पचनंद क्षेत्र में पांच नदियों का संगम है। इस कारण चंबल से घड़ियाल, कछुआ व डाल्फिन मछली बड़ी संख्या में यमुना में आ जाती है। जिनके संरक्षण की जरूरत है। स्थानीय लोगों को भी इन जलीय जंतुओं की जानकारी दी जा रही है ताकि वो भी इनका महत्व समझें। नमामि गंगे की जिला परियोजना अधिकारी साक्षी शुक्ला ने बताया कि डब्ल्यूडब्ल्यूएफ संस्था की तरफ से कछुआ संरक्षण यमुना के किनारे किया जा रहा है। इससे कछुआ और घड़ियाल आदि की संरक्षण होगा और संख्या बढ़ेगी। इससे नदी का ईको सिस्टम ठीक होगा और फ्लो आदि अच्छा होगा।