टॉवर वैगन ऑफ कराने के लिए टीआरडी के एक रेलवे कर्मचारी ने फफूंद रेलवे स्टेशन मास्टर कार्यालय में रविवार को एक मेमो दिया गया था। इसमें खामियों का हवाला देते हुए स्टेशन मास्टर उसे रिसीव नहीं किया। इसके बाद वहां तनातनी शुरू हो गई। टीआरडी के अन्य कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए। स्टेशन पर एकत्र हो रही कर्मचारियों की भीड़ को लेकर आरपीएफ व जीआरपी भी सक्रिय हो गई थी। इस तनातनी के बीच दोनों पक्षों में समझौते का प्रयास भी शुरू हो गया। चर्चा यहां तक रही कि दोनों पक्षों की ओर से तहरीर लिखी गई लेकिन जीआरपी चौकी तक यह तहरीर नहीं पहुंची थी।
वहीं, यह मामला रेलवे के उच्चाधिकारियों तक भी पहुंचा गया। जानकारी के बाद इटावा व कानपुर के अधिकारी जांच करने पहुंचे और दोनों पक्षों का बयान दर्ज कर चले गए। सोमवार को दोनों पक्षों को टूंडला तलब किया गया। वहां अधिकारियों ने दोबारा दोनों के बयान दर्ज किए। वहीं पूरे मामले की जांच के लिए प्रयागराज मंडल के डीआरएम ने एक जांच कमेटी कठित की है। स्टेशन अधीक्षक फफूंद अजय राय का कहना है कि टूंडला कार्यालय में बुलाकर बयान दर्ज हुए है। अधिकारी ने न्याय का आश्वासन दिया है।
वहीं आूल इंडिया स्टेशन मास्टर एसोसिएशन प्रयागराज मंडल के अध्यक्ष इंद्रसेन ने बताया कि पूरे विवाद में अधिकारियों की ओर से जांच की जा रही है। जांच में दोषी लोगों पर मुकदमा दर्ज कर विभागीय कार्रवाई की मांग की है। अधीक्षक का व्यवहार जनता व यात्रियों को भी रास नहीं आ रहा है। कई बार जनता से अधीक्षक की झड़प हो चुकी है।