दिबियापुर । सहायल थाना क्षेत्र के बर्रू गांव के निकट बाइक सवार दो सगे भाइयों को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी, इससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।हादसे की सूचना पर पहुंची एंबुलेंस ने दोनों घायलों को दिबियापुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत गंभीर देखते हुए चिचौली अस्पताल रेफर कर दिया गया।
थाना क्षेत्र के वहलोलपुर गांव निवासी अंकित (19) और उसका भाई आशीष (22) बाइक से अपने घर लौट रहे थे। जैसे ही वह बर्रू गांव के सामने पहुंचे, तभी पीछे से आ रही कार ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। जानकारी मिलने पर उनके भाई आलोक कुमार भी अस्पताल पहुंच गए। डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें चिचौली अस्पताल रेफर कर दिया।
Auraiya News: कार की टक्कर से बाइक सवार दो भाई गंभीर घायल
यूपी में एसआईआर: तेज होगी नोटिसों की सुनवाई, बढ़ाए गए 3700 एईआरओ; अभी सुने गए हैं महज 26 फीसदी केस
मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत दिए गए नोटिसों की सुनवाई में तेजी लाने के लिए करीब 3700 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) और लगाए गए हैं। इसके लिए यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने चुनाव आयोग से अनुमति लेकर आदेश जारी कर दिया है।
पहले यूपी में नोटिसों की सुनवाई के लिए 8990 एईआरओ और 403 ईआरओ लगाए गए थे। नोटिसों की सुनवाई में तेजी लाने के लिए 3700 एईआरओ और लगा दिए गए हैं, ताकि निर्धारित समयसीमा के भीतर यह काम पूरा हो सके। ये एईआरओ मेरठ, शाहजहांपुर, लखनऊ, रायबरेली, ललितपुर, हमीरपुर, बलरामपुर और देवरिया के अलावा शेष सभी जिलों में बढ़ाए गए हैं।
Phone में भूलकर भी न रखें ये चीजें, वरना पुलिस घर से टांगकर ले जाएगी
UP Desk : डिजिटल दौर में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। बैंकिंग से लेकर ऑफिस वर्क, सोशल मीडिया से निजी डाटा तक-हर जरूरी काम अब मोबाइल पर निर्भर है। लेकिन इसी सुविधा के बीच एक छोटी-सी लापरवाही भी किसी व्यक्ति को गंभीर कानूनी संकट में डाल सकती है।
फोन का डेटा बनेगा डिजिटल सबूत
साइबर विशेषज्ञों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अनुसार, मोबाइल फोन में मौजूद डेटा अब मजबूत डिजिटल सबूत माना जाता है। अगर किसी व्यक्ति के फोन में गैरकानूनी या आपत्तिजनक सामग्री पाई जाती है, तो कई मामलों में बिना औपचारिक शिकायत के भी पुलिस कार्रवाई संभव है। ऐसे में यह समझना बेहद जरूरी है कि फोन में किस तरह का कंटेंट रखना जोखिम भरा हो सकता है।
किन चीजों से बढ़ता है कानूनी खतरा?
