Tuesday, May 19, 2026
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नोएडा आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश

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नोएडा- आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश, सभी याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया, राज्य एनिमल बर्थ कंट्रोल का पालन करें- SC, नोएडा में ही पिछले एक साल में कई मामले, 1 लाख 76 हजार 334 लोगों को कुत्तों ने काटा, जनवरी से अप्रैल तक 30 हजार 51 इंजेक्शन लगे

 

 

दिल्ली में पुरानी मूर्तियों के लिए नई पहल

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दिल्ली में पुरानी मूर्तियों के लिए नई पहल, CM रेखा गुप्ता ने वीडियो संदेश में दी जानकारी, पुरानी मूर्तियों के लिए रीसाइक्लिंग सेंटर बनेंगे, धार्मिक भावनाओं के सम्मान के साथ पर्यावरण संरक्षण, नदियों में मूर्तियां फेंकने की समस्या पर लगेगी रोक

 

 

 

पश्चिम बंगाल फलता विधानसभा रि-पोलिंग से जुड़ी खबर,

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पश्चिम बंगाल- फलता विधानसभा रि-पोलिंग से जुड़ी खबर, जहांगीर खान ने चुनाव से नाम वापस लिया, TMC प्रत्याशी जहांगीर ने नाम वापस लिया, 21 मई को फलता सीट पर होनी है रि-पोलिंग, TMC प्रत्याशी जहांगीर ने प्रचार भी बंद किया

महायुद्ध फिलहाल टला: अरब देशों की अपील पर ट्रंप ने रोका ईरान पर हमला; लेकिन सेना अभी भी ‘अलर्ट’ पर

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वॉशिंगटन: दुनिया पर मंडरा रहा महायुद्ध का खतरा फिलहाल टल गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि उन्होंने ईरान पर कल होने वाले नियोजित सैन्य हमले को स्थगित कर दिया है। यह बड़ा फैसला मध्य पूर्व के शक्तिशाली देशों के नेताओं के अनुरोध के बाद लिया गया है।

अरब नेताओं की मध्यस्थता रंग लाई
राष्ट्रपति ट्रंप ने जानकारी दी कि कतर के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने उनसे व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया था। इन नेताओं ने ट्रंप से हमले को रोकने की अपील करते हुए कहा कि वर्तमान में गंभीर बातचीत (Negotiations) चल रही है और उनकी राय में एक ऐसा समझौता हो सकता है जो अमेरिका और पूरे मध्य पूर्व के लिए स्वीकार्य होगा।

‘नो न्यूक्लियर वेपन्स’ की शर्त पर होगा समझौता
ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि इस संभावित समझौते का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यह होगा कि ईरान के पास कोई परमाणु हथियार नहीं होंगे। अरब देशों के नेताओं के प्रति सम्मान जताते हुए ट्रंप ने अपने युद्ध सचिव पेट हेगसेथ और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डेनियल केन को हमले की योजना पर फिलहाल रोक लगाने का निर्देश दिया है।

सेना को ‘मोमेंट नोटिस’ पर तैयार रहने का आदेश
हालांकि हमला टल गया है, लेकिन ट्रंप ने तेवर अभी भी सख्त रखे हैं। उन्होंने अमेरिकी सेना को निर्देश दिया है कि यदि बातचीत के जरिए कोई स्वीकार्य समाधान नहीं निकलता है, तो वे एक क्षण के नोटिस पर ईरान पर पूर्ण और बड़े पैमाने पर हमले (Large scale assault) के लिए पूरी तरह तैयार रहें।

इस घटनाक्रम के बाद अब पूरी दुनिया की नजरें इन वार्ताओं के नतीजों पर टिकी हैं, क्योंकि कूटनीति विफल होने की स्थिति में सैन्य कार्रवाई का विकल्प अभी भी खुला हुआ है।

महायुद्ध फिलहाल टला: अरब देशों की अपील पर ट्रंप ने रोका ईरान पर हमला; लेकिन सेना अभी भी ‘अलर्ट’ पर

