Friday, February 13, 2026

क्या 3 लाख तक पहुंचेंगे चांदी के दाम? जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

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नेशनल डेस्क : देश में चांदी के दामों में बीते एक हफ्ते में तेज बढ़त दर्ज की गई है। 11 जनवरी 2026 को चांदी का भाव लगभग 19,000 रुपये बढ़कर 2,60,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सिल्वर का हाजिर भाव 76.92 डॉलर प्रति औंस रहा। इस तेजी के पीछे डॉलर में नरमी और वैश्विक अनिश्चितताओं का बड़ा हाथ है।

 

विशेषज्ञों के अनुसार इस उछाल के कई कारण हैं। अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव के चलते पेरू और चाड से सप्लाई प्रभावित हुई, वहीं चीन ने 1 जनवरी से सिल्वर एक्सपोर्ट पर रोक लगा दी। इसके अलावा इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक सामान की बढ़ती मांग ने डिमांड-सप्लाई में असंतुलन पैदा किया, जिससे चांदी के दाम तेजी से बढ़े।मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि MCX पर चांदी के 3 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की संभावना बनी हुई है। COMEX सिल्वर के लिए भी 100 डॉलर प्रति औंस तक का लक्ष्य रखा गया है। पेस 360 के चीफ ग्लोबल स्ट्रैटजिस्ट अमित गोयल के अनुसार, MCX सिल्वर का महत्वपूर्ण सपोर्ट 2,30,000 रुपये है और ऊपर की ओर बड़े रेजिस्टेंस 2,65,000 और 2,90,000 रुपये हैं। यदि ये स्तर टूटते हैं, तो चांदी 3 लाख रुपये तक जा सकती है।

 

वैश्विक घटनाओं और अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ फैसले में देरी ने भी चांदी को मजबूती दी। विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले 1–1.5 महीनों में चांदी की कीमतों में और तेजी देखी जा सकती है, लेकिन निवेशक सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल्स पर नजर बनाए रखें। डॉलर की कमजोरी और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कारक आगे भी चांदी की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि MCX पर चांदी के 3 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की संभावना बनी हुई है। COMEX सिल्वर के लिए भी 100 डॉलर प्रति औंस तक का लक्ष्य रखा गया है। पेस 360 के चीफ ग्लोबल स्ट्रैटजिस्ट अमित गोयल के अनुसार, MCX सिल्वर का महत्वपूर्ण सपोर्ट 2,30,000 रुपये है और ऊपर की ओर बड़े रेजिस्टेंस 2,65,000 और 2,90,000 रुपये हैं। यदि ये स्तर टूटते हैं, तो चांदी 3 लाख रुपये तक जा सकती है।

वैश्विक घटनाओं और अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ फैसले में देरी ने भी चांदी को मजबूती दी। विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले 1–1.5 महीनों में चांदी की कीमतों में और तेजी देखी जा सकती है, लेकिन निवेशक सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल्स पर नजर बनाए रखें। डॉलर की कमजोरी और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कारक आगे भी चांदी की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं।

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