सबसे बड़ा जोखिम गैरकानूनी डिजिटल कंटेंट से जुड़ा है। इसमें शामिल हैं:
*आपत्तिजनक फोटो और वीडियो
*बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री
*अवैध हथियारों से जुड़ी जानकारी
*ड्रग्स की खरीद-फरोख्त से जुड़े मैसेज
*फर्जी दस्तावेज
*हैकिंग टूल्स या संदिग्ध सॉफ्टवेयर
कानून के तहत ऐसे कंटेंट को केवल बनाना ही नहीं, बल्कि डाउनलोड करना, सेव करना या फॉरवर्ड करना भी अपराध की श्रेणी में आता है।
जांच का दायरा हुआ व्यापक
साइबर सेल अब केवल फोन की गैलरी तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसियां क्लाउड बैकअप, चैट हिस्ट्री और डिलीट किए गए डेटा तक की फॉरेंसिक जांच करती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अनजान नंबर या संदिग्ध स्रोत से आई फाइलों को सेव करना या शेयर करना खतरे से खाली नहीं है।
फेक न्यूज और भड़काऊ पोस्ट भी अपराध
कानूनी जोखिम केवल फोटो-वीडियो तक सीमित नहीं है। अफवाह फैलाने वाले मैसेज, नफरत भड़काने वाली पोस्ट, फेक न्यूज या भड़काऊ कंटेंट शेयर करना भी गंभीर अपराध माना जा सकता है।
संदिग्ध ऐप्स से भी सावधान
फर्जी लोन ऐप, जासूसी या स्क्रीन रिकॉर्डिंग के नाम पर चलने वाले ऐप्स और ठगी से जुड़े सॉफ्टवेयर भी उपयोगकर्ताओं को मुश्किल में डाल सकते हैं। कई बार लोग आसान कमाई या लालच में ऐसे ऐप डाउनलोड कर लेते हैं, जो बाद में उनके खिलाफ डिजिटल सबूत बन जाते हैं।
विशेषज्ञों की सलाह
विशेषज्ञों के मुताबिक, अनजान ऐप्स को तुरंत हटाएं, संदिग्ध कंटेंट सेव या शेयर न करें, अनवेरिफाइड फाइल्स डाउनलोड करने से बचें, फोन की सिक्योरिटी सेटिंग्स अपडेट रखें। थोड़ी-सी सतर्कता आपको बड़ी कानूनी परेशानी से बचा सकती है।
सात फेरे पूरे के बाद दूल्हे का खुला राज, विदाई छोड़ बैरंग लौटी बारात…
बाराबंकी: उत्तर प्रदेश में कोठी थाना क्षेत्र के एक गांव में आयोजित शादी समारोह उस समय विवाद में घिर गया जब विवाह की रस्में पूरी होने के बाद दूल्हे की लैंगिक पहचान को लेकर सवाल उठ खड़े हुए। विदाई की तैयारी के बीच हुए इस घटनाक्रम से दोनों पक्षों में हड़कंप मच गया और अंततः बारात बिना दुल्हन के लौट गई।
‘नेग’ के दौरान उठा संदेह
परिजनों के अनुसार 13 फरवरी को रामसनेहीघाट क्षेत्र से बारात आई थी। शनिवार सुबह पारंपरिक नेग के दौरान कुछ किन्नर समुदाय के सदस्य पहुंचे। बताया जा रहा है कि उन्होंने दूल्हे को पहचानने का दावा किया और इस पर संदेह जताया। इसी दौरान दूल्हा पक्ष द्वारा अधिक धनराशि दिए जाने की बात भी सामने आई, जिससे लड़की पक्ष को शंका हुई। परिवार के सदस्यों का कहना है कि बाद में हुई पूछताछ में दूल्हे ने स्वयं को किन्नर होने की बात स्वीकार की। इस खुलासे के बाद शादी समारोह में अफरातफरी मच गई।
बारात लौटी, परिवार स्तब्ध
घटना के बाद दूल्हा पक्ष के अधिकांश लोग मौके से चले गए। लड़की पक्ष ने विवाद बढ़ाने के बजाय शांतिपूर्वक बातचीत का रास्ता अपनाया। परिजनों का कहना है कि छह महीने पहले रिश्ता तय हुआ था और इस संबंध में किसी प्रकार की जानकारी उन्हें नहीं दी गई थी। उन्होंने शादी में हुए खर्च की भरपाई की मांग की।
घर पर ताला, जांच की चर्चा
अगले दिन जब स्थानीय लोग रामसनेहीघाट स्थित दूल्हे के घर पहुंचे तो परिवार के सदस्य घर पर नहीं मिले। पड़ोसियों के मुताबिक, घटना के बाद से घर खाली पड़ा है। फिलहाल पूरे मामले की चर्चा इलाके में जोरों पर है। पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने को लेकर विचार किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यदि तहरीर मिलती है तो जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बरेली बवाल केस: गवाह को मारने की साजिश में आरोपी को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, FIR निरस्त करने की लगाई थी याचिका
बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली में 26 सितंबर 2025 को हुए बवाल के मामले में चश्मदीद गवाह को कथित तौर पर सुपारी देकर हत्या की साजिश रचने के आरोपियों को हाईकोर्ट से झटका लगा है। आरोपी मोहम्मद साजिद सकलैनी ने एफआईआर निरस्त कराने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी, लेकिन सुनवाई के दौरान उसके वकील ने ही याचिका वापस ले ली।
गवाही देने के बाद बढ़ी रंजिश
चक महमूद निवासी फिरदौस खां ने बवाल से जुड़े मामलों में पुलिस की मदद की थी और कई मुकदमों में गवाही भी दी थी। आरोप है कि इसी कारण बवाल के आरोपी पार्षद अनीस सकलैनी उनसे रंजिश रखने लगा। अनीस पहले से ही बवाल के आरोप में जेल में बंद है।
जेल से रची गई हत्या की साजिश का आरोप
एफआईआर के मुताबिक, 18 दिसंबर 2025 को अनीस का बेटा अदनान, साजिद सकलैनी, नदीम खां, बबलू खां, मोबीन कुरैशी, नईम कुरैशी, फैजान कुरैशी, यासमीन और फुरकान ने फिरदौस खां को रास्ते में रोककर धमकाया। आरोप है कि बाद में जेल में बंद अनीस ने अपनी पत्नी यासमीन के साथ मिलकर फिरदौस की हत्या की साजिश रची। मामले की जानकारी मिलने पर फिरदौस ने बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। विवेचना इंस्पेक्टर संजय धीर कर रहे हैं।
पुलिस की कार्रवाई तेज
पुलिस ने इस प्रकरण में पीलीभीत के एक कथित सुपारी किलर गैंगस्टर को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इसी बीच, साजिद सकलैनी उर्फ मोहम्मद साजिद ने एफआईआर रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुनवाई के दौरान पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के बाद बचाव पक्ष ने याचिका वापस ले ली। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब साजिद समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि गवाह की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है और मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ेगी।
महाशिवरात्रि पर दर्दनाक हादसा: अज्ञात वाहन की चपेट में आने से दो युवकों की मौत, मची चीखपुकार
सीतापुर: जिले के खैराबाद थाना क्षेत्र में एक अज्ञात वाहन की चपेट में आने से दो युवकों की मौत हो गई। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह घटना शनिवार देर रात हुई। खैराबाद थाने के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) अनिल सिंह ने बताया कि दो लोग सड़क किनारे गन्ने से लदी अपनी ट्रॉली की मरम्मत कर रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी।
सिंह ने बताया कि इससे दोनों व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए और पुलिस उन्हें अस्पताल ले गई, जहां दोनों को मृत घोषित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान सर्वेश कुमार (35) और चंदन सिंह (38) के रूप में हुई है। सिंह ने बताया कि परिवारों को रात में सूचित कर दिया गया था और शवों को आज पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। एसएचओ ने बताया कि वाहन लेकर चालक मौके से फरार हो गया, लेकिन सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की मदद से वाहन और चालक की पहचान जल्द ही कर ली जाएगी।
मर गई ममता! नवजात शिशु का नहर किनारे मिला शव, अवैध गर्भपात की आशंका
फतेहपुर: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में किशनपुर थाना क्षेत्र के निहालपुर गांव के पास निचली गंगा नहर किनारे नवजात शिशु का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
ग्रामीणों ने दी सूचना
बताया जा रहा है कि सोमवार सुबह कुछ ग्रामीण नहर किनारे से गुजर रहे थे, तभी उन्होंने झाड़ियों के पास नवजात का शव देखा। सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई और पुलिस को खबर दी गई।
अवैध गर्भपात के बाद फेंके जाने की आशंका
