रामनगरी में सावन झूलनोत्सव के बाद अब श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियां शुरू हो गई हैं। 16 अगस्त को जब घड़ी आधी रात के शून्य क्षण में ठहरेगी, तब कान्हा के जन्म की मंगल ध्वनि रामलला के आंगन में भी गूंज उठेगी। राम जन्मभूमि में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर भव्य आयोजन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। पूरे मंदिर की अलौकिक सजावट की जाएगी। रामलला को डेढ़ क्विंटल पंजीरी का भोग अर्पित किया जाएगा।
इस अवसर पर रामलला का 50 किलो पंचामृत से भव्य अभिषेक भी होगा। रामलला के गर्भगृह में भव्य झांकी सजाई जाएगी। पूरे मंदिर परिसर की भव्य लाइटिंग भी होगी। डेढ़ क्विंटल पंजीरी के साथ 56 भोग अर्पित किया जाएगा और श्रद्धालुओं को वितरित किया जाएगा। रामलला की तर्ज पर ही श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की तैयारी चल रही है। अयोध्या में जन्माष्टमी का पर्व दो दिन मनाया जाएगा। कुछ मंदिरों में 15 अगस्त की रात भी जन्माष्टमी मनेगी जबकि वैष्णव परंपरा के मंदिरों में 16 अगस्त की मध्य रात्रि उत्सव का आयोजन किया जाएगा।


