बेला। थानाक्षेत्र के बेला रोड पर गुरुवार को साइकिल सवार किसान को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। हादसे में घायल किसान को सीएचसी ले जाया गया जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस वाहन की पहचान के लिए सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है।गांव बमनौहटी निवासी राजकुमार (65) साइकिल से किसी काम से बेला बाजार जा रहे थे। इसी दौरान कानपुर रोड स्थित गांव मल्होसी मोड़ के पास वाहन ने टक्कर मार दी। हादसे में राजकुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। थाना पुलिस ने घायल को एंबुलेंस से सहार सीएचसी भेजा जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। सूचना मिलते ही रोते बिलखते परिजन सीएचसी पहुंचे।
Auraiya: संविदा सफाईकर्मी ने खाया जहर, पालिकाध्यक्ष पर प्रताड़ना का आरोप, अध्यक्ष बोले- ये एक साजिश है
Auraiya News: औरैया में एक सफाईकर्मी द्वारा जहर खाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है, जहां परिजन इसे पालिकाध्यक्ष की प्रताड़ना बता रहे हैं। वहीं पालिकाध्यक्ष ने बताया कि वह इस संविदा कर्मी को जानते तक नहीं है। उससे कभी बात भी नहीं हुई। उन पर प्रताड़ित करने या दबाव बनाने के आरोप एक साजिश है।
Barabanki News: टिनशेड में फंदे से लटका मिला व्यवसायी का शव, हादसे में घायल युवक ने तोड़ा दम
यूपी के बाराबंकी में अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई। एक जगह व्यवसायी का शव टिनशेड में फंदे से लटका मिला, तो दूसरी घटना में हादसे में घायल युवक की सांसें टूट गईं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटना की जानकारी ली। घटना रामनगर कोतवाली इलाके के किशुनपुर गांव की है। गांव निवासी रामप्रताप उर्फ पिंटू (44) रामनगर तहसील में एक अधिवक्ता चेंबर के मुंशी थे। बुधवार शाम वह तहसील से कामकाज निपटाने के बाद वापस घर जा रहे थे। किशुनपुर मोड़ के पास उनकी बाइक एक दूसरी बाइक से टकरा गई। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
UP: प्रख्यात समालोचक वीरेंद्र यादव का हृदय गति रुकने से निधन, ‘1857’ पर लेखन के लिए विशेष रूप से रहे चर्चित
प्रगतिशील लेखक संघ से लंबे समय से जुड़े रहे हिंदी के प्रख्यात समालोचक वीरेंद्र यादव का शुक्रवार सुबह हृदय गति रुकने से निधन हो गया। वे 76 वर्ष के थे। वे शहर के इंदिरा नगर में रहते थे। वीरेंद्र यादव कथा आलोचना में बराबर सक्रिय रहे। उनका जन्म 1950 में जौनपुर जिले में हुआ था।उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीतिशास्त्र में एमए किया था। छात्र जीवन से ही वामपंथी बौद्धिक व सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय हिस्सेदारी शुरू कर दी थी। उत्तर प्रदेश प्रगतिशील लेखक संघ के लम्बे समय तक सचिव एवं ‘प्रयोजन’ पत्रिका के सम्पादक रहे।
UP News: शीतकालीन अवकाश के बाद खुले स्कूल, कड़ाके की ठंड और कोहरे के बीच विद्यालय पहुंचे बच्चे
उत्तर प्रदेश में शीतकालीन अवकाश के बाद फिर से स्कूल खुल गए हैं। शुक्रवार सुबह घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के बीच बच्चे स्कूल पहुंचे और प्रार्थना सभा में शामिल हुए। इस दौरान कई स्कूलों में और रास्ते पर अलाव जलाने के इंतजाम किए गए थे। बच्चों को जहां पर मौका मिला वहां अपने हाथ सेंके। वहीं, करीब सवा 10 बजे के बाद हल्की धूप खिलने से लोगों ने थोड़ी राहत महसूस की।स्कूलों में पहले की तरह शिक्षकों ने कक्षाएं लीं और कड़ाके की ठंड के बीच स्कूल आने पर उनकी प्रशंसा की। वहीं, बच्चे भी अपने साथियों से मिलकर खुश नजर आए।