प्रथम दृष्टया आशंका जताई जा रही है कि अवैध गर्भपात के बाद शव को यहां फेंका गया हो सकता है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
जांच में जुटी पुलिस
किशनपुर थाना पुलिस ने आसपास के इलाकों में पूछताछ शुरू कर दी है। नजदीकी निजी क्लीनिकों और संदिग्ध गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का माहौल है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को मामले से जुड़ी जानकारी हो तो तत्काल सूचित करें।
Weather Update: UP में मौसम ने बदला अपना रंग! 17 और 18 फरवरी को इन इलाकों में बारिश का तांडव, जानें ताजा रिपोर्ट
अगले 24 घंटे: खिली रहेगी धूप, सुबह दिखेगा कोहरा
आंचलिक मौसम केंद्र के मुताबिक, 16 फरवरी को प्रदेश के सभी 75 जिलों में मौसम फिलहाल सामान्य रहेगा। आसमान साफ रहने से धूप खिलेगी, जिससे अधिकतम तापमान 26 से 30 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। हालांकि, सुबह के समय हल्का कोहरा अभी भी पीछा नहीं छोड़ रहा है। कानपुर, गाजियाबाद, वाराणसी और प्रयागराज जैसे बड़े शहरों में सोमवार को मौसम पूरी तरह साफ रहने वाला है।
17 फरवरी से करवट लेगा मौसम: इन जिलों में बारिश का ‘येलो अलर्ट’
मंगलवार से यूपी के पश्चिमी हिस्से में मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, अलीगढ़, आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, कासगंज, एटा और हाथरस में धूल भरी तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, जिससे तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है।
लखनऊ और नोएडा में कब होगी बारिश?
लखनऊ: राजधानी में आज और कल (16-17 फरवरी) मौसम शांत रहेगा। लेकिन 18 फरवरी को यहां बादलों की गर्जना के साथ हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। आज यहां का अधिकतम तापमान 27°C और न्यूनतम 12°C रह सकता है।
नोएडा/NCR: नोएडा में आज मौसम साफ रहेगा, यहाँ न्यूनतम तापमान 11°C के आसपास रहने की उम्मीद है।
क्या फिर बढ़ेगी ठंड? जानें एक्सपर्ट की राय
BHU के मौसम वैज्ञानिक प्रोफेसर मनोज कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, फिलहाल तापमान में भारी गिरावट (कड़ाके की ठंड) के आसार नहीं हैं। हालांकि, अगले 3 दिनों में न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री तक बढ़ेगा, और बारिश के बाद इसमें फिर से उतनी ही गिरावट आएगी। यानी अभी सुबह और रात की हल्की ठंड बरकरार रहेगी।
Noida Mystery: सुमित-रेखा की मौत या कत्ल? पोस्टमार्टम रिपोर्ट के 3 खुलासों ने पुलिस को भी चौंकाया, सिर में फंसी मिली गोली!
Noida News: वैलेंटाइन डे के मौके पर नोएडा के सेक्टर-107 में हुई प्रेमी जोड़े (सुमित और रेखा) की मौत के मामले में अब एक बड़ा मोड़ आ गया है। इस सनसनीखेज वारदात की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ चुकी है, जिसने मौत के उन आखिरी पलों की खौफनाक तस्वीर साफ कर दी है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट: सिर में फंसी मिलीं गोलियां
जांच रिपोर्ट में यह साफ हो गया है कि सुमित और रेखा दोनों की जान बंदूक की गोली (बुलेट इंजरी) लगने से गई है। डॉक्टरों के मुताबिक दोनों को सिर में बिल्कुल करीब से बंदूक सटाकर गोली मारी गई थी। गोली की रफ्तार और दूरी ऐसी थी कि बुलेट सिर के आर-पार नहीं हो पाई और अंदर ही फंस गई, जिससे मौके पर ही मौत हो गई।
पिता का आरोप: ‘यह खुदकुशी नहीं, सोची-समझी हत्या है’
शुरुआत में पुलिस इसे ‘मर्डर और सुसाइड’ का एंगल मान रही थी—यानी प्रेमी ने पहले प्रेमिका को मारा और फिर खुद को गोली मार ली। लेकिन मृतक सुमित के पिता ने इस थ्योरी को खारिज करते हुए हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। कार के अंदर सुमित के हाथ में पिस्टल मिलने के बावजूद, परिजन इसे एक सोची-समझी साजिश बता रहे हैं।