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वॉशिंगटन: दुनिया पर मंडरा रहा महायुद्ध का खतरा फिलहाल टल गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि उन्होंने ईरान पर कल होने वाले नियोजित सैन्य हमले को स्थगित कर दिया है। यह बड़ा फैसला मध्य पूर्व के शक्तिशाली देशों के नेताओं के अनुरोध के बाद लिया गया है।

अरब नेताओं की मध्यस्थता रंग लाई
राष्ट्रपति ट्रंप ने जानकारी दी कि कतर के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने उनसे व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया था। इन नेताओं ने ट्रंप से हमले को रोकने की अपील करते हुए कहा कि वर्तमान में गंभीर बातचीत (Negotiations) चल रही है और उनकी राय में एक ऐसा समझौता हो सकता है जो अमेरिका और पूरे मध्य पूर्व के लिए स्वीकार्य होगा।

‘नो न्यूक्लियर वेपन्स’ की शर्त पर होगा समझौता
ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि इस संभावित समझौते का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यह होगा कि ईरान के पास कोई परमाणु हथियार नहीं होंगे। अरब देशों के नेताओं के प्रति सम्मान जताते हुए ट्रंप ने अपने युद्ध सचिव पेट हेगसेथ और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डेनियल केन को हमले की योजना पर फिलहाल रोक लगाने का निर्देश दिया है।

सेना को ‘मोमेंट नोटिस’ पर तैयार रहने का आदेश
हालांकि हमला टल गया है, लेकिन ट्रंप ने तेवर अभी भी सख्त रखे हैं। उन्होंने अमेरिकी सेना को निर्देश दिया है कि यदि बातचीत के जरिए कोई स्वीकार्य समाधान नहीं निकलता है, तो वे एक क्षण के नोटिस पर ईरान पर पूर्ण और बड़े पैमाने पर हमले (Large scale assault) के लिए पूरी तरह तैयार रहें।

एलन मस्क को बड़ा झटका: OpenAI के खिलाफ मुकदमा खारिज, कोर्ट ने कहा- ‘केस करने में बहुत देर कर दी’

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ओकलैंड (कैलिफोर्निया): दुनिया के सबसे अमीर इंसान एलन मस्क को कानूनी मोर्चे पर करारा झटका लगा है। कैलिफोर्निया की एक संघीय अदालत ने OpenAI और उसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सैम ऑल्टमैन के खिलाफ मस्क द्वारा दायर मुकदमे को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि मस्क ने अपनी शिकायत दर्ज कराने में बहुत अधिक समय लगा दिया, जिससे दावे की समय-सीमा (Statute of Limitations) समाप्त हो गई।

‘चैरिटी चुराना सही नहीं’: मस्क के गंभीर आरो
एलन मस्क, जो OpenAI के सह-संस्थापक रहे हैं, ने आरोप लगाया था कि सैम ऑल्टमैन और उनकी टीम ने मानवता के लाभ के लिए एक ‘गैर-लाभकारी’ (Non-profit) संस्था बनाने के साझा विजन के साथ धोखा किया है। मस्क का दावा था कि उन्होंने शुरुआती वर्षों में कंपनी में 38 मिलियन डॉलर का निवेश किया था, लेकिन ऑल्टमैन ने उनकी पीठ पीछे इसे पैसे कमाने वाली मशीन में बदल दिया। मस्क ने सुनवाई के दौरान जूरी से कहा, “किसी चैरिटी को चुराना ठीक नहीं है”।

जूरी ने केवल 2 घंटे में सुनाया फैसला
तीन हफ्ते तक चले इस हाई-प्रोफाइल ट्रायल में नौ सदस्यीय जूरी ने केवल दो घंटे की चर्चा के बाद मस्क के खिलाफ फैसला सुनाया। जज यवोन गोंजालेज रोजर्स ने जूरी के इस फैसले को स्वीकार करते हुए दावों को खारिज कर दिया। इस मुकदमे के दौरान सिलिकॉन वैली के दो दिग्गजों के बीच की कड़वाहट खुलकर सामने आई। मस्क चाहते थे कि ऑल्टमैन को बोर्ड से हटाया जाए और मुनाफे का पैसा चैरिटी में दिया जाए।

