Friday, February 13, 2026

गोखले ब्रिज में 2 साल की देरी पर ‘5 हजार का जुर्माना’, RTI से हुआ BMC की लापरवाही का खुलासा

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नेशनल डेस्क: मुंबई के अंधेरी में स्थित गोखले ब्रिज के पुनर्निर्माण में दो साल की देरी के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। एक RTI से खुलासा हुआ है कि बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने देरी के लिए ठेकेदार पर मात्र ₹5,000 का जुर्माना लगाया है, जबकि पहले ₹3 करोड़ का जुर्माना लगाने की बात कही गई थी।

₹3 करोड़ से ₹5,000 कैसे हुआ जुर्माना?
आरटीआई कार्यकर्ता और वकील गॉडफ्रे पिमेंटा द्वारा दायर अपील में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। पहले यह दावा किया गया था कि देरी के लिए प्रोजेक्ट की लागत का 5-6 प्रतिशत, यानी ₹3 करोड़ से अधिक का जुर्माना लगाया जाएगा। इस पर आरटीआई कार्यकर्ता ने सवाल उठाया, “₹87 करोड़ से अधिक की लागत वाला यह प्रोजेक्ट दो साल की देरी से पूरा हुआ। ऐसे में केवल ₹5,000 का जुर्माना कैसे लगाया जा सकता है?”

BMC पर उठे सवाल
इस खुलासे के बाद लोग बीएमसी की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर सवाल उठा रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि दो साल की देरी से हुए इस प्रोजेक्ट के लिए इतना मामूली जुर्माना कैसे उचित हो सकता है। हालांकि, इस विवाद के बाद बीएमसी ने एक बयान में कहा कि उन्होंने अपने कर्मचारियों को ठेकेदार पर सही जुर्माना लगाने के लिए अगले 2-3 दिनों में काम करने का निर्देश दिया है। यह दिखाता है कि इस मामले में अभी तक अंतिम जुर्माना तय नहीं किया गया था।

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