औरैया। मारपीट के मामले को हत्या की कोशिश में तब्दील करने के लिए एक युवक ने मेडिकल कॉलेज से जारी सीटी स्कैन रिपोर्ट में छेड़छाड़ कर दी।फर्जी सीटी स्कैन रिपोर्ट के लिए तैनात कर्मचारियों की मिलीभगत से उसने ऐसा किया। एक हफ्ते पहले पुलिस के मेडिकल रिपोर्ट का सत्यापन कराने पर फर्जीवाड़ा खुल गया। इसके बाद मेडिकल कॉलेज में सीटी स्कैन का जिम्मा संभालने वाली कार्यदायी संस्था के दो कर्मचारियों अखिलेश कुमार और धर्मेंद्र कुमार को भी हटा दिया गया है।
थाना अयाना के गांव सिखरना निवासी नरेद्र सिंह ने 19 जुलाई को भाई जयप्रकाश उर्फ पम्मू (35) पर जानलेवा हमला करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था 18 जुलाई को जयप्रकाश मजदूरी करने गया था तभी उस पर विपक्षियों ने हमला कर दिया। अयाना सीएचसी पर उपचार के बाद जयप्रकाश को चिचौली मेडिकल कॉलेज भेजा गया। वहां से कानपुर रेफर कर दिया गया था।मामले में पुलिस ने जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज करते हुए तीन आरोपियों को जेल भेज दिया था। इस दौरान जब अयाना थाना पुलिस घायल जयप्रकाश की मेडिकल रिपोर्ट के सत्यापन को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंची तो चौंकाने वाली बात सामने आई। चिचौली में घायल जयप्रकाश की सीटी स्कैन रिपोर्ट में बड़ा फेरबदल पाया गया। वास्तविक रिपोर्ट में जहां स्कल (खोपड़ी) फ्रैक्चर नहीं था, लेकिन पुलिस को दी गई रिपोर्ट में स्कल फ्रैक्चर दिखाया गया था।
मामला सीएमएस डॉ. जसवंत रत्नाकर तक पहुंचा तो उन्होंने सीटी स्कैन कक्ष के रजिस्टर खंगाले। पता चला कि रिपोर्ट कर्मचारियों की मिलीभगत से सीधे जयप्रकाश को दे दी गई थी, इसमें उसने बदलाव कर लिए। इसके बाद मामले में सीटी स्कैन की सेवाएं देने वाली कंपनी एचएलएल लाइफ केयर लिमिटेड के दो कर्मचारी अखिलेश कुमार और धर्मेंद्र कुमार को हटा दिया गया है।
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डिस्पैच ही नहीं हुई थी मेडिकल रिपोर्ट
18 जुलाई 2025 को जयप्रकाश का सीटी स्कैन कराया गया। सीएमएस डॉ. जसवंत रत्नाकर के पास जांच भी पहुंची। यहां पर जानलेवा हमले के मुताबिक चोटें नहीं मिलीं। ऐसे में सामान्य रिपोर्ट तैयार की गई, लेकिन यह रिपोर्ट पुलिस के लिए डिस्पैच ही नहीं की गई। सीटी स्कैन कक्ष में कार्यरत कर्मियों से साठगांठ कर टेंपरिंग करते हुए रिपोर्ट निकाल ली गई। पुलिस अब आगे की कार्रवाई में जुटी है।
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बोले जिम्मेदार
सिखरना निवासी जयप्रकाश की मेडिकल रिपोर्ट का सत्यापन करने पर हेराफेरी पकड़ी गई है। गलत रिपोर्ट मुहैया कराते हुए मुकदमे की धाराएं बढ़वा ली गई हैं। मामला कोर्ट में है, ऐसे में कोर्ट के आदेश पर आगे की प्रकि्रया अपनाई जाएगी।
-अजय कुमार, थानाध्यक्ष अयाना
सीटी स्कैन की रिपोर्ट में छेड़छाड़ कर उसका प्रयोग पुलिस रिपोर्ट में करने का मामला सामने आया है। यह रिपोर्ट मेडिकल कॉलेज से डिस्पैच ही नहीं की गई है। कुछ कर्मचारियों की इसमें संलिप्तता थी, उन्हें संबंधित कंपनी ने हटा दिया है।
-डॉ. जसवंत रत्नाकर, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज।