OpenAI का पलटवार: ‘अंगूर खट्टे हैं’
दूसरी ओर, OpenAI और सैम ऑल्टमैन ने इन आरोपों को “खट्टे अंगूर” (Sour Grapes) करार दिया। उन्होंने तर्क दिया कि OpenAI को हमेशा के लिए नॉन-प्रॉफिट रखने का कोई वादा कभी नहीं किया गया था। ऑल्टमैन ने गवाही देते हुए कहा कि मस्क ने यह केस इसलिए किया क्योंकि वह तेजी से बढ़ती इस एआई कंपनी पर अपना एकतरफा नियंत्रण नहीं पा सके। उन्होंने यह भी कहा कि मस्क का सार्वजनिक रूप से हमला करना उनके लिए “बेहद दर्दनाक” रहा है।

852 अरब डॉलर की बनी कंपनी
इस कानूनी लड़ाई ने दुनिया की सबसे मूल्यवान एआई कंपनी के शुरुआती दिनों पर भी रोशनी डाली। आज OpenAI की वैल्यू 852 अरब डॉलर आंकी गई है और यह इतिहास के सबसे बड़े आईपीओ (IPO) की ओर बढ़ रही है। ट्रायल में यह भी खुलासा हुआ कि कंपनी के सह-संस्थापक ग्रेग ब्रोकमेन की हिस्सेदारी अब लगभग 30 अरब डॉलर की हो चुकी है।

ईद से पहले CM योगी का कड़ा रुख- ‘सड़कों पर नमाज बर्दाश्त नहीं, नियमों का पालन करें या परिणाम भुगतें’

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Lucknow News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़कों पर नमाज अदा करने को लेकर चेतावनी देते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों पर अलग-अलग पालियों में धर्म से संबंधित गतिविधियां की जानी चाहिए। आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार सड़क जाम करके नमाज या किसी अन्य धार्मिक गतिविधि की अनुमति नहीं देगी। उन्होंने कहा कि सड़कें आने-जाने के लिए होती हैं, तमाशा खड़ा करने के लिए नहीं। किसी को सड़क जाम करने का अधिकार किसने दिया? लोग अपने निर्धारित धार्मिक स्थलों पर जाकर प्रार्थना करें। मुख्यमंत्री ने ईद-उल-अजहा से कुछ दिन पहले यह टिप्पणी की है, जो 28 मई को मनाई जाएगी।

‘नियम मानने होंगे, जगह कम है तो जनसंख्या पर नियंत्रण रखें’
आदित्यनाथ ने कहा कि उन्होंने मुस्लिम समुदाय से पालियों में नमाज अदा करने को कहा है। उन्होंने कहा कि अगर आपके घरों में सभी लोगों के लिए पर्याप्त जगह नहीं है, तो आपको अपनी संख्या (जनसंख्या) पर नियंत्रण रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके अलावा यदि आप इस व्यवस्था में रहना चाहते हैं, तो इसके नियमों और कानूनों का पालन करना होगा। कानून का राज चलेगा। अगर नमाज पढ़ना जरूरी है तो पालियों में पढ़िए। हम आपको प्रार्थना करने से नहीं रोकेंगे, लेकिन सड़कों पर इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी।

संवाद पहली प्राथमिकता, वरना टकराव के परिणाम भुगतने की चेतावनी
आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने राज्य के प्रत्येक व्यक्ति को स्पष्ट कर दिया है कि सड़कों पर इस तरह का व्यवधान अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम सड़कों पर अराजकता फैलने नहीं देंगे। यदि आप शांतिपूर्वक मानते हैं तो ठीक है। अगर नहीं मानेंगे तो हमें दूसरे कदम उठाने पड़ेंगे। हमारी प्राथमिकता संवाद करना है। यदि आप हमारी बात सुनते हैं तो बहुत अच्छा। अगर नहीं, तो टकराव के परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहिए। उन्होंने कहा कि बरेली में कुछ लोगों ने हमारी सहनशीलता की परीक्षा लेने की कोशिश की थी और उन्होंने हमारी सहनशक्ति की सीमा भी देख ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने शासन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया है और जाति, क्षेत्र, भाषा या धर्म के आधार पर कोई भेदभाव किए बिना काम किया है। उन्होंने कहा कि हमने कहा है कि राज्य की पूरी आबादी, हर एक निवासी, हमारे परिवार का हिस्सा है। हमें समग्र विकास के उद्देश्य से काम करना है।

