताया कि स्कूल के आसपास गंदगी व रास्ते में जलभराव के कारण बच्चे स्कूल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।बताया गया कि विद्यालय का पुराना भवन पिछले वर्ष फरवरी में जर्जर होने के कारण गिरा दिया गया था। डेढ़ साल बीतने के बाद भी उसका मलबा अब तक स्कूल परिसर से नहीं हटाया गया है। इससे न केवल बच्चों को आने-जाने में दिक्कत होती है, बल्कि स्कूल की साफ-सफाई और सुरक्षा भी प्रभावित हो रही है। विद्यालय की बाउंड्रीवाॅल भी टूटी हुई है। इससे अन्ना मवेशी परिसर में बेरोक-टोक घुस आते हैं।

प्रधानाचार्य सरोज कुमारी अवकाश पर हैं। सहायक अध्यापक दीप्ति व शिक्षा मित्र साहब सिंह ने बताया कि पुराना भवन गिराने के बाद से सभी कक्षाओं को एक ही कमरे में संचालित किया जा रहा है। कई बार प्रधान व खंड शिक्षा अधिकारी को मलबा हटाने और बाउंड्रीवॉल की मरम्मत के लिए सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई।

बीईओ अलकेश कुमार सकलेचा ने बताया कि डहारियापुर में पिछले वर्ष भवन तोड़ा गया था। मलबे की नीलामी होनी है। स्कूल में पड़े मलबे को एक दो दिन में हटवा दिया जाएगा। बताया कि एक कक्ष में कक्षाएं संचालित हो रही हैं। उसी में आंगनबाड़ी के बच्चे बैठते हैं। एक नया कक्ष बन रहा है। उसके बनने पर दोनों कक्षों में बच्चों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी।

Auraiya News: शिशु दुग्धपान कक्ष बनाए, लेकिन बंद पड़े

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औरैया। सरकारी दफ्तरों व सार्वजनिक स्थलों पर बच्चों को दुग्धपान कराने के लिए अलग कक्ष बनाने के आदेश हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दफ्तरों के बाहर परिसर में केबिन तो बनाए गए, लेकिन यह कक्ष खोले नहीं गए।

शनिवार को पड़ताल में यह बात सामने आई। स्थिति यह है कि इन कक्षों में बैठने के लिए कुर्सी तक नहीं है। जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर रोजाना जनसुनवाई में काफी फरियादी पहुंचते हैं। इसमें महिलाओं की भी अच्छी खासी संख्या पहुंचती है। यहां पर स्तनपान कक्ष की कुंडी लगी रहती है। पूछने पर कुछ लोगों ने बताया कि स्तनपान कक्ष की कुंडी ही नहीं खुलती है। ये महज शोपीस है।

सदर तहसील में भी रोज कई फरियादी पहुंचते हैं। यहां भी स्तनपान कक्ष बना है, लेकिन यहां भी कुर्सी तक नहीं है। वहीं, जिला अस्पताल में फैंसी कुर्सी डालकर स्तनपान कक्ष को बंद ही कर दिया गया है। यहां पर कक्ष होने के बाद भी महिलाओं को अपने बच्चों को बाहर बैठकर दूध पिलाना पड़ रहा है।

सीएमओ डॉ. सुरेंद्र कुमार का कहना है कि स्तनपान कक्ष की सुविधा को लेकर सभी को संवेदनशील रहना चाहिए। इसमें किसी तरह की अनदेखी न हो इसे लेकर सजग किया जा रहा है।

सार्वजनिक स्थल व कार्यालयों में होने चाहिए मातृत्व कक्ष

मातृ स्पर्श नाम की संस्था ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर नवजात को स्तनपान कराने के लिए अलग से कमरा बनाने की मांग की थी। इसका संज्ञान लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को सार्वजनिक स्थल व सरकारी कार्यालयों में यह कक्ष बनाने के लिए नोटिस जारी की थी। सरकारी कार्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर नवजात बच्चों को दुग्धपान कराने को मातृत्व कक्ष बनाने के निर्देश दिए थे। ताकि माता को किसी भी असहज स्थिति का सामना न करना पड़े।