एरवाकटरा। विद्युत उपकेंद्र में क्षमता बढ़ाने के लिए पांच एमवीए ट्रांसफार्मर के स्थान पर 10 एमवीए ट्रांसफार्मर लगाए जाने का कार्य दो दिन की मशक्कत के बाद पूरा हो गया। हालांकि अभी तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है।कुछ फीडरों की देररात व अन्य में बृहस्पतिवार की सुबह तक आपूर्ति चालू होने की संभावना बताई गई है। दरअसल, सोमवार को 10 एमवीए का ट्रांसफार्मर रखने के लिए सुबह नौ बजे से शाम नौ बजे तक उपकेंद्र की बिजली आपूर्ति बंद रखी गई।
मंगलवार सुबह करीब आठ बजे अवर अभियंता कुलवंत सिंह, एसडीओ सतेंद्र कुमार, लाइनमैन और थाना प्रभारी उपकेंद्र पहुंचे, लेकिन ठेकेदार के समय पर न पहुंचने और ट्रांसफार्मर बदलने के लिए हाइड्रा के देर से पहुंचने के कारण कार्य शुरू नहीं हो सका।
सूचना मिलने पर सेकेंडरी वर्कशॉप के जेई उमेश चंद्र पांडेय भी पावर हाउस पहुंचे। इसके बाद ठेकेदार से संपर्क साधा गया। बुधवार को ठेकेदार के पहुंचने के बाद शाम करीब चार बजे ट्रांसफार्मर बदलने का कार्य शुरू हो सका और करीब छह बजे नया 10 एमवीए ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिया गया।
अवर अभियंता कुलवंत सिंह ने बताया कि बुधवार देर रात तक उमरैन, गाजीपुर और दोबामाफी फीडर की बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। वहीं एरवा कटरा और समायन फीडर की सप्लाई नए ट्रांसफार्मर की टेस्टिंग के बाद बृहस्पतिवार को शुरू की जाएगी। लगातार दो दिन बिजली आपूर्ति बाधित रहने से एरवाकटरा और आसपास के गांवों के लोग परेशान हैं।
पंकज पांडेय, मनोज श्रीवास्तव, राजन चौहान, नरसिंह रघुवंशी, प्रदीप चौहान, मोहित दुबे, बीनू सक्सेना, अरुण सक्सेना, राहुल शाक्य, सुनील गुप्ता व चंदन कुशवाह का कहना है कि यदि विभाग द्वारा पहले से सभी तैयारियां पूरी कर ली जाती तो लंबे समय तक कटौती से बचा जा सकता था।