फ्लाइट मोड पर फोन और रहस्यमयी मुलाकात
पुलिस तफ्तीश में जो सबसे चौंकाने वाली बात सामने आई, वो है दोनों का डिजिटल फुटप्रिंट। शुक्रवार शाम करीब सवा छह बजे दोनों को इलेक्ट्रॉनिक सिटी मेट्रो स्टेशन पर एक साथ देखा गया था। वहीं कार के अंदर जब दोनों के शव मिले, तो उनके मोबाइल फोन ‘फ्लाइट मोड’ पर थे। इसका मतलब है कि मौत से पहले वे किसी का भी फोन अटेंड नहीं करना चाहते थे या फिर जानबूझकर नेटवर्क से बाहर हुए थे।
पूरी घटना का घटनाक्रम
यह पूरी वारदात थाना सेक्टर-39 क्षेत्र के सलारपुर मार्ग की है। 14 फरवरी को लोटस 300 सोसाइटी के पास एक सफेद आल्ट्रोज़ कार लावारिस हालत में मिली थी। कार अंदर से लॉक थी, जिसे पुलिस ने शीशा तोड़कर खोला। शुक्रवार से लापता इस जोड़े का अंतिम संस्कार रविवार को कर दिया गया है। फिलहाल पुलिस ने किसी भी पक्ष से औपचारिक शिकायत न मिलने की बात कही है, लेकिन जांच अभी भी जारी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 फरवरी को ‘India AI Impact Expo’ का उद्घाटन करेंगे
नेशनल डेस्क : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोमवार को भारत मंडपम में ‘एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने यह जानकारी दी। पीएमओ ने एक बयान जारी कर बताया कि ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ का आयोजन 16 से 20 फरवरी तक भारत मंडपम में ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ के साथ किया जाएगा। यह एक्सपो एआई के व्यावहारिक प्रदर्शन का एक राष्ट्रीय मंच होगा, जहां नीति व्यवहार से मिलेगी, नवाचार व्यापक स्तर पर लागू होगा और प्रौद्योगिकी आम नागरिक तक पहुंचेगी।
बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी 16 फरवरी को शाम पांच बजे भारत मंडपम में ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ का उद्घाटन करेंगे। यह एक्सपो 70,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैले 10 एरेना में आयोजित होगा, जो वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों, स्टार्टअप, शिक्षाविदों और अनुसंधान संस्थानों, केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों को एक साथ लाएगा। इस एक्सपो में एआई तंत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रदर्शित करने वाले 13 देशों के मंडप भी होंगे। इनमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड, सर्बिया, एस्टोनिया, ताजिकिस्तान और अफ्रीका के पवेलियन शामिल हैं।

इस एक्सपो में 300 से अधिक चुनिंदा प्रदर्शनी मंडप और लाइव प्रदर्शन होंगे जिन्हें तीन मुख्य विषयों – लोग, ग्रह और उन्नति – के आधार पर तैयार किया गया है। इसके अलावा एक्सपो में 600 से अधिक उच्च क्षमता वाले स्टार्टअप शामिल होंगे, जिनमें से कई वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक और जनसंख्या-स्तरीय समाधान कर रहे हैं। ये स्टार्टअप ऐसे उपयुक्त समाधानों का प्रदर्शन करेंगे, जो पहले से ही वास्तविक दुनिया में उपयोग में हैं। ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों सहित 25 लाख से अधिक आगंतुकों के भाग लेने की उम्मीद है।
इस आयोजन का उद्देश्य वैश्विक एआई पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर नयी साझेदारियों को बढ़ावा देना और व्यावसायिक अवसर पैदा करना है। इसमें 500 से अधिक सत्रों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें 3,250 से अधिक दूरदर्शी वक्ता और परिचर्चा सदस्य शामिल होंगे। इन सत्रों का मुख्य उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में एआई के परिवर्तनकारी प्रभाव को स्वीकार करना और यह सुनिश्चित करने के लिए भविष्य की कार्रवाइयों पर विचार-विमर्श करना होगा कि एआई से प्रत्येक वैश्विक नागरिक को लाभ मिले।

