Saturday, February 14, 2026

Fastag New Rule: 1 अप्रैल से बदलेगा Toll Payment सिस्टम: सरकार ने लागू किया नया नियम

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नेशनल डेस्क: 1 अप्रैल से Toll-Tax भरने का तरीका पूरी तरह बदलने जा रहा है। केंद्र सरकार ने अब Toll-Plaza पर नकद (Cash) लेन-देन को पूरी तरह बंद करने का फैसला लिया है, जिसका सीधा मतलब है कि अब आप अपनी जेब से पैसे निकालकर टोल नहीं दे पाएंगे। इस बदलाव के बाद टोल का भुगतान केवल फास्टैग (FASTag) या यूपीआई (UPI) जैसे डिजिटल माध्यमों से ही संभव होगा। सरकार का यह कदम देश को डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने और यात्रा को बाधा रहित बनाने की एक बड़ी कोशिश है।

 

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर ने एक इंटरव्यू में बताया कि भारत तेजी से डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। पहले टोल प्लाजा पर UPI से भुगतान की सुविधा शुरू की गई थी, जिसे यात्रियों ने सकारात्मक रूप से अपनाया। अब सरकार ने तय किया है कि 1 अप्रैल के बाद किसी भी टोल प्लाजा पर कैश में भुगतान स्वीकार नहीं किया जाएगा। उस तारीख से सिर्फ FASTag और UPI ही मान्य होंगे।

 

टोल प्लाजा से कैश लेन पूरी तरह हटा दी जाएंगी

इस फैसले के लागू होते ही देशभर के टोल प्लाजा से कैश लेन पूरी तरह हटा दी जाएंगी। अभी कई जगहों पर ऐसा देखा गया है कि FASTag होने के बावजूद लोग कैश लेन का इस्तेमाल करते हैं, जिससे खासकर त्योहारों और व्यस्त समय में लंबी कतारें लग जाती हैं। नकद भुगतान खत्म होने से मैन्युअल वसूली बंद होगी और ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी। सरकार का मानना है कि कैशलेस टोलिंग से पूरा सिस्टम ज्यादा तेज, पारदर्शी और भरोसेमंद बनेगा।

 

टोल प्लाजा पर बार-बार वाहन रोकने और फिर आगे बढ़ाने से ईंधन की खपत बढ़ जाती है। ड्राइवरों को भी बार-बार ब्रेक लगाने में परेशानी होती है। वी. उमाशंकर के अनुसार हर बार रुकने से समय और डीजल दोनों की बर्बादी होती है, जो लंबी दूरी की यात्रा में और ज्यादा बढ़ जाती है। डिजिटल भुगतान से वाहन बिना रुके आगे बढ़ सकेंगे, जिससे यह नुकसान काफी हद तक कम होगा।

 

मल्टी लेन फ्री फ्लो यानी MLFF टोलिंग सिस्टम शुरू

सरकार का यह फैसला भविष्य में लागू होने वाली एक और बड़ी व्यवस्था की तैयारी भी माना जा रहा है। आने वाले समय में देश में मल्टी लेन फ्री फ्लो यानी MLFF टोलिंग सिस्टम शुरू किया जाएगा। इस सिस्टम में टोल प्लाजा पर कोई बैरियर नहीं होगा और वाहन बिना रुके सीधे निकल सकेंगे। टोल शुल्क अपने आप FASTag और वाहन पहचान तकनीक के जरिए कट जाएगा।

 

MLFF टोलिंग को लागू करने से पहले सरकार देशभर के 25 टोल प्लाजाओं पर पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही है। इन जगहों पर नई तकनीक को परखा जाएगा और यात्रियों के अनुभवों को समझा जाएगा। इसके बाद इसे पूरे देश में लागू करने की योजना है। सरकार का दावा है कि इस सिस्टम से जाम की समस्या खत्म होगी, यात्रा का समय घटेगा और प्रदूषण भी कम होगा।

 

1 अप्रैल से पहले अपना FASTag एक्टिव रखें

सरकार ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे 1 अप्रैल से पहले अपना FASTag एक्टिव रखें और उसमें पर्याप्त बैलेंस सुनिश्चित करें। साथ ही UPI के जरिए भुगतान के लिए भी तैयार रहें। कैशलेस टोलिंग और बैरियर-फ्री हाईवे की यह पहल भारत में सड़क यात्रा के अनुभव को पूरी तरह बदलने वाली है। आने वाले समय में टोल प्लाजा पर लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और सफर पहले से ज्यादा आरामदायक और तेज हो जाएगा।

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