स्कूलों के फिर से खुलने के साथ ही दो महत्त्वपूर्ण गतिविधियां, सत्रीय परीक्षाएं और निपुण आकलन, शुरू होने वाली हैं। हालांकि, कई शिक्षक अभी भी एसआईआर प्रणाली में उलझे हुए हैं, जिससे स्कूलों के लिए एक साथ दोनों महत्वपूर्ण कार्यों को संपन्न कराना चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। विद्यालयों का संचालन सुबह नौ बजे से तीन बजे तक होगा। ठंड के मौसम को ध्यान में रखते हुए, कुछ जिलों में अभी भी विद्यालय बंद रह सकते हैं।
प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में 31 दिसंबर से 14 जनवरी तक शीतकालीन छुट्टियां थीं। इसके बाद 15 जनवरी को मकर संक्रांति का सार्वजनिक अवकाश था। इन छुट्टियों के बाद शुक्रवार से विद्यालय खोले जा रहे हैं। स्कूल खुलने के तुरंत बाद, 24 जनवरी से विद्यालयों में सत्रीय परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी, जो 31 जनवरी तक चलेंगी। बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा परीक्षाओं के संचालन के लिए विस्तृत निर्देश जारी किए जा चुके हैं। यह राहत दी गई है कि परीक्षाएं दिसंबर तक पढ़ाए गए पाठ्यक्रम के आधार पर ही आयोजित की जाएंगी। इसके लिए विद्यालय स्तर पर प्रश्नपत्र तैयार किए जाएंगे।
UP: मतदाता सूची में वोटरों का पता गलत होना सामान्य बात… आयोग ने दिए सुधार के निर्देश, सपा ने उठाए थे सवाल
यूपी के राज्य निर्वाचन आयोग ने समाजवादी पार्टी की ओर से उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि मतदाता सूची में वोटरों का पता गलत होना एक सामान्य बात है और यह विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कारण बिल्कुल नहीं है। आयोग ने बीएलओ को मतदाताओं के पते में सुधार का निर्देश दिया है।आयोग ने एक्स पर जवाब देते हुए कहा कि वोटर लिस्ट में विभिन्न असंबंधित व्यक्तियों के नामों के सामने मकान नंबर एक जैसा आ जाना एक बहुत आम सी गलती है जो सारी विधानसभाओं के बहुत सारे मतदान केंद्रों कि वोटरलिस्टों में विद्यमान है। यह असंतोषजनक स्थिति एसआईआर की वजह से उत्पन्न नहीं हुई है क्योंकि एसआईआर के गणना चरण में वोटर लिस्ट में वोटर के किसी भी विवरण को संशोधित नहीं किया गया है बल्कि यह स्थिति तो दशकों से चली रही है।ऐसी गलतियां कई कारणों से होती हैं जिनमें एक प्रमुख कारण यह है कि सारे गांवों में किसी भी मकान का और शहरों में बहुत से मकानों का कोई नंबर नहीं होता इसलिए गांवों में वोटरलिस्ट में उस वोटर के नाम के सामने एक नोशनल (काल्पनिक नंबर) दिया जाता है इसलिए शहरों में बहुत से वोटरों के नाम के सामने मकान नंबर के स्थान पर 0 (जीरो) अथवा 00 (डबल जीरो) लिखा जाना एक आम चलन है। शहरों में वार्ड वार टैक्स कलेक्शन की दृष्टि से वार्ड के मकानों को एक रजिस्टर में नोशनल नंबर दिया जाता है। रामपुर जिले में मिलक नगर पालिका में ऐसा ही एक मामला सामने आया जब दो विभिन्न परिवारों का मकान नंबर विधानसभा की वोटर लिस्ट में एक जैसा पाया गया जिसे एक समाचार पत्र ने प्रमुखता से छापा।
दोनों परिवार नगरपालिका के अलग-अलग वार्डों में रहते हैं परंतु परिवारों के वॉर्ड रजिस्टरों में लिखें नोशनल मकान नंबर एक जैसे हैं। विधानसभा की वोटर लिस्ट में दोनों परिवारों के वोट एक ही बूथ पर दर्ज है। उस भाग का केवल एक ही अनुभाग बना था और मकान नंबर के साथ वार्ड नंबर अंकित नहीं था इसलिए दोनों परिवारों के मकान नंबर एक समान दिख रहे हैं।
