Wednesday, February 18, 2026

जब प्रेमानंद महाराज की दिवाली होती थी बिना दीप और बिना भोजन… सुनाया हैरान करने वाला किस्सा

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Mathura News: दिवाली जैसे खुशी और रौशनी के पर्व पर भी कभी भूखे रहना पड़ा था – ये भावुक किस्सा सुनाकर संत प्रेमानंद महाराज ने हजारों लोगों को भावुक कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में संत महाराज अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि कैसे कभी दिवाली उनके लिए आंसुओं से भरा दिन होता था।

संत प्रेमानंद की भावुक दिवाली
यह वीडियो श्री राधा केली कुंज आश्रम के आधिकारिक यूट्यूब चैनल भजन मार्ग पर प्रसारित किया गया है। इसमें प्रेमानंद महाराज भावुक होकर बताते हैं कि कैसे उन्होंने अपनी दिवाली भूखे पेट और बिना साधनों के बिताई। “हम रोटी मांगने जाते थे, तो लोग कहते थे – आज त्योहार है, रोटी बनी ही नहीं है।” उन्होंने बताया कि दीपावली की रात जब हर घर में दीप जलते थे, तब वे अंधेरे में अपने इष्ट श्रीजी को गोद में लेकर बैठते थे और बस यही कहते – “हे ठाकुर, ये आंसू ही आपकी दिवाली है।” महाराज ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पहले भक्ति, प्रेम और साधु-संग की दीपावली होती थी, जिसमें बाहरी सजावट नहीं बल्कि आंतरिक शुद्धता और समर्पण का उजाला होता था।

अब बदल चुका है समय
अब प्रेमानंद महाराज के साथ दिवाली मनाने के लिए हजारों श्रद्धालु मथुरा स्थित श्री राधा केली कुंज आश्रम पहुंचते हैं। बीते रविवार को भी दिवाली के अवसर पर भारी भीड़ ने आश्रम में पहुंचकर उनके प्रवचनों और दर्शन का लाभ लिया। महाराज के अनुसार, दिवाली केवल बाहरी सजावट का नाम नहीं, बल्कि आंतरिक प्रेम, भक्ति और त्याग की भावना से जुड़ा पर्व है।

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