मशहूर गीतकार और पटकथा लेखक जावेद अख्तर अक्सर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं। हाल ही में उन्होंने फिल्मों की सेंसरशिप पर बात रखी है। उन्होंने इस बात पर निराशा जताई है कि समाज की वास्तविकता को दर्शाने वाली फिल्मों को भारत में सेंसरशिप का सामना करना पड़ता है, जबकि अश्लीलता से भरपूर फिल्मों को मंजूरी मिल जाती है।
अश्लीलता वाली फिल्मों की मंजूरी पर जावेद अख्तर ने उठाया सवाल, दोहरे अर्थ वाले गानों के बारे में भी की बात