वोटर लिस्ट के भागों को सही प्रकार से पर्याप्त संख्या में सही अनुभागों में ना बांटा जाना इस विसंगति का एक कारण बना। अब इस संतोषजनक स्थिति को सुधारने के लिए सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है कि इस समस्या को जड़ से समाप्त करने के लिए सभी पोलिंग स्टेशनों के मतदान क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में वेल डिमार्केटेड अनुभाग बनाये जाएं जिससे न केवल बीएलओ को मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण के समय और चुनाव के समय मतदाता पर्ची बांटने के लिए वोटरों को ढूंढने में आसानी होगी बल्कि असंबंधित लोगों के मकान नंबर वोटर लिस्ट में एक समान आने की समस्या से भी कुछ हद तक निजात मिलेगी। डेटाबेस में मकान नंबर दर्ज करते समय उसके साथ संबंधित गली मोहल्ले अथवा सड़क का नाम भी दर्ज किया जाए जिससे मकान नंबर पढ़ते ही यह स्पष्ट हो जाए कि यह मकान किस इलाके में पड़ता है। बीएलओ सुपरवाइजरों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वो अपने क्षेत्र के सारे बूथों की वोटर लिस्टों को ध्यानपूर्वक पढ़कर इस तरह की त्रुटियों को चिह्नित कर समय रहते उनको दुरुस्त करा लें जिससे अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित हो तो उसमें ऐसी कोई गलती न रहे।
आयोग ने एक्स पर दिया ये जवाब
समाजवादी पार्टी ने वोटरों की संख्या कम होने पर और मतदाताओं का गलत पता दर्ज होने को लेकर सवाल उठाए थे जिस पर आयोग ने जवाब दिया है।
Instagram बच्चों ने देखी गंदी REEL और फिर…45 लाख फॉलोअर्स वाली इस इन्फ्लुएंसर पर FIR दर्ज
Agra News: उत्तर प्रदेश के आगरा से सोशल मीडिया पर फैल रही अश्लील सामग्री और उसके बच्चों पर पड़ने वाले असर को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। ताजनगरी की एक जागरूक महिला ने एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के खिलाफ साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। दरअसल, महिला के बच्चे फोन चला रहे थे, तभी एक गंदी रील उनके फीड में आ गई। जिसे देखने के बाद महिला काफी भड़क गई और उसने इन्फ्लुएंसर के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया।
जानें पूरा मामला
यह मामला ताजगंज क्षेत्र की रहने वाली रूबी तोमर ने दर्ज कराया है। वो आयुर्वेदिक दवाओं की सप्लाई का काम करती हैं। रूबी का आरोप है कि इंस्टाग्राम पर एक यूजर आईडी के जरिए लगातार अश्लील और आपत्तिजनक वीडियो डाले जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इन वीडियो पर लाखों लोग देख चुके हैं और बड़ी संख्या में लोग उस अकाउंट को फॉलो भी कर रहे हैं। इन वीडियो पर 14-14 मिलियन (1.4 करोड़) तक व्यूज हैं।
जानिए कैसे बढ़ा मामला
बताया जा रहा है कि यह मामला 4 जनवरी को सामने आया, जब रूबी तोमर काम से कमला नगर स्थित एक ब्यूटी पार्लर गई थीं। वहां मौजूद एक महिला मोबाइल पर रील देख रही थी। इसी दौरान अचानक एक अश्लील रील चलने लगी। उस समय रूबी ने इसे नजरअंदाज कर दिया। लेकिन, मामला तब बढ़ गया, जब अगले दिन उसके बच्चे घर पर मोबाइल देख रहे थे। बच्चे सामान्य वीडियो देख रहे थे, लेकिन सोशल मीडिया एल्गोरिदम के चलते वही आपत्तिजनक वीडियो उनके मोबाइल पर भी आ गया। यह देखकर रूबी ने तुरंत बच्चों से फोन ले लिया।