‘चुनाव आते ही चढ़ा भाजपा पर धार्मिक रंग’- सपा का पलटवार
मुख्यमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा कि संविधान सभी को धार्मिक स्वतंत्रता देता है। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष उत्तर प्रदेश में चुनाव होने हैं और जब भी चुनाव नजदीक आते हैं, भाजपा का नजरिया धार्मिक रंग में रंग जाता है। चांद ने कहा कि मुख्यमंत्री के बयान लोगों का ध्यान मुख्य मुद्दों से हटाने के लिए हैं, जिनमें शिक्षक अभ्यर्थियों को नौकरी न मिलना, बेरोजगारी, महंगाई और युवाओं तथा किसानों की समस्याएं शामिल हैं। उन्होंने एक न्यूज एजेंसी से कहा कि समाजवादी पार्टी तैयार है। पीडीए (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) भाजपा और उसकी विभाजनकारी एवं नफरत की राजनीति का मुकाबला करने के लिए तैयार है। समाजवादी पार्टी या कोई अन्य विपक्षी दल भाजपा की नकारात्मक राजनीति को हावी नहीं होने देगा।

दिबियापुर के खिलाड़ियों ने पावर लिफ्टिंग में जीते गोल्ड-सिल्वर मेडल:उन्नाव प्रतियोगिता में यश राजपूत ने स्वर्ण, गोविंद यादव ने रजत पदक हासिल किया

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खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। 17 मई को हुई इस प्रतियोगिता में यश राजपूत ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि गोविंद यादव, अक्षित तिवारी और सुजीत कुमार ने भी पदक हासिल किए।

यश राजपूत ने अंडर 66 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक प्राप्त किया। वह दिबियापुर के निवासी हैं। गोविंद यादव ने अंडर 74 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता। वह फफूंद निवासी अतुल यादव के पुत्र हैं।

अक्षित तिवारी ने अंडर 60 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक हासिल किया। वह फफूंद के तिवारी ऑटो पार्ट, बाबा का पुरवा निवासी राजीव तिवारी के पुत्र हैं। सुजीत कुमार ने अंडर 62 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण और रजत दोनों पदक जीते। वह भगवती गंज, दिबियापुर, औरैया निवासी राजेश कुमार के पुत्र हैं।

इन सभी खिलाड़ियों ने दिबियापुर स्थित अर्जुन फिटनेस ज़ोन जिम में निरंतर अभ्यास किया था। जिम के मालिक पवन पोरवाल ने बताया कि खिलाड़ियों ने लंबे समय तक कठिन परिश्रम करके यह मुकाम हासिल किया है। खिलाड़ियों के कोच सुजीत कुमार ने बताया कि पदक जीतने के लिए सभी खिलाड़ियों ने बहुत मेहनत की थी।

आज से पेट्रोल-डीजल 90 पैसे महंगा:दिल्ली में पेट्रोल 98.64 और डीजल 91.58 रुपए लीटर हुआ; एक हफ्ते में दूसरी बार बढ़ोतरी

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देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मंगलवार को 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। एक हफ्ते से भी कम समय में ईंधन के दामों में यह दूसरी बढ़ोतरी है। इससे पहले पिछले शुक्रवार को ही कीमतों में 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी।

दिल्ली में पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे महंगा हुआ

दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 87 पैसे बढ़कर 98.64 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गई है, जो पहले 97.77 रुपए प्रति लीटर थी। वहीं, डीजल की कीमत में 91 पैसे की बढ़ोतरी हुई है, जिससे अब यह 90.67 रुपए के मुकाबले 91.58 रुपए प्रति लीटर की दर से बिक रहा है।

