Wednesday, February 18, 2026

जैसलमेर बस अग्निकांड में मृतकों की संख्या बढ़कर 22 हुई; सुरक्षा चूक की जांच शुरू

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नेशनल डेस्क: जैसलमेर बस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। राजस्थान पुलिस ने हादसे के संबंध में बस के मालिक व चालक को हिरासत में लिया है और बस निर्माण एवं सुरक्षा मानकों में संभावित चूक की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि हादसे में झुलसे एक और यात्री की मौत के बाद मृतकों की संख्या 22 हो गई है। उन्होंने बताया कि जोधपुर में इस समय भी 13 घायलों का इलाज चल रहा है जिनमें से तीन की हालत गंभीर बनी हुई है।

 

जैसलमेर के पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे ने बताया कि हादसे का शिकार हुई बस के मालिक तुराब अली और चालक शौकत खान को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। उन्होंने बताया कि बस का ढांचा बनाने वाले वर्कशॉप के मनीष जैन के खिलाफ पहले ही मामला दर्ज किया जा चुका है और क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ), जोधपुर ने उनकी वर्कशॉप को सील कर दिया है। शिवहरे ने कहा कि संभावित आपराधिक लापरवाही सहित सभी पहलुओं से मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।

 

उन्होंने कहा, ‘‘बस में 35 यात्री सवार थे – 22 की मौत हो गई और 13 का इलाज हो रहा है। कोई भी लापता नहीं है।” उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक और तकनीकी रिपोर्ट मिलने के बाद अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके साथ ही राज्य सरकार ने बस सुरक्षा मानदंडों की व्यापक जांच शुरू कर दी है। अतिरिक्त परिवहन आयुक्त (प्रशासन) और परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग के संयुक्त सचिव ओ.पी. बुनकर ने कहा कि क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) जोधपुर की एक टीम ने अब तक शहर के जैनम कोच क्राफ्टर परिसर में निर्मित 66 बसों को निरीक्षण के लिए जब्त किया है।

 

जैसलमेर त्रासदी से संबंधित तकनीकी और नियामक खामियों की जांच के लिए पांच सदस्यीय उच्च-स्तरीय समिति बनाई गई है। राज्य सरकार ने घटना का स्वतंत्र तकनीकी मूल्यांकन करने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन संस्थान (सीआईआरटी) पुणे को भी आमंत्रित किया है। इस बीच, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हादसे में मारे गए लोगों के आश्रितों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। जिन परिवारों में तीन या अधिक लोगों की मृत्यु इस दुर्घटना में हुई है, उन परिवारों को 25-25 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।

 

गंभीर रूप से घायलों को 2-2 लाख रुपये एवं अन्य घायलों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। वहीं, कुछ पीड़ितों के परिवारों ने बृहस्पतिवार को जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में विरोध प्रदर्शन किया और अधिक मुआवजे की मांग की। उन्होंने मांगें पूरी नहीं होने तक शव लेने से इनकार कर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कहा, ‘‘दुर्घटना कैसे हुई इसके बारे में कई बातें कही जा रही हैं। सरकार को पूरी जांच करानी चाहिए ताकि ऐसी घटना दोबारा न हों।” जैसलमेर से जोधपुर के लिए मंगलवार की दोपहर रवाना होने से कुछ मिनट के बाद ही बस में आग लग गई थी। इस हादसे में 19 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी।

 

 

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