Wednesday, February 18, 2026

Good News For Kingfisher Employees : सालों बाद खुशखबरी! किंगफिशर के पूर्व कर्मचारियों को मिलेगा 311 करोड़

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नेशनल डेस्क। भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या की बंद हो चुकी कंपनी ‘किंगफिशर एयरलाइंस’ के हजारों पूर्व कर्मचारियों के लिए साल 2025 के अंत में एक बड़ी खुशखबरी आई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कोशिशों के रंग लाने के बाद कर्मचारियों के लंबे समय से बकाया वेतन और अन्य भत्तों के भुगतान के लिए 311.67 करोड़ रुपये की राशि जारी करने का रास्ता साफ हो गया है। यह कदम उन हजारों परिवारों के लिए बड़ी राहत है जो पिछले कई सालों से अपनी मेहनत की कमाई के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे।

भुगतान का पूरा गणित: कहां से आया पैसा?

यह राशि किसी सरकारी खजाने से नहीं बल्कि विजय माल्या की उन संपत्तियों से आई है जिन्हें ED ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के दौरान जब्त किया था। ED ने माल्या के जिन शेयरों को कुर्क (Attach) किया था उन्हें बाद में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को सौंप दिया गया था। इन शेयरों को बेचने से प्राप्त हुई रकम से ही कर्मचारियों का हिस्सा निकाला गया है।

चेन्नई के डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल (DRT-I) ने 12 दिसंबर 2025 को आधिकारिक आदेश जारी कर इस रकम को ‘ऑफिशियल लिक्विडेटर’ को ट्रांसफर करने को कहा है जो अब इसे कर्मचारियों में वितरित करेंगे। आमतौर पर बैंक पहले अपना कर्ज वसूलते हैं लेकिन ED की विशेष पहल पर SBI के वरिष्ठ अधिकारियों ने ट्रिब्यूनल में अर्जी दी कि बैंकों के कर्ज से पहले कर्मचारियों का बकाया चुकाया जाए।

विजय माल्या और ED की जांच का सफर

सीबीआई (CBI) की एफआईआर के आधार पर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग कानून (PMLA) के तहत इस मामले की जांच शुरू की थी। जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए थे:

लोन की हेराफेरी: बैंकों से लिया गया पैसा एयरलाइंस चलाने के बजाय दूसरे बैंकों का पुराना कर्ज चुकाने और विदेशी भुगतानों में डाइवर्ट किया गया।

फर्जी खर्चे: विमान के पुर्जे और लीज के नाम पर करोड़ों रुपये विदेश भेजे गए।

संपत्ति की कुर्की: ED ने अब तक कुल 5,042 करोड़ रुपये की संपत्ति PMLA के तहत और 1,694.52 करोड़ रुपये की संपत्ति CrPC के तहत जब्त की है।

भगोड़ा घोषित: विजय माल्या को 5 जनवरी 2019 को आधिकारिक तौर पर भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया था।

ED की भूमिका: सिर्फ जब्ती नहीं, न्याय भी

इस पूरी कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रवर्तन निदेशालय का काम सिर्फ अपराधियों की संपत्ति जब्त करना ही नहीं है बल्कि उस धन को उसके असली हकदारों (पीड़ितों) तक पहुँचाना भी है। अब तक ED लगभग 14,132 करोड़ रुपये की संपत्ति SBI और अन्य बैंकों के समूह को लौटा चुका है।

 

 

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