कोलकाता में पेट्रोल पर सबसे ज्यादा 96 पैसे बढ़े

कोलकाता में पेट्रोल की कीमतों में सबसे तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यहां पेट्रोल 96 पैसे महंगा होकर 109.70 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गया है। वहीं, डीजल की कीमत में 94 पैसे प्रति लीटर का इजाफा हुआ है, जिसके बाद अब कोलकाता में डीजल 96.07 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है।

मुंबई में पेट्रोल ₹107.59 और डीजल ₹94.08 प्रति लीटर पर पहुंचा

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी ईंधन के दामों में बढ़ोतरी देखी गई है. मुंबई में पेट्रोल 91 पैसे महंगा होकर 107.59 रुपए प्रति लीटर पर आ गया है। इसके साथ ही डीजल के दाम 94 पैसे बढ़कर 94.08 रुपए प्रति लीटर हो गए हैं।

चेन्नई में भी बढ़े दाम, पेट्रोल ₹104.49 के पार

दक्षिण भारत के प्रमुख महानगर चेन्नई में पेट्रोल की कीमतों में 82 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद नया दाम 104.49 रुपए प्रति लीटर हो गया है। चेन्नई में डीजल की कीमतें भी 86 पैसे प्रति लीटर बढ़ गई हैं, जिससे अब उपभोक्ताओं को एक लीटर डीजल के लिए 96.11 रुपए चुकाने पड़ रहे हैं।

अन्य चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं…

  • डीजल के दाम बढ़ने का सीधा असर आम आदमी की जेब और किचन पर पड़ता है। इसे ऐसे समझिए:
  • मालभाड़ा बढ़ेगा: ट्रक और टेम्पो का किराया बढ़ जाएगा, जिससे दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां, फल और राशन महंगे हो जाएंगे।
  • खेती की लागत: ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने के लिए किसानों को ज्यादा खर्च करना होगा, जिससे अनाज की लागत बढ़ेगी।
  • बस-ऑटो का किराया: सार्वजनिक परिवहन और स्कूल बसों के किराए में भी इजाफा देखने को मिल सकता है।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी?

इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं।

क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं।

पड़ोसी देशों में बढ़े दाम, भारत में अब हुआ इजाफा

सरकार अब तक यह तर्क देती रही थी कि पश्चिम एशिया युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में उछाल आया है। इसके चलते पाकिस्तान, नेपाल और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें 15% से 20% तक बढ़ गईं, लेकिन भारतीय उपभोक्ताओं पर इसका बोझ नहीं डाला गया।

2024 से दाम नहीं बदले थे, चुनाव से पहले कटौती हुई थी

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मार्च 2024 से स्थिर बनी हुई थीं। लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले सरकार ने कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की कटौती कर जनता को राहत दी थी। हालांकि, तकनीकी रूप से भारत में ईंधन की कीमतें विनियमित हैं और कंपनियां अंतरराष्ट्रीय क्रूड की 15 दिनों की औसत कीमत के आधार पर हर दिन रेट बदल सकती हैं, लेकिन राजनीतिक संवेदनशीलता के कारण इन्हें लंबे समय तक नहीं बदला गया।

तेल कंपनियों को हर महीने 30 हजार करोड़ का घाटा हो रहा था

सरकार के मुताबिक, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण घाटे में चल रही थीं ।

पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के अनुसार कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बिक्री पर हर महीने करीब ₹30,000 करोड़ का नुकसान हो रहा है ।

पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10-10 रुपए घटाई थी

इससे पहले सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रखने के लिए स्पेशल एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपए की कटौती की थी। पेट्रोल पर ड्यूटी ₹13 रुपए प्रति लीटर से घटाकर ₹3 रुपए, जबकि डीजल पर ₹10 से शून्य कर दी गई थी। केंद्र सरकार की ओर से एक लीटर पेट्रोल पर कुल 21.90 रुपए एक्साइज ड्यूटी वसूली जाती थी।