साइबर थाने में दर्ज कराई शिकायत
बच्चों से मोबाइल छीनने के बाद रूबी ने उस इंस्टाग्राम अकाउंट को ध्यान से देखा, तो पाया कि उसमें मौजूद लगभग सभी वीडियो अश्लील इशारों और आपत्तिजनक भाषा से भरे हुए हैं। वीडियो का ऑडियो और कमेंट्स भी बेहद शर्मनाक थे। रूबी तोमर ने इस मामले को हल्के में नहीं लिया और साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि इस तरह का कंटेंट समाज की मर्यादा को नुकसान पहुंचा रहा है और बच्चों के मानसिक विकास पर गलत असर डाल रहा है।
कौन है सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर
जानकारी के मुताबिक, जिस सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के खिलाफ शिकायत की गई है, वह आगरा के कमला नगर क्षेत्र की रहने वाली बताई जा रही है। उसकी दो इंस्टाग्राम आईडी बनी है। दोनों इंस्टाग्राम आईडी पर लगभग 4.50 लाख फॉलोअर्स हैं। फेसबुक पर भी 10 हजार फॉलोअर्स है। वीडियो में कई ऐसे कमेंट हैं, जो लिखे या दिखाए नहीं जा सकते हैं। इस यूजर आईडी पर एक महिला आपत्तिजनक सामग्री ऑडियो के साथ वीडियो और रील बना रही है। महिला ने यूजर आईडी चलाने वाले पर जल्द कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पुलिस ने भी मामला दर्ज कर जांच शुरू कर
दी है।
Gold Rate Today: 16 जनवरी को सोनें में आई हलकी गिरावट, जानें 22 कैरेट 10 ग्राम गोल्ड का ताजा रे
नेशनल डेस्क : देश में सोने के दामों में चल रही तेजी पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। 16 जनवरी की सुबह सोने के दामों में हल्की गिरावट दर्ज की गई। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव घटकर 1,43,760 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया और 22 कैरेट सोना 1,31,790 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। वहीं मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,43,610 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो वहां भी दबाव देखने को मिला है। सोने का हाजिर भाव गिरकर 4,614.45 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया है। इसका असर घरेलू बाजार पर भी साफ दिख रहा है।
प्रमुख शहरों में सोने के ताजा दाम
दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,43,760 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,31,790 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,43,610 रुपये और 22 कैरेट का भाव 1,31,640 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है। पुणे और बेंगलुरु में भी यही रेट देखने को मिल रहे हैं।जयपुर, लखनऊ और चंडीगढ़ जैसे शहरों में 24 कैरेट सोना 1,43,760 रुपये, जबकि 22 कैरेट सोना 1,31,790 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास है। अहमदाबाद और भोपाल में 24 कैरेट का भाव 1,43,660 रुपये और 22 कैरेट का 1,31,690 रुपये प्रति 10 ग्राम चल रहा है।
कीमतों में उतार-चढ़ाव की वजह
विशेषज्ञों के मुताबिक अमेरिका में आए कमजोर महंगाई आंकड़ों के बाद अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद मजबूत हुई है। इसके अलावा भू-राजनीतिक तनाव, औद्योगिक मांग और घटती इनवेंट्री भी बाजार की धारणा को प्रभावित कर रहे हैं।
Fastag New Rule: 1 अप्रैल से बदलेगा Toll Payment सिस्टम: सरकार ने लागू किया नया नियम
