Sunday, February 15, 2026

Auraiya News: पुराने भूखंडों पर नहीं लगाए उद्यम, अब नए प्रस्तावों पर हो रहा मंथन

यह भी पढ़े

औरैया। जिले में उद्यम को बढ़ावा देने के लिए सरकारी तंत्र बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के औद्योगिक गलियारे से लेकर समाधान पुर्वा में जमीनें चिह्नित कर रहा है, लेकिन उद्यम लगाने के लिए पूर्व में चयनित भूखंडों पर नजर नहीं डाली जा रही है।

एक दशक से अछल्दा व बिधूना में आधे से ज्यादा भूखंड खाली पड़े हैं। खाली प्लाटों में धूल उड़ रही है। तमाम प्रयासों के बाद भी यहां उद्यम नहीं लग सके हैं। कुछ ऐसा ही हाल प्लास्टिक सिटी का भी है। यहां पर भी वीरान नजारा देखने को मिल रहा है। वहीं प्रशासन अब इन क्षेत्रों में उद्यम लगाने की बजाय नई परियोजनाओं के काम में जुट गया है।युवाओं को रोजगार मिले इसके लिए जिले में एक दशक पहले बुनियादी सुविधाओं के साथ तीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए गए थे। इनमें औरैया में चयनित जमीन पर 46, बिधूना में 44 तो अछल्दा में 46 भूखंड बुनियादी सुविधाओं के साथ विकसित किए गए। इसका उद्देश्य था कि उद्यमी यहां पर अपना उद्यम लगाकर कारोबार कर सकें।

औरैया शहर के औद्योगिक क्षेज्ञ में उद्यमियों को उद्योग लगाने के लिए भूखंड आवंटित किए गए। शत प्रतिशत 46 भूखंडो पर उद्योग लगे। इन दिनों यहां से देश विदेश के लिए उत्पादों की आपूर्ति भी की जा रही है। यहां पर लगी इकाइयों में कृषि उत्पाद, सोलर, इलेक्ट्रॉनिक, फूड प्रोसेसिंग (खाद्य प्रसंस्करण) यूनिट समेत कई कारोबार चल रहे हैं।

वहीं, बिधूना के चिरकुआ स्थित औद्योगिक क्षेत्र में विकसित 44 भूखंडों में महज 20 छोटी इकाइयां ही लग सकी हैं। 24 भूखंड अभी भी खाली पड़े हैं। इसी तरह अछल्दा में भी 46 भूखंडों में से महज दो इकाइयां ही धरातल पर नजर आ रही हैं। यहां भी अभी तक इन खाली भूखंडो पर उद्योग नहीं लग पाए हैं।

कुछ ऐसा ही हाल प्लास्टिक सिटी का है। यहां पर 350 से ज्यादा प्लॉट खाली पड़े हैं। महज 10 इकाइयों का धरातल यहां पर तैयार हो रहा है। इन अधूरी परियोजनाओं के बीच बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक गलियारे को लेकर 100 एकड़ जमीन खरीद का काम इन दिनों अंतिम दौर में हैं।

वहीं सरदार वल्लभ भाई पटेल रोजगार संकुल योजना के तहत समाधान पुरवा में 37 एकड़ जमीन चिह्नित कर ली गई है। इन दोनों ही परियोजनाओं में जल्द ही प्लाॅट आवंटन से लेकर अन्य कवायद शुरू होगी। लेकिन, अछल्दा, बिधूना व प्लास्टिक सिटी में खाली पड़े प्लाटों से सरकारी मशीनरी की नजर हटी हुई है।

—-

मूलभूत सुविधाओं का अभाव होने से उद्यमी कर रहे किनारा

उद्योग बंधु की बैठक हर माह कलक्ट्रेट में हो रही है। इस बैठक में औद्योगिक क्षेत्रों के इर्द-गिर्द मूलभूत सुविधाओं के अभाव का मुद्दा उठाया जाता है। खास तौर पर प्लास्टिक सिटी में सड़क का मुद्दा उठाया जाता है। वहीं, कई प्लाटों तक बिजली लाइन ही नहीं है। कुछ साल पहले यहां पर बिछी हुई बिजली लाइन के तारों को चोरों ने पार कर दिया था। तब से तारों का इंतजाम नहीं किया जा सके।

बोले जिम्मेदार

उद्यमियों को किया जाएगा प्रोत्साहित

 

रोजगार के लिए औद्योगिक क्षेत्र में उद्योग लगाने के लिए उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। खाली भूखंडों को जल्द भरा जाएगा। वहीं एमएसएमई की ओर से नया पोर्टल तैयार करते हुए इन खाली भूखंडों को भरने की प्लानिंग तैयार की जा रही है।- दुर्गेश कुमार, उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र

- Advertisement -
Ads

ट्रेंडिंग न्यूज़

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Advertisement

अन्य खबरे