स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्टूटी घटने के बाद यह 11.90 रुपए रह गई थी। इसी तरह, एक लीटर डीजल पर कुल सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी 17.8 रुपए से घटकर 7.8 रुपए पर आ गई थी।

सरकार का ये फैसला पेट्रोल-डीजल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए था। इस निर्णय की वजह से पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े थे।

पीएम मोदी ने कहा था- ईंधन का इस्तेमाल कम करें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को तेलंगाना में एक कार्यक्रम के दौरान पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए पेट्रोलियम उत्पादों के सावधानीपूर्वक उपयोग का सुझाव दिया था।

पीएम ने कहा था कि आज समय की मांग है कि पेट्रोल, गैस और डीजल का उपयोग बहुत संयम से किया जाए। हमें आयातित पेट्रो उत्पादों का उपयोग केवल जरूरत के अनुसार ही करना चाहिए। इससे न केवल विदेशी मुद्रा बचेगी, बल्कि युद्ध के प्रतिकूल प्रभाव भी कम होंगे।

ट्रम्प ने ईरान पर आज होने वाला हमला टाला:गल्फ देशों के कहने पर फैसला; बोले- समझौता नहीं हुआ तो सेना बड़े हमले के लिए तैयार

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि उन्होंने ईरान पर मंगलवार को होने वाला हमला फिलहाल टाल दिया है। ट्रम्प ने कहा कि कतर, सऊदी अरब और UAE जैसे देशों के नेताओं ने बातचीत को मौका देने के लिए कुछ दिन का समय मांगा था।

ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि गंभीर बातचीत चल रही है और ऐसा समझौता हो सकता है, जिसे अमेरिका और पश्चिम एशिया के देश स्वीकार कर सकें।

ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डेनियल केन और अमेरिकी सेना को निर्देश दिया है कि मंगलवार को प्रस्तावित हमला नहीं किया जाएगा।

हालांकि ट्रम्प ने साफ किया कि अगर समझौता नहीं हुआ तो अमेरिकी सेना किसी भी समय बड़े स्तर के हमले के लिए तैयार रहेगी। ट्रम्प ने कहा कि प्रस्तावित समझौते में सबसे अहम शर्त यह होगी कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे।

ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर ईरान पर हमला टालने की जानकारी दी।
ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर ईरान पर हमला टालने की जानकारी दी।

पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स

1. ट्रम्प की ईरान को धमकी- जल्दी समझौता करो, वरना कुछ नहीं बचेगा: ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि घड़ी तेजी से चल रही है और अगर जल्द समझौता नहीं हुआ तो गंभीर नतीजे होंगे।

2. अमेरिका-इजराइल की ईरान पर नए हमले की तैयारी: रिपोर्ट्स के मुताबिक, जर्मनी स्थित अमेरिकी ठिकानों से हथियार लेकर दर्जनों कार्गो विमान इजराइल पहुंचे हैं। वहीं नेतन्याहू और ट्रम्प ने संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर बातचीत की।

3. होर्मुज में बढ़ा संकट, 1500 कारोबारी जहाज फंसे: ईरान तनाव और समुद्री नाकेबंदी के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में करीब 1,500 कारोबारी जहाज फंसे हुए हैं। इन पर 20 हजार से ज्यादा नाविक मौजूद हैं। एक्सपर्ट्स ने मिसाइल और ड्रोन हमलों का खतरा बताया है।

4. सऊदी अरब पर ड्रोन हमला, कुवैत-कतर ने की निंदा: सऊदी अरब ने दावा किया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने इराक की दिशा से आए 3 ड्रोन मार गिराए। कुवैत और कतर ने इसे सऊदी संप्रभुता और क्षेत्रीय सुरक्षा पर हमला बताया।

5. ईरान में लड़कियों को AK-47 ट्रेनिंग: अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान में युवा लड़कियों को AK-47 असॉल्ट राइफल असेंबल और डिसअसेंबल करने की ट्रेनिंग दी जा रही है। इससे जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए।