Friday, February 13, 2026

विजन डॉक्यूमेंट: ऊर्जा मंत्री बोले- बिजली की व्यवस्था बनाएंगे सर्वश्रेष्ठ, शिवपाल ने कहा- ये सब सिर्फ लॉलीपॉप

यह भी पढ़े

Vision Document 2047: यूपी विधानसभा में विजन डॉक्यमेंट पर चर्चा के दौरान कई बार पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच तकरार देखने को मिली।

नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने विधानसभा में विजन डॉक्यूमेंट पर चर्चा के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए यूपी तेजी से काम कर रहा है। प्रदेश की बिजली व्यवस्था को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले गांवों में बिजली के खंभे तक नहीं थे। बिल में घोटाले होते थे। अब प्रदेश में 32 हजार मेगावाट की पीक डिमांड पूरी हो रही है। सात दशक में सिर्फ साढ़े आठ लाख किसानों को नलकूप मिले, जबकि वर्तमान सरकार ने आठ साल में ही 15 लाख किसानों को नलकूप दिए। करीब 1.5 लाख मजरों का विद्युतीकरण हुआ और 9120 मेगावाट तापीय बिजली का उत्पादन हो रहा है। सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जाएगा। वर्ष 2047 तक बिजली और नगरीय व्यवस्थापन में प्रदेश को रामराज्य के वैभव तक पहुंचाने का संकल्प है।

आईंस्टीन ने जो बताया, हजारों साल पहले हमारे पास था : एके शर्मा
एके शर्मा ने कहा कि 1700 ईस्वी में भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की 24 प्रतिशत थी। आधुनिक युग में वैज्ञानिक आईंस्टीन ने फॉर्मूले के जरिये बताया था कि हर चीज ऊर्जा है, लेकिन यह बात हमारे वेद-पुराणों में हजारों साल पहले कह दी गई थी। हमारा शहरीकरण देश के औसत से कम है, लेकिन इसके लिए पहले की सरकारें जिम्मेदार हैं। हमने लखनऊ, कानपुर और वाराणसी समेत प्रमुख शहरों में लाखों टन कूड़े का निस्तारण किया है। पीएम नरेंद्र मोदी शहरों के कायाकल्प के लिए महत्वपूर्ण योजनाएं लाए। इसके अलावा भाजपा के दिनेश गोयल, शैलेंद्र सिंह आदि ने भी विचार रखे।

वोट बैंक के लिए लॉलीपॉप है विजन डॉक्यूमेंट : शिवपाल सिंह

 सपा के वरिष्ठ सदस्य शिवपाल सिंह यादव ने विधानसभा में विजन डॉक्यूमेंट पर चर्चा के दौरान कहा कि भाजपा 2047 का सपना लेकर सदन में आई है। जब लोग अपने पोते-पोतियों को स्कूल छोड़ने जा रहे होंगे, तब यह सरकार विकास करेगी। तब तक हम लोगों में से तमाम लोग शायद जिंदा भी न हों। दरअसल यह वोट बैंक के लिए लॉलीपॉप है। भाजपा को पहले अतीत का हिसाब देना चाहिए। 2022 में जो वादे किए थे, क्या वे पूरे हो गए। किसानों की आय दोगुनी होने के बजाय आधी हो गई। मेडिकल कॉलेज अभी निर्माणाधीन हैं। आधे में स्टाफ नहीं है। सड़कों का बुरा हाल है। स्कूलों में शिक्षक, फर्नीचर, बिजली नहीं है। नई शिक्षा नीति ने सब चौपट कर दिया। क्लास होती नहीं है और साल भर परीक्षा कराई जाती है। भाजपा ने सिर्फ शिलान्यास करने और नाम बदलने का काम किया है। सरकार के हिसाब से गरीबी एक लंबी बीमारी है जो वर्ष 2047 में खत्म होगी। इनको आज की भूख नहीं दिख रही। भाजपा 2047 के सपने दिखाना बंद करे और 2025 की हकीकत बताए। उन्होंने विजन डॉक्यूमेंट का विरोध करने के साथ इसे बकवास करार दिया।

पहले के सीएम-पीएम को मंदिर जाने में आती थी शर्म : अशोक कटारिया

विधान परिषद में भाजपा के सदस्य और पूर्व परिवहन मंत्री अशोक कटारिया ने कहा कि 2014 से पहले पीएम और सीएम मजारों पर तो चादर चढ़ाने जाते थे, पर मंदिर जाने में उन्हें शर्म आती थी। भाजपा की सरकारों ने देश-प्रदेश में अयोध्या, काशी, महाकाल और केदारजी कॉरिडोर का विकास कराया। भारत के सांस्कृतिक प्रतीकों को समृद्ध किया। आज हमारे कारोबारी दुनिया में जाते हैं, तो उन्हें हाथोंहाथ लिया जाता है। किसानों को समय से गन्ना मूल्य मिलता है। किसान क्रेडिट कार्ड ने उनकी जिंदगी में आमूलचूल बदलाव कर दिया है। हर गांव में गैस चूल्हे हैं, जो पहले सपना हुआ करता था।

राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में यूपी का हिस्सा बढ़ाना हमारा लक्ष्य : सुरेश खन्ना

वित्त और संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि विकसित देश भी चाहते हैं कि उनके यहां योगी आदित्यनाथ जैसा सीएम हो। 8 साल में हमारा राज्य सकल घरेलू उत्पाद 12.71 लाख करोड़ से बढ़कर 30.77 लाख करोड़ रुपये हो चुका है, जिसे बढ़ाकर 35 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य है। इस अवधि में हमारी कर राजस्व प्राप्ति में 147 प्रतिशत की वृद्धि, पूंजीगत व्यय में 63 प्रतिशत की वृद्धि, राजस्व व्यय में 96 प्रतिशत वृद्धि और प्रदेश के बजट में 133 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 1960-61 में देश की अर्थव्यवस्था में यूपी का हिस्सा 14.4 प्रतिशत था, जो अब घटकर 9 प्रतिशत रह गया है। इसे पहले के बराबर लाना ही हमारा लक्ष्य है। हम प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करना चाहते हैं। वनीकरण कम होने के कारण वित्त आयोग के तहत हमें कम बजट मिला, जिसे दुरुस्त करने के लिए 242 करोड़ पौधे लगाए हैं।

राज्य की नई सहकारी नीति जल्द, ड्राफ्ट कमेटी का हुआ गठन
विधान परिषद में विजन डॉक्यूमेंट पर चर्चा करते हुए सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने कहा कि सपा के समय में सहकारिता जेब की, चंद लोगों की थी। सदस्य, निदेशक, अध्यक्ष सब अपने लोगों को बनाते थे। हमने जेब से निकालकर जनता की सहकारिता बनाया है। विपक्ष के सदस्यों की अनुपस्थिति में उन्होंने कहा कि सपा ने 24 कैरेट वाले कार्यकर्ताओं को ही इसमें भर्ती किया। बिना पर्ची, बिना खर्चे के भर्ती नहीं की। हमने पारदर्शी भर्ती की है। मंत्री ने बताया कि केंद्र की तर्ज पर यूपी की नई सहकारी नीति जल्द आएगी। इसके लिए ड्राफ्ट कमेटी का गठन किया गया है। इसमें 20247 की झलक दिखेगी। मंत्री ने कहा कि सपा के समय में 16 सहकारी बैंक बंद थे। इसके 18 लाख सदस्य, अपने 2100 करोड़ के लिए भटक रहे थे। किसी की बेटी की शादी तो किसी की बीमारी का इलाज रुका था। हमने न सिर्फ इन बैंकों को चलाया, आज यह प्रॉफिट में हैं। सभी के पैसे भी वापस मिले हैं। उन्होंने बताया कि सिर्फ एक बैंक इटावा का घाटे में है। जिसकी जांच में 1 अरब दो करोड़ का घपला मिला था। इसमें 10 लोगों को जेल भेजा गया है।

- Advertisement -
Ads

ट्रेंडिंग न्यूज़

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Advertisement

अन्य खबरे