औरैया। सरकारी दफ्तरों व सार्वजनिक स्थलों पर बच्चों को दुग्धपान कराने के लिए अलग कक्ष बनाने के आदेश हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दफ्तरों के बाहर परिसर में केबिन तो बनाए गए, लेकिन यह कक्ष खोले नहीं गए।
सीएमओ डॉ. सुरेंद्र कुमार का कहना है कि स्तनपान कक्ष की सुविधा को लेकर सभी को संवेदनशील रहना चाहिए। इसमें किसी तरह की अनदेखी न हो इसे लेकर सजग किया जा रहा है।
सार्वजनिक स्थल व कार्यालयों में होने चाहिए मातृत्व कक्ष
मातृ स्पर्श नाम की संस्था ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर नवजात को स्तनपान कराने के लिए अलग से कमरा बनाने की मांग की थी। इसका संज्ञान लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को सार्वजनिक स्थल व सरकारी कार्यालयों में यह कक्ष बनाने के लिए नोटिस जारी की थी। सरकारी कार्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर नवजात बच्चों को दुग्धपान कराने को मातृत्व कक्ष बनाने के निर्देश दिए थे। ताकि माता को किसी भी असहज स्थिति का सामना न करना पड़े।


