लखनऊ। सांप काटे तो बिना समय गवाएं पीड़ित को अस्पताल ले जाएं। एक से दो घंटे में इलाज मिलने से 95 प्रतिशत तक लोगों की जान बचाई जा सकती है। घाव पर नमक, तेल, चूना या फिर चीरा, टांका नहीं लगाना चाहिए। खून दबाकर या मुंह से चूसकर जहर निकालने से भी बचें।केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में बृहस्पतिवार को इमरजेंसी मेडिसिन के प्रमुख डॉ. हैदर अब्बास ने प्रेसवार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि घटना के बाद सांप को मारने, पकड़ने में समय नहीं गंवाना चाहिए।
ट्रॉमा के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमिय अग्रवाल ने बताया कि मरीज को सीधा लिटाएं। उसे ज्यादा हिलाने से बचना चाहिए। मरीज का हौसला बढ़ाएं। दहशत व डर से भी जान खतरे में पड़ सकती है। आईसीयू के इंचार्ज डॉ. जिया व सीएमओ डॉ. धीरेंद्र पटेल ने बताया कि सांप काटने की घटनाओं में करीब 20 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। बारिश में अंधेरे में जाने से बचें। खेत-खलियान में बूट पहनकर ही जाएं। जूते, खाली बर्तन को ठीक से देखने के बाद ही इस्तेमाल करें।


