Thursday, February 12, 2026

Ayodhya: रामलला का प्रतिष्ठा द्वादशी उत्सव शुरू, तंजौर शैली में बनी सोना-हीरे जड़ित श्रीराम की प्रतिमा स्थापित

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रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ पर प्रतिष्ठा द्वादशी उत्सव शुरू हो गया है। इसमें रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी आदित्यनाथ भी शामिल होंगे। साथ ही नामचीन कलाकार सुर साधना करेंगे। सोने व हीरे से जड़ित भगवान श्रीराम की भव्य प्रतिमा राम मंदिर परिसर में विधिवत स्थापित की गई। रामनगरी अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर सोमवार से पांच दिवसीय प्रतिष्ठा द्वादशी उत्सव का शुभारंभ हो गया। इस दौरान राम जन्मभूमि परिसर में स्थित अंगद टीला पर बनाए गए भव्य पंडाल में पहले दिन श्रीरामचरित मानस पाठ शुरू हुआ। श्री श्री मां आनंदमयी मानस परिवार के सदस्यों की ओर से श्रीरामचरित मानस के बालकांड का संगीतमय पाठ किया जा रहा है। यह पाठ अनवरत पांच दिन तक चलेगा। इसी कड़ी में दोपहर में श्रीरामकथा का शुभारंभ हुआ। जगद्गुरु स्वामी रामदिनेशाचार्य की ओर से रामकथा का रसपान कराया जा रहा है। इसके साथ ही गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ के कलाकारों की ओर से रामलीला का मंचन किया जाएगा। 31 दिसंबर से दो जनवरी तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इस दौरान शाम को प्रख्यात गायक सुरेश वाडेकर, अनूप जलोटा और तृप्ति शाक्या की ओर से रामलला की सुरों से आराधना की जाएगी।

सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम

31 दिसंबर को मुख्य समारोह आयोजित होगा। इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहेंगे। इस दौरान रक्षा मंत्री की ओर से राम मंदिर परिसर के अन्नपूर्णा मंदिर में ध्वजारोहण भी किया जाएगा। प्रतिष्ठा द्वादशी उत्सव के अवसर पर बड़ी संख्या में देश दुनिया के श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं। रामलला के दर्शन-पूजन का दौर जारी है। सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए गए हैं।

सोने व हीरे से जड़ित भगवान श्रीराम की भव्य प्रतिमा स्थापित

प्रभु श्रीराम के देश-दुनिया के भक्तों के लिए अयोध्या में सोमवार को एक और गौरवपूर्ण क्षण देखने को मिला। कर्नाटक से लाई गई सोने व हीरे से जड़ित भगवान श्रीराम की भव्य प्रतिमा राम मंदिर परिसर में विधिवत स्थापित की गई। इसका अनावरण भी किया गया।

इस दिव्य प्रतिमा का अनावरण श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने किया। प्रतिमा को राम मंदिर के तीर्थ यात्री सुविधा केंद्र में संत तुलसी दास की प्रतिमा के पास स्थापित किया गया है। यहां दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की विशेष व्यवस्था की गई है। लगभग 30 करोड़ रुपये मूल्य की यह स्वर्ण और रत्नजड़ित प्रतिमा बेंगलुरु के प्रसिद्ध चित्रकार और मूर्तिकार डॉ. फर्न्डवीस की ओर से तंजौर शैली में तैयार की गई है।

तंजौर कला शैली में बनी है यह प्रतिमा

खास बात यह रही कि इस बहुमूल्य प्रतिमा को बेंगलुरु से डाक के माध्यम से अयोध्या भेजा गया था। तंजौर कला शैली में बनी यह प्रतिमा अपनी बारीक कारीगरी, स्वर्ण आभा और रत्नों की चमक के कारण विशेष आकर्षण का केंद्र बन गई है। प्रतिमा दान करने वाले मूर्तिकार डॉ. फर्न्डवीस और उनकी पत्नी जयश्री लगभग 100 श्रद्धालुओं के साथ अयोध्या पहुंचे। उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से मुलाकात की और श्रद्धापूर्वक प्रतिमा को स्थापित करवाया।

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