Shri Banke Bihari Temple Bill: विधानमंडल के दोनों सदनों में बुधवार को उत्तर प्रदेश श्री बांके बिहारी जी मंदिर न्यास विधेयक को पेश किया गया। उम्मीद है कि यह विधेयक गुरुवार को पास हो जाए।
विधानमंडल के दोनों सदनों में बुधवार को उत्तर प्रदेश श्री बांके बिहारी जी मंदिर न्यास विधेयक को पेश किया गया। न्यास गठन के बाद वृंदावन स्थित मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुख-सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें कहा गया है कि मंदिर के चढ़ावे, दान और सभी चल-अचल संपत्तियों पर न्यास (ट्रस्ट) का अधिकार होगा। संपत्तियों में मंदिर में स्थापित मूर्तियां, मंदिर परिसर और उसकी सीमा के भीतर देवताओं के लिए दी गई भेंट या उपहार, किसी भी पूजा, सेवा, कर्मकांड, समारोह व धार्मिक अनुष्ठान के लिए दी गई संपत्ति, नकद या वस्तु के रूप में अर्पण, मंदिर परिसर के उपयोग के लिए डाक-तार से भेजे गए बैंक ड्राफ्ट और चेक भी शामिल होंगे।मंदिर की संपत्तियों में आभूषण, अनुदान, योगदान, हुंडी संग्रह समेत श्री बांके बिहारी जी मंदिर की सभी चल एवं अचल संपत्तियां शामिल मानी जाएंगी। विधेयक में कहा गया है कि न्यास का गठन स्वामी हरिदास की परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए किया गया है। स्वामी हरिदास के समय से चले आ रहे रीति-रिवाज, त्योहार, समारोह और अनुष्ठान बिना किसी हस्तक्षेप या परिवर्तन के जारी रहेंगे। न्यास ही दर्शन का समय तय करेगा, पुजारियों की नियुक्ति करेगा। उनके वेतन, भत्ते या प्रतिकर निर्धारित करेगा। साथ ही भक्तों और आगंतुकों की सुरक्षा तथा मंदिर के प्रभावी प्रशासन और प्रबंधन की जिम्मेदारी भी न्यास पर होगी।