नेशनल डेस्क: 1 अप्रैल से Toll-Tax भरने का तरीका पूरी तरह बदलने जा रहा है। केंद्र सरकार ने अब Toll-Plaza पर नकद (Cash) लेन-देन को पूरी तरह बंद करने का फैसला लिया है, जिसका सीधा मतलब है कि अब आप अपनी जेब से पैसे निकालकर टोल नहीं दे पाएंगे। इस बदलाव के बाद टोल का भुगतान केवल फास्टैग (FASTag) या यूपीआई (UPI) जैसे डिजिटल माध्यमों से ही संभव होगा। सरकार का यह कदम देश को डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने और यात्रा को बाधा रहित बनाने की एक बड़ी कोशिश है।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर ने एक इंटरव्यू में बताया कि भारत तेजी से डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। पहले टोल प्लाजा पर UPI से भुगतान की सुविधा शुरू की गई थी, जिसे यात्रियों ने सकारात्मक रूप से अपनाया। अब सरकार ने तय किया है कि 1 अप्रैल के बाद किसी भी टोल प्लाजा पर कैश में भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा। उस तारीख से सिर्फ FASTag और UPI ही मान्य होंगे।
टोल प्लाजा से कैश लेन पूरी तरह हटा दी जाएंगी
इस फैसले के लागू होते ही देशभर के टोल प्लाजा से कैश लेन पूरी तरह हटा दी जाएंगी। अभी कई जगहों पर ऐसा देखा गया है कि FASTag होने के बावजूद लोग कैश लेन का इस्तेमाल करते हैं, जिससे खासकर त्योहारों और व्यस्त समय में लंबी कतारें लग जाती हैं। नकद भुगतान खत्म होने से मैन्युअल वसूली बंद होगी और ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी। सरकार का मानना है कि कैशलेस टोलिंग से पूरा सिस्टम ज्यादा तेज, पारदर्शी और भरोसेमंद बनेगा।
टोल प्लाजा पर बार-बार वाहन रोकने और फिर आगे बढ़ाने से ईंधन की खपत बढ़ जाती है। ड्राइवरों को भी बार-बार ब्रेक लगाने में परेशानी होती है। वी. उमाशंकर के अनुसार हर बार रुकने से समय और डीजल दोनों की बर्बादी होती है, जो लंबी दूरी की यात्रा में और ज्यादा बढ़ जाती है। डिजिटल भुगतान से वाहन बिना रुके आगे बढ़ सकेंगे, जिससे यह नुकसान काफी हद तक कम होगा।
मल्टी लेन फ्री फ्लो यानी MLFF टोलिंग सिस्टम शुरू
सरकार का यह फैसला भविष्य में लागू होने वाली एक और बड़ी व्यवस्था की तैयारी भी माना जा रहा है। आने वाले समय में देश में मल्टी लेन फ्री फ्लो यानी MLFF टोलिंग सिस्टम शुरू किया जाएगा। इस सिस्टम में टोल प्लाजा पर कोई बैरियर नहीं होगा और वाहन बिना रुके सीधे निकल सकेंगे। टोल शुल्क अपने आप FASTag और वाहन पहचान तकनीक के जरिए कट जाएगा।
MLFF टोलिंग को लागू करने से पहले सरकार देशभर के 25 टोल प्लाजाओं पर पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही है। इन जगहों पर नई तकनीक को परखा जाएगा और यात्रियों के अनुभवों को समझा जाएगा। इसके बाद इसे पूरे देश में लागू करने की योजना है। सरकार का दावा है कि इस सिस्टम से जाम की समस्या खत्म होगी, यात्रा का समय घटेगा और प्रदूषण भी कम होगा।
1 अप्रैल से पहले अपना FASTag एक्टिव रखें
सरकार ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे 1 अप्रैल से पहले अपना FASTag एक्टिव रखें और उसमें पर्याप्त बैलेंस सुनिश्चित करें। साथ ही UPI के जरिए भुगतान के लिए भी तैयार रहें। कैशलेस टोलिंग और बैरियर-फ्री हाईवे की यह पहल भारत में सड़क यात्रा के अनुभव को पूरी तरह बदलने वाली है। आने वाले समय में टोल प्लाजा पर लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और सफर पहले से ज्यादा आरामदायक और तेज हो जाएगा।

